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गुना जिले के नाला पीपल मंडी स्थित 1/44 हजूरी भवन के पीछे वाली गली में सीवेज लाइन से लगातार गंदगी सड़क पर बाहर निकल रही है। इस लीकेज के कारण राहगीरों को वहां से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।
Ashok Sailor
गुना जिले के नाला पीपल मंडी स्थित 1/44 हजूरी भवन के पीछे वाली गली में सीवेज लाइन से लगातार गंदगी सड़क पर बाहर निकल रही है। इस लीकेज के कारण राहगीरों को वहां से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।
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- गुना जिले के नाला पीपल मंडी स्थित 1/44 हजूरी भवन के पीछे वाली गली में सीवेज लाइन से लगातार गंदगी सड़क पर बाहर निकल रही है। इस लीकेज के कारण राहगीरों को वहां से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।1
- बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार1
- गुना जिले के कुंभराज, मृगवास थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले एक युवक के शव के मामले का गुना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल का खुलासा हुआ। मृतक की पहचान ग्राम खजूरिया निवासी आजाद सिंह उर्फ नैना (28) पिता रंगलाल गुर्जर के रूप में हुई थी, जिसका शव 2 जुलाई को ग्राम बांसाहेड़ा स्थित फीडर के समीप सड़क किनारे मिला था। शव के गले में तौलिया लिपटा होने के कारण पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका व्यक्त की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी विश्लेषण और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक एक स्थानीय कलारी पर काम करता था और घटना वाली रात उसका दो युवकों से विवाद हुआ था। पुलिस ने कलारी के बाहर हुए डिजिटल फोन-पे पेमेंट के आधार पर दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक के पिता रंगलाल गुर्जर, जो गांव के चौकीदार हैं, ने उनकी रेंज भूमि पर अवैध खेती किए जाने की सूचना वन विभाग को दी थी, जिससे वे उस भूमि पर खेती और मक्के की बोवनी नहीं कर पाए। इसी रंजिश के चलते घटना वाले दिन कलारी के बाहर कहासुनी हुई और बाद में दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से तौलिये से गला घोंटकर आजाद सिंह की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले पर दबाव डालने से श्वासावरोध के कारण मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृगवास थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 76/2026 में धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत ग्राम बांसाहेड़ा कला निवासी रामप्रसाद लोधा (34) एवं वीरम लोधा (32) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है और आरोपियों से घटनास्थल पर वारदात का पुनर्निर्माण भी कराया गया है। इस कार्रवाई में मृगवास थाना पुलिस, कुम्भराज, चांचौड़ा, बीनागंज, सानई और बांसाहेड़ा चौकी के पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हमीरपुर में पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सोमवार को गांव के करीब 90 से 100 ग्रामीण फतेहगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर भैंस चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और विशेष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में एक अज्ञात व्यक्ति सुनियोजित तरीके से इन चोरियों को अंजाम दे रहा है, जिससे उनकी नींद हराम हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में गांव और आसपास के इलाकों से लगभग 70 से 80 भैंसें चोरी हो चुकी हैं। पशुपालकों का दावा है कि चोरी की गई इन भैंसों को राजस्थान में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति पर उन्हें संदेह है, वह हथियार लेकर चलता है, जिससे ग्रामीण अपनी सुरक्षा के डर से उसका सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पशुपालकों को अब रातभर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी उन्हें हर रात चोरी का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो पशुपालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता से जांच करने, चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और गांव व आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब हमीरपुर के ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पशुपालकों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और गांव में असुरक्षा का माहौल और भी गहरा जाएगा, जिससे उनकी रोजी-रोटी उजड़ जाएगी।2
- जयस के संस्थापक विक्रम दादा ने चेतर भाई वसवा जी के समर्थन में मंच पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर, विक्रम दादा ने यह उम्मीद जताई कि यदि विलेश भाई खराड़ी या कोई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता जेल जाता है, तो सभी को मिलकर एक साथ आवाज़ उठानी चाहिए।1
- हरनावदाशाहजी कस्बे में नई कॉलोनी से सटी बेशकीमती चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। ग्राम पंचायत ने इस भूमि पर कब्जे जमाने की नीयत से डाले गए पत्थरों के ढेर जब्त कर बड़े भूभाग को खाली करवाया है। अब इस जगह पर सीमांकन करवाकर पौधारोपण के साथ एक बढ़िया गार्डन विकसित करने की योजना है। उपसरपंच संजय पारेता ने बताया कि नई कॉलोनी के पास, बिजली ऑफिस के पीछे स्थित इस बड़े भूभाग पर अतिक्रमियों की नज़र थी। उन्होंने कब्जे जमाने के उद्देश्य से जगह-जगह पत्थर डाल दिए थे। तहसील प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत ने दो दिन पहले कार्रवाई शुरू की और जेसीबी की मदद से सभी अतिक्रमण हटाते हुए पत्थरों को जब्त कर पुलिस थाने के पीछे डलवा दिया। ग्राम पंचायत ने अतिक्रमियों को आगाह किया है कि वे भविष्य में इस जगह पर अतिक्रमण का कोई प्रयास न करें।3
- छिपाबड़ौद के आखाखेड़ी स्थित बालाजी योग केंद्र में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का आयोजन किया गया।1
- सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुना यातायात पुलिस ने शनिवार को बजरंगगढ़ बायपास पर एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर में प्रवेश करने वाले भारी मालवाहक वाहनों के चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से गहन जांच की गई, ताकि कोई भी चालक शराब या अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाकर शहर में प्रवेश न कर सके। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन तथा डीएसपी यातायात मुकेश कुमार दीक्षित के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया गया। दरअसल, कुछ माह पूर्व इसी बायपास मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों से कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने इस मार्ग पर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। बाद में व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, व्यवस्था में संशोधन कर प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति दी गई। शनिवार को इसी निर्धारित समय के दौरान लगभग 15 से 20 ट्रकों और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। राहत की बात यह रही कि जांच में सभी चालक सामान्य पाए गए और कोई भी चालक शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाते हुए नहीं मिला। अभियान के दौरान, यातायात पुलिस ने शहर की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जगत तिराहा क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े चार पहिया वाहनों पर भी कार्रवाई की। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों में व्हील लॉक लगाए गए और मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की सख्त समझाइश दी गई। गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन न करें, यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें। पुलिस ने जोर देकर कहा कि नागरिकों की जिम्मेदारी और सतर्कता ही सुरक्षित, सुगम एवं दुर्घटना-मुक्त यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत आधारशिला है।1