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मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कराहल में 'द्रोपती गुर्जर हत्याकांड' का लंबा समय बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा खुलासा न किए जाने पर गुर्जर समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में पुलिस की नाकामी से आक्रोशित होकर गुर्जर समाज के लोगों ने कराहल थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी भारत सिंह गुर्जर खुद जमीन पर बैठकर पीड़ित परिजनों और समाज के लोगों को समझाने का प्रयास करते नजर आए, जबकि परिजन उनसे आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच, सतेंद्र सिंह गुर्जर ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करते हुए थाने का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
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मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कराहल में 'द्रोपती गुर्जर हत्याकांड' का लंबा समय बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा खुलासा न किए जाने पर गुर्जर समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में पुलिस की नाकामी से आक्रोशित होकर गुर्जर समाज के लोगों ने कराहल थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी भारत सिंह गुर्जर खुद जमीन पर बैठकर पीड़ित परिजनों और समाज के लोगों को समझाने का प्रयास करते नजर आए, जबकि परिजन उनसे आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच, सतेंद्र सिंह गुर्जर ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करते हुए थाने का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
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- श्योपुर के श्री हजारेश्वर मेला रंगमंच पर आयोजित सावन थीम आधारित सांस्कृतिक संध्या में कलेक्टर शीला दाहीमा ने अपनी लेखनी और सुरों का जादू बिखेरा। इस सांस्कृतिक आयोजन में उन्होंने स्वयं का लिखा हुआ एक शानदार गीत गाया, जिसकी भावपूर्ण और मधुर प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। सावन के रंग में रंगे इस विशेष आयोजन के दौरान कलेक्टर की यह प्रस्तुति मुख्य आकर्षण का केंद्र रही और उनकी इस मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।1
- नदबई के करेली गांव में जलभराव, कच्चे नालों, कीचड़ और बंद रास्तों की गंभीर समस्याओं से परेशान ग्रामीणों ने सुमित अंबेश टीम के नेतृत्व में एक महाआंदोलन किया। इस आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याओं को बेहद मजबूती के साथ रखा। आंदोलन की खबर मिलते ही तहसीलदार तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से सीधे वार्ता की। वार्ता के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। प्रशासन ने जलभराव वाले स्थानों से तुरंत पानी निकासी की व्यवस्था शुरू कराने और कच्चे रास्तों का माप लेकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। इस सफलता पर ग्रामीणों ने इसे जनता की एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। वहीं, सुमित अंबेश ने स्पष्ट किया कि जब तक गांव की सभी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक जनहित में यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा अंतर्गत सारसोप गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बंदरों के झुंड सुबह से लेकर शाम तक गलियों, मकानों की छतों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी उत्पात मचा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बंदर अब घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और कपड़े व अन्य घरेलू सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के इस आतंक के चलते छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में हमले का लगातार भय बना हुआ है। हालत यह है कि कई लोग बंदरों के काटने और खरोंच मारने की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, जिसके चलते बच्चे अब घरों की छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इन बंदरों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पकड़कर छोड़ा जाए ताकि लोगों को इस आतंक से राहत मिल सके।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में कल गूगल अकाउंट आने वाला है। इसे लेकर अब यह देखने का इंतजार किया जा रहा है कि इस पर क्या रिएक्शन होता है।1
- ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों, अपने रिश्तेदारों और गाँव के लोगों तक इसे साझा करने और पूरा देखने का विनम्र निवेदन किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और ट्रक ड्राइवरों के इस वीडियो को सभी लोगों तक पहुँचाने की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में चलते सफर के दौरान एक भाई की गाड़ी पंचर हो गई, जिसके बाद मदद के लिए प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल आगे आया। इस मुश्किल समय में बल्लू टी स्टॉल द्वारा सेवा भाव से लोगों की मदद की जा रही है। सोशल मीडिया पर इस मेहनत और सेवा की भावना को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और इसकी सराहना की जा रही है।1
- सवाई माधोपुर में किसान नेता श्रीमान नरेश मीणा जी की जमानत खारिज किए जाने पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। उनकी जमानत रद्द होने को लेकर सीधे तौर पर व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया गया है। जमानत खारिज होने के पीछे की मुख्य वजहों को उजागर करते हुए स्पष्ट कहा गया है कि यदि वे झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे पर गरीब बच्चों के हक की लड़ाई नहीं लड़ते और किसानों के लिए आए दिन संघर्ष करना बंद कर देते, तो उनकी जमानत रद्द नहीं होती। गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि यदि नरेश मीणा सरकार के इशारों पर नाचने लग जाते और नेताओं के तलवे चाटने लग जाते, तो उनकी जमानत खारिज नहीं की जाती। इसके अलावा, लाखों की तादाद में गरीब, बेबस, मजदूर, किसान, युवा, बुजुर्ग और महिलाओं से मिल रहे अपार सहयोग व जनसमर्थन को ही उनकी जमानत रद्द होने का असल कारण बताया गया है। इस पूरी कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सत्य परेशान जरूर हो सकता है, मगर वह कभी पराजित नहीं हो सकता। अंत में 'इंकलाब ज़िंदाबाद' और 'जय जवान जय किसान जय संविधान' के नारों के साथ इस दमन के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में चलते सफर के दौरान भाई की गाड़ी पंचर हो जाने पर मदद के लिए वहां का प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल आगे आया है। श्योपुर में अपनी इस सेवा के लिए मशहूर बल्लू टी स्टॉल संकट में लोगों की मदद के लिए जाना जाता है। इस परेशानी के समय में उनके द्वारा की गई यह सेवा और उनकी मेहनत वास्तव में सराहनीय है।1
- बारां जिले के शाहबाद के बमनगवां गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। यहां के ग्रामीणों ने कलेक्टर और वन अधिकार को ज्ञापन सौंपकर वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दबंगों ने पेड़ काटकर वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर लिया है और वहां खेती शुरू कर दी है। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद तहसीलदार ने सीमांकन का हवाला देकर कार्रवाई रुकवा दी। वहीं, 29 जून को पटवारी और कानूनगो द्वारा की गई जांच में इस भूमि को वन विभाग की एफएफएल (forest final land) भूमि पाया गया है। ग्रामीणों ने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जल्द से जल्द इस अतिक्रमण को हटाने की मांग की है।1