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Gautam Kumar
More news from हरियाणा and nearby areas
- हरियाणा में कश्यप समुदाय द्वारा एक महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें पूरे प्रदेश से समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। यह महापंचायत कश्यप समाज के बैनर तले आयोजित की गई, जहाँ विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए प्रदेशभर से सदस्य एकत्र हुए।1
- सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने मारपीट के एक मामले में न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। महबूब खान के अनुसार, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोस के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित ने दावा किया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने 20 बीघा तक सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को नियमित करने के लिए एक नीति तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भर्तियां होंगी और हिमकेयर योजना का कवरेज भी बढ़ाया जाएगा। कैबिनेट ने भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों की मानवीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ‘रेगुलराइजेशन पॉलिसी-2026’ को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत, आवासीय, कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए कब्जे वाली 20 बीघा तक सरकारी जमीन को नियमित किया जाएगा। यह पॉलिसी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर आधारित है और इसे भारत सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, जिन 6356 किसानों की जमीन नीलामी पर है, उनके 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर 50% ब्याज का वहन सरकार करेगी। कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं, जैसे स्टडी लीव पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरी सैलरी मिलेगी और 31 मार्च 2026 तक 7 साल पूरे करने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश भी मिलेगा। उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में 300 मेडिकल ऑफिसर, 250 मल्टी टास्क वर्कर, 200 स्टाफ नर्स, 76 ओटीए, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब टेक्नीशियन के पद भरे जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में भी 75 असिस्टेंट प्रोफेसर के नए पद सृजित होंगे। सरकाघाट अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बेड और बद्दी अस्पताल 200 बेड का होगा। मनपुरा में पीएचसी और मंजहेली में सब-सेंटर खोलने का भी निर्णय लिया गया है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण में ई-बसों पर 50% और डीजल बसों पर 30% सब्सिडी मिलेगी। भर्ती निदेशालय में वर्क इंस्पेक्टर के 400 पदों पर भी भर्ती की जाएगी। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर के 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस ले लिए गए हैं और संबंधित 4.27 करोड़ रुपये की फीस लौटाई जाएगी। हिमकेयर योजना को अब बीमा मोड में संचालित किया जाएगा, जिसमें पात्र लाभार्थियों को 7 लाख से 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। भेड़ पालकों और गद्दी समुदाय के लिए ‘ग्रेजिंग पॉलिसी-2026’ को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत वन और पशुपालन विभाग एक संयुक्त पोर्टल बनाएगा जिससे वास्तविक समय में परमिट प्राप्त हो सकेंगे। ट्रैक्टर से घरेलू उपयोग के लिए खनिज ले जाने पर कंपाउंडिंग फीस 4500 रुपये से घटाकर 500 रुपये की गई है। शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का, मान शिव शक्ति जातर मेला छतराड़ी और कथगढ़ शिवरात्रि मेले को राज्य स्तरीय दर्जा दिया गया है, जबकि अर्की क्षेत्र के बाडीधार मेले को जिला स्तरीय घोषित किया गया है। इसके अलावा, जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों को 7-7 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मल्टी टास्क वर्कर भर्ती को केंद्रीकृत करने के लिए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया जाएगा।2
- शामली जिले के थानाभवन थाना क्षेत्र में केबल चोरों का आतंक देखा जा रहा है। इन चोरों ने एक ही रात में तीन किसानों के ट्यूबवेलों को अपना निशाना बनाया है।1
- पोस्ट में गोदी मीडिया की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज़ कसा गया है, जिसमें बताया गया है कि यह किस प्रकार तैयार किया जाता है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंधभक्तों की अपनी एक अलग ही दुनिया होती है, जो इन सब से परे है।1
- नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर कॉकरोच पार्टी के सदस्य तथा पेपर लीक की समस्या से परेशान छात्र और उनके अभिभावक पहुंचे।1
- यमुनानगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ 'ऑपरेशन मैदान 2.0' के तहत गांव सारण में एक बड़ी छापेमारी को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में 150 पुलिसकर्मी शामिल थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक बेरोजगार युवक के पास से 10 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद की है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य युवक के घर से भी 60,000 रुपये की पुरानी करेंसी जब्त की गई।1
- स्थानीय एसएचओ रामलाल ने सभी ई-रिक्शा चालकों को एक साथ बुलाया, जिसके बाद मौके पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बैठक में, एसएचओ रामलाल ने सभी चालकों को ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अब देखना यह होगा कि इन निर्देशों का पालन होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में वाकई कोई सुधार हो पाएगा या नहीं।1
- सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने पुलिस पर मारपीट के मामले में न्याय न दिलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। महबूब खान के मुताबिक, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोसियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित महबूब खान का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को गलत जानकारी दी कि कार्रवाई की जा चुकी है। अब, महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1