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नेहा बोरा का प्रेस वार्ता क्या कहा इन्होंने आज बड़े पार्टी वाले भी इनको साथ लेकर चल रहे है

2 hrs ago
user_नवोदय वार्ता
नवोदय वार्ता
Newspaper publisher मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

नेहा बोरा का प्रेस वार्ता क्या कहा इन्होंने आज बड़े पार्टी वाले भी इनको साथ लेकर चल रहे है

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  • नेहा बोरा का प्रेस वार्ता क्या कहा इन्होंने आज बड़े पार्टी वाले भी इनको साथ लेकर चल रहे है
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    नेहा बोरा का प्रेस वार्ता क्या कहा इन्होंने आज बड़े पार्टी वाले भी इनको साथ लेकर चल रहे है
    user_नवोदय वार्ता
    नवोदय वार्ता
    Newspaper publisher मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मऊ में नवरात्रि-दशहरा को लेकर अलर्ट, IG नवीन अरोरा ने परखी सुरक्षा व्यवस्था, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी मऊ में नवरात्रि-दशहरा को लेकर अलर्ट, IG नवीन अरोरा ने परखी सुरक्षा व्यवस्था, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी मऊ में नवरात्रि, दशहरा और आगामी धार्मिक आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोरा ने मऊ पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने मारीच वध और राम-भरत मिलाप के आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ-साथ शाही कटरा मस्जिद के इमाम, नायब इमाम और दूसरे पक्ष के लोगों से भी बातचीत की गई। IG ने कहा कि जिले में आपसी सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है और सुरक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोजन स्थलों पर CCTV कैमरों, ड्रोन और एरियल सर्विलांस से निगरानी होगी। संवेदनशील इलाकों में रूफटॉप ड्यूटी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। जुलूस और विसर्जन मार्गों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। IG ने सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक वीडियो और डीपफेक सामग्री प्रसारित न करने की अपील करते हुए कहा कि सभी धार्मिक आयोजन तय समय और निर्धारित मार्गों के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे।
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    मऊ में नवरात्रि-दशहरा को लेकर अलर्ट, IG नवीन अरोरा ने परखी सुरक्षा व्यवस्था, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी
मऊ में नवरात्रि-दशहरा को लेकर अलर्ट, IG नवीन अरोरा ने परखी सुरक्षा व्यवस्था, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी
मऊ में नवरात्रि, दशहरा और आगामी धार्मिक आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोरा ने मऊ पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने मारीच वध और राम-भरत मिलाप के आयोजन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ-साथ शाही कटरा मस्जिद के इमाम, नायब इमाम और दूसरे पक्ष के लोगों से भी बातचीत की गई। IG ने कहा कि जिले में आपसी सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है और सुरक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोजन स्थलों पर CCTV कैमरों, ड्रोन और एरियल सर्विलांस से निगरानी होगी। संवेदनशील इलाकों में रूफटॉप ड्यूटी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। जुलूस और विसर्जन मार्गों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। IG ने सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक वीडियो और डीपफेक सामग्री प्रसारित न करने की अपील करते हुए कहा कि सभी धार्मिक आयोजन तय समय और निर्धारित मार्गों के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे।
    user_KHABARE ABHI TAK
    KHABARE ABHI TAK
