कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब दिलावरपुरा से बीघोता धाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने लगाए जयकारे, जगह-जगह हुआ स्वागत दौसा। बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र के गांव दिलावरपुरा में श्री कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ हजारों महिला-पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए। डीजे की धुन पर श्रद्धालु कल्लाजी महाराज के भजनों और जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते नजर आए। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई पदयात्रा का कारवां लगातार बढ़ता गया। यात्रा ऐचेडी, करनावर, जोनेटा, नारायणपुर और नाथलवाड़ा होते हुए शाम करीब 4 बजे बीघोता धाम पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, नींबू पानी, शरबत और केले की प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसका यात्रियों ने आनंद लिया। बीघोता धाम पहुंचने पर मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन हुआ। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी रहीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कल्लाजी महाराज के दर्शन किए। मीडिया प्रभारी जयसिंह मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं में मान्यता है कि जहरीले कीड़े-मकोड़ों या सर्प के काटने से पीड़ित व्यक्ति को कल्लाजी महाराज के दर्शन से लाभ मिलता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब दिलावरपुरा से बीघोता धाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने लगाए जयकारे, जगह-जगह हुआ स्वागत दौसा। बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र के गांव दिलावरपुरा में श्री कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ हजारों महिला-पुरुष एवं बच्चे
शामिल हुए। डीजे की धुन पर श्रद्धालु कल्लाजी महाराज के भजनों और जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते नजर आए। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई पदयात्रा का कारवां लगातार बढ़ता गया। यात्रा ऐचेडी, करनावर, जोनेटा, नारायणपुर और नाथलवाड़ा होते हुए शाम करीब 4 बजे बीघोता धाम पहुंची। रास्ते में
जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, नींबू पानी, शरबत और केले की प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसका यात्रियों ने आनंद लिया। बीघोता धाम पहुंचने पर मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन हुआ। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी रहीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कल्लाजी महाराज के
दर्शन किए। मीडिया प्रभारी जयसिंह मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं में मान्यता है कि जहरीले कीड़े-मकोड़ों या सर्प के काटने से पीड़ित व्यक्ति को कल्लाजी महाराज के दर्शन से लाभ मिलता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
- डीएनटी समाज की 12 मांगों की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंचाने का संकल्प टोड़ा ठेकला में डीएनटी संघर्ष समिति का सम्मेलन, शिक्षा, रोजगार, आवास, आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर उठी बुलंद आवाज समाज के विकास के लिए सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग, मंडावरी पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था मंडावरी/टोड़ा ठेकला। डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू) समाज के अधिकारों और विकास को लेकर टोड़ा ठेकला में डीएनटी संघर्ष समिति की ओर से सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज की विभिन्न समस्याओं पर व्यापक चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष 12 सूत्रीय मांग-पत्र रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, आवास, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस नीतियां लागू करने की आवश्यकता है। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में डीएनटी समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद आज भी अनेक परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जातिगत पहचान और प्रमाण-पत्रों में विसंगतियों के कारण कई परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से रह जाते हैं। ऐसे में सरकार को सभी संबंधित समुदायों की वास्तविक सामाजिक स्थिति का सर्वे कराकर उन्हें उचित पहचान और अधिकार देने चाहिए। जातिगत पहचान में विसंगतियां दूर करने की मांग डीएनटी संघर्ष समिति ने मांग की कि विभिन्न जातियों के नाम और उनकी पहचान से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए। मांग-पत्र में संबंधित समुदायों के सही नाम दर्ज करने, सूची में छूटे हुए समाजों को शामिल करने तथा प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी गई। 