42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सतर्कता से संदिग्ध मानव तस्करी का प्रयास विफल, नाबालिग लड़की सुरक्षित बचाई गई बहराइच, 25 मार्च।भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-प्रथम को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कमांडेंट गंगा सिंह उदावत के सतत पर्यवेक्षण में एसएसबी ने एक संदिग्ध मानव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को लगभग दोपहर 12:30 बजे 42वीं वाहिनी की स्पेशल इंटेलिजेंस शाखा को विश्वसनीय स्रोत से सूचना मिली कि चकिया मोड़ बस स्टैंड पर एक संदिग्ध युवक और एक लड़की बैठे हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सहायक उप निरीक्षक तपन बरुआ के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर तत्काल मौके पर भेजा गया। एसएसबी टीम ने चकिया मोड़ (प्राइवेट) बस स्टैंड पहुंचकर दोनों संदिग्धों की पहचान की और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में लड़की ने अपना नाम बसु वी.के. (15 वर्ष) तथा युवक ने अपना नाम नरेश कामी (18 वर्ष) बताया और जन्म प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वयं को भाई-बहन बताया, लेकिन अलग-अलग गांव का नाम बताने पर एसएसबी को संदेह हुआ। संदेह के आधार पर दोनों को आगे की पूछताछ के लिए एसएसबी कैंप लाया गया। वहां समवाय प्रभारी रुपैडिहा के निर्देशन में मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) तथा एनजीओ “देहात इंडिया” की उपस्थिति में गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों के बयान बार-बार बदलते रहे और वे एक-दूसरे के परिवार के बारे में सही जानकारी नहीं दे सके। बाद में युवक ने बताया कि वह लड़की को पुणे स्थित अपने माता-पिता के पास ले जा रहा था। जांच के दौरान जब लड़की के परिजनों से संपर्क किया गया तो उसकी बहन ने बताया कि लड़की की सगाई कहीं और तय हो चुकी है और वह घर से बिना बताए किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई है। वहीं, युवक के परिजनों ने भी लड़की के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया। बयानों में लगातार विरोधाभास और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामला संदिग्ध मानव तस्करी का प्रतीत होने पर एसएसबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया। बाद में लड़की को नेपाल स्थित एनजीओ “शांतिपूर्ण स्थापना गृह” को सुपुर्द कर दिया गया, जबकि संदिग्ध युवक को अग्रिम कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। एसएसबी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि बल सीमा पर मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध पूरी सजगता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सतर्कता से संदिग्ध मानव तस्करी का प्रयास विफल, नाबालिग लड़की सुरक्षित बचाई गई बहराइच, 25 मार्च।भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-प्रथम को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कमांडेंट गंगा सिंह उदावत के सतत पर्यवेक्षण में एसएसबी ने एक संदिग्ध मानव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को लगभग दोपहर 12:30 बजे 42वीं वाहिनी की स्पेशल इंटेलिजेंस शाखा को विश्वसनीय स्रोत से सूचना मिली कि चकिया मोड़ बस स्टैंड पर एक संदिग्ध युवक और एक
लड़की बैठे हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सहायक उप निरीक्षक तपन बरुआ के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर तत्काल मौके पर भेजा गया। एसएसबी टीम ने चकिया मोड़ (प्राइवेट) बस स्टैंड पहुंचकर दोनों संदिग्धों की पहचान की और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में लड़की ने अपना नाम बसु वी.के. (15 वर्ष) तथा युवक ने अपना नाम नरेश कामी (18 वर्ष) बताया और जन्म प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वयं को भाई-बहन बताया, लेकिन अलग-अलग गांव का नाम बताने पर एसएसबी को संदेह हुआ। संदेह के आधार पर दोनों को आगे की पूछताछ के लिए एसएसबी कैंप लाया गया। वहां
