लखीसराय। ड्रोन से खेतों में होगा दवा और उर्वरक का छिड़काव, छोटे किसानों को मिल रही 50% सब्सिडी अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने की पहल, 3,675 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित लखीसराय। खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से ड्रोन तकनीक से फसलों में कीटनाशक एवं तरल उर्वरक के छिड़काव की योजना चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लखीसराय जिले में कुल 3,675 एकड़ में छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। पौधा संरक्षण संभाग की ओर से चानन प्रखंड की जानकीडीह, कछुआ और महजनवां पंचायतों में धान की फसल पर ड्रोन से छिड़काव कराया जा रहा है। फसल की अवस्था, कीट-व्याधि की पहचान और अनुशंसित पौधा संरक्षण उपायों के आधार पर फॉल्स स्मट, पीला तना छेदक और भूरा तना मधुआ जैसी समस्याओं के प्रबंधन के लिए यह पहल की गई है। ड्रोन से कम समय में प्रभावी छिड़काव होने से किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक का लाभ मिल रहा है। लाभुक किसानों में उत्साह योजना के तहत जानकीडीह पंचायत के ऋषिदेव कुमार, ज्ञानदेव बिंद और महेश बिंद, कछुआ पंचायत के ब्रह्मदेव कोढ़ा, सनोज कोढ़ा और पप्पू कोढ़ा तथा महजनवां पंचायत के बजरंगी कोढ़ा और सीताराम कोढ़ा सहित अन्य किसानों को लाभ मिल रहा है। ड्रोन तकनीक से छिड़काव को लेकर किसानों में उत्साह और संतोष देखा जा रहा है। सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, लखीसराय अंकित आनंद ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीक को छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों तक पहुंचाना है। इससे किसानों को कृषि की मुख्यधारा से जोड़ने, खेती की लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी। 419 रुपये प्रति एकड़ है छिड़काव की निर्धारित लागत योजना के तहत ड्रोन से छिड़काव की निर्धारित लागत 419 रुपये प्रति एकड़ है। इस पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके अनुसार किसानों को लगभग 210 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी। इसके अतिरिक्त योजना के प्रावधानों के अनुसार जैविक एवं रासायनिक तरल उर्वरक, फफूंदनाशी, कीटनाशी, खरपतवारनाशी तथा अन्य अनुमन्य कृषि रसायनों पर अधिकतम 200 रुपये प्रति एकड़ की अतिरिक्त छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन कर उठा सकते हैं लाभ योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान कृषि विभाग, बिहार सरकार के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल पर स्व-घोषणा पत्र भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ क्षेत्र के लिए आवेदन कर सकता है। योजना का लाभ 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा। पौधा संरक्षण संभाग का लक्ष्य आधुनिक कृषि तकनीक को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े किसानों तक पहुंचाना है, ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
लखीसराय। ड्रोन से खेतों में होगा दवा और उर्वरक का छिड़काव, छोटे किसानों को मिल रही 50% सब्सिडी अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने की पहल, 3,675 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित लखीसराय। खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से ड्रोन तकनीक से फसलों में कीटनाशक एवं तरल उर्वरक के छिड़काव की योजना चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लखीसराय जिले में कुल 3,675 एकड़ में छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। पौधा संरक्षण संभाग की ओर से चानन प्रखंड की जानकीडीह, कछुआ और महजनवां पंचायतों में धान की फसल पर ड्रोन से छिड़काव कराया जा रहा है। फसल की अवस्था, कीट-व्याधि की पहचान और अनुशंसित पौधा संरक्षण उपायों के आधार पर फॉल्स स्मट, पीला तना छेदक और भूरा तना मधुआ जैसी समस्याओं के प्रबंधन के लिए यह पहल की गई है। ड्रोन से कम समय में प्रभावी छिड़काव होने से किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक का लाभ मिल रहा है। लाभुक किसानों में उत्साह योजना के तहत जानकीडीह पंचायत के ऋषिदेव कुमार, ज्ञानदेव बिंद और महेश बिंद, कछुआ पंचायत के ब्रह्मदेव कोढ़ा, सनोज कोढ़ा और पप्पू कोढ़ा तथा महजनवां पंचायत के बजरंगी कोढ़ा और सीताराम कोढ़ा सहित अन्य किसानों को लाभ मिल रहा है। ड्रोन तकनीक से छिड़काव को लेकर किसानों में उत्साह और संतोष देखा जा रहा है। सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, लखीसराय अंकित आनंद ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीक को छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों तक पहुंचाना है। इससे किसानों को कृषि की मुख्यधारा से जोड़ने, खेती की लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी। 