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भव्य' अवैध निर्माण: नक्शा न रजिस्ट्रेशन, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे चल रहा करोड़ों का खेल! अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश सील टूटी, कानून हारा! भव्या मैरिज लॉन का अवैध संचालन जिला प्रशासन के इकबाल को खुली चुनौती। तेजतर्रार डीएम की साख को बट्टा लगाता भव्या ग्रुप, बीडीए की फाइलों में दफन हुई अवैध निर्माण की शिकायतें। 'भव्य' अवैध निर्माण: नक्शा न रजिस्ट्रेशन, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे चल रहा करोड़ों का खेल! बस्ती विकास प्राधिकरण की 'मेहरबानी' या भ्रष्टाचार का खेल? 'भव्या ग्रुप' के अवैध साम्राज्य पर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर! बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है—"अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस।" लेकिन बस्ती जनपद में 'बस्ती विकास प्राधिकरण' (BDA) और जिला प्रशासन की नाक के नीचे इस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या रसूख और खातिरदारी के आगे सरकारी नियम बौने हो चुके हैं? मामला 'भव्या ग्रुप' से जुड़ा है, जिसके अवैध प्रतिष्ठान जिले की व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं। सीज खुला या कानून का मजाक उड़ा? कुछ समय पूर्व एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बिना रजिस्ट्रेशन और बिना नक्शा पास कराए संचालित हो रहे भव्या मैरिज लॉन को सीज किया था। लेकिन, चर्चा आम है कि संचालक ने कानून को ठेंगे पर रखकर अवैध तरीके से सीज हटा दिया और संचालन फिर शुरू कर दिया। 🎯बड़ा सवाल: क्या प्रशासन इतना लाचार है कि उसकी लगाई गई सील कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति अपनी मर्जी से तोड़ दे? 🎯प्रशासनिक मौन: सीज हटने के बाद भी आखिर एडीएम और एसडीएम सदर ने दोबारा कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया? क्या यह मौन किसी 'बड़ी सेटिंग' की तरफ इशारा कर रहा है? नक्शा न रजिस्ट्रेशन: फिर भी 'ग्रैंड' है भव्या पैलेस भव्या ग्रुप के होटल ग्रैंड भव्या पैलेस और भव्या मेडिकल सेंटर जैसे बड़े प्रतिष्ठान बिना किसी स्वीकृत मानचित्र (नक्शा) और बिना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे हैं। 🎯बीडीए की भूमिका: जो प्राधिकरण आम आदमी के एक कमरे के निर्माण पर नोटिस थमा देता है, उसे शहर के बीचों-बीच खड़ी ये बहुमंजिला अवैध इमारतें दिखाई क्यों नहीं दे रहीं? 🎯संरक्षण का आरोप: सूत्रों की मानें तो होटल प्रबंधन सत्ताधारी दल के नेताओं, रसूखदार पत्रकारों और प्रशासनिक अफसरों को मुफ्त 'भोजन और आवास' की शाही व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। क्या इसी खातिरदारी के बदले में बीडीए और जिला प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हैं? डीएम की छवि को धूमिल करता 'भव्या ग्रुप' का अहंकार जिले में तेजतर्रार छवि वाली डीएम कृतिका ज्योत्सना एक ओर जहां विकास और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर तन कर खड़ी भव्या ग्रुप की ये अवैध बिल्डिंग्स सीधे तौर पर जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रही हैं। कई सालों से अनाधिकृत रूप से हो रहे इस संचालन पर शिकायतों का अंबार है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल फाइलों को इधर-बधर घुमाया जा रहा है। जनता पूछ रही है तीखे सवाल: जब आम जनता के अवैध निर्माण पर 'बाबा का बुलडोजर' गरजता है, तो भव्या ग्रुप के लिए तेल की कमी क्यों हो जाती है? ✍️क्या बीडीए के अधिकारी केवल कागजी शेर बनकर रह गए हैं, जो रसूखदारों के सामने नतमस्तक हैं? ✍️बिना फायर एनओसी और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मेडिकल सेंटर में अगर कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बस्ती की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती है। क्या शासन-प्रशासन इस 'भव्या साम्राज्य' पर कानूनी शिकंजा कसेगा या फिर भ्रष्टाचार की इस 'भव्य' दावत में जिम्मेदार अपनी हिस्सेदारी निभाते रहेंगे? देखना शेष है कि क्या 'बस्ती विकास प्राधिकरण' कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर रसूख की चादर ओढ़कर सोता रहता है।

6 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

