दतिया में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक विधवा महिला की मार्मिक गुहार पर प्रशासन ने त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया दी है। महिला ने कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि प्राप्त नहीं हो पाई है। महिला के अनुसार, मजदूरी के लिए बाहर रहने के दौरान उनका संबल कार्ड निरस्त कर दिया गया था, जिस कारण वे इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित रह गईं। मामले की गंभीरता को समझते हुए, कलेक्टर श्री वानखड़े ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच करने और नियमों के अनुसार मामले की सुनवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आदेश दिया कि यदि महिला पात्र पाई जाती है, तो उनका संबल कार्ड पुनः बहाल किया जाए और देय सहायता राशि भी शीघ्र प्रदान की जाए। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से एक जरूरतमंद महिला को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना उनकी प्राथमिकता है।
दतिया में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक विधवा महिला की मार्मिक गुहार पर प्रशासन ने त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया दी है। महिला ने कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि प्राप्त नहीं हो पाई है। महिला के अनुसार, मजदूरी के लिए बाहर रहने के दौरान उनका संबल कार्ड निरस्त कर दिया गया था, जिस कारण वे इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित रह गईं। मामले की गंभीरता को समझते हुए, कलेक्टर श्री वानखड़े ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच करने और नियमों के अनुसार मामले की सुनवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आदेश दिया कि यदि महिला पात्र पाई जाती है, तो उनका संबल कार्ड पुनः बहाल किया जाए और देय सहायता राशि भी शीघ्र प्रदान की जाए। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से एक जरूरतमंद महिला को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना उनकी प्राथमिकता है।
- दतिया के भांडेर स्थित चिरगांव रोड पर 'अपना ढाबे' से एक होंडा शाइन बाइक चोरी हो गई है। हजारी मोहल्ला निवासी पीड़ित तारिक अली पिता साबिर अली ने रविवार दोपहर भांडेर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। चोरी हुई बाइक सिल्वर रंग की होंडा शाइन है, जिसका नंबर MP 32 MD 3138 बताया गया है। जानकारी के अनुसार, तारिक अली शनिवार रात करीब 10:30 बजे अपना ढाबा बंद करके घर चले गए थे, जबकि ढाबे पर कार्यरत कर्मचारी अशफाक खान हमेशा की तरह वहीं सो रहे थे। अगली सुबह 14 जून को लगभग 6:30 बजे, जब तारिक अली ढाबे पहुँचे तो उन्हें अपनी बाइक गायब मिली। ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक अज्ञात युवक ढाबे में दाखिल हुआ, पहले उसने ढाबे के पास लगा टट्टर हटाया और फिर बाइक लेकर जाने लगा। इसी दौरान कर्मचारी अशफाक खान जाग गए और उन्होंने चोर को रोकने की कोशिश की, उसका पीछा भी किया। हालांकि, आरोपी बाइक को तेज़ गति से भगाते हुए मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसका वीडियो रविवार शाम 04 बजे सामने आया। इसमें आरोपी का हुलिया स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- पत्रकार पवन दांतरे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेवढ़ा एसडीओपी अजय चानना ने उन 40 वाहनों के चालान काटे जो बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे थे।1
- उनाव थाना प्रभारी यतेंद्र भदोरिया ने उत्तर प्रदेश के बदमाशों को दो टूक चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी अपराधी अपराध की नियत से इस क्षेत्र में आता है, तो उसे 'ठिकाने लगा दिया जाएगा'। यह सख्त संदेश MBKS डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क के लोकेश मिश्रा बुंदेली द्वारा रिपोर्ट किया गया है।1
- Post by BOLTA MP1
- दतिया के इंदरगढ़ स्थित सेवढ़ा सनकुआ सिंध घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का विराट जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का हुजूम घाट पर जुटने लगा, जिसमें हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे स्नान करने पहुंचे। अनुमान है कि देर शाम तक यह संख्या लगभग दो लाख तक पहुंच सकती है। इस विशाल भीड़ के बावजूद, सेवढ़ा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर केवल 10 से 15 पुलिसकर्मी ही तैनात दिखाई दे रहे हैं, जिससे भीड़ बढ़ने के कारण जाम की स्थिति बन रही है। श्रद्धालु बिना किसी रोक-टोक के सिंध नदी के बीच जाकर स्नान कर रहे हैं, और उन्हें रोकने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है। वीडियो में बच्चे भी नदी पार करते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले एक महीने में सनकुआं घाट पर डूबने से चार लोगों की मौतें हो चुकी हैं। आपदा प्रबंधन समिति का भी कुछ ही पुलिस बल मौके पर मौजूद है, जिससे भीड़ और उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों के बीच एक बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है। प्रशासन की इस ढीली व्यवस्था से गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। यदि कोई अप्रिय दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। आमजन और श्रद्धालु जाम से जूझते हुए भी सनकुआं घाट पर पहुंच रहे हैं, जबकि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने से खतरा लगातार मंडरा रहा है।2
- दतिया के भांडेर में एक विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए रामजीवन छोटे राय ने महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि 'हमारा नगर हमारा तीर्थ, हमारी माटी हमारा चंदन'।1
- भांडेर अनुभाग के गोंदन थाना क्षेत्र के उड़ीना गाँव से अज्ञात कारणों के चलते एक वृद्ध महिला लापता हो गई है। रविवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित प्रकाश कुशवाहा की 60 वर्षीय पत्नी, जो दिमागी रूप से कमजोर बताई गई हैं, 28 मई की सुबह करीब 10:30 बजे अपने घर से लापता हो गईं। परिजनों ने हर जगह उनकी तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पाया। इसके बाद, परिजनों ने गोंदन थाने पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लापता महिला की तलाश शुरू कर दी है।1
- दतिया जिले के सेवड़ा स्थित प्रसिद्ध सनकुआ सिंध घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का विराट जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान के लिए घाट पर पहुंचे हैं, लेकिन इतनी भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा इंतजाम बेहद नाकाफी दिखाई दे रहे हैं, जिस पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोमवती अमावस्या के दिन सोमवार दोपहर से ही सेवड़ा के सनकुआ सिंध नदी घाट पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, और शाम तक यहाँ लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे सिंध नदी में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। हालांकि, इस भारी भीड़ के सामने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर नजर आ रही है, जहाँ मौके पर केवल 10 से 15 पुलिसकर्मी ही तैनात होने की बात सामने आई है। बढ़ती भीड़ के कारण घाट और आसपास के मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बन गई है। कई श्रद्धालु नदी के बीच तक पहुँचकर स्नान कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने या सुरक्षित क्षेत्र में रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिख रही है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि पिछले एक महीने में सिंध नदी में डूबने की चार घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के इंतजाम पर्याप्त नहीं दिख रहे। वायरल हो रहे वीडियो में छोटे बच्चे भी नदी पार करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी संभावित हादसे की आशंका और बढ़ गई है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा है कि, “भीड़ बहुत ज्यादा है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम कम हैं। प्रशासन को और पुलिस बल तथा बचाव दल तैनात करना चाहिए।” मौके पर आपदा प्रबंधन समिति और पुलिस का सीमित अमला मौजूद है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या की तुलना में संसाधन बेहद कम दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में, किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल, श्रद्धालुओं का आस्था पर्व जारी है, लेकिन बढ़ती भीड़ और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि संभावित जोखिम को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त इंतजाम करता है या नहीं।1