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आज वाराणसी में अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार कसेरा ने प्रेस से बात करते हुए अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कई मामलों की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से रामलला की मूर्ति मंदिर में स्थापित हुई है, उसके 5 साल पहले से हुई समस्त घटनाओं की जांच होनी चाहिए। डॉ. कसेरा ने विशेष रूप से सोने-चांदी की ईंटों, भगवान के सोने के मुकुट और 200 करोड़ रुपये के कपड़ों की खरीद से संबंधित मामलों की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान के नाम पर सत्ता में आए हैं और खुद को रामलाल कहते हैं, वही राम के मंदिर में चोरी कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब जागृत हो गया है और जन आंदोलन के लिए तैयार है।
डॉ सतीश कुमार कसेरा
आज वाराणसी में अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार कसेरा ने प्रेस से बात करते हुए अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कई मामलों की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से रामलला की मूर्ति मंदिर में स्थापित हुई है, उसके 5 साल पहले से हुई समस्त घटनाओं की जांच होनी चाहिए। डॉ. कसेरा ने विशेष रूप से सोने-चांदी की ईंटों, भगवान के सोने के मुकुट और 200 करोड़ रुपये के कपड़ों की खरीद से संबंधित मामलों की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान के नाम पर सत्ता में आए हैं और खुद को रामलाल कहते हैं, वही राम के मंदिर में चोरी कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब जागृत हो गया है और जन आंदोलन के लिए तैयार है।
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- आज वाराणसी में अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार कसेरा ने प्रेस से बात करते हुए अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कई मामलों की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से रामलला की मूर्ति मंदिर में स्थापित हुई है, उसके 5 साल पहले से हुई समस्त घटनाओं की जांच होनी चाहिए। डॉ. कसेरा ने विशेष रूप से सोने-चांदी की ईंटों, भगवान के सोने के मुकुट और 200 करोड़ रुपये के कपड़ों की खरीद से संबंधित मामलों की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान के नाम पर सत्ता में आए हैं और खुद को रामलाल कहते हैं, वही राम के मंदिर में चोरी कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब जागृत हो गया है और जन आंदोलन के लिए तैयार है।1
- वाराणसी के कैथी में मार्कण्डेय महादेव धाम के पास बने रैन बसेरे में भीषण गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यह रैन बसेरा कैथी पुलिस चौकी से मात्र 10 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी इसकी स्थिति अत्यंत खराब है। गंदगी के कारण रैन बसेरे के अंदर रहना असंभव हो गया है, जिससे इसकी उपयोगिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस अव्यवस्था को लेकर मार्कण्डेय महादेव धाम के प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न लग गया है। रैन बसेरा होने के बावजूद इसका कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है क्योंकि अंदर पैर रखना भी मुश्किल है। इस स्थिति से स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- मेरठ के SSP अविनाश पांडेय बीते रविवार को सुबह टहलते हुए अचानक महिला थाने पहुंच गए। उन्होंने पाया कि पूरे थाने में केवल एक महिला पुलिसकर्मी सो रही थी। एसएसपी ने वहां से क्राइम रजिस्टर उठाया और अपने कार्यालय लौट गए। कार्यालय पहुंचने पर जब उन्होंने वही क्राइम रजिस्टर महिला थाने से मंगवाया, तो गुम हुए रजिस्टर की तलब होने से थाने में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद महिला थाना प्रभारी और अन्य महिला पुलिसकर्मियों को पता चला कि SSP साहब निरीक्षण करके गए थे। इस घटना के बाद, SSP ने कार्रवाई करते हुए महिला थाने की 19 लापरवाह महिला पुलिसकर्मियों का जिले के अलग-अलग थानों में तबादला कर दिया है।1
