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जनपद सोनभद्र के तहसील रावटसगंज ब्लॉक कर्मा ग्राम सभा लोहार गुलरहवा सुकृत बट में पूर्व बसपा के राकेश कुमार मंत्री जी अपना भाषण

2 hrs ago
user_Brijesh kumar singh
Brijesh kumar singh
घोरावल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

जनपद सोनभद्र के तहसील रावटसगंज ब्लॉक कर्मा ग्राम सभा लोहार गुलरहवा सुकृत बट में पूर्व बसपा के राकेश कुमार मंत्री जी अपना भाषण

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  • जनपद सोनभद्र के तहसील रावटसगंज ब्लॉक कर्मा ग्राम सभा लोहार गुलरहवा सुकृत बट में पूर्व बसपा के राकेश कुमार मंत्री जी अपना भाषण
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    जनपद सोनभद्र के तहसील रावटसगंज ब्लॉक कर्मा  ग्राम सभा लोहार गुलरहवा सुकृत बट में पूर्व बसपा के राकेश कुमार मंत्री जी अपना भाषण
    user_Brijesh kumar singh
    Brijesh kumar singh
    घोरावल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • समुद्र एंजॉय करने के लिए गए थे
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    समुद्र एंजॉय करने के लिए गए थे
    user_Raghuvir
    Raghuvir
    Artist Sonbhadra, Uttar Pradesh•
    3 min ago
  • जनपद सोनभद्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस पवित्र घाट पर लोग सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उसी घाट पर एक नवजात शिशु का इस हालत में मिलना मानवता पर गहरा धब्बा बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हर किसी की आंखों में सवाल और दिल में दर्द साफ झलक रहा था। आखिर वह कौन सी मजबूरी या निर्दयता थी, जिसने एक मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ने पर मजबूर कर दिया? यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सोच पर गहरा प्रहार है। आधुनिकता और विकास के दावों के बीच आज भी कई जगहों पर बेटियों को लेकर पुरानी कुरीतियाँ जीवित हैं। “वंश चलाने” की संकीर्ण मानसिकता, पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक दबाव आज भी कई परिवारों को ऐसे अमानवीय कदम उठाने के लिए विवश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद बेटियों को ‘बोझ’ समझने की मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई मामलों में आर्थिक तंगी, सामाजिक भय और पारिवारिक दबाव भी ऐसी घटनाओं की वजह बनते हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। हेडिंग
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    जनपद सोनभद्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस पवित्र घाट पर लोग सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उसी घाट पर एक नवजात शिशु का इस हालत में मिलना मानवता पर गहरा धब्बा बन गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हर किसी की आंखों में सवाल और दिल में दर्द साफ झलक रहा था। आखिर वह कौन सी मजबूरी या निर्दयता थी, जिसने एक मासूम को इस तरह लावारिस छोड़ने पर मजबूर कर दिया?
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सोच पर गहरा प्रहार है। आधुनिकता और विकास के दावों के बीच आज भी कई जगहों पर बेटियों को लेकर पुरानी कुरीतियाँ जीवित हैं। “वंश चलाने” की संकीर्ण मानसिकता, पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक दबाव आज भी कई परिवारों को ऐसे अमानवीय कदम उठाने के लिए विवश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद बेटियों को ‘बोझ’ समझने की मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई मामलों में आर्थिक तंगी, सामाजिक भय और पारिवारिक दबाव भी ऐसी घटनाओं की वजह बनते हैं।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों की तलाश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हेडिंग
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सोनभद्र की यह हृदयविदारक घटना वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जिस घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर जीवन की मंगलकामना की जाती है, वहीं एक नवजात का इस अवस्था में मिलना हमारी सामूहिक चेतना पर एक गहरा घाव है। ​आपने जो सवाल उठाया है—"क्या आज भी बेटियों को लेकर समाज में वही पुरानी कुरीतियाँ फैली हुई हैं?"