पत्रकार रामजी दीक्षित बाराबंकी *किसी ने नहीं सुना उसका दर्द, फांसी के फंदे ने तोड़ दिया पूरा परिवार* बाराबंकी। गांव के बाहर बने एक छोटे से आहाते में परिवार के साथ जिंदगी गुज़ार रहा एक 40 वर्षीय युवक रात के सन्नाटे में ज़िंदगी से हार गया। किसी को कुछ कहे बिना, किसी से दर्द बांटे बिना, उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह हुई तो घर ही नहीं, पूरा गांव सदमे में था। सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्बर बजहा निवासी कुलदीप उर्फ दीपू पुत्र बाबादीन गांव से अलग आहाता बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। बीती रात अज्ञात कारणों से उसने घर के भीतर ही रस्सी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। भोर होते ही जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई, तो घर में चीख-पुकार मच गई। पिता की मौत की खबर सुनकर 16 वर्षीय बेटा घनश्याम और 14 वर्षीय बेटी शिवांशी बदहवास हो गए। बच्चों की आंखों के आंसू और पत्नी की बिलखती आवाज़ ने हर किसी का दिल तोड़ दिया। कुछ ही देर में गांव के लोग जुट गए, हर चेहरा गम और सवालों से भरा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है, लेकिन पीछे छूट गया है एक उजड़ा हुआ परिवार, और कई ऐसे सवाल जिनका जवाब शायद कभी न मिले।
पत्रकार रामजी दीक्षित बाराबंकी *किसी ने नहीं सुना उसका दर्द, फांसी के फंदे ने तोड़ दिया पूरा परिवार* बाराबंकी। गांव के बाहर बने एक छोटे से आहाते में परिवार के साथ जिंदगी गुज़ार रहा एक 40 वर्षीय युवक रात के सन्नाटे में ज़िंदगी से हार गया। किसी को कुछ कहे बिना, किसी से दर्द बांटे बिना, उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह हुई तो घर ही नहीं, पूरा गांव सदमे में था। सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्बर बजहा निवासी कुलदीप उर्फ दीपू पुत्र बाबादीन गांव से अलग आहाता बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। बीती रात अज्ञात कारणों से उसने घर के भीतर ही रस्सी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। भोर होते ही जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई, तो घर में चीख-पुकार मच गई। पिता की मौत की खबर सुनकर 16 वर्षीय बेटा घनश्याम और 14 वर्षीय बेटी शिवांशी बदहवास हो गए। बच्चों की आंखों के आंसू और पत्नी की बिलखती आवाज़ ने हर किसी का दिल तोड़ दिया। कुछ ही देर में गांव के लोग जुट गए, हर चेहरा गम और सवालों से भरा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है, लेकिन पीछे छूट गया है एक उजड़ा हुआ परिवार, और कई ऐसे सवाल जिनका जवाब शायद कभी न मिले।
- Ramakant Kingdबाह, आगरा, उत्तर प्रदेशmoon kis kam ke liye ladkiyan re1 hr ago
- Harikrishnफरीदपुर, बरेली, उत्तर प्रदेश👏15 min ago
- User3144Kharagpur, Munger😡22 min ago
- Vinod KumarKhunti, Jharkhand💣30 min ago
- Vinod KumarKhunti, Jharkhand🙏30 min ago
- Makhan ThakurKannod, Dewas😤38 min ago
- User5804Marine Drive, Kochi🙏38 min ago
- बाराबंकी में शिक्षिका की स्कूल में फांसी लगाकर आत्महत्या *बाराबंकी से संवाददाता प्रमोद कुमार की रिपोर्ट* प्रताड़ना का गंभीर आरोप, स्कूल प्रशासन पर सवाल बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत गंभीर और हृदयविदारक घटना सामने आई है। विकास खंड क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय उधुवापुर में तैनात शिक्षिका उमा देवी (लगभग 40 वर्ष) ने स्कूल परिसर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से न केवल शिक्षा विभाग बल्कि पूरे जनपद में सनसनी फैल गई है। मृतका के परिजनों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक और कुछ स्टाफ सदस्यों पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उमा देवी को लंबे समय से स्कूल में अपमानित किया जा रहा था, दबाव बनाया जा रहा था और शिकायतों के बावजूद स्कूल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का साफ आरोप है कि > “यदि समय रहते प्रधानाध्यापक और संबंधित अधिकारी कार्रवाई करते, तो आज एक शिक्षिका की जान बच सकती थी।” घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि सवाल यह है कि 👉 जब प्रताड़ना की शिकायतें पहले से थीं, तो विभाग ने आंखें क्यों मूंदे रखीं? 👉 क्या यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है? बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले की जांच की बात कही है, लेकिन स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक को तत्काल निलंबित किया जाए जिन कर्मचारियों पर आरोप हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए बताया गया है कि मृतका उमा देवी लखपेड़ाबाग क्षेत्र, बाराबंकी की निवासी थीं। उनके पति रिशी वर्मा भी शिक्षक बताए जा रहे हैं। यह घटना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अगर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संदेश जाएगा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सुरक्षा केवल कागजों तक सीमित है। फिलहाल पुलिस व विभागीय स्तर पर जांच जारी है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों और प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दबा दिया जाएग़ा1