भव्य' अवैध निर्माण: नक्शा न रजिस्ट्रेशन, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे चल रहा करोड़ों का खेल! अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश सील टूटी, कानून हारा! भव्या मैरिज लॉन का अवैध संचालन जिला प्रशासन के इकबाल को खुली चुनौती। तेजतर्रार डीएम की साख को बट्टा लगाता भव्या ग्रुप, बीडीए की फाइलों में दफन हुई अवैध निर्माण की शिकायतें। 'भव्य' अवैध निर्माण: नक्शा न रजिस्ट्रेशन, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे चल रहा करोड़ों का खेल! बस्ती विकास प्राधिकरण की 'मेहरबानी' या भ्रष्टाचार का खेल? 'भव्या ग्रुप' के अवैध साम्राज्य पर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर! बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है—"अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस।" लेकिन बस्ती जनपद में 'बस्ती विकास प्राधिकरण' (BDA) और जिला प्रशासन की नाक के नीचे इस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या रसूख और खातिरदारी के आगे सरकारी नियम बौने हो चुके हैं? मामला 'भव्या ग्रुप' से जुड़ा है, जिसके अवैध प्रतिष्ठान जिले की व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं। सीज खुला या कानून का मजाक उड़ा? कुछ समय पूर्व एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बिना रजिस्ट्रेशन और बिना नक्शा पास कराए संचालित हो रहे भव्या मैरिज लॉन को सीज किया था। लेकिन, चर्चा आम है कि संचालक ने कानून को ठेंगे पर रखकर अवैध तरीके से सीज हटा दिया और संचालन फिर शुरू कर दिया। 🎯बड़ा सवाल: क्या प्रशासन इतना लाचार है कि उसकी लगाई गई सील कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति अपनी मर्जी से तोड़ दे? 🎯प्रशासनिक मौन: सीज हटने के बाद भी आखिर एडीएम और एसडीएम सदर ने दोबारा कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया? क्या यह मौन किसी 'बड़ी सेटिंग' की तरफ इशारा कर रहा है? नक्शा न रजिस्ट्रेशन: फिर भी 'ग्रैंड' है भव्या पैलेस भव्या ग्रुप के होटल ग्रैंड भव्या पैलेस और भव्या मेडिकल सेंटर

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जैसे बड़े प्रतिष्ठान बिना किसी स्वीकृत मानचित्र (नक्शा) और बिना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे हैं। 🎯बीडीए की भूमिका: जो प्राधिकरण आम आदमी के एक कमरे के निर्माण पर नोटिस थमा देता है, उसे शहर के बीचों-बीच खड़ी ये बहुमंजिला अवैध इमारतें दिखाई क्यों नहीं दे रहीं? 🎯संरक्षण का आरोप: सूत्रों की मानें तो होटल प्रबंधन सत्ताधारी दल के नेताओं, रसूखदार पत्रकारों और प्रशासनिक अफसरों को मुफ्त 'भोजन और आवास' की शाही व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। क्या इसी खातिरदारी के बदले में बीडीए और जिला प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हैं? डीएम की छवि को धूमिल करता 'भव्या ग्रुप' का अहंकार जिले में तेजतर्रार छवि वाली डीएम कृतिका ज्योत्सना एक ओर जहां विकास और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर तन कर खड़ी भव्या ग्रुप की ये अवैध बिल्डिंग्स सीधे तौर पर जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रही हैं। कई सालों से अनाधिकृत रूप से हो रहे इस संचालन पर शिकायतों का अंबार है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल फाइलों को इधर-बधर घुमाया जा रहा है। जनता पूछ रही है तीखे सवाल: जब आम जनता के अवैध निर्माण पर 'बाबा का बुलडोजर' गरजता है, तो भव्या ग्रुप के लिए तेल की कमी क्यों हो जाती है? ✍️क्या बीडीए के अधिकारी केवल कागजी शेर बनकर रह गए हैं, जो रसूखदारों के सामने नतमस्तक हैं? ✍️बिना फायर एनओसी और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मेडिकल सेंटर में अगर कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बस्ती की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती है। क्या शासन-प्रशासन इस 'भव्या साम्राज्य' पर कानूनी शिकंजा कसेगा या फिर भ्रष्टाचार की इस 'भव्य' दावत में जिम्मेदार अपनी हिस्सेदारी निभाते रहेंगे? देखना शेष है कि क्या 'बस्ती विकास प्राधिकरण' कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर रसूख की चादर ओढ़कर सोता रहता है।

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  • अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨 ⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।" ⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!" ⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं। कैसे चलता था 'काला खेल'? गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था। समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है? पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है: 🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है? 🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे। 🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं। पुलिस की अपील और चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके। 🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग। 💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨
⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।"
⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!"
⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।"
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश
बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं।
कैसे चलता था 'काला खेल'?
गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था।
समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है?
पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है:
🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है?
🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे।
🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं।
पुलिस की अपील और चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके।
🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग।
💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • Jai mata di 🙏🙏🙏
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    Jai mata di 🙏🙏🙏
    user_Rohit nishad Rohit Kumar
    Rohit nishad Rohit Kumar
    Artist Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    11 hrs ago
  • यह ग्राम पंचायत भगवानपुर का टेकवा बागी गांव है । ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली ,तहसील खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है । 👉🏾 जैसा की स्पष्ट दिखाई दे रहा है यह रास्ता बरसात के दिनों में पानी में डूब जाता है । रास्ते के ऊपर पानी जमा होता है । यह मार्ग टेकवाबागी नामक गांव में जाने के लिए मुख्य मार्ग है । ➡️ इस रास्ते के ऊपर पर मिट्टी डालकर ऊंचाई बढ़ाने चाहिए और इंटरलॉकिंग करना चाहिए। बार-बार टेकवा बागी के गांव की जनता ने पंचायती राज से इस सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन दिया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुआ कोई संतोषजनक उत्तर अभी तक नहीं मिला है। शासन प्रशासन को इस रोड के मरम्मत करने के लिए संज्ञान में लेना चाहिए । यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र है तथा पंचायती राज के अंतर्गत आता है।
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    यह ग्राम पंचायत भगवानपुर का टेकवा बागी गांव है । ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली ,तहसील खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है । 
👉🏾 जैसा की स्पष्ट दिखाई दे रहा है यह रास्ता बरसात के दिनों में पानी  में डूब जाता है । रास्ते   के ऊपर पानी जमा होता है । यह  मार्ग टेकवाबागी नामक गांव में जाने के लिए मुख्य मार्ग है । 
➡️ इस रास्ते  के ऊपर पर मिट्टी डालकर ऊंचाई बढ़ाने चाहिए और इंटरलॉकिंग करना चाहिए। बार-बार टेकवा बागी के गांव की जनता ने पंचायती राज से इस सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन दिया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुआ कोई संतोषजनक उत्तर अभी तक नहीं मिला है। शासन प्रशासन को इस रोड के मरम्मत करने के लिए संज्ञान में लेना चाहिए । 
यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र है तथा पंचायती राज के अंतर्गत आता है।
    user_Kamalakant tiwari
    Kamalakant tiwari
    Journalist खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा आज दिनांक 03.04.2026 को अभियुक्तगण नाम पता 01. रामप्रवेश राजभर पुत्र सीताराम निवासी बालूशासन थाना कोतवाली खलीलाबाद को बड़गो से अजगइवा घाट के तरफ जाने वाली रोड के पास से 02. छोटू राजभर उर्फ मामा पुत्र स्व0 राधेश्याम निवासी ग्राम बनौली थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर को ग्राम पटखौली के पास RTO आफिस से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 233/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट बनाम रामप्रवेश राजभर के विरुद्ध पंजीकृत किया गया । गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 234/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट बनाम छोटू राजभर उर्फ मामा के विरुद्ध पंजीकृत किया गया । मोबाइल चोरी की घटना