गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हमीरपुर में पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सोमवार को गांव के करीब 90 से 100 ग्रामीण फतेहगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर भैंस चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और विशेष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में एक अज्ञात व्यक्ति सुनियोजित तरीके से इन चोरियों को अंजाम दे रहा है, जिससे उनकी नींद हराम हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में गांव और आसपास के इलाकों से लगभग 70 से 80 भैंसें चोरी हो चुकी हैं। पशुपालकों का दावा है कि चोरी की गई इन भैंसों को राजस्थान में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति पर उन्हें संदेह है, वह हथियार लेकर चलता है, जिससे ग्रामीण अपनी सुरक्षा के डर से उसका सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पशुपालकों को अब रातभर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी उन्हें हर रात चोरी का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो पशुपालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता से जांच करने, चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और गांव व आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब हमीरपुर के ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पशुपालकों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और गांव में असुरक्षा का माहौल और भी गहरा जाएगा, जिससे उनकी रोजी-रोटी उजड़ जाएगी।
गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हमीरपुर में पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सोमवार को गांव के करीब 90 से 100 ग्रामीण फतेहगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर भैंस चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और विशेष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में एक अज्ञात व्यक्ति सुनियोजित तरीके से इन चोरियों को अंजाम दे रहा है, जिससे उनकी नींद हराम हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में गांव और आसपास के इलाकों से लगभग 70 से 80 भैंसें चोरी हो चुकी हैं। पशुपालकों का दावा है कि चोरी की गई इन भैंसों को राजस्थान में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति पर उन्हें संदेह है, वह हथियार लेकर चलता है, जिससे ग्रामीण अपनी सुरक्षा
के डर से उसका सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पशुपालकों को अब रातभर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी उन्हें हर रात चोरी का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो पशुपालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता से जांच करने, चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और गांव व आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब हमीरपुर के ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पशुपालकों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और गांव में असुरक्षा का माहौल और भी गहरा जाएगा, जिससे उनकी रोजी-रोटी उजड़ जाएगी।
- गुना जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत म्याना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम पाटई में एक खेत के पीछे उगाई जा रही 10.450 किलोग्राम गांजे की 'हरी मौत' के चार पौधों का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को 4 जुलाई को कॉम्बिंग गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पाटई निवासी दशरथ सिंह पुत्र तोरन सिंह पाल (45 वर्ष) ने अपने घर के पीछे खेत में गांजे के पौधे उगा रखे हैं। इस सूचना पर म्याना थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खेत की तलाशी ली, जहाँ चार हरे-भरे गांजे के पौधे पाए गए। इन पौधों का कुल वजन 10.450 किलोग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के पौधों को जब्त कर आरोपी दशरथ सिंह पाल को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ म्याना थाना में अपराध क्रमांक 170/26 के तहत धारा 8/20(ए) एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। यह पूरी कार्रवाई गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में की गई। इसमें थाना प्रभारी निरीक्षक बजमोहन सिंह भदौरिया, उमरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बुंदेल सिंह सुनेरिया सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- गुना जिले के नाला पीपल मंडी स्थित 1/44 हजूरी भवन के पीछे वाली गली में सीवेज लाइन से लगातार गंदगी सड़क पर बाहर निकल रही है। इस लीकेज के कारण राहगीरों को वहां से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।1
- बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार1