—इसका उत्तर काफी जटिल और कड़वा है। ​1. आधुनिकता और पिछड़ती सोच का द्वंद्व ​हम मंगल ग्रह पर पहुँच चुके हैं, लेकिन आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा 'वंश' चलाने के नाम पर केवल बेटों को प्राथमिकता देता है। सोनभद्र जैसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि शिक्षा के बावजूद पितृसत्तात्मक सोच (Patriarchal mindset) अभी भी जड़ों में जमी हुई है। बेटियों को आज भी कई जगहों पर "पराया धन" या आर्थिक बोझ के रूप में देखा जाता है। ​2. केवल लिंगभेद नहीं, लोक-लाज का डर भी ​अक्सर ऐसी घटनाओं के पीछे केवल बेटा-बेटी का भेद नहीं होता, बल्कि अवैध संबंधों या सामाजिक लोक-लाज का डर भी होता है। समाज का इतना क्रूर होना कि एक माँ या परिवार अपनी संतान को कुत्तों के नोचने के लिए छोड़ दे, यह दिखाता है कि हमारे समाज में 'बदनामी' का डर 'मानवता' से कहीं बड़ा हो गया है। ​3. प्रशासनिक और सामाजिक विकल्पों का अभाव ​जैसा कि आपने उल्लेख किया, सुरक्षित विकल्प (जैसे 'पालना योजना' या अनाथालय) मौजूद हैं, लेकिन: ​जागरूकता की कमी: ग्रामीण या पिछड़े इलाकों में लोगों को नहीं पता कि वे कानूनी रूप से बच्चे को छोड़ सकते हैं। ​गोपनीयता का अभाव: लोगों को डर रहता है कि अगर वे सरकारी संस्थान जाएँगे, तो उनसे सवाल पूछे जाएँगे या पुलिस केस होगा। ​4. गरिमापूर्ण विदाई का सवाल ​प्रशासन द्वारा आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर देना प्रक्रियात्मक हो सकता है, लेकिन आपकी बात सही है—मृत्यु के बाद गरिमा हर मनुष्य का अधिकार है। बिना गहन जांच या डीएनए सुरक्षित किए अंतिम संस्कार करना कहीं न कहीं अपराधियों को बचाने का अनचाहा रास्ता भी बन जाता है। ​निष्कर्ष ​यह बच्ची का मिलना केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक विफलता (Social Failure) है। जब तक समाज में "बेटी" को एक स्वतंत्र और मूल्यवान इकाई के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक हम लोक-लाज से ऊपर उठकर जीवन को महत्व नहीं देंगे, तब तक ऐसे 'छठ घाट' हमारी संवेदनाओं को झकझोरते रहेंगे।
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    सोनभद्र की यह हृदयविदारक घटना वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जिस घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर जीवन की मंगलकामना की जाती है, वहीं एक नवजात का इस अवस्था में मिलना हमारी सामूहिक चेतना पर एक गहरा घाव है।
​आपने जो सवाल उठाया है—"क्या आज भी बेटियों को लेकर समाज में वही पुरानी कुरीतियाँ फैली हुई हैं?"—इसका उत्तर काफी जटिल और कड़वा है।
​1. आधुनिकता और पिछड़ती सोच का द्वंद्व
​हम मंगल ग्रह पर पहुँच चुके हैं, लेकिन आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा 'वंश' चलाने के नाम पर केवल बेटों को प्राथमिकता देता है। सोनभद्र जैसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि शिक्षा के बावजूद पितृसत्तात्मक सोच (Patriarchal mindset) अभी भी जड़ों में जमी हुई है। बेटियों को आज भी कई जगहों पर "पराया धन" या आर्थिक बोझ के रूप में देखा जाता है।
​2. केवल लिंगभेद नहीं, लोक-लाज का डर भी
​अक्सर ऐसी घटनाओं के पीछे केवल बेटा-बेटी का भेद नहीं होता, बल्कि अवैध संबंधों या सामाजिक लोक-लाज का डर भी होता है। समाज का इतना क्रूर होना कि एक माँ या परिवार अपनी संतान को कुत्तों के नोचने के लिए छोड़ दे, यह दिखाता है कि हमारे समाज में 'बदनामी' का डर 'मानवता' से कहीं बड़ा हो गया है।
​3. प्रशासनिक और सामाजिक विकल्पों का अभाव
​जैसा कि आपने उल्लेख किया, सुरक्षित विकल्प (जैसे 'पालना योजना' या अनाथालय) मौजूद हैं, लेकिन:
​जागरूकता की कमी: ग्रामीण या पिछड़े इलाकों में लोगों को नहीं पता कि वे कानूनी रूप से बच्चे को छोड़ सकते हैं।
​गोपनीयता का अभाव: लोगों को डर रहता है कि अगर वे सरकारी संस्थान जाएँगे, तो उनसे सवाल पूछे जाएँगे या पुलिस केस होगा।
​4. गरिमापूर्ण विदाई का सवाल
​प्रशासन द्वारा आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर देना प्रक्रियात्मक हो सकता है, लेकिन आपकी बात सही है—मृत्यु के बाद गरिमा हर मनुष्य का अधिकार है। बिना गहन जांच या डीएनए सुरक्षित किए अंतिम संस्कार करना कहीं न कहीं अपराधियों को बचाने का अनचाहा रास्ता भी बन जाता है।
​निष्कर्ष
​यह बच्ची का मिलना केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक विफलता (Social Failure) है। जब तक समाज में "बेटी" को एक स्वतंत्र और मूल्यवान इकाई के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक हम लोक-लाज से ऊपर उठकर जीवन को महत्व नहीं देंगे, तब तक ऐसे 'छठ घाट' हमारी संवेदनाओं को झकझोरते रहेंगे।
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    10 hrs ago
  • शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
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    शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Chitrangi, Singrauli•