- वाराणसी में पुलिस कमिश्नर के दावों को धता बताते हुए, कथित 'टॉप टेन' अपराधी शिवशंकर उर्फ बाबू सेठ अपने 8-10 साथियों के साथ एक लाइसेंसी शराब के गोदाम में घुस गया। उसने व्यापारी से 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रकम न देने पर गोदाम में आग लगाने तथा परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद, व्यापारी द्वारा 112 नंबर पर कॉल किए जाने के बावजूद लोहता थाना प्रभारी की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अपराधी ने थाने से बाहर निकलने के बाद भी व्यापारी को जान से मारने की धमकी दी है, जिससे व्यापारी डरा हुआ है और उसे किसी बड़ी वारदात का डर सता रहा है। बताया गया है कि यह अपराधी बड़ागांव थाने से पहले भी जेल जा चुका है, ऐसे में लोहता थाना प्रभारी पर ऐसे माफिया के खिलाफ कार्रवाई से कतराने का आरोप लग रहा है। यह घटना वाराणसी पुलिस कमिश्नर के 'व्यापारियों को भय मुक्त' करने के दावों पर सवाल उठाती है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- मंगलवार को वाराणसी के अस्सी घाट पर 'जन-जन का हो यही प्रयास, स्वच्छ रहे हर गंगा घाट' के उद्घोष के साथ एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। 'नमामि गंगे' के स्वयंसेवकों ने मां गंगा की निर्मलता के आग्रह को लेकर गंगा तट की साफ-सफाई की। इस दौरान घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन व अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाकर उन्हें कूड़ेदान तक पहुँचाया गया। इस अभियान का संयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया। अभियान के अंतर्गत स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों से इस जन-अभियान में शामिल होने की अपील की गई। आम जनता को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली में शामिल करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करते हुए कपड़े के झोले भी वितरित किए गए। स्वयंसेवकों ने हाथों में 'गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है' और 'सबका साथ हो, गंगा साफ हो' जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई। अभियान के दौरान विशेष रूप से उपस्थित उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा कि धर्म तभी सार्थक होता है जब हम प्रकृति और अपनी गंगा माँ का सम्मान करें, और आस्था का सम्मान ही स्वच्छता का संकल्प है। उन्होंने गंगा को हमारी धरोहर बताते हुए इसकी निर्मलता बनाए रखने को परम कर्तव्य कहा। गंगा सेवक एवं नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने जोर दिया कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। उन्होंने इसे निर्मल बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य बताते हुए कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारी जीवनरेखा है, और छोटी-छोटी पहल ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं। इस श्रमदान अभियान में महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी, विधि दीक्षित और राहुल खन्ना सहित कई अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।1
- वाराणसी में चल रही राम जानकी भागवत कथा के छठे दिन महिलाओं की काफी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। कथा में आचार्य शिक्षक नागिन ने राजा बलि की कथा सुनाई। बताया गया कि कथा के अंतिम दिवस पर राम-सीता विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सतीश कुमार कसेरा ने गुरु चरणों का आशीर्वाद और अंग वस्त्र भी प्राप्त किया, जिसके बाद उन्होंने 'जय गुरुदेव जय विष्णु भगवान' का उद्घोष किया। आज के दिन आचार्य ने गोकर्ण की कथा भी सुनाई, जिसे भक्तजनों ने प्रसन्नतापूर्वक सुना। इस अवसर पर विश्व हिंदू सद्भावना विकास परिषद के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा ने कथा का श्रवण किया और प्रसाद के साथ-साथ गुरु का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव धाम की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव पुलिस चौकी के ठीक सामने बने रैन बसेरे में गंदगी का अंबार लगा है और परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है, जिससे दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर परिसर, गंगा घाटों और रैन बसेरे की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है, जबकि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और स्वच्छता पर लाखों रुपये खर्च कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि सफाई केवल किसी उच्च अधिकारी या वीआईपी के आने की सूचना पर खानापूर्ति के लिए कराई जाती है, जबकि सामान्य दिनों में पूरा परिसर गंदगी से पटा रहता है। श्रद्धालुओं ने चिंता व्यक्त की है कि गंदगी के कारण न केवल धाम की सुंदरता खराब हो रही है, बल्कि बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। दुर्गंध के कारण रैन बसेरे में रुकना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। सावन माह नजदीक होने के कारण लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए आने की उम्मीद है, ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था के प्रति कौन जिम्मेदार है और कब तक श्रद्धालुओं को इस गंदगी से जूझना पड़ेगा।1