कोटा ई-कैटरिंग सेवा को सुविधाजनक और समयबद्ध बनाने के लिए फ़ूड एग्रीगेटर कियोस्क स्थापित* *कोटा मंडल की अभिनव पहल* कोटा। ट्रेन में सफर के दौरान अपनी पसंद का खाना ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने ई-कैटरिंग सेवा को और सुविधाजनक एवं भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की है। अब यात्री कोटा जंक्शन और सवाई माधोपुर जंक्शन के आसपास उपलब्ध अपने पसंदीदा लोकल रेस्टोरेंट से खाना ई-कैटरिंग सेवा के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे। इसके लिए दोनों स्टेशनों पर अधिकृत फूड एग्रीगेटर कंपनी स्विगी के साथ अनुबंध कर ‘ड्रॉप-ऑफ फूड एग्रीगेटर कियोस्क’ स्थापित किए जा रहे हैं। भारतीय रेल में इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने वाला कोटा मंडल देश का पहला मंडल बन गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि ई-कैटरिंग सेवा के तहत फूड एग्रीगेटर कंपनियों को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश की अनुमति न होने, समन्वय में आने वाली कठिनाइयों तथा भोजन की अंतिम चरण की डिलीवरी से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण यात्रियों को असुविधा होती थी। नई व्यवस्था के तहत कोटा जंक्शन एवं सवाई माधोपुर जंक्शन पर समर्पित एग्रीगेटर कियोस्क स्थापित किए जा रहे हैं। ये कियोस्क अधिकृत ‘फुलफिलमेंट पॉइंट’ के रूप में कार्य करेंगे और ई-कैटरिंग ऑर्डर की अंतिम चरण की डिलीवरी को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेंगे। इस व्यवस्था से आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग सेवा और स्विगी के रेस्टोरेंट नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे यात्रियों को स्टेशन के आसपास उपलब्ध विभिन्न लोकल रेस्टोरेंट में से अपनी पसंद का भोजन चुनकर ऑर्डर करने की सुविधा मिलेगी। कोटा जंक्शन पर सुविधा 21 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि सवाई माधोपुर जंक्शन पर भी इसे शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके तहत यात्री अपनी ट्रेन में बैठे-बैठे आईआरसीटीसी/स्विगी ऐप के माध्यम से ई-कैटरिंग सेवा का लाभ लेते हुए अपनी पसंद के रेस्टोरेंट से भोजन ऑर्डर कर सकेंगे। ऑर्डर प्राप्त होने के बाद भोजन संबंधित एग्रीगेटर कियोस्क तक पहुंचाया जाएगा और वहां से ट्रेन के संबंधित कोच के दरवाजे तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। यहां यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि इन कियोस्क पर भोजन का निर्माण या विक्रय नहीं किया जाएगा। इनका उपयोग मुख्य रूप से फूड एग्रीगेटर नेटवर्क के फुलफिलमेंट एवं अंतिम चरण की डिलीवरी को सुव्यवस्थित करने के लिए किया जाएगा। इससे ऑनलाइन ऑर्डर किए गए भोजन को ट्रेन तक पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी। सभी एग्रीगेटर कियोस्क भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, ताकि ई-कैटरिंग सेवा के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल यात्रियों को डिजिटल ई-कैटरिंग सेवा के माध्यम से अधिक विकल्प और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दो वर्ष की अवधि के लिए किए गए इस अनुबंध की सफलता के आधार पर भविष्य में कोटा मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी अधिकृत एग्रीगेटर कियोस्क की यह व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जनसंपर्क अधिकारी, कोटा
कोटा ई-कैटरिंग सेवा को सुविधाजनक और समयबद्ध बनाने के लिए फ़ूड एग्रीगेटर कियोस्क स्थापित* *कोटा मंडल की अभिनव पहल* कोटा। ट्रेन में सफर के दौरान अपनी पसंद का खाना ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने ई-कैटरिंग सेवा को और सुविधाजनक एवं भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की है। अब यात्री कोटा जंक्शन और सवाई माधोपुर जंक्शन के आसपास उपलब्ध अपने पसंदीदा लोकल रेस्टोरेंट से खाना ई-कैटरिंग सेवा के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे। इसके लिए दोनों स्टेशनों पर अधिकृत फूड एग्रीगेटर कंपनी स्विगी के साथ अनुबंध कर ‘ड्रॉप-ऑफ फूड एग्रीगेटर कियोस्क’ स्थापित किए जा रहे हैं। भारतीय रेल में इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने वाला कोटा मंडल देश का पहला मंडल बन गया है। वरिष्ठ
मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि ई-कैटरिंग सेवा के तहत फूड एग्रीगेटर कंपनियों को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश की अनुमति न होने, समन्वय में आने वाली कठिनाइयों तथा भोजन की अंतिम चरण की डिलीवरी से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण यात्रियों को असुविधा होती थी। नई व्यवस्था के तहत कोटा जंक्शन एवं सवाई माधोपुर जंक्शन पर समर्पित एग्रीगेटर कियोस्क स्थापित किए जा रहे हैं। ये कियोस्क अधिकृत ‘फुलफिलमेंट पॉइंट’ के रूप में कार्य करेंगे और ई-कैटरिंग ऑर्डर की अंतिम चरण की डिलीवरी को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेंगे। इस व्यवस्था से आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग सेवा और स्विगी के रेस्टोरेंट नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे यात्रियों को स्टेशन के आसपास उपलब्ध विभिन्न लोकल रेस्टोरेंट में से अपनी पसंद का भोजन चुनकर
