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बारिश से किसानों के चेहरे खिले, सलाह: अभी करें हरी खाद संग संतुलित उर्वरक का उपयोग - खेती की दोहरी ताकत से आएगी समृद्धि ।। हाल में हुई बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। इसी मौके का फायदा उठाने के लिए किसानों को सलाह है कि हरी खाद का उपयोग एवं रासायनिक उर्वरक का संतुलित उपयोग करना है। आधुनिक समय में यही दोहरी रणनीति खेत और किसान दोनों की समृद्धि की गारंटी है। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि सिर्फ रासायनिक खाद या सिर्फ जैविक खाद से नहीं, बल्कि दोनों के वैज्ञानिक मेल से ही खेत की सेहत और किसान की जेब मजबूत होगी। "अभी हुई बारिश से खेत में नमी है। यह हरी खाद वाली फसलें जैसे मूंग, उड़द, ढैंचा की बुवाई का सुनहरा मौका है। इसे खेत में मिलाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाएं और आगामी खरीफ में नाइट्रोजन वाले उर्वरक 20% तक कम करके भी सफल उत्पादन लें, डॉ. सिंह ने चेताया कि लगातार रासायनिक खाद डालने से मिट्टी सख्त हो रही है और जैविक कार्बन में कमी आ रही है। वहीं, सिर्फ हरी खाद से फसल की पूरी पोषण जरूरत पूरी नहीं हो सकती। "समाधान है - पहले हरी खाद से मिट्टी बनाओ, फिर जरूरत भर उर्वरक डालो।" *हरी खाद: मिट्टी की रीढ़* फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी. आर. ने कहा कि खरीफ से पहले ढैंचा, सनई, मूंग या लोबिया को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देना हरी खाद कहलाता है। इससे खेत में राइजोबियम बैक्टीरिया 1 एकड़ में 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन जोड़ते हैं। साथ ही 4-5 टन जैविक पदार्थ मिलने से मिट्टी भुरभुरी होती है। पानी की बचत के साथ मिट्टी की जलधारण क्षमता 30% बढ़ती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। डॉ. सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर NPK डालें। हरी खाद नाइट्रोजन देती है, लेकिन फास्फोरस, पोटाश, जिंक व सल्फर की कमी उर्वरक से पूरी करनी पड़ती है। संतुलित रासायनिक उर्वरक से फसल में कीट एवं रोगों के प्रकोप में भी कमी आती है। हरी खाद से यूरिया बचेगा, संतुलित डोज से बाकी खाद की बर्बादी रुकेगी। उपज 20-25% ज्यादा जीवित मिट्टी एवं पूरा पोषण के साथ बंपर पैदावार। मिट्टी की सेहत सुधरती है मृदा का pH मान संतुलित होगा, केंचुए व मित्र जीवाणुओं की संख्या बढ़ेगी। गुणवत्ता बेहतर दाने का वजन, चमक व भंडारण क्षमता बढ़ेगी। हरी खाद मिट्टी की जान है, उर्वरक तुरंत का टॉनिक। दोनों मिलेंगे तो खेत सोना उगलेगा और किसान की समृद्धि पक्की होगी इस अवसर पर केंद्र के श्याम कुमार भार्गव, इकबाल कुमार, किसान सलाहकार केशव कुमार एवं प्रगतिशील किसान मोहन सिंह, शौकत अली, महेंद्र सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे।

1 day ago
user_RAVI PANDEY
RAVI PANDEY
Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
1 day ago

बारिश से किसानों के चेहरे खिले, सलाह: अभी करें हरी खाद संग संतुलित उर्वरक का उपयोग - खेती की दोहरी ताकत से आएगी समृद्धि ।। हाल में हुई बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। इसी मौके का फायदा उठाने के लिए किसानों को सलाह है कि हरी खाद का उपयोग एवं रासायनिक उर्वरक का संतुलित उपयोग करना है। आधुनिक समय में यही दोहरी रणनीति खेत और किसान दोनों की समृद्धि की गारंटी है। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि सिर्फ रासायनिक खाद या सिर्फ जैविक खाद से नहीं, बल्कि दोनों के वैज्ञानिक मेल से ही खेत की सेहत और किसान की जेब मजबूत होगी। "अभी हुई बारिश से खेत में नमी है। यह हरी खाद वाली फसलें जैसे मूंग, उड़द, ढैंचा की बुवाई का सुनहरा मौका है। इसे खेत में मिलाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाएं और आगामी खरीफ में नाइट्रोजन वाले

