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गॉंवडा प्रीमियर लीग-4 के रोमांचक मुकाबले में सौरभ चैंपियन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बझेड़ा की टीम को 29 रन से पराजित किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए, सौरभ चैंपियन ने निर्धारित 10 ओवरों में 111/8 रन बनाए। टीम के लिए क्षितिज ने 16 गेंदों में 25 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि मनोज बैनीवाल ने भी 9 गेंदों में 24 रन जोड़कर टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। 112 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बझेड़ा दीनदयाल की टीम SOURABH CAMPUS की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करती दिखी और निर्धारित 10 ओवरों में केवल 82/5 रन ही बना सकी, जिससे सौरभ चैंपियन ने यह मैच जीत लिया।
मनोज तिवाड़ी
गॉंवडा प्रीमियर लीग-4 के रोमांचक मुकाबले में सौरभ चैंपियन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बझेड़ा की टीम को 29 रन से पराजित किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए, सौरभ चैंपियन ने निर्धारित 10 ओवरों में 111/8 रन बनाए। टीम के लिए क्षितिज ने 16 गेंदों में 25 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि मनोज बैनीवाल ने भी 9 गेंदों में 24 रन जोड़कर टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। 112 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बझेड़ा दीनदयाल की टीम SOURABH CAMPUS की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करती दिखी और निर्धारित 10 ओवरों में केवल 82/5 रन ही बना सकी, जिससे सौरभ चैंपियन ने यह मैच जीत लिया।
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- झारखंड के पलामू जिले से 1400 किलोमीटर का सफर तय कर परिजन राजस्थान के धौलपुर स्थित अपना घर आश्रम बाड़ी पहुँचे, जहाँ 22 साल पहले परिवार से बिछड़े शंभूराम का अपनी पत्नी कलन्ती से भावुक मिलन हुआ। पति को पहचानते ही कलन्ती की आँखों से खुशी के आँसू छलक उठे। अपना घर आश्रम के अध्यक्ष सुनील गर्ग कंपनी परिवार ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को अपना घर के विशेष रेस्क्यू अभियान के तहत शंभूराम को ग्वालियर रोड, मुरैना से असहाय, लावारिस और मानसिक रूप से अस्वस्थ स्थिति में रेस्क्यू किया गया था। आश्रम के एवं काउंसलिंग प्रभारी राजकुमार गर्ग ने जानकारी दी कि चिकित्सकों के इलाज, सेवा और उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। निरंतर छह माह की काउंसलिंग के बाद, शंभूराम ने अपना पता बिहार का जिला पलामू बताया। हालाँकि, गहन खोजबीन में पता चला कि पलामू जिला झारखंड में है। झारखंड के पलामू जिले के जिला पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से उनके थाना हुसैनबाद के थाना प्रभारी ने परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें सूचना दी कि शंभूराम राजस्थान के अपना घर आश्रम बाड़ी, जिला धौलपुर में हैं। इसके बाद आज उनकी पत्नी कलन्ती, दामाद वीरेंद्र कुमार और भतीजे जीतू कुमार उन्हें लेने के लिए झारखंड के पलामू जिले से पहुँचे। कलन्ती ने बताया कि शंभूराम लगभग 22 वर्ष पहले मानसिक स्थिति खराब होने के कारण बिना बताए घर से निकल गए थे और बहुत प्रयासों के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब वह घर से निकले थे, तब उनके बेटे और बेटी की उम्र केवल तीन और चार वर्ष थी, और पिता के अभाव में बच्चों का पालन-पोषण बड़ी कठिनाइयों से किया गया। कलन्ती ने ईश्वर की असीम कृपा और अपना घर के अथक प्रयासों को इस चमत्कार के लिए सराहा और कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि शंभूराम इतने दिनों तक कैसे जीवित रहे। परिवार ने आज बरसों बाद बेटे-बेटी को बिछड़ा पिता, पत्नी को पति और विवाहित बेटी की बेटी को नाना मिलने पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए अपना घर आश्रम की व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों की सराहना की, और इसे वास्तव में मानवता की मिसाल बताया।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।1
- रूपनगर से यात्रा कर रहे राजा भट्ट और भारत भट्ट नामक भाइयों के तीन ट्रैक्टर रास्ते में पंचर हो गए, जिससे वे मुश्किल में पड़ गए। ऐसे मुश्किल समय में, श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने इन किसान भाइयों की तुरंत सहायता की। यह सहायता सबसे बड़ी मानव सेवा के रूप में की गई। बल्लू टी स्टॉल फेमस का मानना है कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके सफर में आने वाली परेशानियों को दूर करना हम सभी का कर्तव्य है। श्योपुर जिला अपनी मेहनतकश और सहयोगी संस्कृति के लिए जाना जाता है, जहाँ लोग हमेशा एक-दूसरे की मदद के लिए आगे रहते हैं। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) की ओर से सभी किसान भाइयों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गई हैं, इस संदेश के साथ कि 'सेवा ही हमारा धर्म है'।1
- अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ राजस्थान इकाई के आह्वान पर बीकानेर के निदेशालय परिसर में शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा और नियमित शिक्षकों ने अपनी वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के निराकरण हेतु एक विशाल प्रांतीय धरना आयोजित किया। यह धरना शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बुलाया गया था। धरने को विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी, प्रदेश संयोजक जगदीश ढाका, शिवशंकर गोदारा और झालावाड़ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष भारत भूषण मीणा प्रमुख थे। वक्ताओं ने सरकार से समय रहते इन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। प्रमुख मांगों में संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण, टेट (TET) की अनिवार्यता वापस लेना, पदोन्नतियों को शीघ्र अमलीजामा पहनाना, वेतन विसंगतियों को दूर करना, वेतन वसूली पर रोक लगाना और शिक्षकों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखना शामिल था। इस दौरान निदेशक महोदय को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता है, तो संपूर्ण प्रदेश में आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। झालावाड़ जिले से भारत भूषण मीणा के नेतृत्व में जगदीश प्रसाद, मांगीलाल, रामप्रकाश, दुर्गाशंकर, दिलराज सहित दर्जनों शिक्षकों ने शिक्षक संघ प्रगतिशील की ओर से इस विशाल धरने में सक्रिय भागीदारी की।4
- खंडीप गांव स्थित धरना स्थल पर संत प्रमोद गिरी जी महाराज पहुँचे। इस दौरान वहाँ उपस्थित किसानों ने संत श्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया।1
- बरौली अस्पताल में सीबीसी मशीन का शुभारंभ किया गया है।1
- धौलपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए चार साल से फरार चल रहे तीन इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने वर्ष 2022 में धौलपुर के व्यापारियों से सरसों खरीदी थी, लेकिन उसका भुगतान किए बिना ही फरार हो गए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 10 हजार रुपये का इनामी हरिओम और 5-5 हजार रुपये के इनामी सूरज व राहुल शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में निहालगंज थाना पुलिस और स्पेशल टीम को यह सफलता मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और सीओ कृष्णराज जांगिड़ के सुपरविजन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस अभियान में एसआई घनश्याम सिंह के नेतृत्व वाली स्पेशल टीम और एसएचओ अमित शर्मा की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।1
- बसेड़ी में स्वर्णकार उपाध्यक्ष पर जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना दुकान में घुसकर की गई, जहाँ अपराधियों ने लूटपाट भी की। इस दौरान मौके से 2 तोले सोने की चेन लूट ली गई। हमले में दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया है। हमलावर की पहचान अमित सोनी पुत्र महेश सोनी के रूप में हुई है।1