जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है। जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है।
जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है। जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस 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न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है।
- जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, जो कि 23 साल का लड़की है, उसका नाम है अरुणा कुमारी उर्फ सोनम कुमारी। वो खुद भी कहती है, जो मेरा बाप मर गया, चाहे मैं कहीं भी उड़ान जाऊँ, कुछ भी करूँ, तुम लोग कौन हैं, तुमसे क्या रिश्ता है, कुछ तुम्हारा नहीं जानता हूँ। तो ऐसे-से औरत तो हमारे समाज के लिए बदचलन ही होता है ऐसे-से लड़की, जो अपने बाप को, अपने पैरेंट्स को कदर नहीं किया। तो ये औरत सब हम जो समाज के अंदर जो गलत ही संस्कार फैलाया जाता है। जय विजय, जय शिव. ये महथोड़ पंचायत का ग्राम महथोड़ पोस्ट पुते जिला दरभंगा थाना मणिगाछी ब्लॉक टाडी वार्ड नंबर सात का हकीकत कहानी है। 2002 में रणबीर सिंह अपने हिंदू रीति-रिवाज के साथ हिरणी पंचायत में दविंदर सिंह के बेटी के साथ अपने लड़के से शादी करने के बाद कितना पड़ पंचायती हुआ, उसके बाद तो ये लड़की फिर वापस आई और जब से वापस आया तब से रणबीर सिंह के बेटा के साथ ये लड़की को कभी जमाई नहीं। और ये गणेश सिंह को न तो बीवी है, न तो बच्चा है, न तो माँ-बाप है, कोई नहीं है। और ये गणेश सिंह कमाकर टोटल पैसा प्रमोद सिंह को दिया। अब प्रमोद सिंह अपना कमाए, उसके बाद ये चाचा का कमाई से अपना घर चलाया, ये औरत को गुजारा कराया, इसके बाल-बच्चे को गुजारा किया और ये औरत जो बंबई में रहती थी तो बेगर पूछे हुए घर के गार्जियन से अपने बाप को, अपने माँ-ओर को, अपने रिश्तेदार-ओर को बुला लेता था और उस सब में पैसा वेस्ट करता था। जो है, तो ये औरत कहती है, जो रणबीर सिंह के घर में और प्रमोद सिंह के घर में हम लोग को खाना नहीं मिला, बच्चे लोग को परवरिश में बोलता है, जो कुछ नहीं मिला। तो मैं महथोड़ पंचायत के तमाम जनता से लेकर और प्रशासन से भी और पूरे हर नर-नारी से चाहे वो सिंह टाइटल हो, चाहे बावन हो या राजपूत हो, तो हर जनता से मैं जानना चाहता हूँ, जो ऐसे-ऐसे बदचलन औरत जो कहे, जो खा ले और कहे, जो मैं अपने ससुराल में अपने पति को, अपने सास-ससुर को कुछ नहीं जानता हूँ। और यहां तक मैं आप लोग को शो कर दूँ, जो ये औरत कभी न तो मेरे माँ को, न तो कभी बाप को, न तो मेरा कभी कोई देखभाल किया ही नहीं और ये औरत जब से मेरे घर में आया तब से अपने माँ-बाप के कहे हुए पे घर को बर्बादी सिवा छोड़ के आबादी का ये औरत का चाल-चलन नहीं है। और यहां तक जो बच्चे को पढ़ाना-लिखाना चाहता था उसे जुआरी, शराबी, चोरी, ऐसा कोई काम नहीं है जो वो गलत शिक्षा नहीं दिया है। तो आप लोग इसपे ऐसे-ऐसे औरत को और ऐसे-से बच्चे को क्या आप लोग एक्सेप्ट करना चाहिएगा, जो औरत कहे, जो मांग में सेनूर लगाकर, जो रणबीर मेरा पति मर गया है, मेरा बाप मर गया है, मैं दूसरे यार रखा हुआ हूँ और ये हकीकत है, जो रात-रात भर फरार रहती है, जब दिल में आया तब यार के साथ फरार हो जाती है और यहां तक जो रणबीर सिंह का बेटा का 8 नवंबर 2017 से उसकी मौत ही का इंतजार करती है, घर में चुरा के सामान चुरा के ले जाना, सामान बेच देना। आप लोग जानते हैं जो आजकल जादू-टोना भी चलता है, तो क्या ऐसे-से औरत हमारे समाज के लिए हमारे हिसाब से, तो ये ऐसे-से औरत को न तो माँ का दर्जा दिया जाता है, न तो बीवी का दर्जा दिया जाता है, न तो बेटी का दर्जा दिया जाता है। और हालांकि ये लड़की को एक बड़ी लड़की भी है, 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- विश्वकर्मा पूजा पर Vicky TVS का धमाका! 