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इंदौर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस कैंडल मार्च के माध्यम से, नीट पेपर लीक के कारण कथित तौर पर 'शहीद' हुए एक छात्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

5 hrs ago
user_Hemraj Sahariya
Hemraj Sahariya
Taxi Driver राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

इंदौर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस कैंडल मार्च के माध्यम से, नीट पेपर लीक के कारण कथित तौर पर 'शहीद' हुए एक छात्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • मौसम विज्ञानी सौरीश बंद्योपाध्याय ने अलीपुर मौसम विभाग की ओर से जारी एक अपडेट में दक्षिण बंगाल के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आगामी 24 घंटों में दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर बंगाल में सोमवार से ही भारी बारिश शुरू होने का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में, खासकर गुरुवार को अति-बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, और सभी जिलों में आंधी-बारिश की संभावना बनी रहेगी। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना निम्न दबाव अब शक्ति बढ़ाकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव में बदल गया है। यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले दो से तीन दिनों में उत्तरी ओडिशा होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। रविवार के लिए पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पुरुलिया जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पूर्व बर्धमान और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। बाकी जिलों में भी छिटपुट आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी रहेगा। मंगलवार से हफ्ते के बाकी दिनों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का पीला अलर्ट जारी रहेगा और तटीय जिलों में हवाओं की गति अधिक रहेगी। उत्तर बंगाल में रविवार तक आंधी-बारिश की संभावना कम है, लेकिन सभी जिलों में छिटपुट गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। सोमवार से ही उत्तर बंगाल में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी होगा, जिसमें जलपाईगुड़ी जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट भारी बारिश की संभावना है। मंगलवार को उत्तर बंगाल में आंधी-बारिश की मात्रा बढ़ेगी, और उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी तथा अलीपुरद्वार जिलों में छिटपुट भारी बारिश हो सकती है। बुधवार को भारी बारिश की मात्रा और बढ़ेगी, जिसके तहत दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जिलों में भी छिटपुट भारी बारिश की संभावना रहेगी। सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का पीला अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, मछुआरों के लिए एक विशेष चेतावनी जारी की गई है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में समुद्र उग्र रहेगा। इसलिए, मछुआरों को 7 जुलाई, मंगलवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। कोलकाता में आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बढ़ेगी, जिसमें एक-दो बार भारी बारिश भी शामिल है। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। आज और कल आंधी-बारिश की संभावना अधिक रहेगी, जो मंगलवार से कम हो जाएगी।
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    मौसम विज्ञानी सौरीश बंद्योपाध्याय ने अलीपुर मौसम विभाग की ओर से जारी एक अपडेट में दक्षिण बंगाल के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आगामी 24 घंटों में दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर बंगाल में सोमवार से ही भारी बारिश शुरू होने का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में, खासकर गुरुवार को अति-बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, और सभी जिलों में आंधी-बारिश की संभावना बनी रहेगी।

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना निम्न दबाव अब शक्ति बढ़ाकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव में बदल गया है। यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले दो से तीन दिनों में उत्तरी ओडिशा होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

रविवार के लिए पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पुरुलिया जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पूर्व बर्धमान और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। बाकी जिलों में भी छिटपुट आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी रहेगा। मंगलवार से हफ्ते के बाकी दिनों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का पीला अलर्ट जारी रहेगा और तटीय जिलों में हवाओं की गति अधिक रहेगी।

