नीलकंठेश्वर मंदिर, जिसे उदयेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है, विदिशा जिले के उदयपुर गांव में स्थित एक ऐतिहासिक और अद्भुत शिव मंदिर है। यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला, आध्यात्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में परमार वंश के शासक राजा उदयादित्य (महाराजा भोज के पुत्र) द्वारा बनवाया गया था। मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1137 (ई. सन् 1080-81) के आसपास पूर्ण हुआ। ऐसा माना जाता है कि मंदिर इस प्रकार निर्मित है कि सूरज की पहली किरण सीधा शिवलिंग पर पड़ती है, खासकर संक्रांति के समय, यह चमत्कार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि उस युग की उन्नत ज्योतिष और वास्तु तकनीकों को भी दर्शाता है। कैसे पहुंचें:- यह मंदिर उदयपुर गांव, गंज बासौदा तहसील, जिला विदिशा, मध्य प्रदेश में स्थित है, जिसकी भोपाल से दूरीः लगभग 120 किमी, विदिशा से दूरीः लगभग 20 किमी है, नज़दीकी रेलवे स्टेशनः बरेठ (6 किमी) एवं गंज बासौदा (25 किमी) हैं। #Culture #Neelkantheshwar #vidisha #Madhya Pradesh #mahadev
नीलकंठेश्वर मंदिर, जिसे उदयेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है, विदिशा जिले के उदयपुर गांव में स्थित एक ऐतिहासिक और अद्भुत शिव मंदिर है। यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला, आध्यात्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी
में परमार वंश के शासक राजा उदयादित्य (महाराजा भोज के पुत्र) द्वारा बनवाया गया था। मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1137 (ई. सन् 1080-81) के आसपास पूर्ण हुआ। ऐसा माना जाता है कि मंदिर इस प्रकार निर्मित है कि सूरज
की पहली किरण सीधा शिवलिंग पर पड़ती है, खासकर संक्रांति के समय, यह चमत्कार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि उस युग की उन्नत ज्योतिष और वास्तु तकनीकों को भी दर्शाता है। कैसे पहुंचें:- यह मंदिर उदयपुर गांव, गंज बासौदा
तहसील, जिला विदिशा, मध्य प्रदेश में स्थित है, जिसकी भोपाल से दूरीः लगभग 120 किमी, विदिशा से दूरीः लगभग 20 किमी है, नज़दीकी रेलवे स्टेशनः बरेठ (6 किमी) एवं गंज बासौदा (25 किमी) हैं। #Culture #Neelkantheshwar #vidisha #Madhya Pradesh #mahadev
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में मंडी बामोरा (Mandi Bamora) स्थित हजुरिया महादेव (Hazariya Mahadev) मंदिर, 10वीं-11वीं शताब्दी के परमार काल का एक ऐतिहासिक शिव मंदिर है। हालांकि, स्थानीय लोककथाओं और मान्यताओं में पांडवों द्वारा अज्ञातवास के दौरान एक रात में इस मंदिर के निर्माण या पूजा का उल्लेख मिलता है, जो इस स्थान को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत विशेष बनाता है।2
- रिमझा हत्याकांड में 7 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का सख्त फैसला1
- Post by Vineet maheshwari1
- 2 लाख के लिए 150 किमी ‘दौड़ते’ आया सब इंजीनियर व उसका साथी, लोकायुक्त ने पकड़ा मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां रायसेन जिले में पदस्थ एक सब इंजीनियर व एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए भोपाल लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है। 5 लाख रुपये मांगी थी रिश्वत रायसेन जिले की उदयपुरा नगर परिषद में पदस्थ उपयंत्री (सब इंजीनियर) दीपांशु पटेरिया व सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शंकर साहू के खिलाफ भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले जयंत चतुर्वेदी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदक जयंत चतुर्वेदी ने बताया था कि वो 'नवीन बिल्डकॉम' फर्म का संचालक है। उनकी फर्म द्वारा नगर परिषद उदयपुरा के अंतर्गत बस स्टैंड का सीसी निर्माण कार्य एवं मेन रोड पर सीसी रोड निर्माण कार्य किया गया था। उक्त कार्य के लिए फर्म की दो सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) नगर परिषद उदयपुरा में जमा थी। इन दोनों SD को रिलीज करने तथा अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में नगर परिषद उदयपुरा में पदस्थ उपयंत्री दीपांशु पटेरिया एवं सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू द्वारा 5,00,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।1
- Post by मो। शादाब पत्रकार1
- Post by AM NEWS1
- Post by Mandi bamora2
- नीलकंठेश्वर मंदिर, जिसे उदयेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है, विदिशा जिले के उदयपुर गांव में स्थित एक ऐतिहासिक और अद्भुत शिव मंदिर है। यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला, आध्यात्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में परमार वंश के शासक राजा उदयादित्य (महाराजा भोज के पुत्र) द्वारा बनवाया गया था। मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1137 (ई. सन् 1080-81) के आसपास पूर्ण हुआ। ऐसा माना जाता है कि मंदिर इस प्रकार निर्मित है कि सूरज की पहली किरण सीधा शिवलिंग पर पड़ती है, खासकर संक्रांति के समय, यह चमत्कार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि उस युग की उन्नत ज्योतिष और वास्तु तकनीकों को भी दर्शाता है। कैसे पहुंचें:- यह मंदिर उदयपुर गांव, गंज बासौदा तहसील, जिला विदिशा, मध्य प्रदेश में स्थित है, जिसकी भोपाल से दूरीः लगभग 120 किमी, विदिशा से दूरीः लगभग 20 किमी है, नज़दीकी रेलवे स्टेशनः बरेठ (6 किमी) एवं गंज बासौदा (25 किमी) हैं। #Culture #Neelkantheshwar #vidisha #Madhya Pradesh #mahadev4