Shuru
Apke Nagar Ki App…
भाजपा पर आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकार छीनने का आरोप लगा है। विपक्ष का दावा है कि संविधान प्रदत्त ये अधिकार भाजपा अपने 'मित्रों' को दे रही है।
Abhishek ranjan C E O
भाजपा पर आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकार छीनने का आरोप लगा है। विपक्ष का दावा है कि संविधान प्रदत्त ये अधिकार भाजपा अपने 'मित्रों' को दे रही है।
More news from झारखंड and nearby areas
- आज तीसरी बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का और बोझ पड़ेगा।1
- कदवा थाना क्षेत्र में अध्यक्ष कुंदन कुमार के आदेश पर वाहन चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। विभिन्न चौराहों पर लाइसेंस, फिटनेस, प्रदूषण, इंश्योरेंस जैसे कागजातों की जांच कर ऑनलाइन फाइन काटे जा रहे हैं, साथ ही हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने का आग्रह भी किया जा रहा है।1
- झारखंड के साहिबगंज जिले के बड़ा तालाबौना गाँव में एक बेहद अनोखा पौधा मिला है। इस पौधे पर बैंगन के आकार वाले मिर्च लगते हैं, जिसे देखकर स्थानीय लोग हैरान हैं।1
- मधेपुरा के गंगोपुर भोरकठ टोला में सड़क पर भारी जलजमाव से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। लोगों को आने-जाने में भयंकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री और विधायक से जल्द इस समस्या पर ध्यान देने की अपील की है।2
- झारखंड के साहिबगंज में एक मार्मिक कविता ने अकेलेपन और रिश्तों में मिली निराशा की गहरी भावना व्यक्त की है। यह रचना खुद को ठुकराया हुआ महसूस करने और अस्तित्व में कमी महसूस करने के दर्द को उजागर करती है।1
- कटिहार के कोरहा से उठे छोटे कदम अब लाखों लोगों का एक बड़ा कारवां बन गए हैं। यह एकजुटता स्थानीय स्तर पर बड़े बदलाव और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।1
- भाजपा पर आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकार छीनने का आरोप लगा है। विपक्ष का दावा है कि संविधान प्रदत्त ये अधिकार भाजपा अपने 'मित्रों' को दे रही है।1
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति ने एक किले का निरीक्षण करने के लिए बैटरी रिक्शा का इस्तेमाल किया। उनका यह अनोखा तरीका लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।1
- कदवा प्रखंड के कामरू गाँव के दिव्यांग रूपेश कुमार चौहान ने मनरेगा योजना से पोखर बनवाया। उन्होंने बिचौलियों को दरकिनार करते हुए सीधे मनरेगा कार्यालय पहुँचकर अपना भुगतान लिया। कटिहार जिले में उनके इस साहसिक कदम की खूब चर्चा हो रही है।1