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barish ke pani lag jani ke waja se logo ko bhut sari dikkat ho rahi hii rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii

2 hrs ago
user_Manish kumar
Manish kumar
सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
2 hrs ago

barish ke pani lag jani ke waja se logo ko bhut sari dikkat ho rahi hii rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii

More news from बिहार and nearby areas
  • rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii
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    rasti me pani lagni ke waja se logo ko jani ani me bhut dikkat ho raha hii
    user_Manish kumar
    Manish kumar
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • सुगौली के बंगरा में शुक्रवार की अहले सुबह हुई अगलगी में 5 बकरियां जल मरी,एक बछड़ा झुलसा। जानवर और घर के सामान सहित लाखों का हुआ नुकसान।
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    सुगौली के बंगरा में शुक्रवार की अहले सुबह हुई अगलगी में 5 बकरियां जल मरी,एक बछड़ा झुलसा। जानवर और घर के सामान सहित लाखों का हुआ नुकसान।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • Hamare gaw jo road hai ushka ishati bhut kharab hai ushe thik Kara dijiye bhanachak word no 12
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    Hamare gaw jo road hai ushka ishati bhut kharab hai ushe thik Kara dijiye
bhanachak word no 12
    user_Rajnish Kumar srivastava
    Rajnish Kumar srivastava
    मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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    पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा।
इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है।
ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित मिश्रौली पेट्रोल पंप के समीप 30 अप्रैल की रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती स्कॉर्पियो कार अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि यह वाहन मधुबनी से बारात लेकर लोरिया की ओर जा रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि चालक आग बुझाने की कोशिश कर रहा है, वहीं कार में सवार करीब छह लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत गाड़ी से कूदकर बाहर निकलते हैं। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद शुरू की और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों की मदद से आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना एक बार फिर से वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही आपात स्थिति में सतर्कता और स्थानीय सहयोग की अहमियत को भी उजागर करती है।
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    पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित मिश्रौली पेट्रोल पंप के समीप 30 अप्रैल की रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती स्कॉर्पियो कार अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि यह वाहन मधुबनी से बारात लेकर लोरिया की ओर जा रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि चालक आग बुझाने की कोशिश कर रहा है, वहीं कार में सवार करीब छह लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत गाड़ी से कूदकर बाहर निकलते हैं। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद शुरू की और आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों की मदद से आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
यह घटना एक बार फिर से वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही आपात स्थिति में सतर्कता और स्थानीय सहयोग की अहमियत को भी उजागर करती है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • दहेज की मांग बनी मौत की वजह: विवाहिता की हत्या के बाद पंखे से लटकाया शव वायरल #Tags: #BettiahNews #Majhaulia #DowryDeath #CrimeNews #BiharCrime #JusticeForGuddiya #BreakingNews #DowrySystem #WomenSafety #PoliceInvestigation #GroundReport #ViralNews
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    दहेज की मांग बनी मौत की वजह: विवाहिता की हत्या के बाद पंखे से लटकाया शव
वायरल #Tags:
#BettiahNews #Majhaulia #DowryDeath #CrimeNews #BiharCrime #JusticeForGuddiya #BreakingNews #DowrySystem #WomenSafety #PoliceInvestigation #GroundReport #ViralNews
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार Bettiah, Pashchim Champaran•
    5 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
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    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    8 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर जहां पूरे देश में श्रमिकों के सम्मान की बातें हो रही हैं, वहीं पश्चिम चंपारण के बेतिया में हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। बीते दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर के दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों की कमर तोड़ दी है। मजदूर दिवस उनके लिए जश्न नहीं, बल्कि चिंता और बेबसी का दिन बनकर सामने आया है। बेतिया के मजदूरों का कहना है कि यह दिन अब सिर्फ बड़े पूंजीपतियों और औपचारिक आयोजनों तक सीमित होकर रह गया है। रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों के लिए न तो कोई राहत है और न ही कोई सहारा। बारिश ने उनके कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रिक्शा चालक रामबाबू चौहान ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि मजदूर दिवस उनके लिए कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि लगातार हो रही बारिश के कारण सवारियां मिलना बंद हो गई हैं। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, एक अन्य चालक नगीना प्रसाद ने भी यही दर्द बयां करते हुए कहा कि देशभर में मजदूर दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन हम जैसे गरीबों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। दो दिनों की बारिश ने उनकी आय का जरिया छीन लिया है और परिवार के सामने भूख का संकट खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर इस बारिश से किसानों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं शहर के दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह आफत बनकर आई है। मजदूर दिवस के दिन ही मजदूरों का यह हाल कई सवाल खड़े करता है—क्या सच में मजदूरों का सम्मान सिर्फ एक दिन की औपचारिकता बनकर रह गया है, या फिर जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
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    अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर जहां पूरे देश में श्रमिकों के सम्मान की बातें हो रही हैं, वहीं पश्चिम चंपारण के बेतिया में हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। बीते दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर के दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों की कमर तोड़ दी है। मजदूर दिवस उनके लिए जश्न नहीं, बल्कि चिंता और बेबसी का दिन बनकर सामने आया है।
बेतिया के मजदूरों का कहना है कि यह दिन अब सिर्फ बड़े पूंजीपतियों और औपचारिक आयोजनों तक सीमित होकर रह गया है। रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों के लिए न तो कोई राहत है और न ही कोई सहारा। बारिश ने उनके कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
रिक्शा चालक रामबाबू चौहान ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि मजदूर दिवस उनके लिए कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि लगातार हो रही बारिश के कारण सवारियां मिलना बंद हो गई हैं। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, एक अन्य चालक नगीना प्रसाद ने भी यही दर्द बयां करते हुए कहा कि देशभर में मजदूर दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन हम जैसे गरीबों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। दो दिनों की बारिश ने उनकी आय का जरिया छीन लिया है और परिवार के सामने भूख का संकट खड़ा कर दिया है।
जहां एक ओर इस बारिश से किसानों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं शहर के दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह आफत बनकर आई है। मजदूर दिवस के दिन ही मजदूरों का यह हाल कई सवाल खड़े करता है—क्या सच में मजदूरों का सम्मान सिर्फ एक दिन की औपचारिकता बनकर रह गया है, या फिर जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
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