नालंदा के बिहारशरीफ में, राजगीर मेला घूमने गए गंजपर के दो दलित युवकों की निर्मम पिटाई कर हत्या करने और नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्रों पर बर्बर पुलिस दमन के खिलाफ भाकपा-माले और इंसाफ मंच ने संयुक्त रूप से न्याय मार्च निकाला। यह मार्च माले कार्यालय कमरुद्दीनगंज से शुरू होकर अस्पताल मोड़ के पास एक सभा में तब्दील हो गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने शिरकत की। सभा की अध्यक्षता खेग्रामस जिलाध्यक्ष कामरेड प्रमोद यादव ने की, जबकि मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के जिला सचिव कामरेड श्रीनिवास शर्मा, इंसाफ मंच के जिला संयोजक कामरेड मो सरफराज़, इनौस जिला अध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, भाकपा-माले चंडी-नगरनौसा प्रखंड प्रभारी कामरेड रामदास अकेला, कराय प्रखंड सचिव कामरेड रविंद्र पासवान, बेन प्रखंड सचिव कामरेड महेंद्र राम, इस्लामपुर प्रखंड सचिव कामरेड उमेश पासवान, हिलसा प्रखंड सचिव कामरेड अरुण यादव, बिहारशरीफ प्रखंड प्रभारी कामरेड सुनील कुमार, सरमेरा अस्थावां प्रखंड प्रभारी कामरेड शैलेश यादव, खेग्रामस जिला सचिव कामरेड रामधारी दास, नूरसराय प्रखंड प्रभारी कामरेड मकसूदन शर्मा, जिला कमेटी सदस्य कामरेड अनिल पटेल, किसान महासभा जिला सचिव कामरेड मुनीलाल यादव, फुटपाथ दुकानदार संघ के नेता कामरेड किशोर साव, जिला कमिटी सदस्य कामरेड जनार्दन प्रसाद, जिला कमिटी सदस्य कामरेड चुन्नु चन्द्रवंशी और जिला कमेटी सदस्य कामरेड विजय यादव सहित अन्य नेतागण कर रहे थे। अस्पताल मोड़ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने नालंदा में अपराध और हत्याओं के बढ़ते तांते पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आधे दर्जन से ज़्यादा हत्या की घटनाएँ घट चुकी हैं और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं, जिससे विधि व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय में एक ही दिन में दोहरी हत्या को अंजाम देने के बाद भी अपराधी आराम से चंपत हो जाते हैं और पुलिस का काम सिर्फ लाश ढोना और पोस्टमार्टम करना रह गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से सवाल किया कि राजगीर मेला हत्याकांड के दोषियों को कितने दिनों के अंदर सजा मिलेगी और इस तरह के जघन्य अपराधों को रोकने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाकर अति शीघ्र कठोर सजा देना आवश्यक है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय जायज मांगों पर आंदोलन करने वालों की गिरफ्तारी और दमन कर रही है। उन्होंने नगरनौसा का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों, युवाओं और ग्रामीणों की प्रखंड मुख्यालय में ही डिग्री कॉलेज की मांग को जिला के वरीय पदाधिकारियों ने मान लिया था, लेकिन मंत्री और विधायक के दबाव में डिग्री कॉलेज दूसरी जगह बनाने लगे। इससे नाराज़ होकर लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया, जिसके जवाब में जिला प्रशासन ने पुलिस दमन के ज़रिए जनता की आवाज़ को दबाने की घृणित कोशिश की है। उन्होंने तीन छात्राओं सहित 39 लोगों की गिरफ्तारी और नगरनौसा के विभिन्न मोहल्लों में पुलिस की बर्बरता को बेहद निंदनीय बताया। नेताओं ने मांग की कि राजगीर मेला में पीट-पीट कर मार दिए गए दोनों दलित युवकों के परिजनों को समय सीमा के अंदर सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें ₹50-50 लाख का मुआवजा और सुरक्षा का पुख्ता इंतज़ाम किया जाए, तथा राजगीर हत्याकांड की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज शुरू करने की गारंटी देने, गिरफ्तार सभी छात्र-छात्राओं को बिना शर्त रिहा करने और छात्र-युवाओं पर निर्मम लाठीचार्ज तथा दमन के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई। नेताओं ने कहा कि संघ के निर्देशन में चलने वाली दिल्ली-पटना की भाजपा सरकार में लोकतंत्र और संविधान का कचूमर निकाल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 सालों से अघोषित इमरजेंसी लागू है और लोकतंत्र की आवाज़ का दमन आम घटना बन गया है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग, कोर्ट, आरबीआई और जांच करने वाली संवैधानिक संस्थाएं आरएसएस और भाजपा के कंट्रोल में संचालित हो रही हैं। नेताओं ने ज़ोर देकर कहा कि मोदी राज में असहमति को अपराध मान लिया गया है और मोदी सरकार क्रूर दमन का सहारा ले रही है, जिसके खिलाफ व्यापक एकजुटता के साथ आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है।
