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खाचरोद नगर में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया समाजिक बहिष्कार *खाचरोद में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया सामाजिक बहिष्कार* *संवाददाता: गिरधारी गेहलोत* खाचरोद में एक भावनात्मक और चर्चा का विषय बनी घटना सामने आई है। यहां एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी की तस्वीर रखकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार एवं मृत्यु भोज आयोजित किया। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी ने दूसरे समाज के युवक से अपनी मर्जी से प्रेम विवाह कर लिया, जिसे परिवार स्वीकार नहीं कर सका। परिजनों के अनुसार, वे बेटी को समझाने के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां बेटी ने परिवार के किसी भी सदस्य को पहचानने से इनकार कर दिया। इस घटना से आहत होकर परिवार ने बेटी को सामाजिक रूप से मृत मानते हुए उससे सभी रिश्ते समाप्त करने तथा उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा कर दी। इस घटना के बाद समाज के कई लोगों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि ऐसा कानून बनाया जाए, जिसके तहत यदि कोई युवक-युवती प्रेम विवाह के लिए विवाह पंजीयन कराते हैं, तो उससे पहले उनके माता-पिता या अभिभावकों की सहमति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। हालांकि, वर्तमान भारतीय कानून के अनुसार बालिग युवक और युवती अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह करने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं और ऐसे मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य नहीं है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

8 hrs ago
user_Journalist Girdhari Lal Gehlot
Journalist Girdhari Lal Gehlot
Plumber खाचरोद, उज्जैन, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

खाचरोद नगर में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया समाजिक बहिष्कार *खाचरोद में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया सामाजिक बहिष्कार* *संवाददाता: गिरधारी गेहलोत* खाचरोद में एक भावनात्मक और चर्चा का विषय बनी घटना सामने आई है। यहां एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी की तस्वीर रखकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार एवं मृत्यु भोज आयोजित किया। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी ने दूसरे समाज के युवक से अपनी मर्जी से प्रेम विवाह कर लिया, जिसे परिवार स्वीकार नहीं कर सका। परिजनों के अनुसार, वे बेटी को समझाने के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां बेटी ने परिवार के किसी भी सदस्य को पहचानने से इनकार

कर दिया। इस घटना से आहत होकर परिवार ने बेटी को सामाजिक रूप से मृत मानते हुए उससे सभी रिश्ते समाप्त करने तथा उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा कर दी। इस घटना के बाद समाज के कई लोगों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि ऐसा कानून बनाया जाए, जिसके तहत यदि कोई युवक-युवती प्रेम विवाह के लिए विवाह पंजीयन कराते हैं, तो उससे पहले उनके माता-पिता या अभिभावकों की सहमति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। हालांकि, वर्तमान भारतीय कानून के अनुसार बालिग युवक और युवती अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह करने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं और ऐसे मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य नहीं है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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  • कहानी...... अस्थि कलश....... A story of a Student and his parents.
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    कहानी...... अस्थि कलश....... A story of a Student and his parents.