    पत्रकारिता मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • किसानों का फूटा गुस्सा, धर्मपुर विशुनपुर के सैकड़ों किसानों ने तहसील मुख्यालय और लेखपाल आवास पर किया धरना प्रदर्शन, फसल क्षति मुआवजे और राहत किट वितरण में धांधली का लगाया आरोप किसानों का फूटा गुस्सा, धर्मपुर विशुनपुर के सैकड़ों किसानों ने तहसील मुख्यालय और लेखपाल आवास पर किया धरना प्रदर्शन, फसल क्षति मुआवजे और राहत किट वितरण में धांधली का लगाया आरोप मधुबन,तहसील क्षेत्र के देवांचल इलाके के धर्मपुर विशुनपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मियों पर फसल क्षति मुआवजा वितरण में जमकर धांधली बरतने का आरोप लगाया। बाद में आक्रोशित किसानों ने लेखपाल के आवास का भी घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि हाल ही में आई बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण उनकी हजारों बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। धान, मक्का और सब्जी की फसलें पानी में सड़ गईं। सरकार द्वारा फसल क्षति मुआवजा देने की घोषणा की गई है, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा जो मुआवजा दिया जा रहा है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। यह राशि बीज और खाद की लागत से भी कम है। किसानों ने आरोप लगाया कि लेखपाल और राजस्व कर्मी खेतों में जाकर सही सर्वे नहीं कर रहे हैं, बल्कि कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का यह भी आरोप है कि तहसील में फसल क्षति के लिए ऑनलाइन फार्म भरने के नाम पर राजस्व कर्मियों द्वारा पैसे वसूले जा रहे हैं। जो किसान 200 से 500 रुपये दे रहा है, उसी का फार्म ऑनलाइन किया जा रहा है और जो पैसा नहीं दे रहा है, उसे दौड़ाया जा रहा है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आए राहत किट वितरण में भी धांधली का आरोप लगाया । किसानों का कहना है कि धर्मपुर विशुनपुर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव है, लेकिन यहां राहत किट का वितरण सही लोगों तक नहीं पहुंचा। प्रधान और लेखपाल की मिलीभगत से अपने चहेतों को किट बांट दी गई, जबकि वास्तविक पीड़ित किसान वंचित रह गए। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों किसान तहसील मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने हाथों में फसल क्षति के आवेदन लेकर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। किसानों ने "तहसील प्रशासन मुर्दाबाद", "लेखपाल की मनमानी नहीं चलेगी" के नारे लगाए। काफी देर तक तहसील में कोई अधिकारी सुनने नहीं आया तो आक्रोशित किसान वहां से निकलकर सीधे हल्का लेखपाल के आवास पर पहुंच गए और आवास का घेराव कर दिया। वहां भी जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की सूचना पर तहसीलदार अशोक कुमार किसानों को समझा-बुझा कर शांत किया। इस संबंध में एसडीएम दीपक सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत मिली है। फसलों के नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। कुछ किसानों को पहली सूची में मुआवजा दिया गया है, शेष किसानों का सर्वे चल रहा है। शीघ्र ही सभी पात्र किसानों को सरकार की मंशा के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा। अगर किसी लेखपाल द्वारा पैसे मांगने की बात सामने आती है तो उसकी जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और धांधली बंद नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। इस अवसर पर बृजेश निषाद, प्रभुनाथ शर्मा, राम बदन यादव, लल्लन प्रसाद, बीरबल यादव, दिनेश प्रसाद, रेनू देवी, कबूतरी देवी, उर्मिला, प्यारी देवी, राम विलास, जवाहिर, उमेश, महेंद्र, श्याम सुन्दर, वशिष्ठ यादव, सनेजर, रमेश प्रसाद सहित दर्जनों किसान विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
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    किसानों का फूटा गुस्सा, धर्मपुर विशुनपुर के सैकड़ों किसानों ने तहसील मुख्यालय और लेखपाल आवास पर किया धरना प्रदर्शन, फसल क्षति मुआवजे और राहत किट वितरण में धांधली का लगाया आरोप
किसानों का फूटा गुस्सा, धर्मपुर विशुनपुर के सैकड़ों किसानों ने तहसील मुख्यालय और लेखपाल आवास पर किया धरना प्रदर्शन, फसल क्षति मुआवजे और राहत किट वितरण में धांधली का लगाया आरोप