419 रुपये प्रति एकड़ है छिड़काव की निर्धारित लागत योजना के तहत ड्रोन से छिड़काव की निर्धारित लागत 419 रुपये प्रति एकड़ है। इस पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके अनुसार किसानों को लगभग 210 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी। इसके अतिरिक्त योजना के प्रावधानों के अनुसार जैविक एवं रासायनिक तरल उर्वरक, फफूंदनाशी, कीटनाशी, खरपतवारनाशी तथा अन्य अनुमन्य कृषि रसायनों पर अधिकतम 200 रुपये प्रति एकड़ की अतिरिक्त छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन कर उठा सकते हैं लाभ योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान कृषि विभाग, बिहार सरकार के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल पर स्व-घोषणा पत्र भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ क्षेत्र के लिए आवेदन कर सकता है। योजना का लाभ 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा। पौधा संरक्षण संभाग का लक्ष्य आधुनिक कृषि तकनीक को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े किसानों तक पहुंचाना है, ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
- लखीसराय। ड्रोन से खेतों में होगा दवा और उर्वरक का छिड़काव, छोटे किसानों को मिल रही 50% सब्सिडी अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने की पहल, 3,675 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित लखीसराय। खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से ड्रोन तकनीक से फसलों में कीटनाशक एवं तरल उर्वरक के छिड़काव की योजना चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लखीसराय जिले में कुल 3,675 एकड़ में छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। पौधा संरक्षण संभाग की ओर से चानन प्रखंड की जानकीडीह, कछुआ और महजनवां पंचायतों में धान की फसल पर ड्रोन से छिड़काव कराया जा रहा है। फसल की अवस्था, कीट-व्याधि की पहचान और अनुशंसित पौधा संरक्षण उपायों के आधार पर फॉल्स स्मट, पीला तना छेदक और भूरा तना मधुआ जैसी समस्याओं के प्रबंधन के लिए यह पहल की गई है। ड्रोन से कम समय में प्रभावी छिड़काव होने से किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक का लाभ मिल रहा है। लाभुक किसानों में उत्साह योजना के तहत जानकीडीह पंचायत के ऋषिदेव कुमार, ज्ञानदेव बिंद और महेश बिंद, कछुआ पंचायत के ब्रह्मदेव कोढ़ा, सनोज कोढ़ा और पप्पू कोढ़ा तथा महजनवां पंचायत के बजरंगी कोढ़ा और सीताराम कोढ़ा सहित अन्य किसानों को लाभ मिल रहा है। ड्रोन तकनीक से छिड़काव को लेकर किसानों में उत्साह और संतोष देखा जा रहा है। सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, लखीसराय अंकित आनंद ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीक को छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों तक पहुंचाना है। इससे किसानों को कृषि की मुख्यधारा से जोड़ने, खेती की लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी। 419 रुपये प्रति एकड़ है छिड़काव की निर्धारित लागत योजना के तहत ड्रोन से छिड़काव की निर्धारित लागत 419 रुपये प्रति एकड़ है। इस पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके अनुसार किसानों को लगभग 210 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी। इसके अतिरिक्त योजना के प्रावधानों के अनुसार जैविक एवं रासायनिक तरल उर्वरक, फफूंदनाशी, कीटनाशी, खरपतवारनाशी तथा अन्य अनुमन्य कृषि रसायनों पर अधिकतम 200 रुपये प्रति एकड़ की अतिरिक्त छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन कर उठा सकते हैं लाभ योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान कृषि विभाग, बिहार सरकार के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल पर स्व-घोषणा पत्र भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ क्षेत्र के लिए आवेदन कर सकता है। योजना का लाभ 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा। पौधा संरक्षण संभाग का लक्ष्य आधुनिक कृषि तकनीक को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े किसानों तक पहुंचाना है, ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।1
