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RSMSSB राजस्थान CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के लिए आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी SSO ID में जांच करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यह भी सूचित किया गया है कि जिन उम्मीदवारों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अभी तक नहीं हुआ है, वे अपनी SSO ID पर जल्द से जल्द OTR प्रक्रिया पूरी करवा लें।

19 hrs ago
user_छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
Computer consultant छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
19 hrs ago

RSMSSB राजस्थान CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के लिए आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी SSO ID में जांच करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यह भी सूचित किया गया है कि जिन उम्मीदवारों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अभी तक नहीं हुआ है, वे अपनी SSO ID पर जल्द से जल्द OTR प्रक्रिया पूरी करवा लें।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • शिक्षा और अवसरों में व्याप्त गहरे भेदभाव पर तीखा सवाल उठाते हुए, यह मत व्यक्त किया गया है कि जब बच्चों के लिए शुरुआती परिस्थितियाँ ही असमान हैं तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ की बात क्यों की जाती है। इसमें बताया गया है कि जहाँ एक ओर बच्चे कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं, वहीं दूसरे बच्चे एसी बसों और कारों में आराम से यात्रा करते हैं। यह तर्क दिया गया है कि कुछ बच्चे तमाम अभावों से जूझते हुए उस मुकाम तक पहुँचते हैं, जहाँ से दूसरे बच्चों का सफर शुरू होता है। ऐसी स्थिति में, जब ‘स्टार्टिंग लाइन’ ही अलग-अलग हो, तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ का बखान करना अनुचित है। समान अवसर देने की वकालत करते हुए, यह कहा गया है कि उसके बाद ही ‘समान प्रतियोगिता’ की बात करना न्यायसंगत होगा।
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    शिक्षा और अवसरों में व्याप्त गहरे भेदभाव पर तीखा सवाल उठाते हुए, यह मत व्यक्त किया गया है कि जब बच्चों के लिए शुरुआती परिस्थितियाँ ही असमान हैं तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ की बात क्यों की जाती है। इसमें बताया गया है कि जहाँ एक ओर बच्चे कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं, वहीं दूसरे बच्चे एसी बसों और कारों में आराम से यात्रा करते हैं।

यह तर्क दिया गया है कि कुछ बच्चे तमाम अभावों से जूझते हुए उस मुकाम तक पहुँचते हैं, जहाँ से दूसरे बच्चों का सफर शुरू होता है। ऐसी स्थिति में, जब ‘स्टार्टिंग लाइन’ ही अलग-अलग हो, तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ का बखान करना अनुचित है। समान अवसर देने की वकालत करते हुए, यह कहा गया है कि उसके बाद ही ‘समान प्रतियोगिता’ की बात करना न्यायसंगत होगा।
    user_Hemraj Sahariya
    Hemraj Sahariya
    Taxi Driver राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • आज सोमवार सुबह, कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर का दृश्य शांत रहा, जो कल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुड़ी राजनीतिक अटकलों के ठीक विपरीत था। यह स्थिति बारुईपुर में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले के बाद उत्पन्न हुई थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी ने बारुईपुर जाने का प्रयास किया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने अपने घर से निकलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें 'सुरक्षा कारणों' का हवाला देते हुए रोका गया, जिसकी तृणमूल ने शिकायत की है। इस घटना के तुरंत बाद, कालीघाट स्थित उनके घर के सामने अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती देखी गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में गरमागरम चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि, आज सुबह स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में कोई बड़ी पुलिस तैनाती नहीं दिखी और स्थिति सामान्य थी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता और समर्थक उनके आवास के बाहर मौजूद थे। कल की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि ममता बनर्जी को एक विपक्षी नेता के तौर पर बारुईपुर जाने से रोका गया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता दी। बारुईपुर की इस घटना ने राज्य की राजनीतिक हवा को और गर्म कर दिया है, और ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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    आज सोमवार सुबह, कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर का दृश्य शांत रहा, जो कल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुड़ी राजनीतिक अटकलों के ठीक विपरीत था। यह स्थिति बारुईपुर में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले के बाद उत्पन्न हुई थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी ने बारुईपुर जाने का प्रयास किया था।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने अपने घर से निकलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें 'सुरक्षा कारणों' का हवाला देते हुए रोका गया, जिसकी तृणमूल ने शिकायत की है। इस घटना के तुरंत बाद, कालीघाट स्थित उनके घर के सामने अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती देखी गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में गरमागरम चर्चा शुरू हो गई थी।

