गुजरात के भावनगर जिले की पालिताणा तहसील के गरजीया गाँव में सोमवार को एक शेर के हमले से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, एक पशुपालक अपने मवेशियों को गाँव के बाहरी क्षेत्र में चरा रहा था, तभी झाड़ियों में छिपे शेर ने उस पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शेर ने अचानक छलांग लगाकर पशुपालक को दबोच लिया। गंभीर स्थिति के बावजूद, घायल ने हिम्मत दिखाते हुए ज़ोर-ज़ोर से शोर मचाया। उसकी आवाज़ सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुँचे, जिसके बाद शेर जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में पशुपालक शेर के पंजों और दांतों से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया है। वहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और पिंजरे तथा रेस्क्यू उपकरणों के साथ आसपास के जंगल व खेतों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। शेर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए उसके पैरों के निशानों की जांच की जा रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजा जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र, खासकर गिर राष्ट्रीय उद्यान से सटे इलाकों में हाल के वर्षों में शेरों की आवाजाही मानव बस्तियों और कृषि क्षेत्रों तक बढ़ी है, जिसके चलते वन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने और जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील करता रहा है।
गुजरात के भावनगर जिले की पालिताणा तहसील के गरजीया गाँव में सोमवार को एक शेर के हमले से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, एक पशुपालक अपने मवेशियों को गाँव के बाहरी क्षेत्र में चरा रहा था, तभी झाड़ियों में छिपे शेर ने उस पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शेर ने अचानक छलांग लगाकर पशुपालक को दबोच लिया। गंभीर स्थिति के बावजूद, घायल ने हिम्मत दिखाते हुए ज़ोर-ज़ोर से शोर मचाया। उसकी आवाज़ सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुँचे, जिसके बाद शेर जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में पशुपालक शेर के पंजों और दांतों से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया है। वहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और पिंजरे तथा रेस्क्यू उपकरणों के साथ आसपास के जंगल व खेतों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। शेर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए उसके पैरों के निशानों की जांच की जा रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजा जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र, खासकर गिर राष्ट्रीय उद्यान से सटे इलाकों में हाल के वर्षों में शेरों की आवाजाही मानव बस्तियों और कृषि क्षेत्रों तक बढ़ी है, जिसके चलते वन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने और जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील करता रहा है।
- मौसम विज्ञानी सौरीश बंद्योपाध्याय ने अलीपुर मौसम विभाग की ओर से जारी एक अपडेट में दक्षिण बंगाल के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आगामी 24 घंटों में दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर बंगाल में सोमवार से ही भारी बारिश शुरू होने का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में, खासकर गुरुवार को अति-बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, और सभी जिलों में आंधी-बारिश की संभावना बनी रहेगी। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना निम्न दबाव अब शक्ति बढ़ाकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव में बदल गया है। यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले दो से तीन दिनों में उत्तरी ओडिशा होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। रविवार के लिए पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पुरुलिया जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पूर्व बर्धमान और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। बाकी जिलों में भी छिटपुट आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी रहेगा। मंगलवार से हफ्ते के बाकी दिनों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का पीला अलर्ट जारी रहेगा और तटीय जिलों में हवाओं की गति अधिक रहेगी। उत्तर बंगाल में रविवार तक आंधी-बारिश की संभावना कम है, लेकिन सभी जिलों में छिटपुट गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पीला अलर्ट रहेगा। सोमवार से ही उत्तर बंगाल में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी होगा, जिसमें जलपाईगुड़ी जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट भारी बारिश की संभावना है। मंगलवार को उत्तर बंगाल में आंधी-बारिश की मात्रा बढ़ेगी, और उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी तथा अलीपुरद्वार जिलों में छिटपुट भारी बारिश हो सकती है। बुधवार को भारी बारिश की मात्रा और बढ़ेगी, जिसके तहत दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जिलों में भी छिटपुट भारी बारिश की संभावना रहेगी। सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का पीला अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, मछुआरों के लिए एक विशेष चेतावनी जारी की गई है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में समुद्र उग्र रहेगा। इसलिए, मछुआरों को 7 जुलाई, मंगलवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। कोलकाता में आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बढ़ेगी, जिसमें एक-दो बार भारी बारिश भी शामिल है। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। आज और कल आंधी-बारिश की संभावना अधिक रहेगी, जो मंगलवार से कम हो जाएगी।1
- पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुंगावली नगर को 'मिनी स्मार्ट सिटी' बनाने का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी वार्ड नंबर 8 के निवासियों को 'कीचड़ युक्त स्मार्ट सड़क' से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति उस वादे के ठीक विपरीत है, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। आमजन जब अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते हैं, तो वे उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर परिषद का कोष खाली है और धन-बजट की कमी के कारण सड़क निर्माण कार्य संभव नहीं है। इस प्रकार, 'स्मार्ट सिटी', 'क्लीन सिटी' और 'नंबर 1 सिटी' होने के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि मुंगावली की हकीकत बिल्कुल अलग है। सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय अशोकनगर और कलेक्टर अशोकनगर का ध्यान आकर्षित करते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आखिर मुंगावली की यह कैसी 'स्मार्ट सिटी' है।1
- डॉ. एस.एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा केंद्रों से जुड़े हैं। वे अमीरपुर खेड़ी में अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग शाका केंद्र और भुवाखेड़ी में ओशो आशीष ध्यान केंद्र का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे भुवाखेड़ी में खाटू श्याम गोशाला और गोशाला की पहाड़ी पर स्थित श्री खाटूश्याम मन्दिर से भी संबंधित हैं। डॉ. नागर की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता में एम.ए., बी.एड., आयुर्वेद रत्न (एम.आई.एम.एस.), बी.जे. (एम.सी.) और योग (लिविंग ऑफ साइंस) शामिल हैं। वे विशेष रूप से शिव स्वरोदय विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। भुवाखेड़ी में ब्लयू वर्ड स्वीमिंग पूल भी उपलब्ध है, जहाँ स्नान और ध्यान के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का शुल्क (अधिकतम 2 घंटे के लिए) निर्धारित है। डॉ. नागर, जिनका संपर्क नंबर 9413006192 है, सृष्टि में अमूल्य योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी देते हैं। वे लोगों से आह्वान करते हैं कि वे एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के लिए लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनें।1
- छीपाबड़ौद और हरनावदाशाहजी क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच गहरा डर और दहशत व्याप्त हो गई है। इन बढ़ती वारदातों के कारण अब महिलाएं भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।1
- करवरी नाका क्षेत्र स्थित बांझ आमली संरक्षण रिजर्व में हरे पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने सोमवार सुबह 11 बजे बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया और कटाई में इस्तेमाल की जा रहीं सात मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में कटे हुए हरे पेड़ भी पाए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने नाका प्रभारी शिवदयाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने इस प्रकरण की जाँच शुरू कर दी है और अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शिवपुरी दौरे के दौरान रविवार को आईटीआई तिराहे पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने कथित तौर पर करैरा विधायक रमेश खटीक को मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल होने से रोक दिया। इस घटना के बाद विधायक और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्यमंत्री का काफिला निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत गुजर रहा था, तभी विधायक रमेश खटीक अपने वाहन के साथ काफिले में शामिल होने का प्रयास कर रहे थे। ड्यूटी पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। इसके बाद विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच कुछ देर तक बहस चलती रही। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए मुख्यमंत्री के काफिले को आगे रवाना किया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, और सोशल मीडिया पर लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि विधायक को किस सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रोका गया था। यदि प्रशासन या विधायक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी होती है, तो मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।1