    13 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सोनभद्र | 28 मार्च 2026 जनपद सोनभद्र में विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत 100 परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। करीब 3 करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का शुभारंभ कलेक्ट्रेट सभागार से किया गया, जिससे जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मंत्री ने सोनभद्र से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनपद उनके लिए केवल एक प्रशासनिक क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने इस दिन को जनपद के विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन योजनाओं से गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। बताया गया कि स्वीकृत 100 परियोजनाओं में से कई कार्यों का आज औपचारिक शिलान्यास किया गया, जिनमें विशेष रूप से 31 सार्वजनिक सोलर पेयजल संयंत्र, 34 सोलर हाईमास्ट लाइट, 20 विद्युत हाईमास्ट लाइट, 6 विद्युतीकरण कार्य, 2 इंटरलॉकिंग, 2 सड़क एवं पुलिया निर्माण, 4 विद्यालय भवन और 1 ओपन जिम शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा कि इन सभी योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोलर आधारित पेयजल और प्रकाश व्यवस्था से ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस पहल को जनपद के लिए मील का पत्थर बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से गांवों में पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर होगी और लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, परियोजना निदेशक श्रवण कुमार राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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    सोनभद्र | 28 मार्च 2026
जनपद सोनभद्र में विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत 100 परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। करीब 3 करोड़ 94 लाख 40 हजार रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का शुभारंभ कलेक्ट्रेट सभागार से किया गया, जिससे जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मंत्री ने सोनभद्र से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनपद उनके लिए केवल एक प्रशासनिक क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने इस दिन को जनपद के विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन योजनाओं से गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
बताया गया कि स्वीकृत 100 परियोजनाओं में से कई कार्यों का आज औपचारिक शिलान्यास किया गया, जिनमें विशेष रूप से 31 सार्वजनिक सोलर पेयजल संयंत्र, 34 सोलर हाईमास्ट लाइट, 20 विद्युत हाईमास्ट लाइट, 6 विद्युतीकरण कार्य, 2 इंटरलॉकिंग, 2 सड़क एवं पुलिया निर्माण, 4 विद्यालय भवन और 1 ओपन जिम शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा कि इन सभी योजनाओं के पूर्ण होने से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोलर आधारित पेयजल और प्रकाश व्यवस्था से ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस पहल को जनपद के लिए मील का पत्थर बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से गांवों में पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर होगी और लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, परियोजना निदेशक श्रवण कुमार राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    user_Kiran Sahani
    Kiran Sahani
    Media company Obra, Sonbhadra•
    20 hrs ago
  • सोनभद्र/दिनांक 28 मार्च,2026 श्री हरदीप सिंह पुरी, मा० सांसद राज्यसभा/केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, भारत सरकार द्वारा जनपद सोनभद्र में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (डच्स्।क्ै) की निधि से संस्तुत/स्वीकृत 100 विकास कार्यों का 3 करोड़ 94 लाख 40 हजार का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। मा० मंत्री जी ने अपने संदेश में कहा कि जनपद सोनभद्र से उनका गहरा रिश्ता है तथा यह जनपद उन्हें अपने घर जैसा प्रतीत होता है, उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यन्त प्रसन्नता का है तथा जनपद सोनभद्र के विकास की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण दिन है। मंत्री जी ने बताया कि आज शिलान्यास किये गये 64 कार्यों से जनपद के विकास को नई गति मिलेगी तथा जनपदवासियों के जीवन को अधिक सुखद एवं सुविधाजनक बनाने में योगदान प्राप्त होगा। मा० मंत्री जी ने कहा कि जनपद सोनभद्र आकांक्षी जनपद होने के बावजूद भी मा० प्रधानमंत्री जी के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में निरंतर योगदान दे रहा है। उन्होंने अधिकारियों एवं जनता के सहयोग से नीति आयोग की रैंकिंग