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राजस्थान के जालोर जिले के सायला अंतर्गत तिलोडा में ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था सही नहीं है। यहाँ बालिका स्कूल के पास ही चारे और कचरे का ढेर जमा पड़ा हुआ है। इसके साथ ही, यहाँ सड़क पर भी गंदा पानी भरा हुआ है, जो ग्राम पंचायत की लचर सफाई व्यवस्था को प्रदर्शित करता है।
Manohar Singh
राजस्थान के जालोर जिले के सायला अंतर्गत तिलोडा में ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था सही नहीं है। यहाँ बालिका स्कूल के पास ही चारे और कचरे का ढेर जमा पड़ा हुआ है। इसके साथ ही, यहाँ सड़क पर भी गंदा पानी भरा हुआ है, जो ग्राम पंचायत की लचर सफाई व्यवस्था को प्रदर्शित करता है।
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- सिरोही में स्कूलों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है, जिससे शिक्षा के मंदिर में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। पहले वासा और अब नागानी के स्कूलों में ताले लटके होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा जी के अनुसार, यह लापरवाही बेहद गंभीर है। अब प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर कब तक स्कूलों में इसी तरह ताले लटकते रहेंगे और प्रशासन कब जागेगा?1
- कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर निर्माण और इसके ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मंदिर की निर्माण लागत, दान में मिली वस्तुओं और ट्रस्ट के ढांचे पर कई तीखे आरोप लगाए। राजपूत ने दावा किया कि राजस्थान के व्यवसायी दिलीप सिंह राठौड़ ने राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने की पेशकश की थी, लेकिन मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और बाद में ₹500 प्रति स्क्वायर फीट की दर से पत्थर खरीदे। निर्माण लागत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने पहले ₹1 में मंदिर बनाने की बात कही थी, लेकिन अब इसका खर्च ₹2100 करोड़ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सुरेंद्र राजपूत ने इस भारी अंतर पर स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने दान किए गए आभूषणों पर सवाल दागते हुए पूछा कि सिंधी समाज द्वारा दी गई 200 किलो चांदी की ईंटें और अन्य छोटे आभूषण कहां हैं। उन्होंने निर्मोही अखाड़े के उन पुराने आरोपों का भी हवाला दिया, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर आंदोलन के दौरान ₹1500 करोड़ का चंदा हड़पने का आरोप लगाया गया था। सुरेंद्र राजपूत ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस (RSS) ने मिलकर राम मंदिर ट्रस्ट को एक राजनीतिक अड्डा बना दिया है, जिसमें धर्माचार्यों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शायद धर्माचार्यों को ट्रस्ट में इसलिए जगह नहीं दी गई क्योंकि इन्हें "लूट" मचानी थी।1
- पाली के कलेक्ट्रेट के सामने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सोमवार सुबह एक बार फिर अपनी 19 सूत्री मांगों को लेकर दोबारा महापड़ाव शुरू कर दिया है। इस हड़ताल के दूसरे चरण के प्रारंभ होने से जिले के 1442 केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। इस वजह से करीब 23 हजार बच्चों और 12.5 हजार महिलाओं का पोषाहार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस हड़ताल के चलते प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ा है, जहां महज 13 अधिकारी मिलकर जिले के 1442 केंद्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और एक-एक सुपरवाइजर पर 110 सेंटरों का जिम्मा आ गया है। दूसरी ओर, संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा शर्मा का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक यह प्रदर्शन बंद नहीं होगा।1
- पाली में मानदेय में वृद्धि, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की तादाद में आंगनबाड़ी महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा हुईं और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को एक 19 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की इस हड़ताल के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लग गए हैं।2
- बाड़मेर के मेघवालों की खगली में 7 नंबर स्कूल और माजीसा मंदिर के पास भारी गंदगी फैली हुई है। यहाँ पिछले एक महीने से कोई भी नगर पालिका कर्मचारी सफाई के लिए नहीं आ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहाँ सफाई की जिम्मेदारी महेश नाम के कर्मचारी के पास थी, जो हफ्ते में एक बार जरूर आ जाते थे। लेकिन जब से नया जिम्मेदार नियुक्त हुआ है, तब से एक महीने के भीतर कोई भी यहाँ नहीं पहुंचा है। इस स्थिति के कारण अब गली के लोगों को खुद ही गंदगी साफ करनी पड़ रही है और उनका आक्रोश है कि वे खुद से आखिर क्या-क्या काम करें।1
- केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जालौर सड़क मार्ग से होते हुए देर रात पाली के फालना रेलवे स्टेशन पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर रेल विभाग की ओर से स्टेशन प्रबंधक श्यामलाल मीणा और रेलवे मंडल वाणिज्यिक निरीक्षक रघुवीर सिंह खटाना ने उनका स्वागत किया। इसके साथ ही वहां उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं और रेल मंडल के लोगों ने भी केंद्रीय मंत्री का स्वागत और अभिनंदन किया।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- राजस्थान के पाली के टैगोर नगर स्थित श्री अम्बे माता एवं रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल द्वारा सेवा सप्ताह के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रचार प्रमुख मनीष सेन ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिन्दू परिषद, जोधपुर प्रांत के प्रांत मंत्री परमेश्वर जोशी और प्रांत उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भाटी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए यह हमारा एक सतत दायित्व है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में जिला मंत्री बाबूलाल कुमावत, देवीसिंह चौहान, सुखसिंह भाटी, प्रेम सिंह पंवार, लादुसिंह चौहान, उगम सिंह चौहान, शैतान सिंह राठोड़, गोविन्द सिंह चारण, अशोक सोनी, जितेंद्र सोलंकी, श्रवण भिलवारा, श्रवण रावल और प्रमोद गॉड सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व मोहल्लेवासी उपस्थित रहे।1
- सिरोही में कृष्णगंज के हाईवे पर एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति अचानक किसी जानवर से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति को उपचार और मेडिकल जांच के लिए आज सिरोही के अस्पताल लाया गया। इसी दौरान अस्पताल पहुंचे एक पत्रकार ने वहां आपातकालीन वार्ड (इमरजेंसी) में तैनात डॉक्टरों की कार्यशैली को लेकर अपना एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। पत्रकार ने बताया कि उन्होंने अपनी खून की रिपोर्ट पहले अस्पताल के बड़े डॉक्टर साहब को दिखाई थी, लेकिन उन्हें वह रिपोर्ट समझ में नहीं आई। इसके विपरीत, आपातकालीन सेवा में तैनात एक इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टर ने उस रिपोर्ट को तुरंत समझ लिया और इलाज के लिए केवल दो दवाइयां लिखीं, जिससे उन्हें मात्र एक दिन में ही काफी आराम मिल गया। पत्रकार ने डॉक्टर की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि वह डॉक्टर उन्हें पहचानता तक नहीं था, फिर भी उसने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई। हालांकि पत्रकार को उस डॉक्टर का नाम मालूम नहीं है, लेकिन उनके इस सेवा भाव को देखकर पत्रकार ने उन्हें दिल से सलाम किया है।1