मैनपुरी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार को संवेदनहीन बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के दोषियों की गिरफ्तारी, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता व लीक पर रोक की तीन मांगों को लेकर छात्र संसद तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाने से कई दर्जन छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि जंतर-मंतर पहुंचीं सांसद डिंपल यादव को थाने में बैठा लिया गया और उन्हें भी चोटें आईं। पूर्व राज्य मंत्री ने मैनपुरी आगमन के मकसद पर बताया कि विभिन्न जिलों और विधानसभाओं में 'पीडीए जनसंवाद' के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में सबसे ज्यादा अत्याचार दलितों और पिछड़ों पर हो रहा है, पुलिस थानों में पीडीए वर्ग के लोगों की हत्याएं की जा रही हैं और सरकार द्वारा उनके फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम और धर्म-मजहब की राजनीति से बचकर समाजवादी पार्टी को वोट देने का आह्वान किया। वर्ष 2027 में दोबारा कमल खिलने के बीजेपी के दावे पर पलटवार करते हुए रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि बीजेपी के पास बेईमानी और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से बिहार और पश्चिम बंगाल में बेईमानी से चुनाव जीतकर सरकार बनाई गई है, वैसा उत्तर प्रदेश में नहीं होने वाला है। उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी की बेईमानी को समझ चुकी है और इस बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी।
मैनपुरी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार को संवेदनहीन बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के दोषियों की गिरफ्तारी, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता व लीक पर रोक की तीन मांगों को लेकर छात्र संसद तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाने से कई दर्जन छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि जंतर-मंतर पहुंचीं सांसद डिंपल यादव को थाने में बैठा लिया गया और उन्हें भी चोटें आईं। पूर्व राज्य मंत्री ने मैनपुरी आगमन के मकसद पर बताया कि विभिन्न जिलों और विधानसभाओं में 'पीडीए जनसंवाद' के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में सबसे ज्यादा अत्याचार दलितों और पिछड़ों पर हो रहा है, पुलिस थानों में पीडीए वर्ग के लोगों की हत्याएं की जा रही हैं और सरकार द्वारा उनके फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम और धर्म-मजहब की राजनीति से बचकर समाजवादी पार्टी को वोट देने का आह्वान किया। वर्ष 2027 में दोबारा कमल खिलने के बीजेपी के दावे पर पलटवार करते हुए रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि बीजेपी के पास बेईमानी और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से बिहार और पश्चिम बंगाल में बेईमानी से चुनाव जीतकर सरकार बनाई गई है, वैसा उत्तर प्रदेश में नहीं होने वाला है। उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी की बेईमानी को समझ चुकी है और इस बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी।
- मैनपुरी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार को संवेदनहीन बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के दोषियों की गिरफ्तारी, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता व लीक पर रोक की तीन मांगों को लेकर छात्र संसद तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाने से कई दर्जन छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि जंतर-मंतर पहुंचीं सांसद डिंपल यादव को थाने में बैठा लिया गया और उन्हें भी चोटें आईं। पूर्व राज्य मंत्री ने मैनपुरी आगमन के मकसद पर बताया कि विभिन्न जिलों और विधानसभाओं में 'पीडीए जनसंवाद' के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में सबसे ज्यादा अत्याचार दलितों और पिछड़ों पर हो रहा है, पुलिस थानों में पीडीए वर्ग के लोगों की हत्याएं की जा रही हैं और सरकार द्वारा उनके फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम और धर्म-मजहब की राजनीति से बचकर समाजवादी पार्टी को वोट देने का आह्वान किया। वर्ष 2027 में दोबारा कमल खिलने के बीजेपी के दावे पर पलटवार करते हुए रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि बीजेपी के पास बेईमानी और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से बिहार और पश्चिम बंगाल में बेईमानी से चुनाव जीतकर सरकार बनाई गई है, वैसा उत्तर प्रदेश में नहीं होने वाला है। उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी की बेईमानी को समझ चुकी है और इस बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी।1
- संसद भवन में अखिलेश यादव ने स्पीकर के सामने अपनी बात रखी है।1
- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव ने संसद में जाकर छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी है। संसद भवन में छात्रों के पक्ष में अपनी आवाज उठाते हुए उन्होंने उनके समर्थन में विचार व्यक्त किए हैं, जिसे देखने का आग्रह किया गया है।1
- महुआ मोइत्रा ने शिक्षा मंत्री पर तीखा तंज कसते हुए सवाल उठाया है कि क्या शिक्षा मंत्री को इस्तीफा लिखना नहीं आता?1
- मैनपुरी जिले की भोगांव तहसील और थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम व पोस्ट अहिरवा में सड़क की हालत बेहद खराब बनी हुई है। पूरी सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और रास्ते में जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।1
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने NEET परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि NEET के बारे में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि यदि पेपर लीक की खबर आई तो उस स्थिति को लेकर बात रखी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व एमएलसी अरविंद प्रताप यादव के आवास पर अचानक भारी संख्या में पुलिस बल पहुँचने से हड़कंप मच गया है। पूर्व एमएलसी के घर के बाहर भारी तादाद में पुलिस की तैनाती होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय स्तर पर कयासों का दौर शुरू हो गया है। इस घटनाक्रम से राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल के अचानक पहुँचने के पीछे असल वजह क्या है, इस पर अभी तक कोई पुख्ता और आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा है, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि यह कोई कार्रवाई है या किसी अन्य कारण से पुलिस बल तैनात किया गया है।1