मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म बिक्री में कथित एकाधिकार और अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सतवास स्थित एक यूनिफॉर्म दुकान को सील कर दिया है। जांच के दौरान इस दुकान में 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म पाई गईं। पूछताछ किए जाने पर दुकानदार ने यूनिफॉर्म बेचने की बात तो स्वीकार की, लेकिन वह संबंधित स्कूलों से अधिकृत विक्रेता होने का कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वैध दस्तावेज न होने के कारण प्रशासन ने दुकान को तत्काल प्रभाव से सील करने का कदम उठाया। दरअसल, कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ निजी स्कूल उन्हें एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस मामले पर डीपीसी अजय मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी करने का दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। यदि कोई स्कूल ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि पूरे जिले में ऐसे मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म बिक्री में कथित एकाधिकार और अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सतवास स्थित एक यूनिफॉर्म दुकान को सील कर दिया है। जांच के दौरान इस दुकान में 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म पाई गईं। पूछताछ किए जाने पर दुकानदार ने यूनिफॉर्म बेचने की बात तो स्वीकार की, लेकिन वह संबंधित स्कूलों से अधिकृत विक्रेता होने का कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वैध दस्तावेज न होने के कारण प्रशासन ने दुकान को तत्काल प्रभाव से सील करने का कदम उठाया। दरअसल, कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ निजी स्कूल उन्हें एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस मामले पर डीपीसी अजय मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी करने का दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। यदि कोई स्कूल ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि पूरे जिले में ऐसे मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म बिक्री में कथित एकाधिकार और अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सतवास स्थित एक यूनिफॉर्म दुकान को सील कर दिया है। जांच के दौरान इस दुकान में 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म पाई गईं। पूछताछ किए जाने पर दुकानदार ने यूनिफॉर्म बेचने की बात तो स्वीकार की, लेकिन वह संबंधित स्कूलों से अधिकृत विक्रेता होने का कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वैध दस्तावेज न होने के कारण प्रशासन ने दुकान को तत्काल प्रभाव से सील करने का कदम उठाया। दरअसल, कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ निजी स्कूल उन्हें एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस मामले पर डीपीसी अजय मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी करने का दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। यदि कोई स्कूल ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि पूरे जिले में ऐसे मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।1
- इन्दौर के देवगुराड़िया में आंगनबाड़ी और सामुदायिक शौचालय की बदहाली का मामला उजागर होने के बाद अब एक नया मामला सामने आया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस महिला ने इस बदहाली को लेकर मीडिया से बात की थी, उसे पंचायत में बुलाकर दोबारा बयान लेने की चर्चा चल रही है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है।1
- इंदौर के महू की शासकीय शिक्षिका विनीता यादव ने किशनगंज थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह जनवरी 2026 से लगातार शिकायतें दर्ज करा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मामला अब भी केवल जांच के दायरे में ही अटका हुआ है। उनका कहना है कि इस घटना में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद भी पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने में काफी देरी हो रही है। विनीता यादव ने यह गंभीर दावा भी किया है कि विवादित स्थल के पास स्थित एक निर्माणाधीन भवन में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कुछ लोगों पर प्रशासनिक निर्देशों के खुलेआम उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने पुलिस के साथ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे की लत के शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूक करना है ताकि समय रहते अपनों को इस दलदल से बचाया जा सके। इस दौरान डॉक्टर ने पुलिस के साथ यह जानकारी साझा की कि नशे के आदी व्यक्ति के व्यवहार, दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार में किस तरह के बदलाव दिखाई देते हैं। परिवार के लोग इन संकेतों को पहचानकर यह समझ सकते हैं कि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है या नहीं, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके। इंदौर पुलिस का यही स्पष्ट संदेश है कि लोग समय पर नशे के संकेतों को पहचानें और अपनों को इसके चंगुल से बचाएं, क्योंकि नशे से दूरी बेहद जरूरी है।1
- इंदौर के फूटी कौटी चौराहे पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 पेटी अवैध शराब पकड़ी है।1
- पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। इसके साथ ही, प्रोटेस्ट कर रहे बच्चों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और उन्हें किडनैप भी किया है।1
- इंदौर में पुलिस द्वारा 'नशा नहीं जिंदगी चुनिये' के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता रथ के साथ रैली निकालने से लेकर शॉर्ट फिल्म और प्रेरणादायक गीत के माध्यम से इंदौर पुलिस का एक ही स्पष्ट संदेश है कि नशे से दूरी बेहद जरूरी है। पुलिस ने सभी से मिलकर नशे को ना कहने और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा मुक्त समाज की ओर आगे बढ़ने की अपील की है।1
- देवास जिले के हरणगांव में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, ओंकारा में एक नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश शासन के इस अभियान के तहत गुरुवार, 17 जुलाई 2026 को थाना हरणगांव पुलिस द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्कूल के लगभग 300 छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और उन्हें जीवन में नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद भी नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। इस अभियान को युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1