    user_Shyam Pokra
    Shyam Pokra
    Hindi sahitya writer. Ratlam, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • सासर पंचायत में सरपंच मोहर्रम नहीं डाल रहा है किशोर से जनता परेशान
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    सासर पंचायत में सरपंच मोहर्रम नहीं डाल रहा है किशोर से जनता परेशान
    user_भवरलाल गामड
    भवरलाल गामड
    Nurse सैलाना, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • युवाओं और किसानों को सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं..... रमाकांत पटेल "प्रदेश प्रवक्ता" आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश
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    युवाओं और किसानों को सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं..... रमाकांत पटेल "प्रदेश प्रवक्ता" आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश
    user_प्रकाश दोसावत
    प्रकाश दोसावत
    जर्नलिज्म एंड सोशल वर्क मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय में जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी की बड़ी सफलता न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम ने दो मरीजों के कटे हाथों की नसों का सफल ऑपरेशन कर बचाई कार्यक्षमता झालावाड़ राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ ने सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने दो अलग-अलग गंभीर दुर्घटनाओं में हाथों की नसें कट जाने से प्रभावित मरीजों की अत्यंत जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर उनके हाथों की कार्यक्षमता पुनः बहाल करने में सफलता प्राप्त की है। समय पर उपचार और विशेषज्ञ सर्जरी के कारण दोनों मरीज आज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। कांच की चपेट में आने से कटी चार नसें, तीन घंटे की सर्जरी से मिला नया जीवन पहले मामले में पीड़ावा क्षेत्र के सलोतिया निवासी 34 वर्षीय अखिलेश नागर के बाएं हाथ में कांच की खिड़की टूटने से गंभीर चोट लग गई। हादसे में हाथ की चार प्रमुख नसें पूरी तरह कट गईं, जिससे हाथ ने कार्य करना बंद कर दिया। परिजन मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय की आपातकालीन टीम ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी के नेतृत्व में लगभग तीन से चार घंटे तक चली अत्यंत जटिल माइक्रो सर्जरी के दौरान कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज के हाथ की नसों ने पुनः कार्य करना शुरू कर दिया और हाथ की कार्यक्षमता लौट आई। 10 घंटे की मैराथन सर्जरी से बचा मरीज का हाथ, लाखों रुपये का खर्च भी बचा दूसरे मामले में मथनिया (पीड़ावा) निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार घरेलू दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी दाहिनी कलाई की आठ प्रमुख नसें, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हाथ एवं उंगलियों की गति पूरी तरह बंद हो गई थी। परिजनों के अनुसार कोटा एवं जयपुर के निजी अस्पतालों में इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए लगभग चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया गया था, जो परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर था। ऐसे में राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय, झालावाड़ में मरीज का संपूर्ण उपचार निःशुल्क किया गया। डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी टीम ने लगभग दस घंटे तक चली मैराथन माइक्रो सर्जरी के दौरान छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व की अत्यंत सूक्ष्म तकनीकों से सफल रिपेयरिंग की, जिससे मरीज के हाथ की कार्यक्षमता सुरक्षित रह सकी। दोनों मरीजों की स्थिति में लगातार सुधार सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीजों के हाथों की नसें एवं उंगलियां पुनः सक्रिय हो गई हैं तथा वे तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार नियमित फिजियोथेरेपी एवं चिकित्सकीय परामर्श के पालन से दोनों मरीजों के हाथों की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार की संभावना है।
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    राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय में जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी की बड़ी सफलता
न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम ने दो मरीजों के कटे हाथों की नसों का सफल ऑपरेशन कर बचाई कार्यक्षमता
झालावाड़ राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ ने सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने दो अलग-अलग गंभीर दुर्घटनाओं में हाथों की नसें कट जाने से प्रभावित मरीजों की अत्यंत जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर उनके हाथों की कार्यक्षमता पुनः बहाल करने में सफलता प्राप्त की है। समय पर उपचार और विशेषज्ञ सर्जरी के कारण दोनों मरीज आज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।
कांच की चपेट में आने से कटी चार नसें, तीन घंटे की सर्जरी से मिला नया जीवन
पहले मामले में पीड़ावा क्षेत्र के सलोतिया निवासी 34 वर्षीय अखिलेश नागर के बाएं हाथ में कांच की खिड़की टूटने से गंभीर चोट लग गई। हादसे में हाथ की चार प्रमुख नसें पूरी तरह कट गईं, जिससे हाथ ने कार्य करना बंद कर दिया। परिजन मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय की आपातकालीन टीम ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया।
न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी के नेतृत्व में लगभग तीन से चार घंटे तक चली अत्यंत जटिल माइक्रो सर्जरी के दौरान कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज के हाथ की नसों ने पुनः कार्य करना शुरू कर दिया और हाथ की कार्यक्षमता लौट आई।
10 घंटे की मैराथन सर्जरी से बचा मरीज का हाथ, लाखों रुपये का खर्च भी बचा