- "हत्या" के काण्ड में वांछित एवं जिले के "टॉप-10 अपराधकर्मी" में शामिल अपराधी सिकंदर साव गिरफ्तार "हत्या" के काण्ड में वांछित एवं जिले के "टॉप-10 अपराधकर्मी" में शामिल अपराधी सिकंदर साव गिरफ्तार इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवम कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि दिनांक-18.05.2024 को वादिनी मंजू देवी द्वारा पुलिस के समक्ष बयान दिया गया था कि इनके पड़ोसी अशोक साव, सिकंदर साव एवं अन्य के द्वारा गोली मारकर इनकी सास को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया है तथा ननद बसंती देवी उर्फ वाषो देवी की हत्या कर दी गई है। उक्त घटना के संबंध में वादिनी के फर्दब्यान के आधार पर लखीसराय थाना कांड संख्या-311/24, दिनांक-18.05.2024, धारा-302/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया था। उक्त कांड में लखीसराय थाना द्वारा 04 अभियुक्तों के विरूद्ध आरोप-पत्र समर्पित किया जा चुका था तथा अन्य के विरूद्ध अनुसंधान जारी था एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा था।पुलिस अधीक्षक लखीसराय के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में जिले के टॉप-10 अपराधियों, कांड में वांछित एवं फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर विशेष छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था, इसी क्रम में आज दिनांक-24.10.2026 को गठित टीम के द्वारा हत्या के कांड में वांछित एवं जिले के टॉप-10 अपराधकर्मी में शामिल सिंकदर साव को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अपराधकर्मी सिकंदर साव को अन्य कांडों में रिमांड कराया जाएगा। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम एवं पता- सिकंदर साव, पे०- रामजी साह, सा० धर्मरायचक, थाना लखीसराय, जिला लखीसराय अभियुक्त का आपराधिक इतिहास- 1. लखीसराय थाना काण्ड संख्या-311/24, दिनांक 18.05.2024, धारा 302/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट। 2. लखीसराय थाना काण्ड संख्या-827/23, दिनांक-26.10.2023, धारा 342/323/307/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट। 3. लखीसराय थाना काण्ड संख्या-981/23, दिनांक 14.12.2023, धारा-341/323/307/354 (a)/504/506/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट । 4. लखीसराय थाना काण्ड संख्या-303/24, दिनांक 16.05.2024, धारा-341/323/337/307 /504/506/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट । 5. लखीसराय थाना काण्ड संख्या-299/23, दिनांक 02.05.2023, धारा-341/323/325/379 /354/307/448 भा०द०वि० । छापेमारी दल में शामिल पुलिसकर्मी- 1. पु०नि० अशोक कुमार, थानाध्यक्ष, लखीसराय थाना 2. पु०अ०नि० सौरव कुमार, लखीसराय थाना 3. सशस्त्र बल, लखीसराय थाना 4. DIU एवं STF, लखीसराय।1
- हत्या कांड में फरार आरोपी सिकंदर साव गिरफ्तार, जिले के टॉप-10 अपराधियों में था शामिल **लखीसराय।** लखीसराय पुलिस ने हत्या कांड में वांछित एवं जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल सिकंदर साव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस टीम को यह सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, 18 मई 2024 को वादिनी मंजू देवी ने पुलिस के समक्ष बयान दिया था कि उनके पड़ोसी अशोक साव, सिकंदर साव एवं अन्य लोगों ने गोली मारकर उनकी सास को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। साथ ही, उनकी ननद बसंती देवी उर्फ बापो देवी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में लखीसराय थाना कांड संख्या 311/24 के तहत 18 मई 2024 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 एवं आर्म्स एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया जा चुका था, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में जिले के टॉप-10 अपराधियों, हत्या कांड में वांछित और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। इसी अभियान के तहत 24 अक्टूबर 2026 को सिकंदर साव को गिरफ्तार किया गया। **गिरफ्तार आरोपी की पहचान** सिकंदर साव, पिता रामजी साव, निवासी धर्मरायचक, थाना एवं जिला लखीसराय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध लखीसराय थाना में हत्या समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2023 और 2024 के विभिन्न कांड शामिल हैं। पुलिस अब उसे अन्य मामलों में भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की प्रक्रिया अपनाएगी। छापेमारी दल में लखीसराय थानाध्यक्ष पु.अ.नि. अशोक कुमार, पु.अ.नि. सौरभ कुमार, लखीसराय थाना के सशस्त्र बल तथा डीआईयू एवं एसटीएफ की टीम शामिल थी। **लखीसराय पुलिस ने कहा है कि अपराधियों की गिरफ्तारी और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।**3
