डॉ. एस.एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा केंद्रों से जुड़े हैं। वे अमीरपुर खेड़ी में अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग शाका केंद्र और भुवाखेड़ी में ओशो आशीष ध्यान केंद्र का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे भुवाखेड़ी में खाटू श्याम गोशाला और गोशाला की पहाड़ी पर स्थित श्री खाटूश्याम मन्दिर से भी संबंधित हैं। डॉ. नागर की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता में एम.ए., बी.एड., आयुर्वेद रत्न (एम.आई.एम.एस.), बी.जे. (एम.सी.) और योग (लिविंग ऑफ साइंस) शामिल हैं। वे विशेष रूप से शिव स्वरोदय विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। भुवाखेड़ी में ब्लयू वर्ड स्वीमिंग पूल भी उपलब्ध है, जहाँ स्नान और ध्यान के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क (अधिकतम 2 घंटे के लिए) निर्धारित है। डॉ. नागर, जिनका संपर्क नंबर 9413006192 है, सृष्टि में अमूल्य योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी देते हैं। वे लोगों से आह्वान करते हैं कि वे एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के लिए लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनें।
डॉ. एस.एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा केंद्रों से जुड़े हैं। वे अमीरपुर खेड़ी में अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग शाका केंद्र और भुवाखेड़ी में ओशो आशीष ध्यान केंद्र का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे भुवाखेड़ी में खाटू श्याम गोशाला और गोशाला की पहाड़ी पर स्थित श्री खाटूश्याम मन्दिर से भी संबंधित हैं। डॉ. नागर की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता में एम.ए., बी.एड., आयुर्वेद रत्न (एम.आई.एम.एस.), बी.जे. (एम.सी.) और योग (लिविंग ऑफ साइंस) शामिल हैं। वे विशेष रूप से शिव स्वरोदय विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। भुवाखेड़ी में ब्लयू वर्ड स्वीमिंग पूल भी उपलब्ध है, जहाँ स्नान और ध्यान के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क (अधिकतम 2 घंटे के लिए) निर्धारित है। डॉ. नागर, जिनका संपर्क नंबर 9413006192 है, सृष्टि में अमूल्य योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी देते हैं। वे लोगों से आह्वान करते हैं कि वे एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के लिए लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनें।
- शिक्षा और अवसरों में व्याप्त गहरे भेदभाव पर तीखा सवाल उठाते हुए, यह मत व्यक्त किया गया है कि जब बच्चों के लिए शुरुआती परिस्थितियाँ ही असमान हैं तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ की बात क्यों की जाती है। इसमें बताया गया है कि जहाँ एक ओर बच्चे कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं, वहीं दूसरे बच्चे एसी बसों और कारों में आराम से यात्रा करते हैं। यह तर्क दिया गया है कि कुछ बच्चे तमाम अभावों से जूझते हुए उस मुकाम तक पहुँचते हैं, जहाँ से दूसरे बच्चों का सफर शुरू होता है। ऐसी स्थिति में, जब ‘स्टार्टिंग लाइन’ ही अलग-अलग हो, तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ का बखान करना अनुचित है। समान अवसर देने की वकालत करते हुए, यह कहा गया है कि उसके बाद ही ‘समान प्रतियोगिता’ की बात करना न्यायसंगत होगा।1
- आज सोमवार सुबह, कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर का दृश्य शांत रहा, जो कल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुड़ी राजनीतिक अटकलों के ठीक विपरीत था। यह स्थिति बारुईपुर में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले के बाद उत्पन्न हुई थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी ने बारुईपुर जाने का प्रयास किया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने अपने घर से निकलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें 'सुरक्षा कारणों' का हवाला देते हुए रोका गया, जिसकी तृणमूल ने शिकायत की है। इस घटना के तुरंत बाद, कालीघाट स्थित उनके घर के सामने अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती देखी गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में गरमागरम चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि, आज सुबह स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में कोई बड़ी पुलिस तैनाती नहीं दिखी और स्थिति सामान्य थी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता और समर्थक उनके आवास के बाहर मौजूद थे। कल की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि ममता बनर्जी को एक विपक्षी नेता के तौर पर बारुईपुर जाने से रोका गया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता दी। बारुईपुर की इस घटना ने राज्य की राजनीतिक हवा को और गर्म कर दिया है, और ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।1
- गुना पुलिस ने धरनावदा में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर पारदी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश चोरी की मोटरसाइकिल पर जहरीली कच्ची शराब की तस्करी कर रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न केवल बाइक चोरी की बात कबूली, बल्कि एक बुजुर्ग दंपती से लूट की सनसनीखेज वारदात का भी खुलासा किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गादेर हाईवे घाट के समीप जंगल में दो युवक पल्सर मोटरसाइकिल पर अवैध कच्ची शराब बेचने के लिए खड़े हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रुहिल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो प्लास्टिक केनों में कुल 62 लीटर अवैध एवं जहरीली कच्ची शराब और वह पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राठौर पारदी (19 वर्ष) निवासी गोकुल सिंह का चक, गुना और रोमी पारदी (23 वर्ष) निवासी बिलाखेड़ी, थाना धरनावदा (हाल निवासी गोकुल सिंह का चक) के रूप में हुई। इनके खिलाफ धरनावदा थाने में आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) एवं 