हालांकि, आज सुबह स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में कोई बड़ी पुलिस तैनाती नहीं दिखी और स्थिति सामान्य थी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता और समर्थक उनके आवास के बाहर मौजूद थे। कल की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि ममता बनर्जी को एक विपक्षी नेता के तौर पर बारुईपुर जाने से रोका गया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता दी। बारुईपुर की इस घटना ने राज्य की राजनीतिक हवा को और गर्म कर दिया है, और ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
    user_JONOMON KHOBOR
    JONOMON KHOBOR
    Guna, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • भारतीय किसान संघ की रायपुर तहसील इकाई की मासिक बैठक झाला कल्याण वर्मी कंपोस्ट डावल में तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से परंपरागत खेती और जैविक खेती से संबंधित जानकारियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक का संचालन तहसील मंत्री बालचंद दांगी ने किया। बैठक के दौरान भारतीय किसान संघ के संभाग सह मंत्री मुकेश मेहर ने बताया कि परंपरागत खेती केवल अनाज उगाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है। खेत में शारीरिक श्रम जैसे जुताई, बुवाई और निराई प्राकृतिक व्यायाम का काम करते हैं, जिससे मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग दूर रहते हैं, साथ ही रासायनिक खाद मुक्त ताज़ा उपज शरीर को संपूर्ण पोषण देती है। झाला कल्याण वर्मी कंपोस्ट के संचालक राजेंद्र सिंह झाला ने केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के लाभ समझाए, बताते हुए कि यह केंचुओं द्वारा जैविक कचरे को खाकर निकली मल है, जो पौधों के लिए अत्यंत पौष्टिक जैविक उर्वरक है और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता, जल धारण क्षमता व पैदावार में वृद्धि करता है। कृषि सुपरवाइजर अरविंद पाटीदार ने जीवामृत की जानकारी दी, जिसे प्राकृतिक खेती में उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाकर उर्वरता सुधारता है, पौधों को पोषक तत्व देता है, और घर पर आसानी से जैविक कीटनाशक बनाने की विधि भी बताई, जिससे फसलों को रसायनों के बिना कीटों से बचाया जा सकता है। जिला मंडी विपणन प्रमुख कैलाश सेन ने ग्राम समिति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उसके 11 प्रमुख दायित्वों की जानकारी दी और हर माह बैठक करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस बैठक में बालमुकुंद गुर्जर, योगेंद्र पाटीदार, बंकट सुथार, भेरूलाल पाटीदार, शंकर लाल, भूपेंद्र पाटीदार, रामगोपाल, श्याम सुंदर, पूरीलाल प्रजापत, बापूलाल, जगदीश, पूनमचंद, बालमुकुंद शर्मा, कोमल पाटीदार, बालचंद भंडार, जानकीलाल सहित कई किसान बंधु और कृषि विभाग की टीम मौजूद थी। बैठक का निष्कर्ष यह रहा कि परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
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    भारतीय किसान संघ की रायपुर तहसील इकाई की मासिक बैठक झाला कल्याण वर्मी कंपोस्ट डावल में तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से परंपरागत खेती और जैविक खेती से संबंधित जानकारियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक का संचालन तहसील मंत्री बालचंद दांगी ने किया।

