UP: चंदौली में ट्रिपल मर्डर का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर.....!! चंदौली। जिले में 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले सनसनीखेज आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। आरोपी की लगातार हो रही वारदातों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ट्रेन और अस्पताल परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग कर तीन लोगों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। घटना के बाद से ही जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस ट्रिपल मर्डर कांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। ट्रेन और अस्पताल जैसी सार्वजनिक जगहों पर हुई गोलीबारी से लोगों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और आरोपी के आपराधिक इतिहास के साथ-साथ घटना के पीछे की वजहों की भी पड़ताल की जा रही है।
UP: चंदौली में ट्रिपल मर्डर का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर.....!! चंदौली। जिले में 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले सनसनीखेज आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। आरोपी की लगातार हो रही वारदातों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ट्रेन और अस्पताल परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग कर तीन लोगों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। घटना के बाद से ही जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस ट्रिपल मर्डर कांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। ट्रेन और अस्पताल जैसी सार्वजनिक जगहों पर हुई गोलीबारी से लोगों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और आरोपी के आपराधिक इतिहास के साथ-साथ घटना के पीछे की वजहों की भी पड़ताल की जा रही है।
- *मोदी जी ने कहा कि मेरे देशवासियों सोना-चांदी एक साल तक ना खरीदें। उनके अनुसार क्या नव विवाहता सुहागन महिला एक साल तक मंगलसूत्र भी न पहने।* प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदी जी गत दिवस तेलंगाना की एक जनसभा में बोलते हुए कहा कि हमारे देशवासी एक साल तक सोना चांदी न खरीदें। आम आदमी मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों के लिए पहले से ही महंगा बजट के बाहर सोना पौने दो लाख रुपये में 10 ग्राम बिक रहा हैं। हिंदू परंपराओं के अनुसार अब सनातनी महिला अपना सुहाग का प्रतीक मंगलसूत्र कानों के कुंडल, पैरों में पायल व पैरों के उंगली में बिछिया पहनना जो वर पक्ष को शादी में अपनी दुल्हन को सुहाग के प्रतीक आभूषण न पहनना महिला सुहागन कैसे कहलायेंगी। ये हिंदू परंपराओं में महिलाओं के लिए कुठाराघात हैं। ये आभूषण उसके सुहाग के प्रतीक हैं। मोदी जी की इस बात से करोड़ों भारतीयों महिलाओं के लिए अच्छे दिन नहीं हैं। एक तरफ मोदी जी नारी शक्ति को बढ़ावा दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सुहागन महिलाओं का श्रृंगार का प्रतीक मंगलसूत्र जैसे गहने छीन रहे हैं। मोदी जी को शायद याद नहीं होगा कि सुहागन पत्नी का सम्मान उसके मंगलसूत्र व पैरों में बिछिया से होता हैं। सोना-चांदी पहले से ही भारतीयों कारपोरेट घरानों व देश के पूंजी पतियों के हाथों में पहुंचकर महंगा हो जाने से देश के स्वर्णकार ( सुनारों) व कारीगरों का रोजगार संकट मय हो गया। अब देखते हैं। मोदी जी की बात का देश के कार्पोरेट्स पर पॉलिटिशियन पर टूरिस्ट पर पत्नी से छुपा कर बैंकॉक जाने वाले अय्याशों पर दहेज में सोने के 50 तोला जेवर मांगने वाले पर कितना असर पड़ता है जबकि इस देश के प्रसिद्ध मंदिरों के भंडारण से सैकड़ों टन सोना (आभूषण) देश के खज़ाने में आया हैं।आखिर वह कहां गया ? जबकि कहा जाता है कि हमारा हिंदुस्तान सोने की चिड़ियां हैं। रजत यादव पत्रकार नव भारत संवाद इटावा1
- इटावा में लूट की योजना बना रहे सिकंदर उर्फ अखिल और नितिन नाम के दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिए गए। मुठभेड़ के दौरान बदमाश सिकंदर उर्फ अखिल के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार और एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो कार बरामद की है।1
- इटावा में लूट की योजना बना रहे सिकंदर उर्फ अखिल और नितिन पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से बदमाश सिकंदर घायल हो गया। उनके पास से अवैध हथियार और बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो बरामद की गई।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद लूट की योजना बना रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया; पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार और एक स्कॉर्पियो बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पर हत्या व लूट सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।2
- इटावा में ब्राह्मण समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान चाय पर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में ब्रह्म समाज द्वारा आयोजित 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस अप्रत्याशित घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- इटावा पुलिस की साइबर सेल ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार एक पीड़ित के ₹70,000 सफलतापूर्वक वापस कराए हैं। नखासा निवासी अभिषेक वर्मा के खाते से UPI के माध्यम से यह राशि निकाली गई थी। साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक से समन्वय स्थापित कर पीड़ित के पूरे पैसे वापस दिला दिए, जिस पर पीड़ित ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।1
- इटावा : स्कूली वाहनों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन...!! 👉 भूसे की तरह भरकर दौड़ाई जा रहीं स्कूली वैनें। 👉 प्रतिबंधित ओमिनी वैन में बच्चों की जान जोखिम में। 👉 वायरल वीडियो ने खोली स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारों की पोल। इटावा जनपद में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सड़कों, हाइवे और गलियारों में आज भी क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को भरकर स्कूली वाहन धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद कई स्कूल अब भी प्राइवेट और असुरक्षित ओमिनी वैन का इस्तेमाल बच्चों के परिवहन में कर रहे हैं। वायरल वीडियो में इकदिल क्षेत्र के बताए जा रहे GVM स्कूल की एक ओमिनी वैन में बच्चों को भूसे की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा है। हालत यह है कि एक बच्चा ड्राइवर की गोद में बैठा दिखाई दे रहा है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को साफ दर्शाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह ओमिनी वैन LPG गैस से संचालित बताई जा रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराना सीधे तौर पर बच्चों की जान को खतरे में डालना है। जनपद में करीब 2953 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड बताए जाते हैं, लेकिन सरकार की ऑनबोर्ड प्रक्रिया के बावजूद कई वाहन अब तक सत्यापन और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदार अधिकारी कब तक केवल कागजी खानापूर्ति करते रहेंगे? स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच सबसे बड़ा सवाल अभिभावकों पर भी खड़ा होता है — यदि उन्हें इन असुरक्षित वाहनों की जानकारी है, तो आखिर अपने ही बच्चों को खतरे में क्यों भेजा जा रहा है? लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्कूली परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी।1