उत्तर बंगाल में रविवार तक आंधी-बारिश की संभावना कम है, लेकिन सभी जिलों में छिटपुट गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। सोमवार से ही उत्तर बंगाल में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी होगा, जिसमें जलपाईगुड़ी जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट भारी बारिश की संभावना है। मंगलवार को उत्तर बंगाल में आंधी-बारिश की मात्रा बढ़ेगी, और उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी तथा अलीपुरद्वार जिलों में छिटपुट भारी बारिश हो सकती है। बुधवार को भारी बारिश की मात्रा और बढ़ेगी, जिसके तहत दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जिलों में भी छिटपुट भारी बारिश की संभावना रहेगी। सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का पीला अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच, मछुआरों के लिए एक विशेष चेतावनी जारी की गई है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में समुद्र उग्र रहेगा। इसलिए, मछुआरों को 7 जुलाई, मंगलवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। कोलकाता में आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बढ़ेगी, जिसमें एक-दो बार भारी बारिश भी शामिल है। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। आज और कल आंधी-बारिश की संभावना अधिक रहेगी, जो मंगलवार से कम हो जाएगी।
    user_JONOMON KHOBOR
    JONOMON KHOBOR
    Guna, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • डॉ. एस.एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा केंद्रों से जुड़े हैं। वे अमीरपुर खेड़ी में अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग शाका केंद्र और भुवाखेड़ी में ओशो आशीष ध्यान केंद्र का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे भुवाखेड़ी में खाटू श्याम गोशाला और गोशाला की पहाड़ी पर स्थित श्री खाटूश्याम मन्दिर से भी संबंधित हैं। डॉ. नागर की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता में एम.ए., बी.एड., आयुर्वेद रत्न (एम.आई.एम.एस.), बी.जे. (एम.सी.) और योग (लिविंग ऑफ साइंस) शामिल हैं। वे विशेष रूप से शिव स्वरोदय विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। भुवाखेड़ी में ब्लयू वर्ड स्वीमिंग पूल भी उपलब्ध है, जहाँ स्नान और ध्यान के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क (अधिकतम 2 घंटे के लिए) निर्धारित है। डॉ. नागर, जिनका संपर्क नंबर 9413006192 है, सृष्टि में अमूल्य योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी देते हैं। वे लोगों से आह्वान करते हैं कि वे एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के लिए लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनें।
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    डॉ. एस.एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा केंद्रों से जुड़े हैं। वे अमीरपुर खेड़ी में अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग शाका केंद्र और भुवाखेड़ी में ओशो आशीष ध्यान केंद्र का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे भुवाखेड़ी में खाटू श्याम गोशाला और गोशाला की पहाड़ी पर स्थित श्री खाटूश्याम मन्दिर से भी संबंधित हैं।

डॉ. नागर की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता में एम.ए., बी.एड., आयुर्वेद रत्न (एम.आई.एम.एस.), बी.जे. (एम.सी.) और योग (लिविंग ऑफ साइंस) शामिल हैं। वे विशेष रूप से शिव स्वरोदय विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। भुवाखेड़ी में ब्लयू वर्ड स्वीमिंग पूल भी उपलब्ध है, जहाँ स्नान और ध्यान के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क (अधिकतम 2 घंटे के लिए) निर्धारित है।

डॉ. नागर, जिनका संपर्क नंबर 9413006192 है, सृष्टि में अमूल्य योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी देते हैं। वे लोगों से आह्वान करते हैं कि वे एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के लिए लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनें।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    9 hrs ago
  • छीपाबड़ौद और हरनावदाशाहजी क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच गहरा डर और दहशत व्याप्त हो गई है। इन बढ़ती वारदातों के कारण अब महिलाएं भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
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    छीपाबड़ौद और हरनावदाशाहजी क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच गहरा डर और दहशत व्याप्त हो गई है। इन बढ़ती वारदातों के कारण अब महिलाएं भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
    user_छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    Computer consultant छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुंगावली नगर को 'मिनी स्मार्ट सिटी' बनाने का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी वार्ड नंबर 8 के निवासियों को 'कीचड़ युक्त स्मार्ट सड़क' से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति उस वादे के ठीक विपरीत है, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। आमजन जब अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते हैं, तो वे उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर परिषद का कोष खाली है और धन-बजट की कमी के कारण सड़क निर्माण कार्य संभव नहीं है। इस प्रकार, 'स्मार्ट सिटी', 'क्लीन सिटी' और 'नंबर 1 सिटी' होने के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि मुंगावली की हकीकत बिल्कुल अलग है। सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय अशोकनगर और कलेक्टर अशोकनगर का ध्यान आकर्षित करते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आखिर मुंगावली की यह कैसी 'स्मार्ट सिटी' है।
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    पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुंगावली नगर को 'मिनी स्मार्ट सिटी' बनाने का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी वार्ड नंबर 8 के निवासियों को 'कीचड़ युक्त स्मार्ट सड़क' से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति उस वादे के ठीक विपरीत है, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी रोष है।

