अस्थावां में सियासी भूचाल! अविश्वास प्रस्ताव पर हाईकोर्ट का स्टे, हंगामा तेज एंकर, नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड में इस वक्त सियासी पारा चरम पर है। प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। प्रखंड कार्यालय स्थित बीडीओ कक्ष में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी, जहां अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक के दौरान बीडीओ सीमा कुमारी ने माननीय हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बैठक को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद पंचायत समिति सदस्यों में भारी नाराजगी देखी गई। पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि प्रमुख और प्रखंड विकास पदाधिकारी की मिलीभगत से जानबूझकर अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की साजिश की जा रही है। सदस्यों का कहना है कि वर्तमान प्रमुख द्वारा सरकारी योजनाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्हें योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं दी जाती और न ही चयन एवं क्रियान्वयन में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। इससे उनके क्षेत्र की जनता विकास से वंचित हो रही है। इसी बीच 12 पंचायत समिति सदस्य बिहार शरीफ समाहरणालय पहुंचे और उप विकास आयुक्त से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है और अविश्वास प्रस्ताव को जानबूझकर टाला जा रहा है। सदस्यों ने मांग की है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान प्रखंड में हुए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। कितना विकास हुआ और कितना नहीं – इसकी पारदर्शी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। वहीं बीडीओ सीमा कुमारी का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन करना अनिवार्य है, इसलिए बैठक को स्थगित किया गया है। उप विकास आयुक्त ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सवाल यह है कि क्या अविश्वास प्रस्ताव पर फिर से बैठक होगी? क्या विकास कार्यों की जांच होगी? या मामला हाईकोर्ट तक पहुंचेगा? फिलहाल अस्थावां प्रखंड की राजनीति में जबरदस्त हलचल है और आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। अस्थावां प्रखंड में प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासत तेज। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर बैठक स्थगित। 12 पंचायत समिति सदस्य पहुंचे समाहरणालय। 2023-25 के विकास कार्यों की जांच की मांग।
अस्थावां में सियासी भूचाल! अविश्वास प्रस्ताव पर हाईकोर्ट का स्टे, हंगामा तेज एंकर, नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड में इस वक्त सियासी पारा चरम पर है। प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। प्रखंड कार्यालय स्थित बीडीओ कक्ष में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी, जहां अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक के दौरान बीडीओ सीमा कुमारी ने माननीय हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बैठक को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद पंचायत समिति सदस्यों में भारी नाराजगी देखी गई। पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि प्रमुख और प्रखंड विकास पदाधिकारी की मिलीभगत से जानबूझकर अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की साजिश की जा रही है। सदस्यों का कहना है कि वर्तमान प्रमुख द्वारा सरकारी योजनाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्हें योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं दी जाती और न ही चयन एवं क्रियान्वयन में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। इससे उनके क्षेत्र की जनता विकास से वंचित हो रही है। इसी बीच 12 पंचायत समिति सदस्य बिहार शरीफ समाहरणालय पहुंचे और उप विकास आयुक्त से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है और अविश्वास प्रस्ताव को जानबूझकर टाला जा रहा है। सदस्यों ने मांग की है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान प्रखंड में हुए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। कितना विकास हुआ और कितना नहीं – इसकी पारदर्शी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। वहीं बीडीओ सीमा कुमारी का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन करना अनिवार्य है, इसलिए बैठक को स्थगित किया गया है। उप विकास आयुक्त ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सवाल यह है कि क्या अविश्वास प्रस्ताव पर फिर से बैठक होगी? क्या विकास कार्यों की जांच होगी? या मामला हाईकोर्ट तक पहुंचेगा? फिलहाल अस्थावां प्रखंड की राजनीति में जबरदस्त हलचल है और आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। अस्थावां प्रखंड में प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासत तेज। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर बैठक स्थगित। 12 पंचायत समिति सदस्य पहुंचे समाहरणालय। 2023-25 के विकास कार्यों की जांच की मांग।