10 प्रतिशत आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग सम्मेलन में सरकारी नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के अनेक वर्ग पहले से ही एससी, एसटी और ओबीसी जैसी श्रेणियों में शामिल हैं, लेकिन आरक्षण का वास्तविक लाभ पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए आरक्षण के भीतर अलग व्यवस्था किए जाने की मांग रखी गई। पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों में भी डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने, तथा समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। आवास और जमीन का अधिकार सम्मेलन में लंबे समय से जहां परिवार रह रहे हैं, वहां उनके आवास और बाड़ों को नियमित करने की मांग भी रखी गई। शहरों में आवास के लिए 100 वर्ग गज तथा गांवों में 300 वर्ग गज भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई। पशुपालन करने वाले परिवारों के लिए पशुओं के बाड़े हेतु अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की बात भी मांग-पत्र में शामिल रही। शिक्षा को विकास की सबसे बड़ी कुंजी बताया वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक तरक्की शिक्षा के बिना संभव नहीं है। डीएनटी समाज के लिए शिक्षा बजट में अलग से 10 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित कर आवासीय विद्यालय, कला महाविद्यालय, महा आंगनबाड़ी, छात्रावास और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाने की मांग की गई। साथ ही बच्चों की शिक्षा के लिए ‘कहीं भी शिक्षा’ जैसी व्यवस्था लागू करने, निजी विद्यालयों में प्रवेश में प्राथमिकता देने तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस सरकार द्वारा वहन करने की मांग भी उठाई गई। महिलाओं और युवाओं के रोजगार पर जोर सम्मेलन में महिलाओं और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर मैन्युफैक्चरिंग और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि डीएनटी समाज में परंपरागत रूप से अनेक हुनर मौजूद हैं, जिन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और बाजार से जोड़कर स्वरोजगार और रोजगार के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं। विदेश में पढ़ाई के लिए सरकारी सहायता की मांग समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने और उनका पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने की मांग भी रखी गई। समिति ने हर वर्ष 1000 विद्यार्थियों को विदेश में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा डीएनटी समाज के लिए अलग मंत्रालय, वित्त निगम और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी सम्मेलन में उठाई गई, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को व्यवसाय एवं स्वरोजगार के लिए आसानी से वित्तीय सहायता मिल सके। समाज की एकजुटता पर दिया जोर सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संगठन और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं। समाज के युवाओं को नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि डीएनटी समाज की मांगें किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि उन परिवारों की आवाज हैं जो लंबे समय से अपने अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सम्मेलन के माध्यम से इन मांगों की आवाज प्रदेश सरकार तक पहुंचाने और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस व्यवस्था रही चाक-चौबंद सम्मेलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मंडावरी थाने के थानाधिकारी जगदीश चंद के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहा। कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पूरे आयोजन पर निगरानी रखी और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखा। सम्मेलन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।4
- श्री कल्याण महाराज की पैदल यात्रा आज जयपुर से रवाना हुई जगह-जगह भंडारे श्रद्धालु ने खुशी जताई1
- नगर निगम चुनाव-कुसुम शर्मा ने ताल ठोकी वार्ड नंबर 140 से नगर निगम चुनाव-कुसुम शर्मा ने ताल ठोकी वार्ड नंबर 140 से नगर निगम चुनाव-कुसुम शर्मा ने ताल ठोकी वार्ड नंबर 140 से नगर निगम जयपुर शहर की लॉटरी निकलने के बाद भावी पार्षद प्रत्याशी कुसुम शर्मा ने वार्ड नंबर 140 से भाजपा प्रत्याशी के लिए वार्ड नंबर 140 से ताल ठोक दी है। कुसुम शर्मा ने क्षेत्रीय जनता से वादा किया है कि एक मौका सेवा का मुझे दीजिए साथ आपका दूंगी और विकास वार्ड 140 का पूरा करके रहूंगी। सोशल मीडिया पर कुसुम शर्मा द्वारा लोगों भी दिया गया है जिसमें उन्होंने संकल्प को पुनः दोहराया जिसमें स्वच्छ वार्ड सुंदर वार्ड विकसित वार्ड का वादा जनता से किया है।1
