मुण्डावर के पनियाला से बड़ोदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े अधिकांश मामलों के निस्तारण के बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब गति पकड़ रही है। इस छह लेन एक्सप्रेस-वे के पूरा होने पर कोटपूतली से अलवर का सफर मात्र 45 मिनट में तय किया जा सकेगा, जो क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगा। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जा रही है, जिसमें पहले चरण में 40 किलोमीटर और दूसरे चरण में 46 किलोमीटर हिस्से का निर्माण होगा। निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू कर दिया है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 1748 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। सड़क की कुल चौड़ाई 100 मीटर होगी, जिसमें 60 मीटर सड़क मार्ग और 40 मीटर हरित पट्टी व अन्य सुविधाओं के लिए आरक्षित रहेगा। इस परियोजना के तहत पनियाला, बहरोड़ और अलवर में तीन इंटरचेंज, 46 अंडरपास और दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, तथा भविष्य में इसे नीमराना बायपास से जोड़ने की भी योजना है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अलवर बायपास और जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़कर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस परियोजना का लाभ कोटपूतली-बहरोड़, तिजारा और अलवर जिले के करीब 55 गांवों को मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र तक आसान पहुँच से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद अलवर से कोटपूतली की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से मुंबई तथा गुजरात जाने वाले वाहनों को दिल्ली से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, क्षेत्र की अन्य सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में पूरे इलाके की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुण्डावर के पनियाला से बड़ोदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े अधिकांश मामलों के निस्तारण के बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब गति पकड़ रही है। इस छह लेन एक्सप्रेस-वे के पूरा होने पर कोटपूतली से अलवर का सफर मात्र 45 मिनट में तय किया जा सकेगा, जो क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगा। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जा रही है, जिसमें पहले चरण में 40 किलोमीटर और दूसरे चरण में 46 किलोमीटर हिस्से का निर्माण होगा। निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू कर दिया है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 1748 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। सड़क की कुल चौड़ाई 100 मीटर होगी, जिसमें 60 मीटर सड़क मार्ग और 40 मीटर हरित पट्टी व अन्य सुविधाओं के लिए आरक्षित रहेगा। इस परियोजना के तहत पनियाला, बहरोड़ और अलवर में तीन
इंटरचेंज, 46 अंडरपास और दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, तथा भविष्य में इसे नीमराना बायपास से जोड़ने की भी योजना है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अलवर बायपास और जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़कर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस परियोजना का लाभ कोटपूतली-बहरोड़, तिजारा और अलवर जिले के करीब 55 गांवों को मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र तक आसान पहुँच से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद अलवर से कोटपूतली की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से मुंबई तथा गुजरात जाने वाले वाहनों को दिल्ली से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, क्षेत्र की अन्य सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में पूरे इलाके की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।
- मुण्डावर के पनियाला से बड़ोदामेव तक बनने वाले 86 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े अधिकांश मामलों के निस्तारण के बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब गति पकड़ रही है। इस छह लेन एक्सप्रेस-वे के पूरा होने पर कोटपूतली से अलवर का सफर मात्र 45 मिनट में तय किया जा सकेगा, जो क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगा। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जा रही है, जिसमें पहले चरण में 40 किलोमीटर और दूसरे चरण में 46 किलोमीटर हिस्से का निर्माण होगा। निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू कर दिया है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 1748 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। सड़क की कुल चौड़ाई 100 मीटर होगी, जिसमें 60 मीटर सड़क मार्ग और 40 मीटर हरित पट्टी व अन्य सुविधाओं के लिए आरक्षित रहेगा। इस परियोजना के तहत पनियाला, बहरोड़ और अलवर में तीन इंटरचेंज, 46 अंडरपास और दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, तथा भविष्य में इसे नीमराना बायपास से जोड़ने की भी योजना है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अलवर बायपास और जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़कर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस परियोजना का लाभ कोटपूतली-बहरोड़, तिजारा और अलवर जिले के करीब 55 गांवों को मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र तक आसान पहुँच से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद अलवर से कोटपूतली की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से मुंबई तथा गुजरात जाने वाले वाहनों को दिल्ली से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, क्षेत्र की अन्य सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में पूरे इलाके की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।2