मधुबन,तहसील क्षेत्र के देवांचल इलाके के धर्मपुर विशुनपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मियों पर फसल क्षति मुआवजा वितरण में जमकर धांधली बरतने का आरोप लगाया। बाद में आक्रोशित किसानों ने लेखपाल के आवास का भी घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि हाल ही में आई बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण उनकी हजारों बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। धान, मक्का और सब्जी की फसलें पानी में सड़ गईं। सरकार द्वारा फसल क्षति मुआवजा देने की घोषणा की गई है, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा जो मुआवजा दिया जा रहा है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। यह राशि बीज और खाद की लागत से भी कम है। किसानों ने आरोप लगाया कि लेखपाल और राजस्व कर्मी खेतों में जाकर सही सर्वे नहीं कर रहे हैं, बल्कि कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दे रहे हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों का यह भी आरोप है कि तहसील में फसल क्षति के लिए ऑनलाइन फार्म भरने के नाम पर राजस्व कर्मियों द्वारा पैसे वसूले जा रहे हैं। जो किसान 200 से 500 रुपये दे रहा है, उसी का फार्म ऑनलाइन किया जा रहा है और जो पैसा नहीं दे रहा है, उसे दौड़ाया जा रहा है।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आए राहत किट वितरण में भी धांधली का आरोप लगाया । किसानों का कहना है कि धर्मपुर विशुनपुर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव है, लेकिन यहां राहत किट का वितरण सही लोगों तक नहीं पहुंचा। प्रधान और लेखपाल की मिलीभगत से अपने चहेतों को किट बांट दी गई, जबकि वास्तविक पीड़ित किसान वंचित रह गए। 
सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों किसान तहसील मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने हाथों में फसल क्षति के आवेदन लेकर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। किसानों ने "तहसील प्रशासन मुर्दाबाद", "लेखपाल की मनमानी नहीं चलेगी" के नारे लगाए।
काफी देर तक तहसील में कोई अधिकारी सुनने नहीं आया तो आक्रोशित किसान वहां से निकलकर सीधे हल्का लेखपाल के आवास पर पहुंच गए और आवास का घेराव कर दिया। वहां भी जमकर हंगामा हुआ।
हंगामे की सूचना पर तहसीलदार अशोक कुमार किसानों को समझा-बुझा कर शांत किया।
इस संबंध में एसडीएम दीपक सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत मिली है। फसलों के नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। कुछ किसानों को पहली सूची में मुआवजा दिया गया है, शेष किसानों का सर्वे चल रहा है। शीघ्र ही सभी पात्र किसानों को सरकार की मंशा के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा। अगर किसी लेखपाल द्वारा पैसे मांगने की बात सामने आती है तो उसकी जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और धांधली बंद नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। इस अवसर पर बृजेश निषाद, प्रभुनाथ शर्मा, राम बदन यादव, लल्लन प्रसाद, बीरबल यादव, दिनेश प्रसाद, रेनू देवी, कबूतरी देवी, उर्मिला, प्यारी देवी, राम विलास, जवाहिर, उमेश, महेंद्र, श्याम सुन्दर, वशिष्ठ यादव, सनेजर, रमेश प्रसाद सहित दर्जनों किसान विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
    user_विनय कुमार श्रीवास्तव
    विनय कुमार श्रीवास्तव
    मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by SONI DEVI
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    Post by SONI DEVI
    user_SONI DEVI
    SONI DEVI
    Voice of people घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • mim ke प्रमुख पहुँचे आजमगढ़ यसुफ़दिन ओबैसी कार्यक्रम के दौरान लोगो sheje
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    mim ke प्रमुख पहुँचे आजमगढ़ यसुफ़दिन ओबैसी कार्यक्रम के दौरान लोगो sheje
    user_Ajay Kumar
    Ajay Kumar
    Local News Reporter मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Ghazipur Uttar Pradesh ke Nawabganj me mata rani aa chuki h
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    Ghazipur Uttar Pradesh ke Nawabganj me mata rani aa chuki h
    user_Manish kumar modanwal
    Manish kumar modanwal
