रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( वर्ड मेंटल हेल्थ डे ) 10 अक्टूबर सन 1992 को. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ. रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( वर्ड मेंटल हेल्थ डे ) 10 अक्टूबर सन 1992 को. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ. के संगठन के पह ल पर पहले बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया.. थीम 2026.. स्वास्थ्य के लिए एकजुट विज्ञान के साथ खड़े रहे उद्देश्य. स्वास्थ्य नीति. वैज्ञानिक अनुसंधान. वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर देती है. दुनिया भर मे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक बढ़ाना. और लोगों को इसके समर्थन के लिए एकजुट करना है. जिसके पास स्वास्थ्य है उसके पास आशा है और जिसके पास आशा है उसके पास सब कुछ है. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है संतोष सबसे बड़ा धन है. जीवन को खुशहाल बनाने के लिए. वर्तमान में जीना सीखें जिंदगी छोटी है इसे मुस्कुराना सीखें आत्म बदलाव.. जीवन का उद्देश्य खुश रहना नहीं है बिल्कुल उपयोगी आदरणीय और दयालु होना है... मानसिक स्वास्थ्य होना क्यों जरूरी है. 1 तनाव से मुकाबला.2 शारीरिक स्वास्थ्य पर असर.3 बेहतर उत्पादकता.4 मजबूत रिश्ते 5. व्यक्तिगत विकास6. सहनशीलता 7. वास्तविकता से जुड़ाव.8. दूसरों का सम्मान. 9. स्वतंत्र निर्णय क्षमता 10. संतुलित संबंध. 11. शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना.. मानसिक स्वास्थ्य समस्या का मुख्य कारण. मनोवैज्ञानिक पर्यावरण अनुवांशिकी होती है. यदि किसी परिवार के मां-बाप को मानसिक विकार है तो बच्चों में होने का संभावना रहती है. साथ में मस्तिष्क रसायन. ब्रेन में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर की संतुलन बिगड़ने से मूड एवं व्यवहार चेंज हो जाता है.. आइये हमेंमानसिक स्वस्थ्य होने के लिए क्या करना है. वर्तमान में प्राय हर घर में एंजायटी का मरीज मिलते जा रहे हैं.. बच्चों में पढ़ाई की वजह से. मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने से. किशोरावस्था में नशा पान लेने से. वातावरण एवं तनावपूर्ण जिंदगी काटने से धीरे-धीरे मानसिक रोग हो सकता है. हमें प्रतिदिन योग एक्सरसाइज करना चाहिए. नशा से दूर रहना चाहिए. बच्चों एवं बड़ों को मोबाइल गैजेट का सीमित उपयोग करना चाहिए. संतुलित भोजन पर्याप्त नींद. खुशहाल जिंदगी का एक ही राज है. किसी को मानसिक परेशानी होती है तो तत्काल अपने मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाकर ही दवा लेना चाहिए. जिसे सही समय पर जांच इलाज के द्वारा मरिज पूरी तरीके से ठीक हो सकता है. डॉ आर आर कुर्रे पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर.
रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( वर्ड मेंटल हेल्थ डे ) 10 अक्टूबर सन 1992 को. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ. रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( वर्ड मेंटल हेल्थ डे ) 10 अक्टूबर सन 1992 को. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ. के संगठन के पह ल पर पहले बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया.. थीम 2026.. स्वास्थ्य के लिए एकजुट विज्ञान के साथ खड़े रहे उद्देश्य. स्वास्थ्य नीति. वैज्ञानिक अनुसंधान. वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर देती है. दुनिया भर मे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक बढ़ाना. और लोगों को इसके समर्थन के लिए एकजुट करना है. जिसके पास स्वास्थ्य है उसके पास आशा है और जिसके पास आशा है उसके पास सब कुछ है. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार
है संतोष सबसे बड़ा धन है. जीवन को खुशहाल बनाने के लिए. वर्तमान में जीना सीखें जिंदगी छोटी है इसे मुस्कुराना सीखें आत्म बदलाव.. जीवन का उद्देश्य खुश रहना नहीं है बिल्कुल उपयोगी आदरणीय और दयालु होना है... मानसिक स्वास्थ्य होना क्यों जरूरी है. 1 तनाव से मुकाबला.2 शारीरिक स्वास्थ्य पर असर.3 बेहतर उत्पादकता.4 मजबूत रिश्ते 5. व्यक्तिगत विकास6. सहनशीलता 7. वास्तविकता से जुड़ाव.8. दूसरों का सम्मान. 9. स्वतंत्र निर्णय क्षमता 10. संतुलित संबंध. 11. शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना.. मानसिक स्वास्थ्य समस्या का मुख्य कारण. मनोवैज्ञानिक पर्यावरण अनुवांशिकी होती है. यदि किसी परिवार के मां-बाप को मानसिक विकार है तो बच्चों में होने का संभावना रहती है. साथ में मस्तिष्क रसायन. ब्रेन में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर की संतुलन बिगड़ने से मूड एवं व्यवहार चेंज हो जाता है..
