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कानपुर में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक तमंचा, कारतूस और लूट का सामान बरामद किया है।
Bhanu Pratap Sing
कानपुर में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक तमंचा, कारतूस और लूट का सामान बरामद किया है।
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- फतेहपुर में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, जहां आम जनता को जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए तहसील मुख्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह आम लोगों की पीड़ा है, जिसके कारण संपूर्ण समाधान दिवसों में शिकायतें सुनने और निर्देश जारी होने के बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता और ऐसे मामले अक्सर सुर्खियां बटोरते रहते हैं। जनता का मानना है कि अधिकांश समस्याएं भले ही गांवों और कस्बों में जन्म लेती हों, लेकिन तहसील स्तर पर होने वाली लापरवाही उन्हें बढ़ा देती है। समय पर सुनवाई न होने और निष्पक्ष कार्रवाई के अभाव में छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जन समस्याओं पर चिंता जताते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते रहे हैं, और कई बार लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ कारक जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर होने से रोक रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने पर लोग समाधान दिवसों में हंगामा करते हैं, जिला मुख्यालय पर आत्महत्या की चेतावनी देते हैं, और पूरा परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंच जाता है। इन मामलों में अक्सर तहसील स्तर पर उदासीनता और लापरवाही के आरोप लगते हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति केवल किसी एक व्यक्ति या मामले की नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की है जो रोजमर्रा के कार्यों और जमीन संबंधी मामलों के लिए तहसील कार्यालयों पर निर्भर हैं। सवाल यह है कि सरकार द्वारा अधिकांश सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित होने के बावजूद भी लोगों को बार-बार क्यों भटकना पड़ता है? यदि वास्तव में जन समस्याओं को कम करना है तो केवल शिकायतें सुनना पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यकता है कि तहसील स्तर पर जवाबदेही तय हो, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो और जनता को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिले। प्रशासन की सफलता इसी बात में है कि आम नागरिक को अपने अधिकारों और कार्यों के लिए भटकना न पड़े, जिसके लिए तहसील व्यवस्था का मजबूत और संवेदनशील होना जरूरी है।1
- Available for Sale Expected Price : 10000000 Property Type : Agricultural / Farm Land ye jameen plot ke liy hai1
- हमीरपुर के अरतरा गांव के एक मासूम बच्चे की भावुक गुहार ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है। "साहब, हमें भी एक घर दिला दो"—बच्चे की यह मार्मिक अपील एक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में बच्चा एक पक्के घर की मांग कर रहा है, जबकि उसका परिवार आज भी सरकारी योजनाओं के तमाम दावों के बावजूद एक झोपड़ी में रहने को मजबूर है। मासूम का बचपन एक पक्के आवास के इंतजार में बीत रहा है, जिससे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बच्चे ने सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति से भी घर दिलाने के लिए भावुक अपील की है। वीडियो वायरल होने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मासूम बच्चे की पुकार सुनी जाएगी, या यह भी केवल सरकारी वादों की भीड़ में दबकर रह जाएगी।2
- कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा 1 जुलाई 2026 से जियो व्हीकल टैग ऐप को जबरन लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ कलक्टर गंज गल्ला मंडी के व्यापारी, आढ़ती और ट्रांसपोर्टर भाइयों में गहरा आक्रोश है। इस कदम को "तानाशाही" बताते हुए, उनका आरोप है कि यह निर्णय उनके रोज़गार को खतरे में डाल रहा है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यह फैसला बिना किसी पूर्व चर्चा, उनकी सहमति या किसी वैकल्पिक समाधान दिए बिना थोपा जा रहा है, जो इसे पूरी तरह से "व्यापार विरोधी" बनाता है। वे इस कदम को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि जियो व्हीकल टैग ऐप को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और व्यापारियों के साथ बातचीत करके इस मुद्दे का कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में राजस्व विभाग के एक तालाब से रात के समय अवैध खनन कर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी बेचने और ग्रामीणों पर हवाई फायर करने के आरोप में एक ग्राम प्रधान के खिलाफ बिवांर थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश पर राजस्व