- रायसेन में स्कूल के लिए बच्चों की गुहार, बोले- हमें चाहिए अपना स्कूल रायसेन, मध्यप्रदेश। जिले के हरिजन टोला भूआंरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला से बच्चों की स्कूल को लेकर मांग सामने आई है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बच्चे स्कूल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करते नजर आ रहे हैं। इस मामले को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी से भी सवाल किया गया है। बच्चों की यह मांग शिक्षा व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर रही है। बच्चों का कहना है कि उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर और उचित स्कूल की सुविधा मिलनी चाहिए। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से बच्चों की समस्या पर ध्यान देने तथा जल्द समाधान की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इन बच्चों की पुकार सुनेंगे और स्कूल की मांग पूरी होगी? गौरतलब है कि रायसेन जिले में शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में हरिजन टोला भूआंरा के बच्चों की यह मांग जिम्मेदार अधिकारियों के लिए गंभीरता से विचार करने का विषय है।1
- वकीलों के धरना-प्रदर्शन के दौरान एक डिलीवरी बॉय का अलग ही अंदाज देखने को मिला। उसने अपनी बाइक पर “वकील” का स्टिकर लगा रखा था, जो मौके पर चर्चा का विषय बन गया। 😄 #जयपुर #वकील #धरना #प्रदर्शन #DeliveryBoy1
- आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम — डॉ. शारदा आयुर्वेदिक अस्पताल। जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल, माइग्रेन और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा को समझने और अपनाने वाले लोगों के बीच डॉ. शारदा आयुर्वेदिक अस्पताल एक प्रमुख नाम के रूप में कार्य कर रहा है। 🌿 वर्ष 2013 से आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करते हुए, यहां मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर व्यक्तिगत उपचार योजना पर ध्यान दिया जाता है। अस्पताल में आयुर्वेदिक परामर्श, नाड़ी परीक्षण और चिकित्सकीय मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए उपचार शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। 📍 डॉ. शारदा आयुर्वेदिक अस्पताल, आयुर्वेदिक चिकित्सा की दिशा में एक प्रयास। 📍 स्थान: अक्षरधाम मंदिर के सामने, जयपुर, राजस्थान 🎙️ रीड न्यूज मीडिया 24×7 आपकी आवाज़, आपकी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम — डॉ. शारदा आयुर्वेदिक अस्पताल। जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल, माइग्रेन और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा को समझने और अपनाने वाले लोगों के बीच डॉ. शारदा आयुर्वेदिक अस्पताल एक प्रमुख नाम के रूप में कार्य कर रहा है। 🌿 वर्ष 2013 से आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करते हुए, यहां मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर व्यक्तिगत उपचार योजना पर ध्यान दिया जाता है। अस्पताल में आयुर्वेदिक परामर्श, नाड़ी परीक्षण और चिकित्सकीय मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए उपचार शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। 📍 डॉ. शारदा आयुर्वेदिक अस्पताल, आयुर्वेदिक चिकित्सा की दिशा में एक प्रयास। 📍 स्थान: अक्षरधाम मंदिर के सामने, जयपुर, राजस्थान 🎙️ रीड न्यूज मीडिया 24×7 आपकी आवाज़, आपकी1
- ताड़केश्वर महादेव मंदिर से डिग्गी कल्याण जी महाराज के लिए विशाल पदयात्रा हुई रवाना जगह पद यात्रियों का किया स्वागत रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता जयपुर जिले के पास चौड़ा रास्ता ताड़केश्वर महादेव मंदिर से पंडितों द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करके ध्वज का पूजन करके आरती करके विशाल पदयात्रा को बैंड बाजे के साथ डिग्गी कल्याण जी महाराज के लिए रवाना किया इस दौरान कल्याण जी महाराज की फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई गई जगह-जगह समाज सेवी कार्यकर्ताओं द्वारा पद यात्रियों के लिए शिकंजी शरबत फल फ्रूट चाय नाश्ता भोजन आदि की व्यवस्था की गई इस मौके पर श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते गाते हुए नजर आए इस मौके पर जगह-जगह पद यात्रियों का पुष्प वर्षा से स्वागत सम्मान किया इस दौरान बस्सी कानोता , जयपुर,आसपास के पुलिस प्रशासन व कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की ओर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से किया श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की इस मौके पर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिखाई दिया श्रद्धालु रंगारंग भजनों का आनंद लेते हुए कल्याण जी महाराज की जय जयकार लगाते हुए नजर आए इस मौके पर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिखाई दिया यह पदयात्रा जयपुर ताड़केश्वर महादेव मंदिर से डिग्गी कल्याण जी महाराज के लिए विशाल पदयात्रा रवाना हुई1
- जयपुर में वकील आज धरने पर बैठे हैं। वकीलों की मांग है कि संबंधित SHO को निलंबित किया जाए #जयपुर #वकील #धरना #SHO #पुलिस राजस्थान1
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