दिनांक 01.04.2026 को वादी इकरार खान पुत्र अनवर खान निवासी ईट भट्ठा स्थल ग्राम दशहरा थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर स्थायी पता आलमपुर रानी, बरला जनपद अलीगढ़ के द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि हम जैन ईट भट्ठा रसहरा (दशहरा) में मजदूरी का काम करते है और हमारे साथ कई लोग काम करते है, दिनांक 28.03.2026 की रात में खिड़की तोड़कर अज्ञात चोर द्वारा हम 04 लोगो का मोबाइल चुरा ले गये । उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 224/2026 धारा 305(a),331(4) बीएनएस पंजीकृत किया गया था । गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता रामप्रवेश राजभर पुत्र सीताराम निवासी बालूशासन थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । (01 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा) छोटू राजभर उर्फ मामा पुत्र स्व0 राधेश्याम निवासी ग्राम बनौली थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर । (01 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा) बरामदगी का विवरण कुल 02 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा । 11 अदद मोबाइल बरामद चोरी का । पूछताछ विवरण गिरफ्तार अभियुक्तगणों ने स्वीकार किया कि हम दोनो रात के समय गांवों और चौराहों पर सो रहे लोगों के मोबाइल चोरी करते है । चोरी के मोबाइल और अवैध गांजा बेचकर वे अपना जीविकोपार्जन करते है । गिरफ्तार अभियुक्तगणो के पास गांजा रखने व बेचना का वैध कागजात मांगा गया तो बताये कि मेरे पास कोई वैध कागजात नही है । हम लोगो के पास से जो मोबाइल बरामद हुआ उसमे से 04 मोबाइल जैन ईट भट्ठा रसहरा (दशहरा) से चोरी किये थे, बाकी मोबाइल भिन्न भिन्न स्थानों से चोरी किया गया था । गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगण प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे, उ0नि0 विनोद कुमार यादव, उ0नि0 अश्वनी कुमार तिवारी, उ0नि0 अशोक कुमार दूबे, का0 राकेश कुमार गौड़, का0 उमेश कुमार ।
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    (ब्यूरो संतकबीरनगर)
ग्राम स्वराज्य 
संतकबीरनगर।
पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा आज दिनांक 03.04.2026 को अभियुक्तगण नाम पता 01. रामप्रवेश राजभर पुत्र सीताराम निवासी बालूशासन थाना कोतवाली खलीलाबाद को बड़गो से अजगइवा घाट के तरफ जाने वाली रोड के पास से 02. छोटू राजभर उर्फ मामा पुत्र स्व0 राधेश्याम निवासी ग्राम बनौली थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर को ग्राम पटखौली के पास RTO आफिस से गिरफ्तार किया गया ।
गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 233/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट बनाम रामप्रवेश राजभर के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।
गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 234/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट बनाम छोटू राजभर उर्फ मामा के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।
मोबाइल चोरी की घटना दिनांक 01.04.2026 को वादी  इकरार खान पुत्र अनवर खान निवासी ईट भट्ठा स्थल ग्राम दशहरा थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर स्थायी पता आलमपुर रानी, बरला जनपद अलीगढ़ के द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि हम जैन ईट भट्ठा रसहरा (दशहरा) में मजदूरी का काम करते है और हमारे साथ कई लोग काम करते है, दिनांक 28.03.2026 की रात में खिड़की तोड़कर अज्ञात चोर द्वारा हम 04 लोगो का मोबाइल चुरा ले गये । उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 224/2026 धारा 305(a),331(4) बीएनएस पंजीकृत किया गया था । 
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता
रामप्रवेश राजभर पुत्र सीताराम निवासी बालूशासन थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । (01 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा)
छोटू राजभर उर्फ मामा पुत्र स्व0 राधेश्याम निवासी ग्राम बनौली थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर । (01 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा)
बरामदगी का विवरण
कुल 02 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा ।
11 अदद मोबाइल बरामद चोरी का ।
पूछताछ विवरण	