- गुना जिले के कुंभराज, मृगवास थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले एक युवक के शव के मामले का गुना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल का खुलासा हुआ। मृतक की पहचान ग्राम खजूरिया निवासी आजाद सिंह उर्फ नैना (28) पिता रंगलाल गुर्जर के रूप में हुई थी, जिसका शव 2 जुलाई को ग्राम बांसाहेड़ा स्थित फीडर के समीप सड़क किनारे मिला था। शव के गले में तौलिया लिपटा होने के कारण पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका व्यक्त की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी विश्लेषण और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक एक स्थानीय कलारी पर काम करता था और घटना वाली रात उसका दो युवकों से विवाद हुआ था। पुलिस ने कलारी के बाहर हुए डिजिटल फोन-पे पेमेंट के आधार पर दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि मृतक के पिता रंगलाल गुर्जर, जो गांव के चौकीदार हैं, ने उनकी रेंज भूमि पर अवैध खेती किए जाने की सूचना वन विभाग को दी थी, जिससे वे उस भूमि पर खेती और मक्के की बोवनी नहीं कर पाए। इसी रंजिश के चलते घटना वाले दिन कलारी के बाहर कहासुनी हुई और बाद में दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से तौलिये से गला घोंटकर आजाद सिंह की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले पर दबाव डालने से श्वासावरोध के कारण मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृगवास थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 76/2026 में धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत ग्राम बांसाहेड़ा कला निवासी रामप्रसाद लोधा (34) एवं वीरम लोधा (32) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है और आरोपियों से घटनास्थल पर वारदात का पुनर्निर्माण भी कराया गया है। इस कार्रवाई में मृगवास थाना पुलिस, कुम्भराज, चांचौड़ा, बीनागंज, सानई और बांसाहेड़ा चौकी के पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- आज रूठियाई (राघौगढ़) की पावन धरा पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी राघौगढ़ एवं मंडल कांग्रेस कमेटी रूठियाई द्वारा राम मंदिर के नाम पर हुई 'चंदा चोरी' के विरुद्ध एक उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने राम मंदिर की आस्था को कलंकित करने वाले इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराते हुए, उनके पुतले का दहन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसका कार्यकर्ता हर गलत कार्य के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह आदरणीय राजा साहब और बाबा साहब के नेतृत्व में इस लड़ाई को तब तक जारी रखेगी, जब तक इन 'चंदा चोरों' का पूरी तरह से पर्दाफाश नहीं हो जाता।1
- हरनावदाशाहजी कस्बे में नई कॉलोनी से सटी बेशकीमती चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। ग्राम पंचायत ने इस भूमि पर कब्जे जमाने की नीयत से डाले गए पत्थरों के ढेर जब्त कर बड़े भूभाग को खाली करवाया है। अब इस जगह पर सीमांकन करवाकर पौधारोपण के साथ एक बढ़िया गार्डन विकसित करने की योजना है। उपसरपंच संजय पारेता ने बताया कि नई कॉलोनी के पास, बिजली ऑफिस के पीछे स्थित इस बड़े भूभाग पर अतिक्रमियों की नज़र थी। उन्होंने कब्जे जमाने के उद्देश्य से जगह-जगह पत्थर डाल दिए थे। तहसील प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत ने दो दिन पहले कार्रवाई शुरू की और जेसीबी की मदद से सभी अतिक्रमण हटाते हुए पत्थरों को जब्त कर पुलिस थाने के पीछे डलवा दिया। ग्राम पंचायत ने अतिक्रमियों को आगाह किया है कि वे भविष्य में इस जगह पर अतिक्रमण का कोई प्रयास न करें।3
- छिपाबड़ौद के आखाखेड़ी स्थित बालाजी योग केंद्र में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का आयोजन किया गया।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हमीरपुर में पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सोमवार को गांव के करीब 90 से 100 ग्रामीण फतेहगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर भैंस चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और विशेष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में एक अज्ञात व्यक्ति सुनियोजित तरीके से इन चोरियों को अंजाम दे रहा है, जिससे उनकी नींद हराम हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में गांव और आसपास के इलाकों से लगभग 70 से 80 भैंसें चोरी हो चुकी हैं। पशुपालकों का दावा है कि चोरी की गई इन भैंसों को राजस्थान में बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति पर उन्हें संदेह है, वह हथियार लेकर चलता है, जिससे ग्रामीण अपनी सुरक्षा के डर से उसका सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पशुपालकों को अब रातभर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी उन्हें हर रात चोरी का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो पशुपालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता से जांच करने, चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और गांव व आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। अब हमीरपुर के ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पशुपालकों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और गांव में असुरक्षा का माहौल और भी गहरा जाएगा, जिससे उनकी रोजी-रोटी उजड़ जाएगी।2