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नर्मदा प्रदूषण पर कांग्रेस सख्त, 7 दिन में जवाब नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं। घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है— सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता। धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं। न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं। अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है। परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं। वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रमुख माँगें माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं— सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए। तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए। परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो। नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए। घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों। अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

1 hr ago
user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
मीडिया Huzur, Bhopal•
1 hr ago

नर्मदा प्रदूषण पर कांग्रेस सख्त, 7 दिन में जवाब नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं। घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है— सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता। धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं। न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं। अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है। परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं। वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रमुख माँगें माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं— सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए। तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए। परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो। नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए। घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों। अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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    भोपाल शाही कब्रिस्तानों में से मेट्रो के कार्य को हटाया जाए
    user_अटल प्रदेश न्यूज़
    अटल प्रदेश न्यूज़
    Huzur, Bhopal•
    36 min ago
  • नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं। घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है— सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता। धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं। न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं। अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है। परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं। वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रमुख माँगें माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं— सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए। तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए। परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो। नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए। घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों। अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    1
    नर्मदा मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात की जीवन रेखा हैं तथा करोड़ों नागरिकों की आस्था का केंद्र हैं। नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा का विधान शास्त्रों में प्रमाणित है। अतः माँ नर्मदा का संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्ति राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
वर्तमान में अनेक स्थानों पर नर्मदा एवं उनकी सहायक नदियों में घरों, नगरों, उद्योगों तथा ड्रेनेज का दूषित पानी सीधे मिलाया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्षों पूर्व नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई घोषणाएँ की गई थीं, किंतु वे अब तक धरातल पर पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सकीं।
घोषणाओं और वास्तविक स्थिति के बीच गंभीर अंतर स्पष्ट दिखाई देता है—
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नर्मदा के समानांतर स्थापित किए जाने की घोषणा के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं हुआ।
वृक्षारोपण: दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधारोपण का दावा व्यवहार में नजर नहीं आता।
धार्मिक मर्यादा: नर्मदा परिक्रमा पथ पर शराब एवं मांस की बिक्री खुलेआम जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं।
न्यूक्लियर पावर प्लांट: चुटका व किंदरई (जिला सिवनी) में प्रस्तावित परियोजना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
किसानों की समस्या: तटवर्ती क्षेत्रों में लिफ्ट एरिगेशन के अभाव में विशेषकर आदिवासी किसान जल संकट और पलायन के लिए मजबूर हैं।
अवैध रेत उत्खनन: शिकायतों के बावजूद दिनदहाड़े क्रेनों से उत्खनन जारी है।
परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाएँ: भोजन, आवास और स्वच्छता संबंधी घोषणाएँ क्रियान्वयन से दूर हैं।
वन एवं भूमि विनाश: तटवर्ती प्राचीन वन समाप्त किए जा रहे हैं तथा आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण की शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्रमुख माँगें
माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने एवं धार्मिक मर्यादा की रक्षा हेतु निम्न माँगें रखी जाती हैं—
सहायक नदियों एवं नालों से गंदे पानी का सीधा मिलन तत्काल रोका जाए।
शहरी क्षेत्रों में प्रभावी STP शीघ्र पूर्ण कर शुद्ध जल ही प्रवाहित किया जाए।
तटों पर कूड़ेदान व स्वच्छता संसाधन बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों पर दंड लगाया जाए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध हो।
परिक्रमा मार्ग व तटवर्ती क्षेत्रों में शराब एवं मांस विक्रय बंद किया जाए।
परिक्रमा वासियों के लिए ठोस पथ निर्माण एवं विशेष बजट प्रावधान हो।
नदी के दोनों किनारों से 10 किमी दायरे में नए उद्योगों की स्थापना रोकी जाए।
घाट क्षेत्रों में बैनर, फ्लेक्स व व्यावसायिक विज्ञापन प्रतिबंधित हों।
अवैध रेत उत्खनन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा नर्मदा में मिल रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि नर्मदा से प्राप्त राजस्व का समुचित हिस्सा इसकी स्वच्छता पर व्यय किया जाए, तो प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
सरकार से माँग की जाती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर की गई अथवा प्रस्तावित कार्रवाई का सार्वजनिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा जनहित में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Huzur, Bhopal•
    1 hr ago
  • Post by Aamir Khan
    1
    Post by Aamir Khan
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भोपाल हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर असंभव को संभव कर दिखाया है... हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती पर अब कोई भी नक्सली नहीं बचा है।
    1
    भोपाल हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर असंभव को संभव कर दिखाया है...
हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती पर अब कोई भी नक्सली नहीं बचा है।
    user_Naved khan
    Naved khan
    रिपोर्टर हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Asif Khan
    3
    Post by Asif Khan
    user_Asif Khan
    Asif Khan
    पत्रकार हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by शाहिद खान रिपोर्टर
    1
    Post by शाहिद खान रिपोर्टर
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अखिल भारतीय सफाई मज़दूर ट्रेड यूनियन 7262 आज दिनांक 8/2/2026 दिन रविवार को कप्तान शादी हॉल में अतिक्रमण शाखा के समस्त कर्मचारियों की मीटिंग का आयोजन किया गया कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री मगनलाल झांझोंट जी की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिला अध्यक्ष श्री अनिल श्रवण जी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया अतिक्रमण विभाग के कर्मचारियों ने अपनी अपनी परेशानियां सम्माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री मगनलाल झांझोंट जी के समक्ष रखी 1, सेलरी का रुका हुआ एरिएस दिलवाया जाए 2, सप्ताह में एक दिन का अवकाश दिलवाया जाए प्रदेश अध्यक्ष श्री जी ने अपने उद्बोधन में सभी कर्मचारियों को आश्वासन दिया सभी कर्मचारीयों को जो भी परेशानी आ रही है उन सभी परेशानियों को आपके अतिक्रमण विभाग के अधिकारीयों से चर्चा कर जल्द हल कराया जाएगा एवं कर्मचारीयों की बरसों से लंबित मांगो को हल कराने हेतु संगठन आप सभी कर्मचारियों की समस्याओं को हल कराने में सहयोग चाहता है जिस पर सभी अतिक्रमण के कर्मचारियों ने अपनी सहमति दी कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष जी एवं प्रदेश के पदाधिकारीयों का पुष्प हार से स्वागत सम्मान किया गया कार्यक्रम में पधारे जिला अध्यक्ष जी ज़िले के पदाधिकारी एवं समस्त ज़ोनों के अध्यक्षों का अतिक्रमण शाखा अध्यक्ष श्री फैज़ान उल हक जी एवं अतिक्रमण शाखा के पदाधिकारीयों द्वारा पुष्प हार से स्वागत सम्मान किया गया अतिक्रमण विभाग को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु अतिक्रमांक शाखा के नवनियुक्त पदाधिकारीयों को प्रदेश अध्यक्ष जी द्वारा पत्र वितरित कर सम्मान किया एवं अतिक्रमण विभाग के कर्मचारीयों का प्रदेश अध्यक्ष जी द्वारा स्वागत किया गया सम्मान समारोह के पश्चात कर्मचारियों एवं पदाधिकारीयों को भोजन कराया गया सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारीयों के नाम एवं पद प्रदेश अध्यक्ष श्री मगनलाल झांझोंट जी प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष श्री अनिल जैनवार जी प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद मीना जी प्रदेश महामंत्री श्री राजेंद्र भैरवे जी प्रदेश मंत्री वसी सुल्तान जी प्रदेश सलाहकार अय्यूब खान जी प्रदेश प्रवक्ता हमीद मो.खान जी संभागीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष फैज़ान उल हक जी संभागीय महामंत्री फैसल खान जी संभागीय मंत्री लखन लधदड़ जी जिला अध्यक्ष श्री अनिल श्रवण जी जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सलमान मौलाना जी जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष आमिर अली जी जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद इमरान जी ज़ोन 8, अध्यक्ष सादिक मोहम्मद जी ज़ोन 10 अध्यक्ष संजय बडगूजर ज़ोन 13, अध्यक्ष माजिद खान जी ज़ोन 20 अध्यक्ष एहसान खान ज़ोन 21 अध्यक्ष साहिब शैख जी उपस्थित रहे आयोजन करता फैज़ान उल हक एवं अतिक्रमण शाखा के समस्त पदाधिकारी गण अनिल श्रवण ज़िला अध्यक्ष
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    अखिल भारतीय सफाई मज़दूर ट्रेड यूनियन 7262 
