भोपाल में चर्चित ट्विशा हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की जांच में अब गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 28 जून 2026 की रात बदमाशों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित घर में पीछे के हिस्से से प्रवेश किया। जिस हिस्से में चोरी हुई, वहां गिरिबाला सिंह, उनके बेटे समर्थ और परिवार के अन्य सदस्यों के कमरे हैं। बदमाश बड़ी योजना के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, जिसमें कुछ आरोपी घर के भीतर दाखिल हुए, जबकि दो बदमाश बाहर खड़े होकर निगरानी करते रहे। पूर्व जज गिरिबाला सिंह के अनुसार, चोर घर से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। घटना के बाद घर में बिखरा सामान देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाशों ने पूरी तसल्ली से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरों की गतिविधियां कैद हो गईं और ये फुटेज अब पुलिस जांच का सबसे बड़ा आधार बन गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, जिसके बाद जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में कटारा हिल्स थाना, बागसेवनिया थाना और मिसरोद थाना के पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसकी कमान कटारा हिल्स थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आ रही है और यह भी जानकारी मिली है कि भोपाल के एक स्थानीय पारदी व्यक्ति ने इस गिरोह को रेकी और अन्य स्थानीय मदद उपलब्ध कराई थी। पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची है और कई संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने राजधानी भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
भोपाल में चर्चित ट्विशा हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की जांच में अब गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 28 जून 2026 की रात बदमाशों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित घर में पीछे के हिस्से से प्रवेश किया। जिस हिस्से में चोरी हुई, वहां गिरिबाला सिंह, उनके बेटे समर्थ और परिवार के अन्य सदस्यों के कमरे हैं। बदमाश बड़ी योजना के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, जिसमें कुछ आरोपी घर के भीतर दाखिल हुए, जबकि दो बदमाश बाहर खड़े होकर निगरानी करते रहे। पूर्व जज गिरिबाला सिंह के अनुसार, चोर घर से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। घटना के बाद घर में बिखरा सामान देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाशों ने पूरी तसल्ली से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरों की गतिविधियां कैद हो गईं और ये फुटेज अब पुलिस जांच का सबसे बड़ा आधार बन गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, जिसके बाद जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में कटारा हिल्स थाना, बागसेवनिया थाना और मिसरोद थाना के पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसकी कमान कटारा हिल्स थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आ रही है और यह भी जानकारी मिली है कि भोपाल के एक स्थानीय पारदी व्यक्ति ने इस गिरोह को रेकी और अन्य स्थानीय मदद उपलब्ध कराई थी। पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची है और कई संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने राजधानी भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
- गुना पुलिस ने धरनावदा में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर पारदी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश चोरी की मोटरसाइकिल पर जहरीली कच्ची शराब की तस्करी कर रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न केवल बाइक चोरी की बात कबूली, बल्कि एक बुजुर्ग दंपती से लूट की सनसनीखेज वारदात का भी खुलासा किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गादेर हाईवे घाट के समीप जंगल में दो युवक पल्सर मोटरसाइकिल पर अवैध कच्ची शराब बेचने के लिए खड़े हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रुहिल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो प्लास्टिक केनों में कुल 62 लीटर अवैध एवं जहरीली कच्ची शराब और वह पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राठौर पारदी (19 वर्ष) निवासी गोकुल सिंह का चक, गुना और रोमी पारदी (23 वर्ष) निवासी बिलाखेड़ी, थाना धरनावदा (हाल निवासी गोकुल सिंह का चक) के रूप में हुई। इनके खिलाफ धरनावदा थाने में आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) एवं 49(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान बरामद मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह बाइक लगभग 10-12 दिन पहले म्याना थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। पुलिस सत्यापन में यह भी पुष्टि हुई कि 20 जून 2026 को खोंकर गांव के पास से चोरी हुई इसी बाइक का मामला पहले से दर्ज था। इसके अलावा, पूछताछ में आरोपियों ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि करीब एक माह पहले उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर बेरखेड़ी गांव के जंगल में बाइक से जा रहे एक बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाया था। उस वारदात में बदमाशों ने महिला के कानों से सोने के टॉप्स, नकदी और दस्तावेजों से भरा पर्स लूट लिया था। इस मामले में भी पहले से धरनावदा थाने में प्रकरण दर्ज था, जिसका अब सफल खुलासा हो गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अवैध शराब तस्करी पर अंकुश लगने के साथ-साथ बाइक चोरी और बुजुर्ग दंपती से लूट जैसे दो गंभीर अपराधों का भी सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। धरनावदा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रुहिल शर्मा सहित पूरी पुलिस टीम की इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही। गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या डायल-112 पर दें।1