में जनपद के प्रदर्शन की सराहना भी की। इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ सिंह, जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा अवगत कराया गया कि मा० मंत्री जी द्वारा सांसद निधि के अंतर्गत कुल 100 विकास परियोजनाएं स्वीकृत करायी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से 31 सार्वजनिक सोलर पेयजल संयंत्र, 34 सोलर हाईमास्ट लाइट, 20 विद्युत हाईमास्ट लाइट, 06 विद्युतीकरण कार्य, 02 इंटरलॉकिंग कार्य, 02 सड़क/पुलिया, 04 विद्यालयों में भवन निर्माण तथा 01 ओपन जिम शामिल हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से जनपद के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा आमजन को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने मा० मंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी जनपद को उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से निरंतर लाभ मिलता रहेगा। कार्यक्रम में श्री नन्दलाल गुप्ता जी मा0 जिलाध्यक्ष भाजपा ने कहा कि मा0 मंत्री जी ने जनपद सोनभद्र को गोद लेकर जनपद के विकास हेतु एक नई रूप रेखा तय की है जिसके माध्यम से गांवों को सार्वजनिक पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी, पेयजल की समस्या के निराकरण में काफी सहायता उपलब्ध होगी। इस अवसर पर उपस्थित जागृति अवस्थी मुख्य विकास अधिकारी, श्री श्रवण कुमार राय परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला समाज कल्याण विभाग ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य श्री मोहन कुशवाहा सहित कार्यदायी विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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    सोनभद्र/दिनांक 28 मार्च,2026 श्री हरदीप सिंह पुरी, मा० सांसद राज्यसभा/केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, भारत सरकार द्वारा जनपद सोनभद्र में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (डच्स्।क्ै) की निधि से संस्तुत/स्वीकृत 100 विकास कार्यों का 3 करोड़ 94 लाख 40 हजार का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। मा० मंत्री जी ने अपने संदेश में कहा कि जनपद सोनभद्र से उनका गहरा रिश्ता है तथा यह जनपद उन्हें अपने घर जैसा प्रतीत होता है, उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यन्त प्रसन्नता का है तथा जनपद सोनभद्र के विकास की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण दिन है। मंत्री जी ने बताया कि आज शिलान्यास किये गये 64 कार्यों से जनपद के विकास को नई गति मिलेगी तथा जनपदवासियों के जीवन को अधिक सुखद एवं सुविधाजनक बनाने में योगदान प्राप्त होगा। मा० मंत्री जी ने कहा कि जनपद सोनभद्र आकांक्षी जनपद होने के बावजूद भी मा० प्रधानमंत्री जी के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में निरंतर योगदान दे रहा है। उन्होंने अधिकारियों एवं जनता के सहयोग से नीति आयोग की रैंकिंग में जनपद के प्रदर्शन की सराहना भी की। इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ सिंह, जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा अवगत कराया गया कि मा० मंत्री जी द्वारा सांसद निधि के अंतर्गत कुल 100 विकास परियोजनाएं स्वीकृत करायी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से 31 सार्वजनिक सोलर पेयजल संयंत्र, 34 सोलर हाईमास्ट लाइट, 20 विद्युत हाईमास्ट लाइट, 06 विद्युतीकरण कार्य, 02 इंटरलॉकिंग कार्य, 02 सड़क/पुलिया, 04 विद्यालयों में भवन निर्माण तथा 01 ओपन जिम शामिल हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से जनपद के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा आमजन को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने मा० मंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी जनपद को उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से निरंतर लाभ मिलता रहेगा। कार्यक्रम में श्री नन्दलाल गुप्ता जी मा0  जिलाध्यक्ष भाजपा ने कहा कि मा0 मंत्री जी ने जनपद सोनभद्र को गोद लेकर जनपद के विकास हेतु एक नई रूप रेखा तय की है जिसके माध्यम से गांवों को सार्वजनिक पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी, पेयजल की समस्या के निराकरण में काफी सहायता उपलब्ध होगी। इस अवसर पर उपस्थित जागृति अवस्थी मुख्य विकास अधिकारी, श्री श्रवण कुमार राय परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला समाज कल्याण विभाग ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य श्री मोहन कुशवाहा सहित कार्यदायी विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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