बस अड्डे पर आग का तांडव, दो बसें राख — हादसा या साजिश बस अड्डे पर आग का तांडव, दो बसें राख — हादसा या साजिश? मुजफ्फरनगर में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शामली रोड स्थित प्राइवेट बस अड्डे पर खड़ी दो यात्री बसों में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों बसें धू-धू कर जलने लगीं। आसमान में उठते धुएं के गुबार और आग की लपटों ने आसपास के इलाके में दहशत फैला दी। गनीमत रही कि समय रहते दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और अन्य बसों को चपेट में आने से बचा लिया। लेकिन सवाल अब भी बरकरार है — ये हादसा था या किसी बड़ी साजिश की आहट? देखिए ये विस्तृत रिपोर्ट। नगर कोतवाली क्षेत्र के शामली रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड पर रात करीब 10:30 बजे अचानक अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले एक बस के इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आग ने भीषण रूप ले लिया और चंद मिनटों में बगल में खड़ी दूसरी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। बस अड्डे पर उस समय कई अन्य बसें भी खड़ी थीं। आग की ऊंची लपटें और धमाके जैसी आवाजें सुनकर आसपास की कॉलोनियों के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दोनों बसें पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थीं। बसों में रखे सीट, टायर और डीजल टैंक के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। बताया जा रहा है कि ये बसें शामली, बघरा, तितावी और बुढ़ाना रूट पर रोजाना संचालित होती थीं और संचालन के बाद स्टैंड पर खड़ी की गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर आग पर समय रहते काबू न पाया जाता तो पास में खड़ी दर्जनों बसें भी चपेट में आ सकती थीं, जिससे करोड़ों का नुकसान और बड़ा जनहानि का खतरा पैदा हो सकता था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि आग बुझा दी गई है और मौके का निरीक्षण किया गया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी शरारती तत्व की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों बसें डीजल चालित थीं, जिससे आग तेजी से फैली। घटना के बाद पुलिस ने पूरे बस अड्डे को घेरकर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बस मालिकों से भी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है। इस आगजनी ने बस अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह तकनीकी लापरवाही का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश? जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आ सकेगा, लेकिन फिलहाल दो बसों के जलने से लाखों रुपये का नुकसान तय माना जा रहा है।
बस अड्डे पर आग का तांडव, दो बसें राख — हादसा या साजिश बस अड्डे पर आग का तांडव, दो बसें राख — हादसा या साजिश? मुजफ्फरनगर में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शामली रोड स्थित प्राइवेट बस अड्डे पर खड़ी दो यात्री बसों में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों बसें धू-धू कर जलने लगीं। आसमान में उठते धुएं के गुबार और आग की लपटों ने आसपास के इलाके में दहशत फैला दी। गनीमत रही कि समय रहते दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और अन्य बसों को चपेट में आने से बचा लिया। लेकिन सवाल अब भी बरकरार है — ये हादसा था या किसी बड़ी साजिश की आहट? देखिए ये विस्तृत रिपोर्ट। नगर कोतवाली क्षेत्र के शामली रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड पर रात करीब 10:30 बजे अचानक अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले एक बस के इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आग ने भीषण रूप ले लिया और चंद मिनटों में बगल में खड़ी दूसरी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। बस अड्डे पर उस समय कई अन्य बसें भी खड़ी थीं। आग की ऊंची लपटें और धमाके जैसी आवाजें सुनकर आसपास की कॉलोनियों के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दोनों बसें पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थीं। बसों में रखे सीट, टायर और डीजल टैंक के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। बताया जा रहा है कि ये बसें शामली, बघरा, तितावी और बुढ़ाना रूट पर रोजाना संचालित होती थीं और संचालन के बाद स्टैंड पर खड़ी की गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर आग पर समय रहते काबू न पाया जाता तो पास में खड़ी दर्जनों