आमजन जब अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते हैं, तो वे उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर परिषद का कोष खाली है और धन-बजट की कमी के कारण सड़क निर्माण कार्य संभव नहीं है। इस प्रकार, 'स्मार्ट सिटी', 'क्लीन सिटी' और 'नंबर 1 सिटी' होने के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि मुंगावली की हकीकत बिल्कुल अलग है। सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय अशोकनगर और कलेक्टर अशोकनगर का ध्यान आकर्षित करते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आखिर मुंगावली की यह कैसी 'स्मार्ट सिटी' है।
    user_रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    पत्रकार अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शिक्षा और अवसरों में व्याप्त गहरे भेदभाव पर तीखा सवाल उठाते हुए, यह मत व्यक्त किया गया है कि जब बच्चों के लिए शुरुआती परिस्थितियाँ ही असमान हैं तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ की बात क्यों की जाती है। इसमें बताया गया है कि जहाँ एक ओर बच्चे कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं, वहीं दूसरे बच्चे एसी बसों और कारों में आराम से यात्रा करते हैं। यह तर्क दिया गया है कि कुछ बच्चे तमाम अभावों से जूझते हुए उस मुकाम तक पहुँचते हैं, जहाँ से दूसरे बच्चों का सफर शुरू होता है। ऐसी स्थिति में, जब ‘स्टार्टिंग लाइन’ ही अलग-अलग हो, तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ का बखान करना अनुचित है। समान अवसर देने की वकालत करते हुए, यह कहा गया है कि उसके बाद ही ‘समान प्रतियोगिता’ की बात करना न्यायसंगत होगा।
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    शिक्षा और अवसरों में व्याप्त गहरे भेदभाव पर तीखा सवाल उठाते हुए, यह मत व्यक्त किया गया है कि जब बच्चों के लिए शुरुआती परिस्थितियाँ ही असमान हैं तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ की बात क्यों की जाती है। इसमें बताया गया है कि जहाँ एक ओर बच्चे कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं, वहीं दूसरे बच्चे एसी बसों और कारों में आराम से यात्रा करते हैं।

