देईखेड़ा में मेगा हाईवे के किनारे आबादी क्षेत्र में स्थित एक पुरातन बावड़ी में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बावड़ी की दीवारें जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में मगरमच्छ के सीधे रिहायशी इलाके में घुस आने की गहरी आशंका बनी हुई है। बावड़ी के पास ही लोकदेवता जींद जी महाराज का मंदिर स्थित है, जहां रोजाना श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। मंदिर के पुजारी महेशराम सैनी ने बताया कि कई श्रद्धालु श्रद्धावश बावड़ी से जल लेने भी जाते हैं, जिससे मगरमच्छ के हमले का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू करने और उसे निकटवर्ती नदी या प्राकृतिक आवास में छोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
देईखेड़ा में मेगा हाईवे के किनारे आबादी क्षेत्र में स्थित एक पुरातन बावड़ी में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बावड़ी की दीवारें जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में मगरमच्छ के सीधे रिहायशी इलाके में घुस आने की गहरी आशंका बनी हुई है। बावड़ी के पास ही लोकदेवता जींद जी महाराज का मंदिर स्थित है, जहां रोजाना श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। मंदिर के पुजारी महेशराम सैनी ने बताया कि कई श्रद्धालु श्रद्धावश बावड़ी से जल लेने भी जाते हैं, जिससे मगरमच्छ के हमले का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू करने और उसे निकटवर्ती नदी या प्राकृतिक आवास में छोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
- देईखेड़ा में मेगा हाईवे के किनारे आबादी क्षेत्र में स्थित एक पुरातन बावड़ी में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बावड़ी की दीवारें जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में मगरमच्छ के सीधे रिहायशी इलाके में घुस आने की गहरी आशंका बनी हुई है। बावड़ी के पास ही लोकदेवता जींद जी महाराज का मंदिर स्थित है, जहां रोजाना श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। मंदिर के पुजारी महेशराम सैनी ने बताया कि कई श्रद्धालु श्रद्धावश बावड़ी से जल लेने भी जाते हैं, जिससे मगरमच्छ के हमले का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू करने और उसे निकटवर्ती नदी या प्राकृतिक आवास में छोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।1
- कोटा-दौसा मेगा हाईवे पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार में आग धधकते ही उसमें सवार तीन युवकों ने बिना देर किए तुरंत नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाया। हालाँकि, जब तक दमकल गाड़ियाँ आग पर काबू पातीं, तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, नीट पेपर लीक और नेता विपक्ष के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार शाम कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन की शुरुआत में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन चौराहे स्थित महात्मा गांधी सर्किल पर एकत्र हुए, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पैदल मार्च शुरू किया गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार से मुख्य चौपड़ तक विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीति के कारण लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। सरकार से केवल एक मंत्री को हटाया नहीं जा रहा है, बल्कि छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है। इस अवसर पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विमल कुमार मीणा, मंडल अध्यक्ष जमनालाल मीना, बसंती लाल सैनी, इकबाल खान, शंकर लाल सैनी और बनवारी बैरवा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- फरीदकोट में हुए पेपर लीक मामले को लेकर बीजेपी ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हल्ला बोल दिया है। इस मुद्दे पर बीजेपी के हमलावर तेवरों के चलते पंजाब सरकार पूरी तरह से घिरती नजर आ रही है।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- श्योपुर में छात्र युवा शक्ति ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है।1
- चौथ का बरवाड़ा के खोखरी तलाइ होते हुए मेन रोड सारसोप को जोड़ने वाले पुराने आम रास्ते पर अतिक्रमण नहीं हटने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते में जमा कीचड़ की वजह से लोगों का निकलना दूभर हो गया है और बारिश के मौसम में इस मार्ग की स्थिति और भी खराब हो गई है। यहाँ अतिक्रमण हटाने की माँग को लेकर ग्रामीणों ने 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत राजस्व विभाग को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद राजस्व विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाकर रास्ते को सही करने के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई कदम न उठाए जाने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।1
- सवाई माधोपुर में हाल ही में हुई नागरिक सुरक्षा भर्ती प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। जिला प्रशासन और जिले के अधिकारियों पर साठ-गांठ कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने तथा भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। भर्ती में हुई इस धांधली के विरोध में अभ्यर्थियों ने महावीर पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी तरह से दक्ष होने के बावजूद उनका चयन नहीं किया गया। समान अंक आने के बाद भी एक अभ्यर्थी को चुन लिया गया, जबकि दूसरे अभ्यर्थियों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन पर विज्ञप्ति में दी गई निर्धारित संख्या से अधिक पदों पर भर्ती करने का भी आरोप लगाया गया है।1