ऑर्डर करने की सुविधा मिलेगी। कोटा जंक्शन पर सुविधा 21 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि सवाई माधोपुर जंक्शन पर भी इसे शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके तहत यात्री अपनी ट्रेन में बैठे-बैठे आईआरसीटीसी/स्विगी ऐप के माध्यम से ई-कैटरिंग सेवा का लाभ लेते हुए अपनी पसंद के रेस्टोरेंट से भोजन ऑर्डर कर सकेंगे। ऑर्डर प्राप्त होने के बाद भोजन संबंधित एग्रीगेटर कियोस्क तक पहुंचाया जाएगा और वहां से ट्रेन के संबंधित कोच के दरवाजे तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। यहां यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि इन कियोस्क पर भोजन का निर्माण या विक्रय नहीं किया जाएगा। इनका उपयोग मुख्य रूप से फूड एग्रीगेटर नेटवर्क के फुलफिलमेंट एवं अंतिम चरण की डिलीवरी को सुव्यवस्थित करने के लिए किया जाएगा। इससे ऑनलाइन ऑर्डर किए गए
भोजन को ट्रेन तक पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी। सभी एग्रीगेटर कियोस्क भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, ताकि ई-कैटरिंग सेवा के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल यात्रियों को डिजिटल ई-कैटरिंग सेवा के माध्यम से अधिक विकल्प और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दो वर्ष की अवधि के लिए किए गए इस अनुबंध की सफलता के आधार पर भविष्य में कोटा मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी अधिकृत एग्रीगेटर कियोस्क की यह व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जनसंपर्क अधिकारी, कोटा
- गंगापुर सिटी में नगर निकाय चुनाव में भाजपा सहित सभी राजनीतिक दलों के बहिष्कार का निर्णय अग्रवाल समाज समिति की बैठक में लिया निर्णय1
- मीना बड़ौदा महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का मामला:शिक्षकों की कमी से नाराज़ छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर जड़ा ताला वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के मीना बड़ौदा गांव स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर मंगलवार को छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर विरोध जताया। छात्राओं ने शिक्षा विभाग से विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक लगाने की मांग की। *शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित* छात्राओं के अनुसार विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण अंग्रेजी, गणित जैसे कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई को लेकर बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। *प्रधानाचार्य भी चुनाव ड्यूटी पर* विद्यालय में शिक्षकों की कमी के बीच प्रधानाचार्य को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। इससे विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्राओं और ग्रामीणों का कहना है कि जब स्कूल में पहले ही शिक्षक कम हैं, ऐसे में प्रधानाचार्य के चुनाव ड्यूटी पर रहने से विद्यालय की व्यवस्था पर अतिरिक्त असर पड़ रहा है। *परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंता* छात्राओं ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए छात्राओं में चिंता है। उनका कहना है कि सभी विषयों की नियमित पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक होना जरूरी है। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग को तत्काल ध्यान देना चाहिए। *मुख्य द्वार पर ताला लगाकर जताया विरोध* शिक्षकों की कमी को लेकर नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया। छात्राओं ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यालय की व्यवस्था बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई की समस्या की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना है। ग्रामीणों ने भी विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग का समर्थन किया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित किया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। *छात्राओं ने स्कूल के बाहर लगाए नारे,* शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध कर रही छात्राओं ने स्कूल परिसर के बाहर नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। छात्राओं ने “हमें शिक्षक चाहिए”, “शिक्षकों की कमी दूर करो”, “हमारी पढ़ाई सुचारु करो” और “शिक्षा व्यवस्था सुधारो” जैसे नारे लगाए। छात्राओं का कहना था कि उनका विरोध पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए है। छात्रा ने कहा: “हमारे स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऊपर से प्रधानाचार्य को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। हमारी मांग है कि स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षक