यह तर्क दिया गया है कि कुछ बच्चे तमाम अभावों से जूझते हुए उस मुकाम तक पहुँचते हैं, जहाँ से दूसरे बच्चों का सफर शुरू होता है। ऐसी स्थिति में, जब ‘स्टार्टिंग लाइन’ ही अलग-अलग हो, तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ का बखान करना अनुचित है। समान अवसर देने की वकालत करते हुए, यह कहा गया है कि उसके बाद ही ‘समान प्रतियोगिता’ की बात करना न्यायसंगत होगा।
    user_Hemraj Sahariya
    Hemraj Sahariya
    Taxi Driver राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • रीवा के ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में रामकली रावत नामक एक आदिवासी महिला की मौत को सरकारी सुशासन के खोखले दावों की अर्थी और स्वास्थ्य मंत्री के 'विकास' का काला सच बताया गया है। जिस ज़िले का प्रतिनिधित्व स्वयं 'स्वास्थ्य मंत्री' करते हैं, वहाँ सड़क के अभाव में एक आदिवासी महिला का दम तोड़ना, व्यवस्था की एक शर्मनाक विफलता के रूप में सामने आया है। इस घटना में, 21वीं सदी के भारत में, जहाँ बुलेट ट्रेन और स्मार्ट सिटी के सपने देखे जा रहे हैं, वहाँ एक महिला को 2 किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते पर खाट पर ढोना पड़ा। इस स्थिति को 'सड़क नहीं, मौत का रास्ता' और 'सत्ता का अहंकार' बताया गया है, जो गाँव की गलियों तक नहीं पहुँच पाया। पोस्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जब स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह ज़िले में स्वास्थ्य सुविधाएँ सड़क की मोहताज हों, तो प्रदेश के सुदूर इलाकों में स्थिति क्या होगी, इसकी कल्पना करना भी भयावह है। इसके साथ ही, भाजपा के बड़े मंचों से होने वाली 'आदिवासी गौरव' और 'विकास' की बातों को केवल फोटो खिंचवाने और चुनाव जीतने तक सीमित बताते हुए, रामकली रावत की मौत को उन नारों पर एक ज़ोरदार तमाचा कहा गया है। जनता ने मुख्यमंत्री से भाषण नहीं, बल्कि सड़क की माँग की है, ताकि आदिवासियों को प्रतीकात्मक सम्मान के बजाय जीवन जीने का अधिकार और बुनियादी सुविधाएँ मिल सकें। मांग की गई है कि उन्हें ऐसी सड़क मिले जो अस्पताल से जोड़े, ऐसी एम्बुलेंस जो समय पर पहुँचे, और एक ऐसी व्यवस्था जो इंसान की जान को 'कीचड़' से कीमती समझे। इस घटना को शासन-प्रशासन के माथे पर एक कलंक बताया गया है, जिसे केवल इस्तीफे या जाँच से नहीं, बल्कि ज़मीनी बदलाव से ही धोया जा सकता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि कब तक मौत का यह 'खाट-सफर' जारी रहेगा और जनता जवाब की माँग करती है।
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    रीवा के ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में रामकली रावत नामक एक आदिवासी महिला की मौत को सरकारी सुशासन के खोखले दावों की अर्थी और स्वास्थ्य मंत्री के 'विकास' का काला सच बताया गया है। जिस ज़िले का प्रतिनिधित्व स्वयं 'स्वास्थ्य मंत्री' करते हैं, वहाँ सड़क के अभाव में एक आदिवासी महिला का दम तोड़ना, व्यवस्था की एक शर्मनाक विफलता के रूप में सामने आया है।

इस घटना में, 21वीं सदी के भारत में, जहाँ बुलेट ट्रेन और स्मार्ट सिटी के सपने देखे जा रहे हैं, वहाँ एक महिला को 2 किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते पर खाट पर ढोना पड़ा। इस स्थिति को 'सड़क नहीं, मौत का रास्ता' और 'सत्ता का अहंकार' बताया गया है, जो गाँव की गलियों तक नहीं पहुँच पाया। पोस्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जब स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह ज़िले में स्वास्थ्य सुविधाएँ सड़क की मोहताज हों, तो प्रदेश के सुदूर इलाकों में स्थिति क्या होगी, इसकी कल्पना करना भी भयावह है। इसके साथ ही, भाजपा के बड़े मंचों से होने वाली 'आदिवासी गौरव' और 'विकास' की बातों को केवल फोटो खिंचवाने और चुनाव जीतने तक सीमित बताते हुए, रामकली रावत की मौत को उन नारों पर एक ज़ोरदार तमाचा कहा गया है।

जनता ने मुख्यमंत्री से भाषण नहीं, बल्कि सड़क की माँग की है, ताकि आदिवासियों को प्रतीकात्मक सम्मान के बजाय जीवन जीने का अधिकार और बुनियादी सुविधाएँ मिल सकें। मांग की गई है कि उन्हें ऐसी सड़क मिले जो अस्पताल से जोड़े, ऐसी एम्बुलेंस जो समय पर पहुँचे, और एक ऐसी व्यवस्था जो इंसान की जान को 'कीचड़' से कीमती समझे। इस घटना को शासन-प्रशासन के माथे पर एक कलंक बताया गया है, जिसे केवल इस्तीफे या जाँच से नहीं, बल्कि ज़मीनी बदलाव से ही धोया जा सकता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि कब तक मौत का यह 'खाट-सफर' जारी रहेगा और जनता जवाब की माँग करती है।
    user_Hemraj Sahariya
    Hemraj Sahariya
    Taxi Driver राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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