बैठक के दौरान भारतीय किसान संघ के संभाग सह मंत्री मुकेश मेहर ने बताया कि परंपरागत खेती केवल अनाज उगाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है। खेत में शारीरिक श्रम जैसे जुताई, बुवाई और निराई प्राकृतिक व्यायाम का काम करते हैं, जिससे मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग दूर रहते हैं, साथ ही रासायनिक खाद मुक्त ताज़ा उपज शरीर को संपूर्ण पोषण देती है। झाला कल्याण वर्मी कंपोस्ट के संचालक राजेंद्र सिंह झाला ने केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के लाभ समझाए, बताते हुए कि यह केंचुओं द्वारा जैविक कचरे को खाकर निकली मल है, जो पौधों के लिए अत्यंत पौष्टिक जैविक उर्वरक है और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता, जल धारण क्षमता व पैदावार में वृद्धि करता है। कृषि सुपरवाइजर अरविंद पाटीदार ने जीवामृत की जानकारी दी, जिसे प्राकृतिक खेती में उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाकर उर्वरता सुधारता है, पौधों को पोषक तत्व देता है, और घर पर आसानी से जैविक कीटनाशक बनाने की विधि भी बताई, जिससे फसलों को रसायनों के बिना कीटों से बचाया जा सकता है। जिला मंडी विपणन प्रमुख कैलाश सेन ने ग्राम समिति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उसके 11 प्रमुख दायित्वों की जानकारी दी और हर माह बैठक करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस बैठक में बालमुकुंद गुर्जर, योगेंद्र पाटीदार, बंकट सुथार, भेरूलाल पाटीदार, शंकर लाल, भूपेंद्र पाटीदार, रामगोपाल, श्याम सुंदर, पूरीलाल प्रजापत, बापूलाल, जगदीश, पूनमचंद, बालमुकुंद शर्मा, कोमल पाटीदार, बालचंद भंडार, जानकीलाल सहित कई किसान बंधु और कृषि विभाग की टीम मौजूद थी। बैठक का निष्कर्ष यह रहा कि परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
    user_Mukesh Mehar
    Mukesh Mehar
    Farmer रायपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    17 min ago
  • मध्य प्रदेश के दौलतपुरा में 'नारी' के न होने के कारण, स्थानीय लोग विभिन्न कठिनाइयों का सामना नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
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    मध्य प्रदेश के दौलतपुरा में 'नारी' के न होने के कारण, स्थानीय लोग विभिन्न कठिनाइयों का सामना नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
    user_Hemraj Dangi
    Hemraj Dangi
    Mechanic जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • RSMSSB राजस्थान CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के लिए आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी SSO ID में जांच करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यह भी सूचित किया गया है कि जिन उम्मीदवारों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अभी तक नहीं हुआ है, वे अपनी SSO ID पर जल्द से जल्द OTR प्रक्रिया पूरी करवा लें।
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    RSMSSB राजस्थान CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के लिए आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी SSO ID में जांच करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यह भी सूचित किया गया है कि जिन उम्मीदवारों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अभी तक नहीं हुआ है, वे अपनी SSO ID पर जल्द से जल्द OTR प्रक्रिया पूरी करवा लें।
    user_छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    Computer consultant छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • इंदौर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस कैंडल मार्च के माध्यम से, नीट पेपर लीक के कारण कथित तौर पर 'शहीद' हुए एक छात्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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    इंदौर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस कैंडल मार्च के माध्यम से, नीट पेपर लीक के कारण कथित तौर पर 'शहीद' हुए एक छात्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
    user_Hemraj Sahariya
    Hemraj Sahariya
    Taxi Driver राघोगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश पुलिस के राज्य स्तरीय विशेष साइबर जन-जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0" के तहत गुना पुलिस ने सोमवार को एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने पुलिस कार्यालय परिसर से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में इस रथ को रवाना किया। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाना और उन्हें डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना है। यह साइबर जागरूकता रथ गुना शहर के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस दौरान नागरिकों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, OTP शेयरिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, फिशिंग लिंक और QR कोड स्कैम सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए जाएँगे। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने इस अवसर पर कहा कि बदलते समय में साइबर अपराधों की प्रकृति लगातार बदल रही है, इसलिए जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचकर उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने, साइबर अपराधियों की नई-नई चालों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन, डीएसपी यातायात मुकेश कुमार दीक्षित, प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक आनंद राय, रक्षित निरीक्षक पूजा उपाध्याय, यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह, रेडियो प्रभारी निरीक्षक विकास उपाध्याय और सूबेदार स्मृति दोहरे सहित कई पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, QR कोड या OTP साझा करने के अनुरोध पर विश्वास न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर निकटतम पुलिस से संपर्क करें। इस अभियान का संदेश है: "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन; साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग की सबसे बड़ी सुरक्षा है।"
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    मध्य प्रदेश पुलिस के राज्य स्तरीय विशेष साइबर जन-जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0" के तहत गुना पुलिस ने सोमवार को एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने पुलिस कार्यालय परिसर से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में इस रथ को रवाना किया। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाना और उन्हें डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना है।