- #टोल का #ठेका समाप्त, 5.3 #करोड़ जब्त...! #वकील की पिटाई के बाद हरकत में आया #NHAI #बाराबंकी के हैदरगढ़ का मामला बाराबंकी के #बारा टोल प्लाजा पर एक अधिवक्ता के साथ #टोल कर्मचारियों द्वारा की गई मारपीट के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ी कार्रवाई की है। एनएचएआई ने उपयोगकर्ता शुल्क वसूली एजेंसी मेसर्स स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यह घटना 14 #जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के एनएच-731 (लखनऊ–सुल्तानपुर खंड) स्थित बारा फी प्लाजा पर हुई थी, जहां एक राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता (अधिवक्ता) के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और मारपीट की गई थी। #एनएचएआई ने एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, गंभीर अनुबंध उल्लंघन को देखते हुए एजेंसी को एक वर्ष के लिए एनएचएआई की किसी भी भविष्य की बोली या अनुबंध में भाग लेने से #प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अतिरिक्त, बारा फी प्लाजा के मौजूदा अनुबंध के तहत जमा की गई ₹5.3 #करोड़ की बैंक गारंटी/प्रदर्शन सुरक्षा राशि को जब्त एवं भुनाने की भी कार्रवाई प्रस्तावित है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि वह सभी राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। टोल प्लाजा पर किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, हिंसा या अनुशासनहीनता के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति अपनाई जाएगी। एनएचएआई के अनुसार, यह घटना अनुबंध शर्तों का गंभीर उल्लंघन है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- शिक्षिका ने स्कूल में फांसी लगाकर की आत्महत्याः बाराबंकी के कंपोजिट विद्यालय में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी बाराबंकी में एक शिक्षिका ने संदिग्ध परिस्थितियों में विद्यालय के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सतरिख थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय उधवापुर में हुई। शिक्षिका का शव प्रधानाध्यापक के कक्ष में पंखे से लटका मिला। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शिक्षिका की आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मृतक की पहचान उमा वर्मा के रूप में हुई है।1
- *लखनऊ ब्रेकिंग* *निशातगंज को नशा मुक्त करने मैदान में उतरी ACP महानगर की टीम* निशातगंज इलाके को नशा मुक्त करने के लिए पुलिस ने सख़्त और सक्रिय कार्रवाई शुरू कर दी है.. एसीपी महानगर अंकित कुमार खुद मैदान में उतरकर अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं.. निशातगंज, न्यू हैदराबाद, गोपाल पुरवा चौकी क्षेत्र और रेलवे लाइन के आसपास नशा कारोबारियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया.. इस दौरान पैदल गश्त, संदिग्ध लोगों और जगहों की कड़ी जांच की गई.. पुलिस ने घर-घर जाकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और जरूरी जानकारियाँ जुटाईं, ताकि नशा तस्करों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई जा सके.. अभियान में थाना प्रभारी महानगर अखिलेश मिश्रा और पूरी पुलिस टीम मौजूद रही... पुलिस का स्पष्ट संदेश निशातगंज को नशा मुक्त बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे नशा कारोबारी..2
- बीजेपी बनारस का इतिहास बदलना चाहती है आस्था के नाम पर समुदायों के बीच में विवाद पैदा करना चाहती है बोले कांग्रेस प्रवक्ता वैभव शुक्ला मालचा राजपथ न्यूज़ पर.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर1
- ये नजारा बरसात का नहीहै ये तो रोड पे निकल रहे नाले का पानी है जो मडियव थाना के पीछे छोटा खुदान शिव नगर रहीम नगर बेरी होटल के पास का जिसमे रोड के नाम पे कुछ नही नाले सफ नही है1
- महाराष्ट्र में बीएमसी निकाय चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत पर मुख्यालय पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने खुशियां मनाते नजर आए1
- पत्रकार रामजी दीक्षित बाराबंकी *किसी ने नहीं सुना उसका दर्द, फांसी के फंदे ने तोड़ दिया पूरा परिवार* बाराबंकी। गांव के बाहर बने एक छोटे से आहाते में परिवार के साथ जिंदगी गुज़ार रहा एक 40 वर्षीय युवक रात के सन्नाटे में ज़िंदगी से हार गया। किसी को कुछ कहे बिना, किसी से दर्द बांटे बिना, उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह हुई तो घर ही नहीं, पूरा गांव सदमे में था। सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्बर बजहा निवासी कुलदीप उर्फ दीपू पुत्र बाबादीन गांव से अलग आहाता बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। बीती रात अज्ञात कारणों से उसने घर के भीतर ही रस्सी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। भोर होते ही जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई, तो घर में चीख-पुकार मच गई। पिता की मौत की खबर सुनकर 16 वर्षीय बेटा घनश्याम और 14 वर्षीय बेटी शिवांशी बदहवास हो गए। बच्चों की आंखों के आंसू और पत्नी की बिलखती आवाज़ ने हर किसी का दिल तोड़ दिया। कुछ ही देर में गांव के लोग जुट गए, हर चेहरा गम और सवालों से भरा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है, लेकिन पीछे छूट गया है एक उजड़ा हुआ परिवार, और कई ऐसे सवाल जिनका जवाब शायद कभी न मिले।1