आइये हमेंमानसिक स्वस्थ्य होने के लिए क्या करना है. वर्तमान में प्राय हर घर में एंजायटी का मरीज मिलते जा रहे हैं.. बच्चों में पढ़ाई की वजह से. मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने से. किशोरावस्था में नशा पान लेने से. वातावरण एवं तनावपूर्ण जिंदगी काटने से धीरे-धीरे मानसिक रोग हो सकता है. हमें प्रतिदिन योग एक्सरसाइज करना चाहिए. नशा से दूर रहना चाहिए. बच्चों एवं बड़ों को मोबाइल गैजेट का सीमित उपयोग करना चाहिए. संतुलित भोजन पर्याप्त नींद. खुशहाल जिंदगी का एक ही राज है. किसी को मानसिक परेशानी होती है तो तत्काल अपने मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाकर ही दवा लेना चाहिए. जिसे सही समय पर जांच इलाज के द्वारा मरिज पूरी तरीके से ठीक हो सकता है. डॉ आर आर कुर्रे पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर.
- चुनाव आयोग और ईवीएम के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। नरसिंहपुर जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों— चुनाव आयोग और ईवीएम के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। नरसिंहपुर जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों—नरसिंहपुर शहर, ग्रामीण और करेली के संयुक्त तत्वावधान में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विशाल रैली निकाली और जमकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का गंभीर आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहे हैं और सत्तापक्ष के दबाव में काम कर रहे हैं, जिसको लेकर उनके इस्तीफे की पुरजोर मांग की जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता और गिरफ्तारी के विरोध में भी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाकर और मशीनों की कथित सेटिंग के जरिए जनादेश को प्रभावित किया गया है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए भविष्य के सभी चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराने की मांग की है। बाइट – लखन पटेल (कांग्रेस नेता)4
- EXPRESS MP CG NEWS1
- नरसिंहपुर -नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन राम मंदिर से सुभाष पार्क तक पैदल मार्च दिल्ली में राहुल और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आज शनिवार 5 बजे नरसिंहपुर में कांग्रेसियों ने राममंदिर से सुभाष पार्क चौक तक रैली निकालकर उग्र प्रदर्शन किया। लाखन सिंह पटेल के समर्थन में जुटी भारी भीड़ ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। और केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।1
- दमोह- कटनी मार्ग पर चलती स्कॉर्पियो में लगी आग1
- क्या यही है विकास की सड़क? 6 महीने में ही बह गई करोड़ों की सांकल-बेलखेड़ी रोड जिला नरसिंहपुर के गोटेगांव विकासखंड की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल सांकल से मगरधा-बेलखेड़ी (ओबी रोड) इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। महका और गुटौरी के बीच शेढ़ नदी के किनारे करीब 2500 मीटर हिस्से में सड़क का बड़ा भाग क्षतिग्रस्त होकर नदी में समा गया है। मौके की स्थिति देखकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और नदी किनारे किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क पर कई स्थानों पर गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। कुछ जगहों पर डामर की परत बुरी तरह टूटकर धंस गई है। मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए फिलहाल बांस-बल्ली और कंटीले तार लगाकर रास्ते को रोकने की व्यवस्था की गई है। सबसे बड़ा सवाल—इतनी जल्दी सड़क कैसे हुई जमींदोज? स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हुए अधिक समय नहीं बीता और पहली ही बड़ी बारिश में नदी किनारे का हिस्सा इस तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यदि नदी के कटाव वाले क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त रिटेनिंग वॉल, प्रोटेक्शन वर्क, मजबूत बेस एवं जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई थी, तो निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी स्वीकृति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि सड़क के क्षतिग्रस्त होने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में संबंधित विभाग से मौके की जांच कराकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री और सुरक्षा कार्यों की जांच कराने की मांग उठ रही है। हजारों ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी,, मार्ग बाधित होने से आसपास के ग्रामीणों, किसानों, स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मचवारा-बरगी होकर करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मार्ग परिवर्तित किए जाने का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल है कि स्थायी समाधान कब होगा?1
- नरसिंहपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता दिनेश जैन साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठे, मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा सहित साथियों को डिटेन करने पर उठाए सवाल नरसिंहपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता दिनेश जैन साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठे, मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा सहित साथियों को डिटेन करने पर उठाए सवाल पुलिस कार्रवाई का कारण सार्वजनिक करने की मांग, कांग्रेस ने संबंधित लोगों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा साईंखेड़ा। जनपद पंचायत साईंखेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा सहित उनके कुछ साथियों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में नरसिंहपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल एवं वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता दिनेश जैन साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने संबंधित लोगों को डिटेन किए जाने का कारण स्पष्ट करने तथा उनकी स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच माया विश्वकर्मा के साथ अनंत राजपूत, युवराज सिंह राजपूत तथा अन्य लोगों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की सूचना सामने आई थी। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल की ओर से जारी संदेश में कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया गया है। कांग्रेस ने संबंधित लोगों को ससम्मान घर पहुंचाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा। पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार फिलहाल संबंधित लोगों को किस कारण से और किन परिस्थितियों में डिटेन किया गया है, इस संबंध में पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।3
- पटेरा- दमोह. त्यौहारों को लेकर पटेरा में शाति समिति की बैठक व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर हुई चर्चा1
- रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( वर्ड मेंटल हेल्थ डे ) 10 अक्टूबर सन 1992 को. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ. रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( वर्ड मेंटल हेल्थ डे ) 10 अक्टूबर सन 1992 को. वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ. के संगठन के पह ल पर पहले बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया.. थीम 2026.. स्वास्थ्य के लिए एकजुट विज्ञान के साथ खड़े रहे उद्देश्य. स्वास्थ्य नीति. वैज्ञानिक अनुसंधान. वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर देती है. दुनिया भर मे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक बढ़ाना. और लोगों को इसके समर्थन के लिए एकजुट करना है. जिसके पास स्वास्थ्य है उसके पास आशा है और जिसके पास आशा है उसके पास सब कुछ है. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है संतोष सबसे बड़ा धन है. जीवन को खुशहाल बनाने के लिए. वर्तमान में जीना सीखें जिंदगी छोटी है इसे मुस्कुराना सीखें आत्म बदलाव.. जीवन का उद्देश्य खुश रहना नहीं है बिल्कुल उपयोगी आदरणीय और दयालु होना है... मानसिक स्वास्थ्य होना क्यों जरूरी है. 1 तनाव से मुकाबला.2 शारीरिक स्वास्थ्य पर असर.3 बेहतर उत्पादकता.4 मजबूत रिश्ते 5. व्यक्तिगत विकास6. सहनशीलता 7. वास्तविकता से जुड़ाव.8. दूसरों का सम्मान. 9. स्वतंत्र निर्णय क्षमता 10. संतुलित संबंध. 11. शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना.. मानसिक स्वास्थ्य समस्या का मुख्य कारण. मनोवैज्ञानिक पर्यावरण अनुवांशिकी होती है. यदि किसी परिवार के मां-बाप को मानसिक विकार है तो बच्चों में होने का संभावना रहती है. साथ में मस्तिष्क रसायन. ब्रेन में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर की संतुलन बिगड़ने से मूड एवं व्यवहार चेंज हो जाता है.. आइये हमेंमानसिक स्वस्थ्य होने के लिए क्या करना है. वर्तमान में प्राय हर घर में एंजायटी का मरीज मिलते जा रहे हैं.. बच्चों में पढ़ाई की वजह से. मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने से. किशोरावस्था में नशा पान लेने से. वातावरण एवं तनावपूर्ण जिंदगी काटने से धीरे-धीरे मानसिक रोग हो सकता है. हमें प्रतिदिन योग एक्सरसाइज करना चाहिए. नशा से दूर रहना चाहिए. बच्चों एवं बड़ों को मोबाइल गैजेट का सीमित उपयोग करना चाहिए. संतुलित भोजन पर्याप्त नींद. खुशहाल जिंदगी का एक ही राज है. किसी को मानसिक परेशानी होती है तो तत्काल अपने मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाकर ही दवा लेना चाहिए. जिसे सही समय पर जांच इलाज के द्वारा मरिज पूरी तरीके से ठीक हो सकता है. डॉ आर आर कुर्रे पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर.3