बसें भी चपेट में आ सकती थीं, जिससे करोड़ों का नुकसान और बड़ा जनहानि का खतरा पैदा हो सकता था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि आग बुझा दी गई है और मौके का निरीक्षण किया गया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी शरारती तत्व की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों बसें डीजल चालित थीं, जिससे आग तेजी से फैली। घटना के बाद पुलिस ने पूरे बस अड्डे को घेरकर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बस मालिकों से भी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है। इस आगजनी ने बस अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह तकनीकी लापरवाही का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश? जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आ सकेगा, लेकिन फिलहाल दो बसों के जलने से लाखों रुपये का नुकसान तय माना जा रहा है।
- Muzaffarnagar Police की सराहनीय कार्रवाई: 2012 चोरी कांड का आरोपी अमजद मुठभेड़ के बाद उपचार के दौरान मृत, वादी ने की पुलिस टीम की प्रशंसा1
- बस अड्डे पर आग का तांडव, दो बसें राख — हादसा या साजिश? मुजफ्फरनगर में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शामली रोड स्थित प्राइवेट बस अड्डे पर खड़ी दो यात्री बसों में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों बसें धू-धू कर जलने लगीं। आसमान में उठते धुएं के गुबार और आग की लपटों ने आसपास के इलाके में दहशत फैला दी। गनीमत रही कि समय रहते दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और अन्य बसों को चपेट में आने से बचा लिया। लेकिन सवाल अब भी बरकरार है — ये हादसा था या किसी बड़ी साजिश की आहट? देखिए ये विस्तृत रिपोर्ट। नगर कोतवाली क्षेत्र के शामली रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड पर रात करीब 10:30 बजे अचानक अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले एक बस के इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आग ने भीषण रूप ले लिया और चंद मिनटों में बगल में खड़ी दूसरी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। बस अड्डे पर उस समय कई अन्य बसें भी खड़ी थीं। आग की ऊंची लपटें और धमाके जैसी आवाजें सुनकर आसपास की कॉलोनियों के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दोनों बसें पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थीं। बसों में रखे सीट, टायर और डीजल टैंक के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। बताया जा रहा है कि ये बसें शामली, बघरा, तितावी और बुढ़ाना रूट पर रोजाना संचालित होती थीं और संचालन के बाद स्टैंड पर खड़ी की गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर आग पर समय रहते काबू न पाया जाता तो पास में खड़ी दर्जनों बसें भी चपेट में आ सकती थीं, जिससे करोड़ों का नुकसान और बड़ा जनहानि का खतरा पैदा हो सकता था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि आग बुझा दी गई है और मौके का निरीक्षण किया गया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी शरारती तत्व की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों बसें डीजल चालित थीं, जिससे आग तेजी से फैली। घटना के बाद पुलिस ने पूरे बस अड्डे को घेरकर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बस मालिकों से भी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है। इस आगजनी ने बस अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह तकनीकी लापरवाही का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश? जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आ सकेगा, लेकिन फिलहाल दो बसों के जलने से लाखों रुपये का नुकसान तय माना जा रहा है।1
- Post by सरताज अहमद पत्रकार1
- Post by CH. PARUL SIROHI ( BUREOU CHIEF)1
- जनपद मुजफ्फरनगर के ग्राम जटमुझेडा के ग्राम प्रधान पर लगाए मारपीट एवं गाली गलौज करने का आरोप3
- रामपुर वकील हत्याकांड का वीडियो वायरल रामपुर में वकील फारूख को गोली लगने का वीडियो सामने आया है. असगर और गौसिया के बीच विवाद हुआ था. पत्नी के बुलाने पर फारूख पहुंचे. असगर के आफिस में जाकर उसकी पिटाई की. उसने आत्मरक्षा के लिए पिस्टल निकाली. वकील और उसके साथी ने असगर को धक्का देकर गिराया और दबोच लिया. गोली चली और फारूख को लगी. असगर को भी एक गोली लगी है. वह घायल है.1
- Post by Rajat Raj1
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