गिरफ्तार अभियुक्तगणों ने स्वीकार किया कि हम दोनो रात के समय गांवों और चौराहों पर सो रहे लोगों के मोबाइल चोरी करते है । चोरी के मोबाइल और अवैध गांजा बेचकर वे अपना जीविकोपार्जन करते है । गिरफ्तार अभियुक्तगणो के पास गांजा रखने व बेचना का वैध कागजात मांगा गया तो बताये कि मेरे पास कोई वैध कागजात नही है । हम लोगो के पास से जो मोबाइल बरामद हुआ उसमे से 04 मोबाइल जैन ईट भट्ठा रसहरा (दशहरा) से चोरी किये थे, बाकी मोबाइल भिन्न भिन्न स्थानों से चोरी किया गया था । 
गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगण
प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद  जय प्रकाश दुबे, उ0नि0 विनोद कुमार यादव, उ0नि0 अश्वनी कुमार तिवारी, उ0नि0 अशोक कुमार दूबे, का0 राकेश कुमार गौड़, का0 उमेश कुमार ।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    22 hrs ago
  • Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
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    Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    user_रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    Voice of people अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
  • Post by रवि चन्द्र पत्रकार
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    Post by रवि चन्द्र पत्रकार
    user_रवि चन्द्र पत्रकार
    रवि चन्द्र पत्रकार
    Nurse सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिद्धार्थनगर जिले के पथरा बाजार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना 3 अप्रैल को करीब 2:30 बजे टेढिया बाजार के सामने टेढिया नहर पुलिया के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रेलर और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। मृतकों की पहचान कोतवाली बांसी क्षेत्र के फुलवापुर गांव निवासी दिनेश (28) पुत्र बाढू और सतीश (24) पुत्र खेदन के रूप में हुई है। दोनों युवक बाइक (यूपी 55 ए जेड 1315, अपाचे) से पथरा बाजार की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जब वे टेढिया नहर पुलिया पार कर आगे बढ़े, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर (बीआर 24 जीडी 5035) से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को पुलिस ने जब्त किया हादसे की सूचना मिलते ही पथरा बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल सतीश को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की है।
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    सिद्धार्थनगर जिले के पथरा बाजार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना 3 अप्रैल को करीब 2:30 बजे टेढिया बाजार के सामने टेढिया नहर पुलिया के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रेलर और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई।
मृतकों की पहचान कोतवाली बांसी क्षेत्र के फुलवापुर गांव निवासी दिनेश (28) पुत्र बाढू और सतीश (24) पुत्र खेदन के रूप में हुई है। दोनों युवक बाइक (यूपी 55 ए जेड 1315, अपाचे) से पथरा बाजार की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जब वे टेढिया नहर पुलिया पार कर आगे बढ़े, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर (बीआर 24 जीडी 5035) से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को पुलिस ने जब्त किया
हादसे की सूचना मिलते ही पथरा बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल सतीश को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की है।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ​बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। ​सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। ​साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। ​जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। ​"शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन ​अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।
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    ​बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया।
​सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त
कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए।
​साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें'
नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं।
​जनता ने भरी हुंकार
प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है।
​"शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन
​अजीत मिश्रा (खोजी)
ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
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