हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद, इससे भड़की सियासी आग लगातार बढ़ती जा रही है। इस ताज़ा मामले में, भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का आरोप है कि सरकार ने गुपचुप तरीके से चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही अधिनियम में संशोधन किया और एक अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के अनुसार, जिला चंबा के पांगी, लाहौल-स्पीति के केलांग सब-डिवीजन और कल्लू की चार पंचायतों के प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। डॉ. जनक राज ने कहा कि इस फैसले से अब इन पंचायतों में दो-दो प्रतिनिधि हो गए हैं। उन्होंने सरकार के इस कदम को पंचायती राज संस्थाओं और संविधान का सीधा अपमान बताया, यह कहते हुए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का मज़ाक बना दिया है, जो पंचायती राज चुनाव के समय स्पष्ट हो गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. जनक राज ने बीडीसी, जिला परिषद और शहरी निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में देरी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे प्रदेश सरकार की रणनीति केवल यह है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर या प्रताड़ित करके अपनी विचारधारा के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके। डॉ. जनक राज ने इस पूरे मामले को जनमत का मज़ाक करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद, इससे भड़की सियासी आग लगातार बढ़ती जा रही है। इस ताज़ा मामले में, भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का आरोप है कि सरकार ने गुपचुप तरीके से चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही अधिनियम में संशोधन किया और एक अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के अनुसार, जिला चंबा के पांगी, लाहौल-स्पीति के केलांग सब-डिवीजन और कल्लू की चार पंचायतों के प्रधान, बीडीसी सदस्य
और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। डॉ. जनक राज ने कहा कि इस फैसले से अब इन पंचायतों में दो-दो प्रतिनिधि हो गए हैं। उन्होंने सरकार के इस कदम को पंचायती राज संस्थाओं और संविधान का सीधा अपमान बताया, यह कहते हुए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का मज़ाक बना दिया है, जो पंचायती राज चुनाव के समय स्पष्ट हो गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. जनक राज ने बीडीसी, जिला परिषद और शहरी
निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में देरी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे प्रदेश सरकार की रणनीति केवल यह है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर या प्रताड़ित करके अपनी विचारधारा के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके। डॉ. जनक राज ने इस पूरे मामले को जनमत का मज़ाक करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व विधायक नीरज भारती द्वारा कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने के मामले में आज शिमला स्थित राजीव भवन में अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अनुशासन कमेटी अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राठौर ने जोर देकर कहा कि जो भी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ हैं, उन्हें संगठन में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि अगर कोई भी कांग्रेस नेता मीडिया या सोशल मीडिया में जाकर अनुशासनहीनता करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुशासन कमेटी के पदाधिकारी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक आशीष बुटेल, विधायक हरदीप सिंह बाबा, विधायक अनुराधा के साथ-साथ कांग्रेस महासचिव विनोद ज़िंटा और अमित नंदा भी मौजूद रहे।1
- बिलासपुर जिला परिषद के जुखाला वार्ड से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता कमल ठाकुर ने अपनी हार के लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान और सदर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मस्त राम वर्मा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट की मांग के बावजूद उन्हें पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया, जिसके कारण कांग्रेस जुखाला वार्ड की सीट गंवा बैठी। कमल ठाकुर के अनुसार, वह यह चुनाव केवल 288 वोटों के मामूली अंतर से हारे हैं और उनका दावा है कि यदि उन्हें कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार घोषित किया जाता तो यह सीट निश्चित रूप से पार्टी के खाते में आती। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व द्वारा किसी भी उम्मीदवार को आधिकारिक समर्थन न दिए जाने के बावजूद, सदर विधानसभा क्षेत्र में जिला और ब्लॉक कांग्रेस नेतृत्व ने मनमाने ढंग से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा की। कमल ठाकुर ने इसे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना बताया है और इसके पर्याप्त प्रमाण व चुनाव परिणाम भी मौजूद होने का दावा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सदर ब्लॉक की कई जिला परिषद सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई जिन्हें कांग्रेस समर्थित बताया गया, जबकि वास्तविक रूप से जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों की अनदेखी की गई। उनका दावा है कि जिन उम्मीदवारों को समर्थन मिला, उनमें से कई तीसरे और चौथे स्थान पर रहे, जिससे पार्टी की साख को भारी नुकसान पहुंचा। कमल ठाकुर ने प्रदेश नेतृत्व से नगर परिषद और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन की गहन समीक्षा करने, पूरे मामले की जांच कराने तथा संगठन को मजबूत करने और सदर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को सशक्त बनाने के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है।4
- स्वारघाट ओल्ड नेशनल हाईवे पर एक चलती स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई। इस दुर्घटना के दौरान स्कूटी चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई।1
- ननखड़ी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा प्रधानमंत्री को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।1
- Post by Newz India 271
- जीरकपुर पुलिस ने फर्जी सीआईए (CIA) की वर्दी पहनकर फिरौती और लूट का खेल रचने वाले आरोपियों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नकली सीआईए मुलाजिम बनकर एमजी ज्वेलर्स को लूटने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर एमजी ज्वेलर्स किडनैपिंग केस को सुलझाने में सफलता हासिल की है।1
- हिमाचल में जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में, एसडीएम ने जनता से एक बड़ी अपील की है, जिसमें उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी ऑनलाइन जानकारी 15 जून तक अवश्य भर दें।1
- हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद, इससे भड़की सियासी आग लगातार बढ़ती जा रही है। इस ताज़ा मामले में, भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का आरोप है कि सरकार ने गुपचुप तरीके से चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही अधिनियम में संशोधन किया और एक अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के अनुसार, जिला चंबा के पांगी, लाहौल-स्पीति के केलांग सब-डिवीजन और कल्लू की चार पंचायतों के प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। डॉ. जनक राज ने कहा कि इस फैसले से अब इन पंचायतों में दो-दो प्रतिनिधि हो गए हैं। उन्होंने सरकार के इस कदम को पंचायती राज संस्थाओं और संविधान का सीधा अपमान बताया, यह कहते हुए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का मज़ाक बना दिया है, जो पंचायती राज चुनाव के समय स्पष्ट हो गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. जनक राज ने बीडीसी, जिला परिषद और शहरी निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में देरी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे प्रदेश सरकार की रणनीति केवल यह है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर या प्रताड़ित करके अपनी विचारधारा के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके। डॉ. जनक राज ने इस पूरे मामले को जनमत का मज़ाक करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।3