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उर्वरक 20% तक कम करके भी सफल उत्पादन लें, डॉ. सिंह ने चेताया कि लगातार रासायनिक खाद डालने से मिट्टी सख्त हो रही है और जैविक कार्बन में कमी आ रही है। वहीं, सिर्फ हरी खाद से फसल की पूरी पोषण जरूरत पूरी नहीं हो सकती। "समाधान है - पहले हरी खाद से मिट्टी बनाओ, फिर जरूरत भर उर्वरक डालो।" *हरी खाद: मिट्टी की रीढ़* फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी. आर. ने कहा कि खरीफ से पहले ढैंचा, सनई, मूंग या लोबिया को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देना हरी खाद कहलाता है। इससे खेत में राइजोबियम बैक्टीरिया 1 एकड़ में 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन जोड़ते हैं। साथ ही 4-5 टन जैविक पदार्थ मिलने से मिट्टी भुरभुरी होती है। पानी की बचत के साथ मिट्टी की जलधारण क्षमता 30% बढ़ती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। डॉ. सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य

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कार्ड के आधार पर NPK डालें। हरी खाद नाइट्रोजन देती है, लेकिन फास्फोरस, पोटाश, जिंक व सल्फर की कमी उर्वरक से पूरी करनी पड़ती है। संतुलित रासायनिक उर्वरक से फसल में कीट एवं रोगों के प्रकोप में भी कमी आती है। हरी खाद से यूरिया बचेगा, संतुलित डोज से बाकी खाद की बर्बादी रुकेगी। उपज 20-25% ज्यादा जीवित मिट्टी एवं पूरा पोषण के साथ बंपर पैदावार। मिट्टी की सेहत सुधरती है मृदा का pH मान संतुलित होगा, केंचुए व मित्र जीवाणुओं की संख्या बढ़ेगी। गुणवत्ता बेहतर दाने का वजन, चमक व भंडारण क्षमता बढ़ेगी। हरी खाद मिट्टी की जान है, उर्वरक तुरंत का टॉनिक। दोनों मिलेंगे तो खेत सोना उगलेगा और किसान की समृद्धि पक्की होगी इस अवसर पर केंद्र के श्याम कुमार भार्गव, इकबाल कुमार, किसान सलाहकार केशव कुमार एवं प्रगतिशील किसान मोहन सिंह, शौकत अली, महेंद्र सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे।

