बारेसाढ़ मे सुलगा गुस्सा पांचवे दिन फूटा जनाक्रोश वापस जाओ के नारों से गुंजा गांव गारु :पलामू टाइगर रिज़र्व अंतर्गत आने वाले बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। लगातार पांचवें दिन सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए रेंजर तरुण कुमार सिंह के खिलाफ “वापस जाओ” के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में घंटों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।ग्रामीणों का कहना है कि बारेसांढ़ क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील इलाका है। ऐसे क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार के बजाय नियमित एवं पूर्णकालिक रेंजर की तैनाती आवश्यक है। उनका आरोप है कि वर्तमान में अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे रेंजर की मूल पदस्थापना करीब 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर में है। इतनी दूरी से नियमित निगरानी और प्रभावी संचालन संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है प्रदर्शनकारियों ने पूर्व रेंजर नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांढ़ में पदस्थापित करने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों का दावा है कि उनके कार्यकाल में विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय था तथा समस्याओं का समाधान समय पर होता था। वर्तमान व्यवस्था से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।ग्राम प्रधान मिठु सिंह समेत आसपास के कई गांवों के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए महिलाओं और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा चरणबद्ध रणनीति अपनाई जाएगी।लगातार पांच दिनों से जारी इस विरोध ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आने से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस उभरते जनाक्रोश को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।
बारेसाढ़ मे सुलगा गुस्सा पांचवे दिन फूटा जनाक्रोश वापस जाओ के नारों से गुंजा गांव गारु :पलामू टाइगर रिज़र्व अंतर्गत आने वाले बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। लगातार पांचवें दिन सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए रेंजर तरुण कुमार सिंह के खिलाफ “वापस जाओ” के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में घंटों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।ग्रामीणों का कहना है कि बारेसांढ़ क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील इलाका है। ऐसे क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार के बजाय नियमित एवं पूर्णकालिक रेंजर की तैनाती आवश्यक है। उनका आरोप है कि वर्तमान में अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे रेंजर की मूल पदस्थापना करीब 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर में है। इतनी दूरी से नियमित निगरानी और प्रभावी संचालन संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है प्रदर्शनकारियों ने पूर्व रेंजर नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांढ़ में पदस्थापित करने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों का दावा है कि उनके कार्यकाल में विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय था तथा समस्याओं का समाधान समय पर होता था। वर्तमान व्यवस्था से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।ग्राम प्रधान मिठु सिंह समेत आसपास के कई गांवों के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए महिलाओं और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा चरणबद्ध रणनीति अपनाई जाएगी।लगातार पांच दिनों से जारी इस विरोध ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आने से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस उभरते जनाक्रोश को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।
- Post by Sunil singh1
- बरसाती मेंढक की तरह किसी का पुतला नहीं है? #election #news #latestnews #viral #chunav #new #shorts1
- गुमला: आगामी नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। हाल ही में आयोजित एक ब्रीफिंग सत्र के दौरान, वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्य बिंदु सुरक्षा चक्र: अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सेक्टर टीमें और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) पूरी तरह से सक्रिय रहेंगी। 24x7 निगरानी: सुरक्षा बल 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों ने मतदान कर्मियों को निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करें। सफलता की कामना: संबोधन के दौरान अधिकारियों ने सभी चुनाव कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि कल रात तक बैलेट बॉक्स की सुरक्षित वापसी के साथ मतदान प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होगी। यह वीडियो गुमला के XVIII नगर परिषद के चुनाव की तैयारियों को दर्शाता है, जहाँ सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा अंतिम दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।1
- Post by उमेश उरांव1
- जारी प्रखंड में अवैध खनन से संचालित ईंट भट्ठों का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। अट्ठाईस जनवरी दो हजार छब्बीस को इस संबंध में विस्तृत खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमें बिना लाइसेंस मिट्टी की खुदाई और अवैध रूप से ईंट निर्माण का खुलासा किया गया था। लेकिन इतना गंभीर मामला सामने आने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी है। जानकारी देते हुए शनिवार शाम पांच बजे स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि खबर प्रकाशित होने के बाद भी न तो किसी प्रकार की जांच शुरू हुई है और न ही अवैध भट्ठों पर कोई रोक लगी है। उनका कहना है कि पहले की तरह ही ट्रैक्टरों से मिट्टी की ढुलाई और भट्ठों का संचालन जारी है। जारी प्रखंड के कई इलाकों में अवैध ईंट भट्ठों से उठता धुआं पर्यावरण पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। खेतों की अंधाधुंध खुदाई से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है और सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की चुप्पी समझ से परे है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला सार्वजनिक हो चुका है, तब भी कार्रवाई क्यों नहीं? क्या प्रशासन किसी दबाव में है या फिर लापरवाही हावी है? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जारी प्रखंड की जनता अब स्पष्ट जवाब चाहती है—अवैध खनन और ईंट भट्ठों पर कार्रवाई कब होगी? या फिर यह मामला भी कागजों तक सीमित रह जाएगा?1
- चांदो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मवेशी तस्कर करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हहै तिन बैल को मारते पिटते झारखण्ड ले जा रे थे मुखविर की सूचना पर किया यह बडी कार्यवाई....1
- लोहरदगा शहरी क्षेत्र में निकाय चुनाव हो रहा है जनता का विचार को आप लोग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं?1
- Post by उमेश उरांव1
- अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कुरुमगढ़ वन क्षेत्र अंतर्गत रायडीह थाना क्षेत्र के उच्चडीह गांव के जंगल में गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध सखुआ लकड़ी जब्त की है। जानकारी देते हुए शाम पांच बजे वन क्षेत्र पदाधिकारी जगदीश राम ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विशेष रणनीति के तहत यह संयुक्त अभियान चलाया गया। सभी संबंधित बीट की टीमों ने समन्वय बनाकर जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की, जिससे तस्करों में अफरा-तफरी मच गई। यह कार्रवाई कुरुमगढ़ वन क्षेत्र के रायडीह बीट, कुरुमगढ़ बीट, डुमरी बीट, चैनपुर बीट एवं गुमला वन क्षेत्र की संयुक्त टीम द्वारा की गई। छापेमारी के दौरान एक पिकअप वाहन (गाड़ी संख्या जे एच जीरो सेवेन सी इकहत्तर चौवन) को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी के क्रम में वाहन से अवैध रूप से काटी गई सखुआ लकड़ी का बोटा बरामद हुआ। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब पचास हजार रुपये आंकी गई है। वन विभाग ने वाहन सहित लकड़ी को जब्त कर लिया है। मामले में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर वन अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग ने दोहराया कि अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की4