नालंदा के बिहारशरीफ में, राजगीर मेला घूमने गए गंजपर के दो दलित युवकों की निर्मम पिटाई कर हत्या करने और नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्रों पर बर्बर पुलिस दमन के खिलाफ भाकपा-माले और इंसाफ मंच ने संयुक्त रूप से न्याय मार्च निकाला। यह मार्च माले कार्यालय कमरुद्दीनगंज से शुरू होकर अस्पताल मोड़ के पास एक सभा में तब्दील हो गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने शिरकत की। सभा की अध्यक्षता खेग्रामस जिलाध्यक्ष कामरेड प्रमोद यादव ने की, जबकि मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के जिला सचिव कामरेड श्रीनिवास शर्मा, इंसाफ मंच के जिला संयोजक कामरेड मो सरफराज़, इनौस जिला अध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, भाकपा-माले चंडी-नगरनौसा प्रखंड प्रभारी कामरेड रामदास अकेला, कराय प्रखंड सचिव कामरेड रविंद्र पासवान, बेन प्रखंड सचिव कामरेड महेंद्र राम, इस्लामपुर प्रखंड सचिव कामरेड उमेश पासवान, हिलसा प्रखंड सचिव कामरेड अरुण यादव, बिहारशरीफ प्रखंड प्रभारी कामरेड सुनील कुमार, सरमेरा अस्थावां प्रखंड प्रभारी कामरेड शैलेश यादव, खेग्रामस जिला सचिव कामरेड रामधारी दास, नूरसराय प्रखंड प्रभारी कामरेड मकसूदन शर्मा, जिला कमेटी सदस्य कामरेड अनिल पटेल, किसान महासभा जिला सचिव कामरेड मुनीलाल यादव, फुटपाथ दुकानदार संघ के नेता कामरेड किशोर साव, जिला कमिटी सदस्य कामरेड जनार्दन प्रसाद, जिला कमिटी सदस्य कामरेड चुन्नु चन्द्रवंशी और जिला कमेटी सदस्य कामरेड विजय यादव सहित अन्य नेतागण कर रहे थे। अस्पताल मोड़ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने नालंदा में अपराध और हत्याओं के बढ़ते तांते पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आधे दर्जन से ज़्यादा हत्या की घटनाएँ घट चुकी हैं और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं, जिससे विधि व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय में एक ही दिन में दोहरी हत्या को अंजाम देने के बाद भी अपराधी आराम से चंपत हो जाते हैं और पुलिस का काम सिर्फ लाश ढोना और पोस्टमार्टम करना रह गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से सवाल किया कि राजगीर मेला हत्याकांड के दोषियों को कितने दिनों के अंदर सजा मिलेगी और इस तरह के जघन्य अपराधों को रोकने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाकर अति शीघ्र कठोर सजा देना आवश्यक है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय जायज मांगों पर आंदोलन करने वालों की गिरफ्तारी और दमन कर रही है। उन्होंने नगरनौसा का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों, युवाओं और ग्रामीणों की प्रखंड मुख्यालय में ही डिग्री कॉलेज की मांग को जिला के वरीय पदाधिकारियों ने मान लिया था, लेकिन मंत्री और विधायक के दबाव में डिग्री कॉलेज दूसरी जगह बनाने लगे। इससे नाराज़ होकर लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया, जिसके जवाब में जिला प्रशासन ने पुलिस दमन के ज़रिए जनता की आवाज़ को दबाने की घृणित कोशिश की है। उन्होंने तीन छात्राओं सहित 39 लोगों की गिरफ्तारी और नगरनौसा के विभिन्न मोहल्लों में पुलिस की बर्बरता को बेहद निंदनीय बताया। नेताओं ने मांग की कि राजगीर मेला में पीट-पीट कर मार दिए गए दोनों दलित युवकों के परिजनों को समय सीमा के अंदर सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें ₹50-50 लाख का मुआवजा और सुरक्षा का पुख्ता इंतज़ाम किया जाए, तथा राजगीर हत्याकांड की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज शुरू करने की गारंटी देने, गिरफ्तार सभी छात्र-छात्राओं को बिना शर्त रिहा करने और