- एंकर, नालंदा जिले के सोहसराय थाना परिसर में होली महापर्व को लेकर शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मुकेश ने की। इस बैठक में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि होली का पर्व पूरी तरह शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए, इसके लिए विशेष तैयारी की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कई स्थानों को सेंसिटिव जोन के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां विशेष पुलिस बल की तैनाती रहेगी। चिन्हित सेंसिटिव स्थान: मुगल कुआं मस्जिद, बसर बिगहा, खासगंज मस्जिद, सहोखर मस्जिद, सोहडीह मस्जिद, सलेमपुर मस्जिद, फुलवरिया मस्जिद, कटहलटोला मस्जिद, बिजली अड़ान सहोखर कमलेश वकील के समीप इन सभी स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी और होलिका दहन पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया जाएगा। थानाध्यक्ष ने साफ कहा कि अगर कोई असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो तुरंत स्थानीय थाना या 112 डायल पुलिस को सूचना दें। प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा। मटका फोड़ होली खेलने वालों के लिए जरूरी सूचना अगर कोई व्यक्ति मटका फोड़ होली खेलना चाहता है, तो उसे पहले थाना से अनुमति लेनी होगी। प्रशासन द्वारा तुरंत लाइसेंस जारी किया जाएगा और पुलिस निगरानी में कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त बिहार शरीफ के पंडित होलिका दहन और ग्रहण का तालमेल आमतौर पर ग्रहण के दौरान या उसके सूतक काल में शुभ कार्य या पूजा-पाठ नहीं किया जाता। चूँकि 3 मार्च को ग्रहण है, इसीलिए होलिका दहन 2 मार्च 2026 की रात को ही संपन्न किया जाएगा। भद्रा का प्रभाव: 2 मार्च को शाम के समय भद्रा रहेगी। शास्त्रों के अनुसार भद्रा में होलिका दहन वर्जित है। विशेष मुहूर्त इसी कारण से, जैसा कि आपने पहले कहा था, भद्रा समाप्त होने के बाद रात्रि 12:50 AM से 2:02 AM (जो तकनीकी रूप से 3 मार्च की तारीख लग जाएगी) के बीच दहन का मुहूर्त सबसे शुद्ध है। तो आप भी होली का त्योहार प्रेम, भाईचारा और शांति के साथ मनाएं। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। वही इस मौके पर मौजूद पुलिस निरीक्षक साकेत कुमार बिहार आंचल, si आलम अंसारी, si गौरी शंकर, si टुनटुन चौधरी, asi असलम, asi दयानंद भगत, जनप्रतिनिधि समाजसेवी एवं आम नागरिक में मौजूद मोहम्मद सद्दाम हुसैन महात्मा मेडिकल हॉल सहोखर, मोहम्मद मुमताज अकरम, मोहम्मद आदिल, समाजसेवी सर्वोत्तम कुशवाहा, शैलेश कुमार, कपूर क्या लगे सैकड़ो लोग मौजूद रहे।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ नालंदा निराला आर्टिकल 15, 19 न्यूज1
- स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत: बिहार शरीफ में मानव वेलनेस सेंटर आम जनता को समर्पित1
- होल्डिंग एवं प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अभियान: सभी वार्डों में शत-प्रतिशत होल्डिंग एवं प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का निर्देश।1
- होल्डिंग एवं प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अभियान: सभी वार्डों में शत-प्रतिशत होल्डिंग एवं प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का निर्देश।1
- होली पास है, घर दूर है 🤔🥹 और हम रास्ते में, मजबूर हैं 🤨😒1
- 20 Sal se Roti banaa Nahin Hai police gadiyon ke Bagal Mein Mora Gaon2
- एंकर, नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड में इस वक्त सियासी पारा चरम पर है। प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। प्रखंड कार्यालय स्थित बीडीओ कक्ष में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी, जहां अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक के दौरान बीडीओ सीमा कुमारी ने माननीय हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बैठक को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद पंचायत समिति सदस्यों में भारी नाराजगी देखी गई। पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि प्रमुख और प्रखंड विकास पदाधिकारी की मिलीभगत से जानबूझकर अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की साजिश की जा रही है। सदस्यों का कहना है कि वर्तमान प्रमुख द्वारा सरकारी योजनाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्हें योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं दी जाती और न ही चयन एवं क्रियान्वयन में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। इससे उनके क्षेत्र की जनता विकास से वंचित हो रही है। इसी बीच 12 पंचायत समिति सदस्य बिहार शरीफ समाहरणालय पहुंचे और उप विकास आयुक्त से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है और अविश्वास प्रस्ताव को जानबूझकर टाला जा रहा है। सदस्यों ने मांग की है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान प्रखंड में हुए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। कितना विकास हुआ और कितना नहीं – इसकी पारदर्शी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। वहीं बीडीओ सीमा कुमारी का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन करना अनिवार्य है, इसलिए बैठक को स्थगित किया गया है। उप विकास आयुक्त ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सवाल यह है कि क्या अविश्वास प्रस्ताव पर फिर से बैठक होगी? क्या विकास कार्यों की जांच होगी? या मामला हाईकोर्ट तक पहुंचेगा? फिलहाल अस्थावां प्रखंड की राजनीति में जबरदस्त हलचल है और आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। अस्थावां प्रखंड में प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासत तेज। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर बैठक स्थगित। 12 पंचायत समिति सदस्य पहुंचे समाहरणालय। 2023-25 के विकास कार्यों की जांच की मांग।1