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बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा

3 hrs ago
user_Pramendra singh
Pramendra singh
झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा

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  • बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
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    बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है।
*अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20  से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*।
ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है।
हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
हमारी मांग है कि—
1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए।
2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं।
4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए।
5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए।
ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी,  एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव,  एड प्रतीक झाँ,  एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे
भानू सहाय अध्यक्ष 
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
    user_Amir Sohail
    Amir Sohail
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
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    बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है।
*अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20  से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*।
ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है।
हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
हमारी मांग है कि—
1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए।
2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं।
4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए।
5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए।
ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी,  एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव,  एड प्रतीक झाँ,  एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे
भानू सहाय अध्यक्ष 
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
    user_Pramendra singh
    Pramendra singh
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • झांसी। वन विभाग पर लगाया आरोप। जिलाधिकारी से की शिकायत।
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    झांसी। वन विभाग पर लगाया आरोप। जिलाधिकारी से की शिकायत।
    user_S News
    S News
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर
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    इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर 
इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    45 min ago
  • निवाडी जिले के चौमो मैं ट्रैक्टरों का स्टंट बाजी का वीडियो हुआ वायरल, वायरल वीडियो में दो ट्रैक्टर चालक रस्सी बांधकर स्टंट बाजी करते दिखाई दे रहे हैं,
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    निवाडी जिले के चौमो मैं ट्रैक्टरों का स्टंट बाजी का वीडियो हुआ वायरल, वायरल वीडियो में दो ट्रैक्टर चालक रस्सी बांधकर स्टंट बाजी करते दिखाई दे रहे हैं,
    user_Hemant verma
    Hemant verma
    South Indian restaurant Niwari, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • मतदान हुआ संपन्न, अब 3 अगस्त को खुलेगा जनता के जनादेश का पिटारा #Hashtags: #दतिया_उपचुनाव #DatiaByElection #मतदान_संपन्न #मतगणना #3अगस्त #Election2026 #जनादेश #MadhyaPradesh #LakshyaNewsTV #ElectionUpdate
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    मतदान हुआ संपन्न, अब 3 अगस्त को खुलेगा जनता के जनादेश का पिटारा
#Hashtags:
#दतिया_उपचुनाव #DatiaByElection #मतदान_संपन्न #मतगणना #3अगस्त #Election2026 #जनादेश #MadhyaPradesh #LakshyaNewsTV #ElectionUpdate
    user_Lakshya News
    Lakshya News
    Datia, Madhya Pradesh•
    1 day ago
  • श्रावण मास के शुभारंभ पर निकली भगवान भोले शंकर की भव्य शोभायात्रा झाँसी। श्रावण मास के शुभारंभ के अवसर पर श्रावण मास समारोह महासमिति के तत्वावधान में गुरुवार को भगवान भोले शंकर की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ बड़ागांव गेट स्थित श्री हनुमान मंदिर से हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों एवं बाजारों से होकर अंत में सैंयर गेट फूटा चौराहा स्थित श्री पंचमुखी महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। कार्यक्रम में महापौर बिहारीलाल आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन एवं राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शोभायात्रा में भगवान शिव की आकर्षक झांकी, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, सेवा, संयम और आध्यात्मिक ऊर्जा का पावन पर्व है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करते हैं। हमें धर्म के साथ-साथ मानव सेवा को भी जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक पं. हरिओम पाठक एवं पं. कालीचरण जारौलिया रहे। आयोजन में रवीश त्रिपाठी, संजीव शर्मा, संजीव त्रिपाठी सहित समिति के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
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    श्रावण मास के शुभारंभ पर निकली भगवान भोले शंकर की भव्य शोभायात्रा
झाँसी। श्रावण मास के शुभारंभ के अवसर पर श्रावण मास समारोह महासमिति के तत्वावधान में गुरुवार को भगवान भोले शंकर की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ बड़ागांव गेट स्थित श्री हनुमान मंदिर से हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों एवं बाजारों से होकर अंत में सैंयर गेट फूटा चौराहा स्थित श्री पंचमुखी महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।
कार्यक्रम में महापौर बिहारीलाल आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन एवं राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
शोभायात्रा में भगवान शिव की आकर्षक झांकी, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, सेवा, संयम और आध्यात्मिक ऊर्जा का पावन पर्व है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करते हैं। हमें धर्म के साथ-साथ मानव सेवा को भी जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक पं. हरिओम पाठक एवं पं. कालीचरण जारौलिया रहे। आयोजन में रवीश त्रिपाठी, संजीव शर्मा, संजीव त्रिपाठी सहित समिति के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
    user_Pramendra singh
    Pramendra singh
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पृथ्वीपुर में बड़ा हादसा टला, शिव मंदिर से टकराई यात्री बस, 15 यात्री घायल
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    पृथ्वीपुर में बड़ा हादसा टला, शिव मंदिर से टकराई यात्री बस, 15 यात्री घायल
    user_Ashish Patrkar
    Ashish Patrkar
    Newspaper publisher निवाड़ी, निवाड़ी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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