- राजस्थान के अलवर जिले के टपूकड़ा चौपानकी थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बाइक सवार युवकों की बाइक एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- खैरथल-तिजारा में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' के माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे किसान अपनी कृषि गतिविधियों को मजबूत बना रहे हैं और उत्पादन में वृद्धि कर रहे हैं। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत नांगल सालिया के लाहड़ोद निवासी सरजीत सिंह पुत्र राम सिंह को कृषि विभाग ने पाइपलाइन योजना के तहत 15 हजार रुपये का अनुदान दिया। इस अनुदान की सहायता से उन्होंने अपने खेत में पाइपलाइन लगाकर सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाया। सरजीत सिंह ने बताया कि पाइपलाइन लगने के बाद खेतों में सिंचाई सुचारु रूप से हो रही है, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ी है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के कारण उन्हें कृषि कार्य में सुविधा मिली है और उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इस लाभकारी योजना के लिए राजस्थान सरकार और कृषि विभाग का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि ग्रामीण सेवा शिविरों से किसानों तक योजनाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता से पहुंच रहा है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं और कृषि क्षेत्र को नई ताकत मिल रही है।1
- रेवाड़ी जिले के सीहमा गांव में बाबा खेता कॉलेज के पास एक सड़क हादसा हो गया है, जिसमें एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना नारनौल-कनीना रोड पर हुई, जहां हादसे के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।1
- अलवर, राजस्थान के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलवाड़ा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. आतिकां शुक्ला ने शिविर का निरीक्षण किया, जहाँ केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक सुगमता से पहुँचाया गया। शिविर में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत चेक और अन्य दस्तावेज़ वितरित किए गए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवासीय चाबियाँ भी सौंपी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर डॉ. आतिकां शुक्ला मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत अलवाड़ा के जुम्मा खां और मानवधिकार प्रकोष्ठ कांग्रेस कमेटी अलवर के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। शिविर में 22 विभागों के सभी पदाधिकारी और अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित राठी बाजार में बुधवार रात करीब 12 बजे चोरों ने एक प्राइवेट एटीएम को उखाड़ लिया और अपने साथ ले गए। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित योग ऋषि रामदेव के पैतृक गांव सैद अलीपुर में आर्य समाज द्वारा आर्यवीर दल का चरित्र निर्माण शिविर 14 जून से शुरू हो गया है। इस शिविर में सर्वांग सुंदर व्यायाम, लाठी, तलवार, भाला, मलखम जैसे शारीरिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, साथ ही बौद्धिक कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। शिविर में प्रवीण आर्य, रोहित शास्त्री कनिष्ठ और प्रधान शिक्षक रामकृष्ण शास्त्री प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इस शिविर का समापन 21 जून को होगा, जिसके लिए वीरेंद्र थानेदार, पूर्व सरपंच देशराज, मास्टर बेगराज आर्य, लालचंद वैद्य और समस्त टीम ने परिवारों सहित सभी को सादर आमंत्रित किया है।4
- राजस्थान के अलवर जिले के मुंडावर के बासनी गांव में 60 वर्षीय किसान बुजकिशोर योगी की मौत के मामले में बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया, जिसके कारण हाईवे जाम हो गया। पुलिस के अनुसार, मृतक बुजकिशोर योगी और गांव के ही राकेश उर्फ टिंकू के बीच एक स्थान पर धांसे और कूड़ा डालने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मंगलवार शाम राकेश अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और बुजकिशोर को बाइक से गिराकर लात-घूंसों से मारपीट की। गंभीर हालत में उन्हें मुंडावर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी राकेश उर्फ टिंकू और उसके साथी फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। करीब 9 घंटे तक चले धरने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। थाना प्रभारी मोहर सिंह मीणा ने बताया कि मृतक के शरीर पर प्रथम दृष्टया गंभीर चोटों के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।3