प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत शिवराजपुर–कपसो–लकहर मार्ग पर सरकारी नाले के ऊपर अवैध रूप से निर्मित पुलिया को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान मौके पर राजस्व निरीक्षक देवी शंकर तिवारी और लेखपाल विनय कुमार मौजूद रहे। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकारी भूमि और नालों पर अवैध कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले में पुलिया का निर्माण कराने वाले व्यक्ति का कहना है कि दोनों तरफ उसके अपने खेत हैं और उसी में आने-जाने के लिए उसने अपने पैसे से पुलिया का निर्माण करवाया था। उसकी मंशा नदी-नालों को अवरुद्ध करने की नहीं थी और उसने परमिशन के लिए प्रक्रिया करते हुए कई बार लेखपाल और आरआई को भी अवगत कराया था, लेकिन परमिशन नहीं मिली। दूसरी ओर, क्षेत्र में अतिक्रमण और राजस्व मामलों को लेकर लेखपाल विनय कुमार की कार्यशैली पर भी लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं और समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप लगते रहे हैं। उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बाद हुई इस कार्रवाई से अब नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहे चेयरमैन प्रतिनिधि के अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर चलने की उम्मीद तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि अतिक्रमण हटाने का यह अभियान इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई अन्य विवादित और चर्चित अवैध निर्माण भी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत शिवराजपुर–कपसो–लकहर मार्ग पर सरकारी नाले के ऊपर अवैध रूप से निर्मित पुलिया को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान मौके पर राजस्व निरीक्षक देवी शंकर तिवारी और लेखपाल विनय कुमार मौजूद रहे। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकारी भूमि और नालों पर अवैध कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले में पुलिया का निर्माण कराने वाले व्यक्ति का कहना है कि दोनों तरफ उसके अपने खेत हैं और उसी में आने-जाने के लिए उसने अपने पैसे से पुलिया का निर्माण करवाया था। उसकी मंशा नदी-नालों को अवरुद्ध करने की नहीं थी और उसने परमिशन के लिए प्रक्रिया करते हुए कई बार लेखपाल और आरआई को भी अवगत कराया था, लेकिन परमिशन नहीं मिली। दूसरी ओर, क्षेत्र में अतिक्रमण और राजस्व मामलों को लेकर लेखपाल विनय कुमार की कार्यशैली पर भी लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं और समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप लगते रहे हैं। उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बाद हुई इस कार्रवाई से अब नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहे चेयरमैन प्रतिनिधि के अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर चलने की उम्मीद तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि अतिक्रमण हटाने का यह अभियान इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई अन्य विवादित और चर्चित अवैध निर्माण भी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित रानीगंज तिराहे पर जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने रानीगंज तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एकत्र हुए BKU (टिकैत) के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अपनी वाजिब मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिसिया बल प्रयोग पूरी तरह से तानाशाही और असंवैधानिक है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे छात्रों पर लाठियां बरसाना बेहद शर्मनाक है। शिक्षा मंत्रालय अपनी विफलताओं और छात्रों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उन्हें दबाने में लगा है। पुतला दहन और प्रदर्शन के दौरान रानीगंज तिराहे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जहां स्थिति को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे या बर्खास्तगी तक यह विरोध जारी रहेगा।1
- दिल्ली आंदोलन मामले को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी जा रही है, जो अब प्रयागराज में भी खुलकर सड़कों पर दिखाई दे रही है। कल से ही जारी इस विरोध के बीच भारी संख्या में छात्र स्टेनली रोड और कलश चौराहे से होते हुए सुभाष चौराहे की ओर बढ़ रहे हैं। चौराहे को क्रॉस करते हुए सड़कों पर उतरे यह छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।1
- अखिलेश यादव अपने और अपने पिता के कर्मों की कहानी भूल गए हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 1990 में 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद की ओर बढ़ रहे कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, जो राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुई एक दुखद घटना थी। इसके अलावा, 27 मई 2014 को उत्तर प्रदेश में हुई बदायूं गैंगरेप की घटना सपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है, जिसमें दो बच्चियों को मारकर पेड़ पर लटका दिया गया था। लाल टोपी वाले गिरगिट के शासनकाल का जिक्र करते हुए सीधा हमला बोला गया है कि सपा सरकार का सीधा मतलब जंगलराज था।1
- प्रयागराज के फाफामऊ नवाबगंज क्षेत्र में सड़क पर ही सब्जी की बाजार सजने की वजह से आए दिन भारी जाम की स्थिति बन रही है। इस अव्यवस्था के कारण यहां से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसी मुख्य राजमार्ग से लगातार वीआईपी लोगों के कारवां की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद नवाबगंज पुलिस पूरी तरह मूक दर्शक बनी बैठी है और इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।1
- प्रयागराज के फूलपुर अंतर्गत प्रतापपुर थाना क्षेत्र में नेता सुभाष यादव और नवयुवकों ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया। जंतर-मंतर के नजारों को देखकर ग्रामीण युवाओं ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई। इस प्रदर्शन के दौरान युवाओं और स्थानीय नेताओं ने अमित शाह एवं नरेंद्र मोदी के खिलाफ तानाशाही की जमकर नारेबाजी भी की।1
- दिल्ली के मेदांता से सोनम वांगचुक का एक वीडियो सामने आया है।1
- चल रहा धरना-प्रदर्शन अब उस दिशा में जा रहा है जहाँ पहले केवल छात्र जुड़े थे, लेकिन अब इसमें फंडिंग पाने वाले लोग शामिल हो गए हैं। इन असामाजिक तत्वों का काम देश में अराजकता का माहौल पैदा करना है और ये प्रदर्शन की आड़ में ब्राह्मण, राजपूत तथा बनिया समाज को गाली देने का काम कर रहे हैं।1
- 22 जुलाई की रात 8:30 बजे छात्रों के आक्रामक विरोध के बीच दिल्ली पुलिस और RAF को पीछे हटना पड़ा।1