ईरान को युद्ध नहीं हरा पाएगा इजराइल ,कर्बला के शहीदों का बदला मुख़्तार सक़फ़ी का उदय और कातिलों का अंत कर्बला की दर्दनाक घटना, जिसे के नाम से जाना जाता है, इस्लामी इतिहास का सबसे बड़ा और भावनात्मक अध्याय है। इस युद्ध में और उनके साथियों को बेरहमी से शहीद कर दिया गया। इस घटना ने पूरी उम्मत को झकझोर कर रख दिया। कर्बला के बाद कुछ समय तक खामोशी रही, लेकिन अत्याचार के खिलाफ आवाज उठी के रूप में। मुख़्तार सक़फ़ी ने कूफा में उठकर यह ऐलान किया कि वे इमाम हुसैन के कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने या लिसारात अल-हुसैन” (हुसैन के खून का बदला) का नारा दिया और अपने साथ एक बड़ी ताकत खड़ी की। मुख़्तार ने एक एक कर उन लोगों को निशाना बनाया जो कर्बला की जंग में शामिल थे या जिन्होंने इमाम हुसैन के खिलाफ अत्याचार में भूमिका निभाई थी।इतिहास में दर्ज है कि कर्बला के कई प्रमुख दोषियों जैसे उमर इब्न सअद, शिम्र इब्न ज़िलजौशन और अन्य को उनके किए की सजा मिली। मुख़्तार की इस मुहिम ने कर्बला के शहीदों के लिए इंसाफ की एक बड़ी कोशिश के रूप में जगह बनाई।हालांकि मुख़्तार का शासन ज्यादा समय तक नहीं चला, लेकिन उनका आंदोलन इतिहास में एक ऐसी आवाज बन गया, जिसने अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और न्याय की मांग करने का संदेश दिया।कर्बला की शहादत और उसके बाद मुख़्तार सक़फ़ी की यह कहानी आज भी लोगों को हक, सब्र और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।
ईरान को युद्ध नहीं हरा पाएगा इजराइल ,कर्बला के शहीदों का बदला मुख़्तार सक़फ़ी का उदय और कातिलों का अंत कर्बला की दर्दनाक घटना, जिसे के नाम से जाना जाता है, इस्लामी इतिहास का सबसे बड़ा और भावनात्मक अध्याय है। इस युद्ध में और उनके साथियों को बेरहमी से शहीद कर दिया गया। इस घटना ने पूरी उम्मत को झकझोर कर रख दिया। कर्बला के बाद कुछ समय तक खामोशी रही, लेकिन अत्याचार के खिलाफ आवाज उठी के रूप में। मुख़्तार सक़फ़ी ने कूफा में उठकर यह ऐलान किया कि वे इमाम हुसैन के कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने या लिसारात अल-हुसैन” (हुसैन के खून का बदला) का नारा दिया और अपने साथ एक बड़ी ताकत खड़ी की। मुख़्तार ने एक एक कर उन लोगों को निशाना बनाया जो कर्बला की जंग में शामिल थे या जिन्होंने इमाम हुसैन के खिलाफ अत्याचार में भूमिका निभाई थी।इतिहास में दर्ज है कि कर्बला के कई प्रमुख दोषियों जैसे उमर इब्न सअद, शिम्र इब्न ज़िलजौशन और अन्य को उनके किए की सजा मिली। मुख़्तार की इस मुहिम ने कर्बला के शहीदों के लिए इंसाफ की एक बड़ी कोशिश के रूप में जगह बनाई।हालांकि मुख़्तार का शासन ज्यादा समय तक नहीं चला, लेकिन उनका आंदोलन इतिहास में एक ऐसी आवाज बन गया, जिसने अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और न्याय की मांग करने का संदेश दिया।कर्बला की शहादत और उसके बाद मुख़्तार सक़फ़ी की यह कहानी आज भी लोगों को हक, सब्र और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।
- कर्बला की दर्दनाक घटना, जिसे के नाम से जाना जाता है, इस्लामी इतिहास का सबसे बड़ा और भावनात्मक अध्याय है। इस युद्ध में और उनके साथियों को बेरहमी से शहीद कर दिया गया। इस घटना ने पूरी उम्मत को झकझोर कर रख दिया। कर्बला के बाद कुछ समय तक खामोशी रही, लेकिन अत्याचार के खिलाफ आवाज उठी के रूप में। मुख़्तार सक़फ़ी ने कूफा में उठकर यह ऐलान किया कि वे इमाम हुसैन के कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने या लिसारात अल-हुसैन” (हुसैन के खून का बदला) का नारा दिया और अपने साथ एक बड़ी ताकत खड़ी की। मुख़्तार ने एक एक कर उन लोगों को निशाना बनाया जो कर्बला की जंग में शामिल थे या जिन्होंने इमाम हुसैन के खिलाफ अत्याचार में भूमिका निभाई थी।इतिहास में दर्ज है कि कर्बला के कई प्रमुख दोषियों जैसे उमर इब्न सअद, शिम्र इब्न ज़िलजौशन और अन्य को उनके किए की सजा मिली। मुख़्तार की इस मुहिम ने कर्बला के शहीदों के लिए इंसाफ की एक बड़ी कोशिश के रूप में जगह बनाई।हालांकि मुख़्तार का शासन ज्यादा समय तक नहीं चला, लेकिन उनका आंदोलन इतिहास में एक ऐसी आवाज बन गया, जिसने अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और न्याय की मांग करने का संदेश दिया।कर्बला की शहादत और उसके बाद मुख़्तार सक़फ़ी की यह कहानी आज भी लोगों को हक, सब्र और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।1
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- बीकानेर में छोटू सिंह रावण ने एसपी से मिलकर अपनी जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। #Bikaner #RajasthanNews #ChotuSinghRavana #BreakingNews #CrimeNews1
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- Post by SSSO News1
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 12 का परिणाम जारी कर दिया गया जिसमें श्री डूंगरगढ़ के शुभम बोथरा 99% लेकर जिले में टॉप व प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी। इस अवसर पर श्री डूंगरगढ़ के भारती निकेतन शिक्षण संस्थान में स्कूली छात्रा का भाव है स्वागत किया गया1
- नागौर/भांवडा,,रोशन मीना पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन में नागौर पुलिस द्वारा अवैध बजरी खनन/परिवहन के विरूद्ध लगातार कार्यवाही जारी एक 10 चक्का डम्पर जब्त डम्पर चालक सुनिल गिरफ्तार दौराने नाकाबंदी आरोपी चालक सरहद चरड़ा में अवैध बजरी से भरे हुए डम्पर को खाली कर भाग गया, पुलिस टीम द्वारा पीछा करके सरहद डेहरू से डम्पर एवं उसके चालक को डिटेन किया गया। थाना भावण्डा पुलिस टीम की रही कार्यवाही।2
- नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन के आखिरी दिन दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में कुल 35 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया। बीजापुर में 25 नक्सलियों के सरेंडर के साथ करीब 14 करोड़ रुपये की बड़ी नकदी और सोने की बरामदगी हुई। इनमें कई इनामी और महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन से जुड़े थे। सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और पुनर्वास योजनाओं के चलते लगातार नक्सली हिंसा छोड़ रहे हैं।1