आज दिनांक 8/2/2026 दिन रविवार को कप्तान शादी हॉल में अतिक्रमण शाखा के समस्त कर्मचारियों की मीटिंग का आयोजन किया गया कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री मगनलाल झांझोंट जी की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिला अध्यक्ष श्री अनिल श्रवण जी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया अतिक्रमण विभाग के कर्मचारियों ने अपनी अपनी परेशानियां सम्माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री मगनलाल झांझोंट जी के समक्ष रखी
1, सेलरी का रुका हुआ एरिएस दिलवाया जाए  2, सप्ताह में एक दिन का अवकाश दिलवाया जाए 
प्रदेश अध्यक्ष श्री जी ने अपने उद्बोधन में सभी कर्मचारियों को आश्वासन दिया सभी कर्मचारीयों को जो भी परेशानी आ रही है उन सभी परेशानियों को आपके अतिक्रमण विभाग के अधिकारीयों से चर्चा कर जल्द हल कराया जाएगा एवं कर्मचारीयों की बरसों से लंबित मांगो को हल कराने हेतु संगठन आप सभी कर्मचारियों की समस्याओं को हल कराने में सहयोग चाहता है जिस पर सभी अतिक्रमण के कर्मचारियों ने अपनी सहमति दी 
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष जी एवं प्रदेश के पदाधिकारीयों का पुष्प हार से स्वागत सम्मान किया गया कार्यक्रम में पधारे जिला अध्यक्ष जी ज़िले के पदाधिकारी एवं समस्त ज़ोनों के अध्यक्षों का अतिक्रमण शाखा अध्यक्ष श्री फैज़ान उल हक जी एवं अतिक्रमण शाखा के पदाधिकारीयों द्वारा पुष्प हार से स्वागत सम्मान किया गया
अतिक्रमण विभाग को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु अतिक्रमांक शाखा के नवनियुक्त पदाधिकारीयों को प्रदेश अध्यक्ष जी द्वारा पत्र वितरित कर सम्मान किया एवं अतिक्रमण विभाग के कर्मचारीयों का प्रदेश अध्यक्ष जी द्वारा स्वागत किया गया
सम्मान समारोह के पश्चात कर्मचारियों एवं पदाधिकारीयों को भोजन कराया गया सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारीयों के नाम एवं पद 
प्रदेश अध्यक्ष श्री मगनलाल झांझोंट जी 
प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष श्री अनिल जैनवार जी प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद मीना जी प्रदेश महामंत्री श्री राजेंद्र भैरवे जी प्रदेश मंत्री वसी सुल्तान जी  प्रदेश सलाहकार अय्यूब खान जी प्रदेश प्रवक्ता हमीद मो.खान जी संभागीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष फैज़ान उल हक जी संभागीय महामंत्री फैसल खान जी संभागीय मंत्री लखन लधदड़ जी जिला अध्यक्ष श्री अनिल श्रवण जी जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सलमान मौलाना जी जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष आमिर अली जी जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद इमरान जी ज़ोन 8, अध्यक्ष सादिक मोहम्मद जी ज़ोन 10 अध्यक्ष संजय बडगूजर ज़ोन 13, अध्यक्ष माजिद खान जी ज़ोन 20 अध्यक्ष एहसान खान ज़ोन 21 अध्यक्ष साहिब शैख जी उपस्थित रहे 
आयोजन करता फैज़ान उल हक एवं अतिक्रमण शाखा के समस्त पदाधिकारी गण 
अनिल श्रवण 
ज़िला अध्यक्ष
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भोपाल से काजू खाने से पहले यह वीडियो देख ले। वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लाइक करें। शेयर करें और कमेंट में अपनी राय जरूर दो और हमें फॉलो करना ना भूले। वीडियो को इतना शेयर करें कि यह सारे आरोपी पकड़ा जाए।
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    भोपाल से काजू खाने से पहले यह वीडियो देख ले। वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लाइक करें। शेयर करें और कमेंट में अपनी राय जरूर दो और हमें फॉलो करना ना भूले। वीडियो को इतना शेयर करें कि यह सारे आरोपी पकड़ा जाए।
    user_Naved khan
    Naved khan
    रिपोर्टर हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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