कोथरा खुर्द से धूमधाम से रवाना हुई कांवड़ यात्रा, पुलिस रही मुस्तैद कोथरा खुर्द से धूमधाम से रवाना हुई कांवड़ यात्रा, पुलिस रही मुस्तैद चांदा, सुलतानपुर। थाना कोतवाली चांदा क्षेत्र के ग्राम सभा कोथरा खुर्द से बुधवार को श्रद्धा, उत्साह और "बोल बम" के जयघोष के बीच कांवड़ यात्रा धूमधाम से रवाना हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को विदा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। कांवड़ यात्रा का नेतृत्व संयोजक मुन्नालाल पांडेय 'बम' ने किया। श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा में मुन्नालाल पांडेय बम, संजय पांडेय बम, सभाजीत पांडेय बम, धर्मवीर पांडेय, आनंद कुमार पांडेय, प्रमोद पांडेय, रानू पांडेय, हैप्पी मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अमन पांडेय, रंजीत पांडेय, नन्हकऊ पांडेय सहित बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक अवधेश सिंह यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी पूरे समय मौजूद रहे और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा संपन्न कराने के लिए सतर्कता बरतते रहे। ग्रामीणों ने सभी कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए भावभीनी विदाई दी।
कोथरा खुर्द से धूमधाम से रवाना हुई कांवड़ यात्रा, पुलिस रही मुस्तैद कोथरा खुर्द से धूमधाम से रवाना हुई कांवड़ यात्रा, पुलिस रही मुस्तैद चांदा, सुलतानपुर। थाना कोतवाली चांदा क्षेत्र के ग्राम सभा कोथरा खुर्द से बुधवार को श्रद्धा, उत्साह और "बोल बम" के जयघोष के बीच कांवड़ यात्रा धूमधाम
से रवाना हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को विदा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। कांवड़ यात्रा का नेतृत्व संयोजक मुन्नालाल पांडेय 'बम' ने किया। श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे
और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा में मुन्नालाल पांडेय बम, संजय पांडेय बम, सभाजीत पांडेय बम, धर्मवीर पांडेय, आनंद कुमार पांडेय, प्रमोद पांडेय, रानू पांडेय, हैप्पी मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अमन पांडेय, रंजीत पांडेय, नन्हकऊ पांडेय सहित बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी
चाक-चौबंद रही। उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक अवधेश सिंह यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी पूरे समय मौजूद रहे और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा संपन्न कराने के लिए सतर्कता बरतते रहे। ग्रामीणों ने सभी कांवड़ियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए भावभीनी विदाई दी।
- जिलाधिकारी के निर्देश पर उर्वरक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई, 111 दुकानों का औचक निरीक्षण। ओवररेटिंग पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 27 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस। जिलाधिकारी के निर्देश पर उर्वरक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई, 111 दुकानों का औचक निरीक्षण। ओवररेटिंग पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 27 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस। अमेठी। जनपद के किसानों को निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, ओवररेटिंग एवं टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर बुधवार को जनपद भर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 13 जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमों ने सभी 13 विकासखंडों में कुल 111 उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन उर्वरकों के नमूने भी संकलित किए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में ये नमूने मानक विहीन पाए जाते हैं तो संबंधित उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर अभिलेख अपूर्ण पाए गए। इसके अलावा कहीं रेट बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं थे या अद्यतन नहीं किए गए थे, जबकि कुछ स्थानों पर पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। कुछ प्रतिष्ठान बंद भी मिले। इन अनियमितताओं के चलते 27 उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया उर्वरक की बिक्री किए जाने की पुष्टि होने पर मेसर्स राजेश खाद भंडार, फुरसतगंज तथा अमृतलाल खाद भंडार, फुरसतगंज के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को उर्वरक वितरण के दौरान अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, क्षेत्र चकबंदी में है अथवा अन्य किसी तकनीकी कारण से समस्या उत्पन्न हो रही है, तब भी उसे उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी प्रकार की बाधा न डाली जाए। जिलाधिकारी संजय चौहान ने उर्वरक वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी 13 विकासखंडों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें गठित की थीं। इन टीमों को उर्वरक बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, यूरिया एवं फास्फेटिक उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग तथा स्टॉक की वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। अभियान में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, उपायुक्त एनआरएलएम, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता नलकूप, डीसी मनरेगा, जिला उद्यान अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, क्षेत्रीय अधिकारी इफको तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। जनपद में 10,757 मीट्रिक टन यूरिया, 3,760 मीट्रिक टन डीएपी, 86.66 मीट्रिक टन एमओपी, 1,873 मीट्रिक टन एनपीके तथा 2,102 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अगस्त माह के उर्वरक आपूर्ति कार्यक्रम के अनुसार जनपद को 8,400 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया भी प्राप्त हो जाएगी, जिससे किसानों की मांग पूरी करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा कालाबाजारी, ओवररेटिंग, टैगिंग या अन्य अनियमितता किए जाने की शिकायत सत्य पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।2
- *जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने गरीब मरीजों को दी आर्थिक सहायता* *अमेठी* गरीब और असहाय परिवारों की मदद के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष *राजेश मसाला* ने मंगलवार को आर्थिक सहायता घर घर जाकर वितरित की। उन्होंने क्षेत्र के बीमार और जरूरतमंद लोगों को इलाज व ऑपरेशन के लिए नगद सहायता राशि प्रदान की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने तीन जरूरतमंद परिवारों को सहायता राशि के चेक/नगद दिए। 1. *ओम प्रकाश मौर्य* पुत्र स्व. सूर्यनारायण मौर्य, निवासी खैपुर बुजुर्ग को डायलिसिस के ऑपरेशन के लिए *20,000 रुपयेकी आर्थिक सहायता दी गई। 2. *अनिल विश्वकर्मा* पुत्र शिवनारायण विश्वकर्मा, निवासी मोहनपुर चड़रिया को बांया हाथ का ऑपरेशन कराने के लिए *10,000 रुपये* की सहायता प्रदान की गई। 3. *ओम प्रकाश धुरिया* पुत्र स्व. रामखिलावन तिवारी, निवासी ग्राम टिहवा अम्बरपुर को मलु होने पर *10,000 रुपये* की आर्थिक मदद दी गई। इस अवसर पर *बीरेंद्र यादव, हरिकेश श्रीवास्तव* सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। सहायता पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी देखी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने कहा कि गरीब परिवारों को इलाज के अभाव में दिक्कत न हो, इसके लिए वे हमेशा मदद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे जरूरतमंद लोगों की पहचान कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ में मौजूद लोगों ने अध्यक्ष के इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी।3
- अमेठी के सपा नेता, राजेश मिश्रा ने सरकार पर साधा निशाना जनेश्वर मिश्र जयंती समारोह में शामिल हुए अमेठी के सपा नेता, राजेश मिश्रा ने सरकार पर साधा निशाना लखनऊ/अमेठी। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं "छोटे लोहिया" स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में अमेठी से समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं ने जनेश्वर मिश्र के विचारों और समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। अमेठी से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के निर्देश पर जिला प्रवक्ता राजेश मिश्रा एडवोकेट के नेतृत्व में दर्जनों वाहनों से कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। उनके साथ नरेंद्र पाठक, अनुज मिश्रा, संतोष शर्मा, शिवकुमार दुबे, दिनेश पांडे, रवींद्र शुक्ला, दीपू तिवारी सहित अनेक समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राजेश मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र ने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित किया। उनके आदर्श आज भी समाजवादी आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनेश्वर मिश्र पार्क और लोहिया पार्क में कार्यक्रम की अनुमति न देकर उत्तर प्रदेश सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं और ब्राह्मण समाज की भावनाओं का अपमान किया है। राजेश मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी अन्याय और भेदभाव के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती रहेगी तथा जनेश्वर मिश्र के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं ने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने और संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने का संकल्प भी लिया।1