समवाय प्रभारी रुपैडिहा के निर्देशन में मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) तथा एनजीओ “देहात इंडिया” की उपस्थिति में गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों के बयान बार-बार बदलते रहे और वे एक-दूसरे के परिवार के बारे में सही जानकारी नहीं दे सके। बाद में युवक ने बताया कि वह लड़की को पुणे स्थित अपने माता-पिता के पास ले जा रहा था। जांच के दौरान जब लड़की के परिजनों से संपर्क किया गया तो उसकी बहन ने बताया कि लड़की की सगाई कहीं और तय हो चुकी है और वह घर से बिना बताए किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई है। वहीं, युवक के परिजनों ने
भी लड़की के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया। बयानों में लगातार विरोधाभास और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामला संदिग्ध मानव तस्करी का प्रतीत होने पर एसएसबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया। बाद में लड़की को नेपाल स्थित एनजीओ “शांतिपूर्ण स्थापना गृह” को सुपुर्द कर दिया गया, जबकि संदिग्ध युवक को अग्रिम कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। एसएसबी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि बल सीमा पर मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध पूरी सजगता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
- बहराइच,भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मादक पदार्थों और अवैध सामान की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-प्रथम को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कमांडेंट गंगा सिंह उदावत के सतत पर्यवेक्षण में एसएसबी ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कपड़ा बरामद किया और तीन तस्करों को पकड़ लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 मार्च 2026 को एसएसबी को गुप्त सूचना मिली कि सीमा स्तम्भ संख्या 650/4 के पास से कुछ लोग अवैध सामान लेकर नेपाल जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी के निर्देश पर सहायक उप निरीक्षक श्याम लाल के नेतृत्व में एक विशेष गश्ती दल का गठन किया गया। गश्ती दल दोपहर लगभग 2:30 बजे निर्धारित स्थान के लिए रवाना हुआ और सीमा स्तम्भ संख्या 650/4 के पास भारतीय क्षेत्र में तैनात हो गया। करीब 3:50 बजे टीम ने तीन व्यक्तियों को साइकिलों पर सामान लादकर नेपाल की ओर जाते हुए देखा। संदेह होने पर जवानों ने उन्हें रोककर पूछताछ की। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्तियों ने अपने नाम राम सहाय वर्मा (20 वर्ष), हलीम (15 वर्ष) और बच्छ राज (20 वर्ष) निवासी ग्राम निधिनगर संकल्पा, थाना रुपैडिहा, जिला बहराइच बताए। तलाशी और जांच के दौरान उनके कब्जे से 200 नग लेडीज सूट, 23 नग लेडीज साड़ियां और 3 साइकिल बरामद की गईं। आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त सामान और पकड़े गए तीनों व्यक्तियों को अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय, नानपारा को सुपुर्द कर दिया गया। एसएसबी की इस कार्रवाई को सीमा पर तस्करी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। बल लगातार सीमा पर सतर्कता और मुस्तैदी के साथ निगरानी बनाए हुए है।3
- लेकिन नदी में उतरी 2 JCB में से 1 काम क्यों नहीं कर रही? क्या ये सिर्फ दिखावा है? 😡 ग्राउंड ज़ीरो से देखिए असली सच! 👉 पूरा वीडियो जल्द आ रहा है 'आदित्य भारत' यूट्यूब चैनल पर। (लिंक बायो में है) #SaryuNadi #Bahraich #AdityaBharat #GroundReport #UPNews #Impact1
- बहराइच | पेट्रोल पम्पो पर तेल लेने के लिए लगी भीड़ प्रशासन ने अफवाहो पर ध्यान न दे1
- 74 दिनों का तेल भंडार सुरक्षित, घरेलू LPG की सप्लाई रहेगी सामान्य भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% हिस्सा आयात करता है, जिसके कारण खाड़ी देशों में पैदा हुआ कोई भी तनाव सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब को प्रभावित करता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि भारत के पास रणनीतिक भंडार और तेल कंपनियों के स्टॉक को मिलाकर कुल 74 दिनों की आपूर्ति सुरक्षित है। हालांकि मार्च के शुरुआती हफ्तों में कच्चे तेल के आयात में कुछ कमी दर्ज की गई थी, परंतु सरकार का स्पष्ट कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी। घरेलू मोर्चे पर एलपीजी (रसोई गैस) को लेकर कुछ संशय की स्थिति देखी गई थी। देश के कुछ हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरें जरूर आई हैं, जिससे एसी मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों पर असर पड़ा है, लेकिन सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। इंडियन ऑयल (IOCL), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) जैसी प्रमुख तेल कंपनियों ने आज सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और वितरण की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे 'पैनिक बुकिंग' यानी डर के कारण जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करें। वैश्विक स्तर पर इस संकट के कई पहलू उभर कर सामने आ रहे हैं। इराक में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ ईरान समर्थक गुटों द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की धमकी के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को इराक छोड़ने की सलाह दी है। इस संकट के बीच पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसके माध्यम से अमेरिका का शांति प्रस्ताव ईरान तक पहुँचा है। वहीं, बांग्लादेश में इस युद्ध के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं और वहां के संगठनों ने ओआईसी (OIC) से युद्ध रोकने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। अब पूरी दुनिया की नजरें 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर टिकी हैं। यदि ईरान इस पर सहमत हो जाता है, तो न केवल कच्चे तेल की कीमतें गिरेंगी, बल्कि भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की स्थिति भी पूरी तरह स्थिर हो जाएगी।1
- Post by Kasim1
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- Post by OFFICIAL QADRI NEWS 📰🗞️1
- बहराइच, 25 मार्च।भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-प्रथम को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कमांडेंट गंगा सिंह उदावत के सतत पर्यवेक्षण में एसएसबी ने एक संदिग्ध मानव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को लगभग दोपहर 12:30 बजे 42वीं वाहिनी की स्पेशल इंटेलिजेंस शाखा को विश्वसनीय स्रोत से सूचना मिली कि चकिया मोड़ बस स्टैंड पर एक संदिग्ध युवक और एक लड़की बैठे हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सहायक उप निरीक्षक तपन बरुआ के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर तत्काल मौके पर भेजा गया। एसएसबी टीम ने चकिया मोड़ (प्राइवेट) बस स्टैंड पहुंचकर दोनों संदिग्धों की पहचान की और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में लड़की ने अपना नाम बसु वी.के. (15 वर्ष) तथा युवक ने अपना नाम नरेश कामी (18 वर्ष) बताया और जन्म प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वयं को भाई-बहन बताया, लेकिन अलग-अलग गांव का नाम बताने पर एसएसबी को संदेह हुआ। संदेह के आधार पर दोनों को आगे की पूछताछ के लिए एसएसबी कैंप लाया गया। वहां समवाय प्रभारी रुपैडिहा के निर्देशन में मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) तथा एनजीओ “देहात इंडिया” की उपस्थिति में गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों के बयान बार-बार बदलते रहे और वे एक-दूसरे के परिवार के बारे में सही जानकारी नहीं दे सके। बाद में युवक ने बताया कि वह लड़की को पुणे स्थित अपने माता-पिता के पास ले जा रहा था। जांच के दौरान जब लड़की के परिजनों से संपर्क किया गया तो उसकी बहन ने बताया कि लड़की की सगाई कहीं और तय हो चुकी है और वह घर से बिना बताए किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई है। वहीं, युवक के परिजनों ने भी लड़की के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया। बयानों में लगातार विरोधाभास और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामला संदिग्ध मानव तस्करी का प्रतीत होने पर एसएसबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया। बाद में लड़की को नेपाल स्थित एनजीओ “शांतिपूर्ण स्थापना गृह” को सुपुर्द कर दिया गया, जबकि संदिग्ध युवक को अग्रिम कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। एसएसबी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि बल सीमा पर मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध पूरी सजगता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।4
- भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन नियमों में बदलाव किया है। अब आखिरी समय पर टिकट रद्द करने पर यात्रियों को बड़ा नुकसान हो सकता है। Indian Railways, Ticket Cancellation, Refund Rules, Train News, IRCTC Update, Railway News India1