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The Kids Joy Play School वार्ड नंबर 6 भामाशाह स्कूल प्रेमनगर अनूपगढ़ 9672185366
User2307
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More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Radhe shyam1
- ओवरलोडिंग से भी एक कदम आगे की लापरवाही1
- Post by Navratan Bhartat 94130-446461
- भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 20217 को गठित जस्टिस रोहिणी आयोग की रिपोर्ट 31 जुलाई 2023 महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सौंपी जा चुकी है । उसे प्रकाशित / सार्वजनिक करके संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखकर चर्चा कराकर लागू कराने की सविस्तार से अलग-अलग राज्यों से आए सभी नेतृत्वकर्ताओं की बात रही । इतना ही नहीं वर्तमान सत्ता सिंहासन पर विराजमान सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर निंदा का विषय भी बना रहा । रिपोर्टर एवं विडियो जर्नलिस्ट :- सुखवन्त सिंह हांँसलिया भारतीय प्रदेश प्रभारी (राजस्थान इकाई) प्रेस एंड मिडिया वेलफेयर एसोसिएशन न्यू दिल्ली ।1
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मुझे बस ईरान से बाहर निकलना है और हम बहुत जल्द ऐसा करने वाले हैं। कीमतें धड़ाम से गिर जाएंगी। आज शेयर की कीमतें बढ़ीं, लगभग रिकॉर्ड स्तर तक, क्योंकि इसकी 2 वजहें हैं। पहली बात, हमारा देश सुरक्षित है। हमें थोड़ा रास्ता बदलना पड़ा क्योंकि हमारे यहां एक पागल आदमी था जिसका नाम खामेनेई था, जो दुख की बात है कि अब हमारे बीच नहीं है। ट्रंप ने आगे कहा, हम ईरान के तेल पर कब्जा करना चाहते हैं और हम ऐसा करने वाले हैं। ईरान के पास बहुत सारा तेल है और हम उसे अपने लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।1
- निशांत जैन बीकानेर के नए जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट होंगे, साथ में अध्यक्ष, बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। 👉 वर्तमान कलेक्टर नम्रता वृष्णि का तबादला जयपुर कर दिया गया है, जहां उन्हें विशिष्ट शासन सचिव (खान एवं पेट्रोलियम विभाग) की जिम्मेदारी दी गई है। #bikaner #BikanerNews #rajasthan #news #viral1
- Pbm हॉस्पिटल के गार्ड और न्यू सिक्योरटी कंपनी पण्याद्याय आमने सामने बात चीत करवाई #news #bikaner #media #news #live #pbm1
- कर्बला की दर्दनाक घटना, जिसे के नाम से जाना जाता है, इस्लामी इतिहास का सबसे बड़ा और भावनात्मक अध्याय है। इस युद्ध में और उनके साथियों को बेरहमी से शहीद कर दिया गया। इस घटना ने पूरी उम्मत को झकझोर कर रख दिया। कर्बला के बाद कुछ समय तक खामोशी रही, लेकिन अत्याचार के खिलाफ आवाज उठी के रूप में। मुख़्तार सक़फ़ी ने कूफा में उठकर यह ऐलान किया कि वे इमाम हुसैन के कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने या लिसारात अल-हुसैन” (हुसैन के खून का बदला) का नारा दिया और अपने साथ एक बड़ी ताकत खड़ी की। मुख़्तार ने एक एक कर उन लोगों को निशाना बनाया जो कर्बला की जंग में शामिल थे या जिन्होंने इमाम हुसैन के खिलाफ अत्याचार में भूमिका निभाई थी।इतिहास में दर्ज है कि कर्बला के कई प्रमुख दोषियों जैसे उमर इब्न सअद, शिम्र इब्न ज़िलजौशन और अन्य को उनके किए की सजा मिली। मुख़्तार की इस मुहिम ने कर्बला के शहीदों के लिए इंसाफ की एक बड़ी कोशिश के रूप में जगह बनाई।हालांकि मुख़्तार का शासन ज्यादा समय तक नहीं चला, लेकिन उनका आंदोलन इतिहास में एक ऐसी आवाज बन गया, जिसने अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और न्याय की मांग करने का संदेश दिया।कर्बला की शहादत और उसके बाद मुख़्तार सक़फ़ी की यह कहानी आज भी लोगों को हक, सब्र और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।1