- गुना जिले के नाला पीपल मंडी स्थित 1/44 हजूरी भवन के पीछे वाली गली में सीवेज लाइन से लगातार गंदगी सड़क पर बाहर निकल रही है। इस लीकेज के कारण राहगीरों को वहां से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।1
- बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार1
- गुना जिले के कुंभराज, मृगवास थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले एक युवक के शव के मामले का गुना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल का खुलासा हुआ। मृतक की पहचान ग्राम खजूरिया निवासी आजाद सिंह उर्फ नैना (28) पिता रंगलाल गुर्जर के रूप में हुई थी, जिसका शव 2 जुलाई को ग्राम बांसाहेड़ा स्थित फीडर के समीप सड़क किनारे मिला था। शव के गले में तौलिया लिपटा होने के कारण पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका व्यक्त की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी विश्लेषण और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक एक स्थानीय कलारी पर काम करता था और घटना वाली रात उसका दो युवकों से विवाद हुआ था। पुलिस ने कलारी के बाहर हुए डिजिटल फोन-पे पेमेंट के आधार पर दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक के पिता रंगलाल गुर्जर, जो गांव के चौकीदार हैं, ने उनकी रेंज भूमि पर अवैध खेती किए जाने की सूचना वन विभाग को दी थी, जिससे वे उस भूमि पर खेती और मक्के की बोवनी नहीं कर पाए। इसी रंजिश के चलते घटना वाले दिन कलारी के बाहर कहासुनी हुई और बाद में दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से तौलिये से गला घोंटकर आजाद सिंह की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले पर दबाव डालने से श्वासावरोध के कारण मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृगवास थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 76/2026 में धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत ग्राम बांसाहेड़ा कला निवासी रामप्रसाद लोधा (34) एवं वीरम लोधा (32) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है और आरोपियों से घटनास्थल पर वारदात का पुनर्निर्माण भी कराया गया है। इस कार्रवाई में मृगवास थाना पुलिस, कुम्भराज, चांचौड़ा, बीनागंज, सानई और बांसाहेड़ा चौकी के पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- आज रूठियाई (राघौगढ़) की पावन धरा पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी राघौगढ़ एवं मंडल कांग्रेस कमेटी रूठियाई द्वारा राम मंदिर के नाम पर हुई 'चंदा चोरी' के विरुद्ध एक उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने राम मंदिर की आस्था को कलंकित करने वाले इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराते हुए, उनके पुतले का दहन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसका कार्यकर्ता हर गलत कार्य के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह आदरणीय राजा साहब और बाबा साहब के नेतृत्व में इस लड़ाई को तब तक जारी रखेगी, जब तक इन 'चंदा चोरों' का पूरी तरह से पर्दाफाश नहीं हो जाता।1
- हरनावदाशाहजी कस्बे में नई कॉलोनी से सटी बेशकीमती चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। ग्राम पंचायत ने इस भूमि पर कब्जे जमाने की नीयत से डाले गए पत्थरों के ढेर जब्त कर बड़े भूभाग को खाली करवाया है। अब इस जगह पर सीमांकन करवाकर पौधारोपण के साथ एक बढ़िया गार्डन विकसित करने की योजना है। उपसरपंच संजय पारेता ने बताया कि नई कॉलोनी के पास, बिजली ऑफिस के पीछे स्थित इस बड़े भूभाग पर अतिक्रमियों की नज़र थी। उन्होंने कब्जे जमाने के उद्देश्य से जगह-जगह पत्थर डाल दिए थे। तहसील प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत ने दो दिन पहले कार्रवाई शुरू की और जेसीबी की मदद से सभी अतिक्रमण हटाते हुए पत्थरों को जब्त कर पुलिस थाने के पीछे डलवा दिया। ग्राम पंचायत ने अतिक्रमियों को आगाह किया है कि वे भविष्य में इस जगह पर अतिक्रमण का कोई प्रयास न करें।3
- छिपाबड़ौद के आखाखेड़ी स्थित बालाजी योग केंद्र में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का आयोजन किया गया।1
- भोपाल में चर्चित ट्विशा हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की जांच में अब गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 28 जून 2026 की रात बदमाशों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित घर में पीछे के हिस्से से प्रवेश किया। जिस हिस्से में चोरी हुई, वहां गिरिबाला सिंह, उनके बेटे समर्थ और परिवार के अन्य सदस्यों के कमरे हैं। बदमाश बड़ी योजना के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, जिसमें कुछ आरोपी घर के भीतर दाखिल हुए, जबकि दो बदमाश बाहर खड़े होकर निगरानी करते रहे। पूर्व जज गिरिबाला सिंह के अनुसार, चोर घर से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। घटना के बाद घर में बिखरा सामान देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाशों ने पूरी तसल्ली से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरों की गतिविधियां कैद हो गईं और ये फुटेज अब पुलिस जांच का सबसे बड़ा आधार बन गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई, जिसके बाद जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में कटारा हिल्स थाना, बागसेवनिया थाना और मिसरोद थाना के पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसकी कमान कटारा हिल्स थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में गुना के एक पारदी गिरोह की भूमिका सामने आ रही है और यह भी जानकारी मिली है कि भोपाल के एक स्थानीय पारदी व्यक्ति ने इस गिरोह को रेकी और अन्य स्थानीय मदद उपलब्ध कराई थी। पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची है और कई संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने राजधानी भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1