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 min ago
  • कैकेयी ने मांगा राम के लिए 14 साल का वनवास, विदाई के दृश्य पर भावुक हुए दर्शक कैकेयी ने मांगा राम के लिए 14 साल का वनवास, विदाई के दृश्य पर भावुक हुए दर्शक, । राम वनगमन का मार्मिक मंचन हुआ। राजा दशरथ-कैकेयी के संवाद, श्रीराम के वनवास स्वीकार करने और सीता-लक्ष्मण के साथ चलने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से श्रीराम चबूतरा पर आयोजित रामलीला के पांचवें दिन राजा भैया आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों ने प्रसंगों का मंचन किया। लीला में दिखाया गया कि दासी मंथरा के समझाने पर कैकेयी को राजा दशरथ के दिए दो वरदान याद आते हैं। वह कोपभवन में चली जाती हैं। उन्हें मनाने पहुंचे दशरथ से कैकेयी पहला वरदान भरत को अयोध्या का राजा बनाने और दूसरा श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने के रूप में मांगती हैं। यह सुनकर दशरथ स्तब्ध रह जाते हैं और कैकेयी से वरदान बदलने की विनती करते हैं, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहती हैं। पुत्र वियोग की आशंका से दशरथ व्याकुल होकर मूर्छित हो जाते हैं। इसके बाद श्रीराम पिता के वचन की मर्यादा निभाने के लिए वनवास स्वीकार कर लेते हैं। उनके साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण भी वन जाने का निर्णय लेते हैं। तीनों तपस्वी वेश में दशरथ और कैकेयी से विदाई मांगने पहुंचते हैं। इस दृश्य के दौरान लीला स्थल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। मंचन से पहले कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी सहित पदाधिकारियों ने आरती-पूजन किया।
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    कैकेयी ने मांगा राम के लिए 14 साल का वनवास, विदाई के दृश्य पर भावुक हुए दर्शक
कैकेयी ने मांगा राम के लिए 14 साल का वनवास, विदाई के दृश्य पर भावुक हुए दर्शक, । राम वनगमन का मार्मिक मंचन हुआ। राजा दशरथ-कैकेयी के संवाद, श्रीराम के वनवास स्वीकार करने और सीता-लक्ष्मण के साथ चलने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से श्रीराम चबूतरा पर आयोजित रामलीला के पांचवें दिन राजा भैया आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों ने प्रसंगों का मंचन किया।
लीला में दिखाया गया कि दासी मंथरा के समझाने पर कैकेयी को राजा दशरथ के दिए दो वरदान याद आते हैं। वह कोपभवन में चली जाती हैं। उन्हें मनाने पहुंचे दशरथ से कैकेयी पहला वरदान भरत को अयोध्या का राजा बनाने और दूसरा श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने के रूप में मांगती हैं। यह सुनकर दशरथ स्तब्ध रह जाते हैं और कैकेयी से वरदान बदलने की विनती करते हैं, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहती हैं। पुत्र वियोग की आशंका से दशरथ व्याकुल होकर मूर्छित हो जाते हैं।
इसके बाद श्रीराम पिता के वचन की मर्यादा निभाने के लिए वनवास स्वीकार कर लेते हैं। उनके साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण भी वन जाने का निर्णय लेते हैं। तीनों तपस्वी वेश में दशरथ और कैकेयी से विदाई मांगने पहुंचते हैं। इस दृश्य के दौरान लीला स्थल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। मंचन से पहले कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी सहित पदाधिकारियों ने आरती-पूजन किया।
    user_Anubha tiwari
    Anubha tiwari
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • Varanasi Zone (ADG): Naveen Arora मऊ जिले में विजिट पर थे और नवरात्रि में कोई भी चूक ना हो उसका जायजा लिया प्रेस वार्ता भी किया और जो भी तैयारी है उसका जानकारी प्रदान किए
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    Varanasi Zone (ADG): Naveen Arora मऊ जिले में विजिट पर थे और नवरात्रि में कोई भी चूक ना हो उसका जायजा लिया प्रेस वार्ता भी किया और जो भी तैयारी है उसका जानकारी प्रदान किए
    user_नवोदय वार्ता
    नवोदय वार्ता
    Newspaper publisher मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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