यह साइबर जागरूकता रथ गुना शहर के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस दौरान नागरिकों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, OTP शेयरिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, फिशिंग लिंक और QR कोड स्कैम सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए जाएँगे।

पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने इस अवसर पर कहा कि बदलते समय में साइबर अपराधों की प्रकृति लगातार बदल रही है, इसलिए जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचकर उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने, साइबर अपराधियों की नई-नई चालों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन, डीएसपी यातायात मुकेश कुमार दीक्षित, प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक आनंद राय, रक्षित निरीक्षक पूजा उपाध्याय, यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह, रेडियो प्रभारी निरीक्षक विकास उपाध्याय और सूबेदार स्मृति दोहरे सहित कई पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, QR कोड या OTP साझा करने के अनुरोध पर विश्वास न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर निकटतम पुलिस से संपर्क करें। इस अभियान का संदेश है: "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन; साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग की सबसे बड़ी सुरक्षा है।"
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गुजरात के भावनगर जिले की पालिताणा तहसील के गरजीया गाँव में सोमवार को एक शेर के हमले से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, एक पशुपालक अपने मवेशियों को गाँव के बाहरी क्षेत्र में चरा रहा था, तभी झाड़ियों में छिपे शेर ने उस पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शेर ने अचानक छलांग लगाकर पशुपालक को दबोच लिया। गंभीर स्थिति के बावजूद, घायल ने हिम्मत दिखाते हुए ज़ोर-ज़ोर से शोर मचाया। उसकी आवाज़ सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुँचे, जिसके बाद शेर जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में पशुपालक शेर के पंजों और दांतों से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया है। वहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और पिंजरे तथा रेस्क्यू उपकरणों के साथ आसपास के जंगल व खेतों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। शेर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए उसके पैरों के निशानों की जांच की जा रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजा जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र, खासकर गिर राष्ट्रीय उद्यान से सटे इलाकों में हाल के वर्षों में शेरों की आवाजाही मानव बस्तियों और कृषि क्षेत्रों तक बढ़ी है, जिसके चलते वन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने और जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील करता रहा है।
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    गुजरात के भावनगर जिले की पालिताणा तहसील के गरजीया गाँव में सोमवार को एक शेर के हमले से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, एक पशुपालक अपने मवेशियों को गाँव के बाहरी क्षेत्र में चरा रहा था, तभी झाड़ियों में छिपे शेर ने उस पर अचानक हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शेर ने अचानक छलांग लगाकर पशुपालक को दबोच लिया। गंभीर स्थिति के बावजूद, घायल ने हिम्मत दिखाते हुए ज़ोर-ज़ोर से शोर मचाया। उसकी आवाज़ सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुँचे, जिसके बाद शेर जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में पशुपालक शेर के पंजों और दांतों से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया है। वहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और पिंजरे तथा रेस्क्यू उपकरणों के साथ आसपास के जंगल व खेतों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। शेर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए उसके पैरों के निशानों की जांच की जा रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजा जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र, खासकर गिर राष्ट्रीय उद्यान से सटे इलाकों में हाल के वर्षों में शेरों की आवाजाही मानव बस्तियों और कृषि क्षेत्रों तक बढ़ी है, जिसके चलते वन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने और जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील करता रहा है।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    14 min ago
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