49(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान बरामद मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह बाइक लगभग 10-12 दिन पहले म्याना थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। पुलिस सत्यापन में यह भी पुष्टि हुई कि 20 जून 2026 को खोंकर गांव के पास से चोरी हुई इसी बाइक का मामला पहले से दर्ज था। इसके अलावा, पूछताछ में आरोपियों ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि करीब एक माह पहले उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर बेरखेड़ी गांव के जंगल में बाइक से जा रहे एक बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाया था। उस वारदात में बदमाशों ने महिला के कानों से सोने के टॉप्स, नकदी और दस्तावेजों से भरा पर्स लूट लिया था। इस मामले में भी पहले से धरनावदा थाने में प्रकरण दर्ज था, जिसका अब सफल खुलासा हो गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अवैध शराब तस्करी पर अंकुश लगने के साथ-साथ बाइक चोरी और बुजुर्ग दंपती से लूट जैसे दो गंभीर अपराधों का भी सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। धरनावदा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रुहिल शर्मा सहित पूरी पुलिस टीम की इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही। गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या डायल-112 पर दें।1
- करवरी नाका क्षेत्र स्थित बांझ आमली संरक्षण रिजर्व में हरे पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने सोमवार सुबह 11 बजे बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया और कटाई में इस्तेमाल की जा रहीं सात मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में कटे हुए हरे पेड़ भी पाए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने नाका प्रभारी शिवदयाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने इस प्रकरण की जाँच शुरू कर दी है और अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के दौलतपुरा में 'नारी' के न होने के कारण, स्थानीय लोग विभिन्न कठिनाइयों का सामना नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।1
- RSMSSB राजस्थान CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के लिए आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी SSO ID में जांच करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यह भी सूचित किया गया है कि जिन उम्मीदवारों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अभी तक नहीं हुआ है, वे अपनी SSO ID पर जल्द से जल्द OTR प्रक्रिया पूरी करवा लें।1
- इंदौर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस कैंडल मार्च के माध्यम से, नीट पेपर लीक के कारण कथित तौर पर 'शहीद' हुए एक छात्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- भोपाल में चर्चित ट्विशा हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की जांच में अब गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 28 जून 2026 की रात बदमाशों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित घर में पीछे के हिस्से से प्रवेश किया। जिस हिस्से में चोरी हुई, वहां गिरिबाला सिंह, उनके बेटे समर्थ और परिवार के अन्य सदस्यों के कमरे हैं। बदमाश बड़ी योजना के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, जिसमें कुछ आरोपी घर के भीतर दाखिल हुए, जबकि दो बदमाश बाहर खड़े होकर निगरानी करते रहे। पूर्व जज गिरिबाला सिंह के अनुसार, चोर घर से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। घटना के बाद घर में बिखरा सामान देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाशों ने पूरी तसल्ली से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरों की गतिविधियां कैद हो गईं और ये फुटेज अब पुलिस जांच का सबसे बड़ा आधार बन गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, जिसके बाद जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में कटारा हिल्स थाना, बागसेवनिया थाना और मिसरोद थाना के पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसकी कमान कटारा हिल्स थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आ रही है और यह भी जानकारी मिली है कि भोपाल के एक स्थानीय पारदी व्यक्ति ने इस गिरोह को रेकी और अन्य स्थानीय मदद उपलब्ध कराई थी। पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची है और कई संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने राजधानी भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- ग्राम पंचायत भिंडरा (फतेहगढ़, गुना) में स्कूल मार्ग पर बन रही सीसी रोड पिछले छह महीने से अधूरी पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बारिश शुरू होते ही इस सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे हर दिन कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। दोपहिया वाहन चालक भी फिसलकर घायल हो रहे हैं और छोटे बच्चों के जूते, कपड़े तथा किताबें भी कीचड़ से खराब हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। उन्होंने कई बार पंचायत के सरपंच और सचिव से शिकायत भी की, लेकिन निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है और समय पर सड़क पूरी न होने के कारण बारिश में यह समस्या खड़ी हुई है। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव रामस्वरूप इराक ने स्पष्ट किया है कि यह सीसी रोड पंचायत द्वारा नहीं बनाई जा रही है, बल्कि यह कार्य संबंधित विभाग के अधीन है और इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराया जाएगा। ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती जा रही है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अधूरी सीसी रोड का निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण तत्काल पूरा किया जाए, बारिश के दौरान वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था हो, देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।1