- जिलाधिकारी के निर्देश पर उर्वरक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई, 111 दुकानों का औचक निरीक्षण। ओवररेटिंग पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 27 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस। जिलाधिकारी के निर्देश पर उर्वरक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई, 111 दुकानों का औचक निरीक्षण। ओवररेटिंग पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 27 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस। अमेठी। जनपद के किसानों को निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, ओवररेटिंग एवं टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर बुधवार को जनपद भर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 13 जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमों ने सभी 13 विकासखंडों में कुल 111 उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन उर्वरकों के नमूने भी संकलित किए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में ये नमूने मानक विहीन पाए जाते हैं तो संबंधित उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर अभिलेख अपूर्ण पाए गए। इसके अलावा कहीं रेट बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं थे या अद्यतन नहीं किए गए थे, जबकि कुछ स्थानों पर पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। कुछ प्रतिष्ठान बंद भी मिले। इन अनियमितताओं के चलते 27 उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया उर्वरक की बिक्री किए जाने की पुष्टि होने पर मेसर्स राजेश खाद भंडार, फुरसतगंज तथा अमृतलाल खाद भंडार, फुरसतगंज के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को उर्वरक वितरण के दौरान अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, क्षेत्र चकबंदी में है अथवा अन्य किसी तकनीकी कारण से समस्या उत्पन्न हो रही है, तब भी उसे उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी प्रकार की बाधा न डाली जाए। जिलाधिकारी संजय चौहान ने उर्वरक वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी 13 विकासखंडों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें गठित की थीं। इन टीमों को उर्वरक बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, यूरिया एवं फास्फेटिक उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग तथा स्टॉक की वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। अभियान में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, उपायुक्त एनआरएलएम, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता नलकूप, डीसी मनरेगा, जिला उद्यान अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, क्षेत्रीय अधिकारी इफको तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। जनपद में 10,757 मीट्रिक टन यूरिया, 3,760 मीट्रिक टन डीएपी, 86.66 मीट्रिक टन एमओपी, 1,873 मीट्रिक टन एनपीके तथा 2,102 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अगस्त माह के उर्वरक आपूर्ति कार्यक्रम के अनुसार जनपद को 8,400 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया भी प्राप्त हो जाएगी, जिससे किसानों की मांग पूरी करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा कालाबाजारी, ओवररेटिंग, टैगिंग या अन्य अनियमितता किए जाने की शिकायत सत्य पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।2
- देर रात गांव में निकला विशाल अजगर, ग्रामीणों में मचा हड़कंप, डायल 112 पुलिस ने सुरक्षित कराया रेस्क्यू संग्रामपुर/अमेठी। विकासखंड संग्रामपुर क्षेत्र के भिच्छुक मिश्र धोएं गांव में बुधवार देर रात एक विशाल अजगर निकल आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया तथा तत्काल डायल 112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय निवासी दीपक अटल ने पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अजगर को सुरक्षित पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित काबू में कर लिया गया। इसके बाद पुलिस टीम और दीपक अटल सहित ग्रामीणों ने अजगर को गांव से दूर जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पहली बार इतना बड़ा अजगर दिखाई दिया, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया था। हालांकि समय रहते पुलिस के पहुंचने और स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और डायल 112 पुलिस के साथ-साथ स्थानीय निवासी दीपक अटल की सराहना की, जिनकी तत्परता और सहयोग से वन्यजीव को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।2
- जल भराव बना मासूमों की जान का दुश्मन स्कूल जाते समय पलटा ई रिक्शा बाल-बाल- बची कई जिंदगियां सोशल मीडिया पर वायरल कानपुर। शहर में हुई तेज बारिश के बाद जलभराव और जर्जर सड़कों ने बड़ा हादसा करा दिया। किदवई नगर स्थित यूपी किराना सेवा समिति स्कूल के सामने बच्चों से भरा ई-रिक्शा पानी से भरी टूटी सड़क पर पलट गया। हादसे में कई बच्चे घायल हो गए, जबकि एक बच्ची पानी में गिरकर चोटिल हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हैरानी की बात यह रही कि अभिभावक बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे तो वहां छुट्टी का नोटिस मिला। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने समय रहते छुट्टी की सूचना नहीं दी, बल्कि बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई थी। दूसरी ओर नगर निगम की लापरवाही से जलभराव और टूटी सड़कें हादसे की वजह बनीं। अब अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि जब न सड़कें सुरक्षित हैं और न ही समय पर सूचना देने की व्यवस्था, तो आखिर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? मामले को जिला प्रशासन तक पहुंचाया जा रहा है। फिलहाल स्कूल प्रशासन और नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1