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  • बेतिया में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, देवनगर में जलजमाव से बढ़ी परेशानी बेतिया: शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश से रेलवे यात्रियों, आम लोगों और किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ा, जहां शादी समारोह की तैयारियां चल रही थीं। कई जगहों पर लग्न मंडप और पंडाल भीगकर खराब हो गए, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम भी बारिश की भेंट चढ़ गया। मझौलिया थाना परिसर, अंचल कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग परिसर में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं, मौसम में बढ़ी नमी के कारण ठंडक भी महसूस की गई। स्थानीय निवासी एवं चीनी मिल कर्मी विक्रम प्रसाद चौरसिया ने बताया कि उनके घर बारात आनी थी, लेकिन मूसलाधार बारिश से तैयारियों को काफी नुकसान पहुंचा है। नगर निगम क्षेत्र के बानूछापर स्थित देवनगर मोहल्ले में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। वार्ड-29 के निवासियों ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक संपत्ति कर वसूली के बावजूद अब तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। स्थानीय लोगों—अरुण कुमार सिंह, सुमन श्रीवास्तव, मृत्युंजय उपाध्याय, गुड्डू श्रीवास्तव, नागेंद्र सिंह एवं अधिवक्ता रंजीत रमन—ने महापौर गरिमा देवी सिकारिया से इस समस्या में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट।
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    बेतिया में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, देवनगर में जलजमाव से बढ़ी परेशानी
बेतिया: शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश से रेलवे यात्रियों, आम लोगों और किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ा, जहां शादी समारोह की तैयारियां चल रही थीं। कई जगहों पर लग्न मंडप और पंडाल भीगकर खराब हो गए, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम भी बारिश की भेंट चढ़ गया।
मझौलिया थाना परिसर, अंचल कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग परिसर में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं, मौसम में बढ़ी नमी के कारण ठंडक भी महसूस की गई।
स्थानीय निवासी एवं चीनी मिल कर्मी विक्रम प्रसाद चौरसिया ने बताया कि उनके घर बारात आनी थी, लेकिन मूसलाधार बारिश से तैयारियों को काफी नुकसान पहुंचा है।
नगर निगम क्षेत्र के बानूछापर स्थित देवनगर मोहल्ले में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। वार्ड-29 के निवासियों ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक संपत्ति कर वसूली के बावजूद अब तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं कराया गया है।
स्थानीय लोगों—अरुण कुमार सिंह, सुमन श्रीवास्तव, मृत्युंजय उपाध्याय, गुड्डू श्रीवास्तव, नागेंद्र सिंह एवं अधिवक्ता रंजीत रमन—ने महापौर गरिमा देवी सिकारिया से इस समस्या में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • आज मजदूर दिवस के दिन मेरे बड़े बेटे मृत्यंजय राज का जन्मदिन घर परिवार में बहुत सुन्दर ढंग से मनाया गया। 01.05.2026.
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    आज मजदूर दिवस के दिन मेरे बड़े बेटे मृत्यंजय राज का जन्मदिन घर परिवार में बहुत सुन्दर ढंग से मनाया गया। 01.05.2026.
    user_Vivek Kumar (Shrivastava).
    Vivek Kumar (Shrivastava).
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    16 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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    पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा।
इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है।
ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • Hamare gaw jo road hai ushka ishati bhut kharab hai ushe thik Kara dijiye bhanachak word no 12
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    Hamare gaw jo road hai ushka ishati bhut kharab hai ushe thik Kara dijiye
bhanachak word no 12
    user_Rajnish Kumar srivastava
    Rajnish Kumar srivastava
    मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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    पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा।
इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है।
ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • दहेज की मांग बनी मौत की वजह: विवाहिता की हत्या के बाद पंखे से लटकाया शव वायरल #Tags: #BettiahNews #Majhaulia #DowryDeath #CrimeNews #BiharCrime #JusticeForGuddiya #BreakingNews #DowrySystem #WomenSafety #PoliceInvestigation #GroundReport #ViralNews
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    दहेज की मांग बनी मौत की वजह: विवाहिता की हत्या के बाद पंखे से लटकाया शव
वायरल #Tags:
#BettiahNews #Majhaulia #DowryDeath #CrimeNews #BiharCrime #JusticeForGuddiya #BreakingNews #DowrySystem #WomenSafety #PoliceInvestigation #GroundReport #ViralNews
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार Bettiah, Pashchim Champaran•
    23 hrs ago
  • rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii
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    rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii
    user_Manish kumar
    Manish kumar
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित मिश्रौली पेट्रोल पंप के समीप 30 अप्रैल की रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती स्कॉर्पियो कार अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि यह वाहन मधुबनी से बारात लेकर लोरिया की ओर जा रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि चालक आग बुझाने की कोशिश कर रहा है, वहीं कार में सवार करीब छह लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत गाड़ी से कूदकर बाहर निकलते हैं। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद शुरू की और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों की मदद से आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना एक बार फिर से वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही आपात स्थिति में सतर्कता और स्थानीय सहयोग की अहमियत को भी उजागर करती है।
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    पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित मिश्रौली पेट्रोल पंप के समीप 30 अप्रैल की रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती स्कॉर्पियो कार अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि यह वाहन मधुबनी से बारात लेकर लोरिया की ओर जा रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि चालक आग बुझाने की कोशिश कर रहा है, वहीं कार में सवार करीब छह लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत गाड़ी से कूदकर बाहर निकलते हैं। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद शुरू की और आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों की मदद से आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
यह घटना एक बार फिर से वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही आपात स्थिति में सतर्कता और स्थानीय सहयोग की अहमियत को भी उजागर करती है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
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