छात्र-युवाओं पर निर्मम लाठीचार्ज तथा दमन के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई। नेताओं ने कहा कि संघ के निर्देशन में चलने वाली दिल्ली-पटना की भाजपा सरकार में लोकतंत्र और संविधान का कचूमर निकाल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 सालों से अघोषित इमरजेंसी लागू है और लोकतंत्र की आवाज़ का दमन आम घटना बन गया है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग, कोर्ट, आरबीआई और जांच करने वाली संवैधानिक संस्थाएं आरएसएस और भाजपा के कंट्रोल में संचालित हो रही हैं। नेताओं ने ज़ोर देकर कहा कि मोदी राज में असहमति को अपराध मान लिया गया है और मोदी सरकार क्रूर दमन का सहारा ले रही है, जिसके खिलाफ व्यापक एकजुटता के साथ आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है।
- जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने कमलेश पासवान और सत्येन्द्र पासवान के साथ मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए 'स्पीड ट्रायल' की मांग को लेकर एक मुलाकात की। इस मुलाकात में जन सुराज के भावी प्रत्याशी कमलेश पासवान भी शामिल थे, जिन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ितों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।1
- राजगीर मलमास मेला के दौरान पिंटू पासवान और श्रवण पासवान नामक दो युवकों की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी की एक टीम शुक्रवार को दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव पहुंची। व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुमार विभूति ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की, अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया कि दोनों युवकों के साथ उनकी जाति पूछकर मारपीट की गई थी। जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इस दौरान, पार्टी के नेता ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और हाल की अन्य घटनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।1
- मनोज भारती ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए स्पीडी ट्रायल की भी मांग की।1
- ॐ शं शनिश्चराय नमः 💫🌺🌿♥️🙏 ॐ शं शनिश्चराय नमः ✨♥️🌿🌺🙏1
- गुरुग्राम, हरियाणा के सेक्टर 37 स्थित उद्योग विहार की अंजना कॉलोनी में कल रात 9:00 बजे एक भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपए का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँच गईं।1
- पिछले चुनाव में 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए' का नारा देने वाली BJP पर अब भगवान राम के नाम पर 'लूट' करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। दिल्ली से @ShuklaRajiv जी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि BJP-RSS ने लोगों की आस्था को धोखा दिया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राम मंदिर में नकद चढ़ावे को कम करके दिखाया जाता था, जबकि महिलाओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों का कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया। इस कथित धांधली पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि भगवान राम के नाम पर 'लूट' करने वालों को क्या सजा मिलनी चाहिए?1
- दिल्ली में, @ShuklaRajiv जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भगवान राम के नाम पर लोगों की आस्था के साथ धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर लूट की गई है और सवाल उठाया कि इसके लिए क्या सजा होनी चाहिए। राजीव शुक्ला जी के अनुसार, राम मंदिर में चढ़ाए गए नकद चढ़ावे को कम करके दिखाया जाता था, वहीं महिलाओं द्वारा दान किए गए आभूषणों का तो कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा-आरएसएस ने लोगों की आस्था को धोखा दिया है।1
- यह श्रद्धापूर्वक व्यक्त किया गया है कि संसार का सृजन करने वाले परम शक्ति को भगवान के नाम से जाना जाता है। इसी प्रकार, भक्तों के सभी प्रकार के संकटों और बाधाओं को हरने वाले को हनुमान के रूप में पुकारा जाता है, जिनकी महिमा अपरंपार है।1