निरीक्षक ने दर्ज कराई है। राजस्व निरीक्षक रामकिशोर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तहसील मौदहा के सायर गांव में पदस्थ हैं। पाटनपुर से भरसवां गांव के पास स्थित राजस्व विभाग के देवी तालाब से पाटनपुर गांव के प्रधान बृजेश कुमार ने 7 और 8 जून की रात को चोरी से खुदाई करवाकर मिट्टी निकाली और बेच दी। जब भरसवां गांव के ग्रामीणों ने मिट्टी खनन के काम में ट्रैक्टरों के इस्तेमाल का विरोध किया, तो प्रधान ने उनके साथ अभद्रता की और हवाई फायर भी किए। गांववासियों ने इस अवैध खनन की शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद मौदहा के एसडीएम करणवीर सिंह ने एक जांच टीम गठित की। इस टीम में कम्हरिया गांव के लेखपाल दीपक कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप कुमार और मकरांव गांव के लेखपाल कमलेश कुमार शामिल थे। जांच में टीम ने पाया कि 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी का खनन किया गया था, जिसमें से 8 ट्रॉली मिट्टी खरंजा में डाली गई और 17 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी की बिक्री की गई। टीम ने पुष्टि की कि प्रधान ने रात में चोरी से तालाब से अवैध मिट्टी का खनन कर राजस्व विभाग को नुकसान पहुँचाया है। एसडीएम के आदेश पर, राजस्व निरीक्षक रामकिशोर ने प्रधान बृजेश कुमार के खिलाफ बिवांर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष नंदराम प्रजापति ने बताया कि राजस्व निरीक्षक की तहरीर के आधार पर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और प्रधान की तलाश कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर में घरेलू विवाद के बाद अपने पति के साथ गोविंद नगर थाने जा रही एक महिला पर बीच सड़क पर हमला किया गया। आरोप है कि महिला के देवर ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला किया, जिसमें उसे चप्पलों, लात और घूसों से बुरी तरह पीटा गया। दंपति जब बाइक पर जा रहे थे, तभी बीच रास्ते में उन्हें रोककर तीन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट की घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया और उसे वायरल कर दिया। यह पूरी घटना गुजैनी थाना क्षेत्र के बर्रा 8 इलाके में हुई।1
- फतेहपुर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से तंग आकर जहर खा लिया। इस घटना की जानकारी तहलका डिजिटल न्यूज़ चैनल द्वारा दी गई है।1
- कानपुर नगर के थाना चकेरी स्थित रामादेवी में 1 जुलाई, बुधवार को दोपहर करीब 12:32 बजे एक कथित अवैध बस-टेंपो और बैटरी रिक्शा स्टैंड संचालक ने वसूली की पड़ताल करने पहुंचे पत्रकार के साथ बदसलूकी की। भारत सूत्र के संवाददाता ओमवीर जी को यह जानकारी मिली थी कि रामादेवी पर अवैध रूप से स्टैंड संचालित है और वहाँ वसूली की जाती है, जिसके वीडियो कई बार सोशल मीडिया पर प्रकाशित हो चुके हैं। इस जानकारी की पुष्टि करने के लिए जब पत्रकार ओमवीर जी बैटरी रिक्शे में बैठकर रामादेवी पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि स्टैंड वाकई अवैध रूप से चल रहा है और संचालक द्वारा वसूली की जा रही है। इस दौरान स्टैंड संचालक ने पत्रकार से गाली-गलौज की और उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली। जब पत्रकार ने पूछा कि क्या उनके पास चाबी निकालने की अनुमति है, तो संचालक ने उन्हें थाने में बात करने को कहा। पत्रकार ने सवाल उठाया कि आखिर स्टैंड संचालक को इतनी शक्ति किसने दी है कि वह बिना रोक-टोक किसी की गाड़ी की चाबी निकाल सके। मौके पर जब पत्रकार ने ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया, तो कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। इसके बाद पत्रकार ने एक होमगार्ड से संपर्क किया, जिन्होंने जाकर स्टैंड संचालक से चाबी निकालने के पीछे के आधार के बारे में बात की। जानकारी में यह भी सामने आया है कि स्टैंड संचालक ने पत्रकार का गिरेबान पकड़ लिया। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्धि भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट में इस घटना को देश के चौथे स्तंभ की गरिमा पर गहरा आघात और चिंता का विषय बताया गया है। रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक महोदय से निवेदन किया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रकाशित हो रहे वीडियो की पुष्टि की जाए और रामादेवी बस-टेंपो एवं बैटरी स्टैंड संचालकों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही, सभी अवैध स्टैंडों को कब्जामुक्त करने की माँग की गई है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरदान इंडिया संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा सर से भी इस वीडियो की पुष्टि कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है। रिपोर्ट में अवैध स्टैंड ठेकेदारों की वसूली पर सवाल उठाया गया है कि उन्हें किसी का भय क्यों नहीं है और उन्हें शासन-प्रशासन का खौफ क्यों नहीं।1