लगाए जाएं, ताकि हमारी पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके।” एक अन्य छात्रा ने कहा: “हम पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण हमें परेशानी हो रही है। हमारी मांग किसी के खिलाफ नहीं है, हम सिर्फ चाहते हैं कि स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक लगाए जाएं और हमारी पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।” छात्राओं ने कहा कि परीक्षा नजदीक होने के कारण शिक्षकों की कमी को लेकर उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग की। *शिक्षा विभाग से तत्काल समाधान की मांग* छात्राओं और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय की स्थिति का जायजा लेकर विषयवार पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग की। साथ ही प्रधानाचार्य की चुनाव ड्यूटी के दौरान विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई। अब छात्राओं के विरोध के बाद शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों की नजरें टिकी हैं।2
- मीना बड़ौदा महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का मामला:शिक्षकों की कमी से नाराज़ छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर जड़ा ताला* वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के मीना बड़ौदा गांव स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर मंगलवार को छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर विरोध जताया। छात्राओं ने शिक्षा विभाग से विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक लगाने की मांग की। *शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित* छात्राओं के अनुसार विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण अंग्रेजी, गणित जैसे कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई को लेकर बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। *प्रधानाचार्य भी चुनाव ड्यूटी पर* विद्यालय में शिक्षकों की कमी के बीच प्रधानाचार्य को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। इससे विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्राओं और ग्रामीणों का कहना है कि जब स्कूल में पहले ही शिक्षक कम हैं, ऐसे में प्रधानाचार्य के चुनाव ड्यूटी पर रहने से विद्यालय की व्यवस्था पर अतिरिक्त असर पड़ रहा है। *परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंता* छात्राओं ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए छात्राओं में चिंता है। उनका कहना है कि सभी विषयों की नियमित पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक होना जरूरी है। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग को तत्काल ध्यान देना चाहिए। *मुख्य द्वार पर ताला लगाकर जताया विरोध* शिक्षकों की कमी को लेकर नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया। छात्राओं ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यालय की व्यवस्था बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई की समस्या की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना है। ग्रामीणों ने भी विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग का समर्थन किया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित किया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। *छात्राओं ने स्कूल के बाहर लगाए नारे,* शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध कर रही छात्राओं ने स्कूल परिसर के बाहर नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। छात्राओं ने “हमें शिक्षक चाहिए”, “शिक्षकों की कमी दूर करो”, “हमारी पढ़ाई सुचारु करो” और “शिक्षा व्यवस्था सुधारो” जैसे नारे लगाए। छात्राओं का कहना था कि उनका विरोध पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए है। छात्रा ने कहा: “हमारे स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऊपर से प्रधानाचार्य को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। हमारी मांग है कि स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षक लगाए जाएं, ताकि हमारी पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके।” एक अन्य छात्रा ने कहा: “हम पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण हमें परेशानी हो रही है। हमारी मांग किसी के खिलाफ नहीं है, हम सिर्फ चाहते हैं कि स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक लगाए जाएं और हमारी पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।” छात्राओं ने कहा कि परीक्षा नजदीक होने के कारण शिक्षकों की कमी को लेकर उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग की। *शिक्षा विभाग से तत्काल समाधान की मांग* छात्राओं और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय की स्थिति का जायजा लेकर विषयवार पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग की। साथ ही प्रधानाचार्य की चुनाव ड्यूटी के दौरान विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई। अब छात्राओं के विरोध के बाद शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों की नजरें टिकी हैं।1