🏍️🔥 Raider खरीदें और पाएं Full Tank Petrol, Helmet & Trolley Bag FREE + ₹2,100 तक Cash Discount! 😍🎉 #VickyTVS #TVSRaider #VishwakarmaPuja #FestivalOffer #Darbhanga विश्वकर्मा पूजा पर Vicky TVS का धमाका! 🏍️🔥 Raider खरीदें और पाएं Full Tank Petrol, Helmet & Trolley Bag FREE + ₹2,100 तक Cash Discount! 😍🎉 #VickyTVS #TVSRaider #VishwakarmaPuja #FestivalOffer #Darbhanga1
- कालिया ढाबा आपके शहर आपके गांव में सामने में तैयार होते हैं बैंक बड़े दूर-दूर से आते हैं लोग उसमाठचौक पर खुल गया आपका कालिया ढाबा जहां मिलता है साफ सफाई के साथ जिंदा मछली मटन तंदूरी रोटी पनीर प्याजा सभी तरह के यहां पर मौजूद हैं बड़े दूर-दूर से लोग आते हैं कालिया ढाबा शादी विवाह में भी आप आर्डर दे सकते हैं अगर एक बार यहां आई फिर दोबारा आप जरूर आएंगे हमारे इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि कालिया का ढाबा की आवाज हर जगह पहुंच सके और लोग आए और इस स्वादिष्ट भोजन का आनंद लें बिहार के दरभंगा जिला के कालिया का ढाबा बाद ही प्रसिद्ध सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वहां आप एक बार अगर जाएंगे तो दोबारा आप जरूर जाएंगे1
- > दरभंगा पंडासराय नमक गुमटी पर रोज़ जाम लगता है, लेकिन प्रशासन अब भी ध्यान नहीं दे रहा। कब मिलेगी इस समस्या से राहत? 🚦 #Darbhanga #Pandasarai #NamakGumti #TrafficJam #DarbhangaNews #Bihar #RoadSafety #PublicIssue1
- हवा में कांपने लगा बोइंग 737! उड़ान भरते ही मची चीख-पुकार, वीडियो हुआ वॉयरल सोचिए आप हजारों फीट की ऊंचाई पर हों और अचानक आपका प्लेन जोर-जोर से कांपने लगे! ईरान में कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला। सेपेहरान एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान ने जैसे ही उड़ान भरी... अचानक उसका एक टायर निकल गया और इंजन में भयंकर खराबी आ गई। इसके बाद विमान में इतनी भयानक कंपन हुई कि केबिन की छत तक टूट गई! ऊपर रखा सारा सामान यात्रियों पर गिरने लगा और पूरे प्लेन में चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। अगर आप उस प्लेन में होते तो आपका रिएक्शन क्या होता?1
- भ्रष्टाचार, अपराध, बेरोजगारी और गरीबी में बिहार सबसे अव्वल। डबल इंजन बिहार के लिए ट्रबल इंजन साबित हुआ। बाढ़ प्रभावित लोगों को केंद्र से कोई मदद नहीं। बिहार की वित्तीय स्थिति बेहद ख़राब। सम्राट चौधरी ने आकस्मिक निधि कर्मचारियों को तनख़्वाह बांटने में खर्च की, इसलिए आपदा के समय बाढ़ पीड़ितों को कोई राहत और सहायता नहीं।1
- रौशन आनंद ने कहा की बाढ़ लगभग 13 जिलों में आया है, 47 लाख लोग प्रभावित है लेकिन सबसे अधिक प्रभावित भागलपुर है इसलिए हम यहां पर पहुंचे हैं। भागलपुर जिला के मदरौनी गांव पहुंचे जहां पूरा गांव डूब चुका है, लोग जल कैदी बने हुए हैं, मदद के आश में बैठे हुए हैं।1
- Darbhanga के गौरा गाँव में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, पत्नी ने जताई हत्या की आशंका, देखिए! Darbhanga के गौरा गाँव में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, पत्नी ने जताई हत्या की आशंका, देखिए! #Darbhanga #Simri #BiharNews #CrimeNews #BreakingNews #DarbhangaNews #BiharCrime1