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अखिलेश यादव अपने और अपने पिता के कर्मों की कहानी भूल गए हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 1990 में 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद की ओर बढ़ रहे कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, जो राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुई एक दुखद घटना थी। इसके अलावा, 27 मई 2014 को उत्तर प्रदेश में हुई बदायूं गैंगरेप की घटना सपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है, जिसमें दो बच्चियों को मारकर पेड़ पर लटका दिया गया था। लाल टोपी वाले गिरगिट के शासनकाल का जिक्र करते हुए सीधा हमला बोला गया है कि सपा सरकार का सीधा मतलब जंगलराज था।
Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
अखिलेश यादव अपने और अपने पिता के कर्मों की कहानी भूल गए हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 1990 में 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद की ओर बढ़ रहे कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, जो राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुई एक दुखद घटना थी। इसके अलावा, 27 मई 2014 को उत्तर प्रदेश में हुई बदायूं गैंगरेप की घटना सपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है, जिसमें दो बच्चियों को मारकर पेड़ पर लटका दिया गया था। लाल टोपी वाले गिरगिट के शासनकाल का जिक्र करते हुए सीधा हमला बोला गया है कि सपा सरकार का सीधा मतलब जंगलराज था।
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- प्रयागराज में छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सख्त रुख अपनाया है। छात्रों ने स्पष्ट कहा है कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो 25 तारीख से एक बार फिर से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में छात्रों ने पुलिस अधिकारी को भी जानकारी दे दी है।1
- उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रयागराज के धरना स्थल पर टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी एक दिवसीय धरने पर बैठे और सरकार से पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का नया विज्ञापन जारी करने की माँग उठाई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 16 सितंबर 2025 को लागू की गई नई नियमावली की वजह से प्रदेश के 5 से 7 लाख अभ्यर्थी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इस पूरे मुद्दे पर हमारे संवाददाता कुलदीप सिंह ने धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों से खास बातचीत भी की।1
- चित्रकूट के राजापुर में नागरिकों ने जंतर मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक के साथ हुए पुलिस दुर्व्यवहार और NEET पेपर लीक के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। उपजिलाधिकारी राजापुर के माध्यम से 22 जुलाई 2026 को यह ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक दबाव पर गहरा आक्रोश जताया गया है। ज्ञापन के मुताबिक, सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले में न्याय और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से अनशन पर बैठे थे। आरोप है कि 18 जुलाई 2026 को भारी पुलिस बल ने जंतर मंतर को घेरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज कर दिया। 21 दिन के अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस जबरन उठाकर अस्पताल ले गई। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि 20 जुलाई को संसद सत्र शुरू होने पर सोनम वांगचुक ने संसद मार्च की घोषणा की थी, और उसी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाकर यह कार्रवाई कराई गई। इस दौरान कार्यकर्ता अभिजीत दीपक को भी हिरासत में लिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार किसानों, महिलाओं और अब युवाओं की आवाज को लाठियों व आंसू गैस से दबाने का प्रयास कर रही है। ज्ञापन में राष्ट्रपति से 4 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा, सोनम वांगचुक व युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए पेपर लीक रोधी सख्त कानून व रोजगार की ठोस नीतियां बनाने, और जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करना शामिल है। नागरिकों ने राष्ट्रपति से संविधान की रक्षक के रूप में युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।1
- प्रयागराज के छात्र अपनी माँगों और न्याय के लिए दिल्ली में कई दिनों से लगातार धरने-प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। भूख और प्यास से बेहाल इन छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस स्थिति के बीच यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या लोग इन छात्रों के समर्थन में साथ खड़े होंगे और क्या इन भूखे-प्यासे छात्रों को आखिरकार न्याय मिल पाएगा।1
- प्रयागराज के बारा में भारतीय किसान यूनियन "प्रयाग" के जिलाध्यक्ष रिषी पाण्डेय के नेतृत्व में किसानों ने उप जिला अधिकारी (SDM) बारा को जिलाधिकारी प्रयागराज के नाम 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मौके पर संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों की मुख्य मांगें सिंचाई, बिजली, फसल बीमा, खाद-बीज की उपलब्धता और अन्य किसान हित से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थीं। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद SDM बारा ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द जिला प्रशासन तक पहुंचाकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित रानीगंज तिराहे पर जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने रानीगंज तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एकत्र हुए BKU (टिकैत) के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अपनी वाजिब मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिसिया बल प्रयोग पूरी तरह से तानाशाही और असंवैधानिक है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे छात्रों पर लाठियां बरसाना बेहद शर्मनाक है। शिक्षा मंत्रालय अपनी विफलताओं और छात्रों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उन्हें दबाने में लगा है। पुतला दहन और प्रदर्शन के दौरान रानीगंज तिराहे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जहां स्थिति को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे या बर्खास्तगी तक यह विरोध जारी रहेगा।1
- चित्रकूट के थाना बहिलपुरवा क्षेत्र स्थित देवंगना घाटी में एक 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक 17 वर्षीय लड़के के साथ मोटरसाइकिल से देवंगना घाटी की ओर गई थी। दोनों के पीछे दूसरी बाइक पर 3 लोग भी आए थे। जब पीड़िता और युवक बाइक किनारे खड़ी कर पैदल पहाड़ी पर जंगल की तरफ गए, तो लगभग 15 मिनट बाद तीनों आरोपी भी जंगल में उनके पास पहुँच गए। पीड़िता का आरोप है कि उन तीनों ने उसके साथ गलत काम किया। पीड़िता की तहरीर के आधार पर बहिलपुरवा थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। घटना की सूचना दोपहर में यूपी 112 पर मिलने के बाद पीआरवी टीम, सीओ सिटी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मामले का खुलासा करने के लिए 3 टीमें गठित की गई हैं। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल, सर्विलांस, एचओजी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा की टीम को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का अनावरण कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ शहर स्थित अम्बेडकर चौराहे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। पूरे जिले से पहुंचे दोनों दलों के कार्यकर्ता कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने का जोरदार विरोध कर रहे हैं।1