- बामनवास में स्ट्रांग रूम का निरीक्षण, ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधारोपण बामनवास, सवाईमाधोपुर : नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। बामनवास उपखंड अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी नीतू मीणा तथा तहसीलदार सीमा मीणा ने बामनवास स्थित आईटीआई कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उपखंड कार्यालय परिसर में रंगोली बनाकर ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस दौरान बरनाला तहसीलदार ब्रजेश सेहरा सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- जेल की सलाखों के पीछे नरेश मीणा की बिगड़ी तबीयत: सीने में तेज दर्द और चक्कर से मचा हड़कंप, रिटायर्ड IRS सुनीता बैंसला ने सरकार को घेरा! जेल की सलाखों के पीछे नरेश मीणा की बिगड़ी तबीयत: सीने में तेज दर्द और चक्कर से मचा हड़कंप, रिटायर्ड IRS सुनीता बैंसला ने सरकार को घेरा! 'कहीं हो न जाए अनहोनी!' — नरेश मीणा के स्वास्थ्य को लेकर सियासी गलियारों में खलबली, तत्काल बड़े अस्पताल में भर्ती कराने की उठी मांग टोंक / जयपुर: टोंक जिला कारागृह में बंद चर्चित नेता नरेश मीणा की तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर से प्रशासनिक और सियासी हलकों में जबरदस्त भूचाल आ गया है। जेल सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नरेश मीणा को सीने में गंभीर दर्द और लगातार चक्कर आने की गंभीर शिकायतें हो रही हैं। सलाखों के पीछे उनके गिरते स्वास्थ्य की खबर फैलते ही उनके समर्थकों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया है। रिटायर्ड IRS सुनीता बैंसला का सनसनीखेज बयान, सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग नरेश मीणा के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए रिटायर्ड IRS अधिकारी सुनीता बैंसला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे राजस्थान सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला करार दिया। तत्काल विशेषज्ञ इलाज की मांग: सुनीता बैंसला ने राज्य सरकार से मांग की है कि किसी भी बड़ी अनहोनी से पहले नरेश मीणा के स्वास्थ्य की उच्च स्तरीय चिकित्सीय जांच (Full Medical Checkup) कराई जाए और उन्हें यथाशीघ्र उचित व बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल में बंद व्यक्ति के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बर्दाश्त के बाहर है। सीने में दर्द जैसी गंभीर स्थिति में हर पल कीमती होता है, ऐसे में प्रशासन को बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाने चाहिए। समर्थकों में भारी उबाल, जेल प्रशासन पर टिकी निगाहें नरेश मीणा की तबीयत नासाज होने की खबर के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हर तरफ से उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की आवाजें उठने लगी हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से एक्शन लेता है या फिर यह मामला और बड़ा सियासी तूल पकड़ता है।1
- सपोटरा शहर में गंदगी के जगह-जगह लग रहे ढेर, मौसमी बीमारियों को दे रहे दावत उपखंड मुख्यालय सपोटरा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने से मौसमी बीमारियां फैलने लगी है नगर पालिका द्वारा सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दिए जाने के विरोध में सफाई कर्मचारी विगत 20 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं ऐसे में सपोटरा शहर के बाजार की सड़कों पर खुलेआम जगह जगह गंदगी के ढेर लगे होने से फैल रही मौसमी बीमारियों से लोग बड़े परेशान हो रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन का इस कोई ध्यान नहीं है ऐसा लगता है मानो जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंख बंद कर सो रहे हो शहर के लोगों ने गंदगी से निजात दिलाने की मांग उठाई है।2
- गांव भैंसा में राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से की शिकायत टोडाभीम क्षेत्र के गांव भैंसा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत दिए जाने वाले राशन में कथित घटतौली और अनियमितता का मामला सामने आया है।ग्रामीणों ने राशन डीलर पर निर्धारित मात्रा से कम सामग्री वितरण करने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों ने मंगलवार पत्थर 3:00 बजे बताया कि 40 किलोग्राम की पात्रता होने के बावजूद उन्हें तौल में केवल 38 किलो 500 ग्राम गेहूं ही दिया गया।बार-बार टोकने के बाद भी राशन डीलर द्वारा नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने टोडाभीम उप जिला कलेक्टर (SDM) को लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी डीलर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।इस दौरान कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- गंगापुर सिटी स्वदेशी जागरण मंच द्वारा उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का हुआ आयोजन1