- 🌱🌾 10+ साल की प्राकृतिक खेती का अनुभव! 💚 5 एकड़ बालू वाली बंजर जमीन को अपनी मेहनत और प्राकृतिक एवं जैविक खेती के तरीकों से उपजाऊ बनाया। 🌿🙏 हमारा संकल्प है—मिट्टी बचाना, प्रकृति बचाना और किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना। 🌍🌱 💚 प्राकृतिक खेती कीजिए और स्वस्थ रहिए। 🌱🌾 10+ साल की प्राकृतिक खेती का अनुभव! 💚 5 एकड़ बालू वाली बंजर जमीन को अपनी मेहनत और प्राकृतिक एवं जैविक खेती के तरीकों से उपजाऊ बनाया। 🌿🙏 हमारा संकल्प है—मिट्टी बचाना, प्रकृति बचाना और किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना। 🌍🌱 💚 प्राकृतिक खेती कीजिए और स्वस्थ रहिए।1
- बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्री कृष्णा सिंह 139 में जयंती मनाई गई कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश सिंह के नेतृत्व में बाबू सभागार भवन परिसर में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे पहुंचे। बेगूसराय कांग्रेस पार्टी जिला अध्यक्ष शिव गरीबदास ने बेगूसराय में बरौनी रिफायनरी फर्टिलाइजर लगाने पर लोगों को बताया।2
- पार्टी की कार्रवाई के बाद अनंत सिंह ने कहा पार्टी नीतीश का था अब नीतीश नहीं रहे तो पार्टी में कौन रहा- - ? पार्टी की कार्रवाई के बाद अनंत सिंह ने कहा पार्टी नीतीश का था अब नीतीश नहीं रहे तो पार्टी में कौन रहा- - ?1
- करंडे थाना क्षेत्र में 25 लीटर चुलाई शराब बरामद, आरोपी फरार तथा शराब बनाने के उपकरण भी जब्त। करंडे थाना क्षेत्र में 25 लीटर चुलाई शराब बरामद, आरोपी फरार तथा शराब बनाने के उपकरण भी जब्त। करंडे थाना क्षेत्र के उकसी गांव से करीब दो किलोमीटर पश्चिम बधार इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर 25 लीटर चुलाई शराब बरामद की है। इस दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक बड़ा सिलेंडर, बर्तन समेत अन्य सामग्री भी जब्त की गई। हालांकि, पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद आरोपी फरार होने में सफल रहा।मामले में उकसी गांव निवासी राजेंद्र महतो के पुत्र भीमसेन महतो को आरोपी बताया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उक्त इलाके में चुलाई शराब बनाने का काम किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 25 लीटर चुलाई शराब के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी भीमसेन महतो पुलिस को देखकर घटनास्थल से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने मौके से बरामद शराब और शराब बनाने की सामग्री को जब्त कर लिया। फरार आरोपी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।इस संबंध में करंडे थानाध्यक्ष ममता गिरी ने रविवार की सुबह 10 बजे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध शराब के निर्माण और कारोबार के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस फरार आरोपी के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।1
- **लखीसराय में संरक्षित पुरातात्विक स्थल 'बलगुदर टीला' पर अतिक्रमण, तबेले बनाकर हो रही मिट्टी की अवैध कटाई ऐतिहासिक धरोहर पर मंडराया खतरा, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग लखीसराय। जिले के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले संरक्षित राजकीय पुरातात्विक स्थल 'बलगुदर टीला' का अस्तित्व इन दिनों खतरे में है। आरोप है कि कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने टीले के परिसर में अवैध रूप से गाय-भैंस का तबेला बनाकर कब्जा जमा लिया है। इसके साथ ही टीले से लगातार अवैध रूप से मिट्टी की कटाई भी की जा रही है, जिससे इस प्राचीन धरोहर का मूल स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। **धरोहर को पहुंच रहा गंभीर नुकसान** स्थानीय लोगों के अनुसार, टीले पर पशु बांधने के लिए खूंटे गाड़े गए हैं, जिससे संरचना को सीधा नुकसान पहुंच रहा है। पशुओं के कारण फैल रही गंदगी से स्थल की पवित्रता और स्वच्छता भी प्रभावित हो रही है। सबसे बड़ी चिंता निरंतर हो रही मिट्टी कटाई को लेकर है, जिससे टीले के भीतर दबे कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक अवशेषों के नष्ट होने की प्रबल आशंका है। **इतिहासकारों और स्थानीय लोगों में चिंता** पुरातात्विक टीले वर्षों के इतिहास को अपने गर्भ में समेटे होते हैं और एक बार नष्ट होने के बाद उन्हें दोबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र के इतिहास से जुड़ी अमूल्य जानकारियां हमेशा के लिए खो सकती हैं। स्थानीय जागरूक नागरिकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। **प्रशासन से मांग** नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि: - टीले परिसर से अवैध तबेले और अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए। - अवैध मिट्टी कटाई पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो। - स्थल की घेराबंदी कर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की जाए। - टीले के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार की ठोस योजना बनाई जाए।2