दूसरे मामले में मथनिया (पीड़ावा) निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार घरेलू दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी दाहिनी कलाई की आठ प्रमुख नसें, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हाथ एवं उंगलियों की गति पूरी तरह बंद हो गई थी।
परिजनों के अनुसार कोटा एवं जयपुर के निजी अस्पतालों में इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए लगभग चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया गया था, जो परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर था। ऐसे में राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय, झालावाड़ में मरीज का संपूर्ण उपचार निःशुल्क किया गया।
डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी टीम ने लगभग दस घंटे तक चली मैराथन माइक्रो सर्जरी के दौरान छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व की अत्यंत सूक्ष्म तकनीकों से सफल रिपेयरिंग की, जिससे मरीज के हाथ की कार्यक्षमता सुरक्षित रह सकी।
दोनों मरीजों की स्थिति में लगातार सुधार
सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीजों के हाथों की नसें एवं उंगलियां पुनः सक्रिय हो गई हैं तथा वे तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार नियमित फिजियोथेरेपी एवं चिकित्सकीय परामर्श के पालन से दोनों मरीजों के हाथों की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार की संभावना है।
    user_धरम सिंह
    धरम सिंह
    TV News Anchor डुग, झालावाड़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • एंटी पेपर लीक बिल को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला एंटी पेपर लीक बिल को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ और सरकार यह बिल केवल अपने पापों पर पर्दा डालने के लिए लेकर आई है।
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    एंटी पेपर लीक बिल को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला
एंटी पेपर लीक बिल को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ और सरकार यह बिल केवल अपने पापों पर पर्दा डालने के लिए लेकर आई है।
    user_ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    कृषि कार्य एवं पत्रकारिता ताल, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • खाचरोद नगर में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया समाजिक बहिष्कार *खाचरोद में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया सामाजिक बहिष्कार* *संवाददाता: गिरधारी गेहलोत* खाचरोद में एक भावनात्मक और चर्चा का विषय बनी घटना सामने आई है। यहां एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी की तस्वीर रखकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार एवं मृत्यु भोज आयोजित किया। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी ने दूसरे समाज के युवक से अपनी मर्जी से प्रेम विवाह कर लिया, जिसे परिवार स्वीकार नहीं कर सका। परिजनों के अनुसार, वे बेटी को समझाने के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां बेटी ने परिवार के किसी भी सदस्य को पहचानने से इनकार कर दिया। इस घटना से आहत होकर परिवार ने बेटी को सामाजिक रूप से मृत मानते हुए उससे सभी रिश्ते समाप्त करने तथा उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा कर दी। इस घटना के बाद समाज के कई लोगों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि ऐसा कानून बनाया जाए, जिसके तहत यदि कोई युवक-युवती प्रेम विवाह के लिए विवाह पंजीयन कराते हैं, तो उससे पहले उनके माता-पिता या अभिभावकों की सहमति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। हालांकि, वर्तमान भारतीय कानून के अनुसार बालिग युवक और युवती अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह करने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं और ऐसे मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य नहीं है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    खाचरोद नगर में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया समाजिक बहिष्कार 
*खाचरोद में प्रजापत समाज की जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, प्रेम विवाह से आहत परिवार ने किया सामाजिक बहिष्कार*
*संवाददाता: गिरधारी गेहलोत*
खाचरोद में एक भावनात्मक और चर्चा का विषय बनी घटना सामने आई है। यहां एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी की तस्वीर रखकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार एवं मृत्यु भोज आयोजित किया।
परिवार का कहना है कि उनकी बेटी ने दूसरे समाज के युवक से अपनी मर्जी से प्रेम विवाह कर लिया, जिसे परिवार स्वीकार नहीं कर सका। परिजनों के अनुसार, वे बेटी को समझाने के लिए थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां बेटी ने परिवार के किसी भी सदस्य को पहचानने से इनकार कर दिया। इस घटना से आहत होकर परिवार ने बेटी को सामाजिक रूप से मृत मानते हुए उससे सभी रिश्ते समाप्त करने तथा उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा कर दी।
इस घटना के बाद समाज के कई लोगों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि ऐसा कानून बनाया जाए, जिसके तहत यदि कोई युवक-युवती प्रेम विवाह के लिए विवाह पंजीयन कराते हैं, तो उससे पहले उनके माता-पिता या अभिभावकों की सहमति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, वर्तमान भारतीय कानून के अनुसार बालिग युवक और युवती अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह करने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं और ऐसे मामलों में माता-पिता की सहमति अनिवार्य नहीं है।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_Journalist Girdhari Lal Gehlot
    Journalist Girdhari Lal Gehlot
    Plumber खाचरोद, उज्जैन, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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