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धनेश बरिहा और कविता बरिहा ने आदिवासी समाज की ओर से जल, जंगल और जमीन को केवल अपनी पहचान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बताया है। उनका कहना है कि वे आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका यह संघर्ष किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने अस्तित्व, सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए है। उन्होंने सभी साथियों से अपील की है कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हेतु जागरूक बनें, एकजुट रहें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने अपने संदेश का अंत 'जय जोहार!' के उद्घोष के साथ किया।
Dhanesh Bariha
धनेश बरिहा और कविता बरिहा ने आदिवासी समाज की ओर से जल, जंगल और जमीन को केवल अपनी पहचान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बताया है। उनका कहना है कि वे आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका यह संघर्ष किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने अस्तित्व, सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए है। उन्होंने सभी साथियों से अपील की है कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हेतु जागरूक बनें, एकजुट रहें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने अपने संदेश का अंत 'जय जोहार!' के उद्घोष के साथ किया।
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- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ गुटखा खरीदने के लिए पाँच रुपए न देने पर एक बेटे ने अपनी माँ को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना थाना डभरा क्षेत्र के भेड़िकोना गाँव की है। आरोपी लखन माली (25 वर्ष) ने 14 जून की रात 7 से 8 बजे के बीच अपनी माँ तिहारिन बाई से विमल गुटखा के लिए पाँच रुपए माँगे थे। जब माँ तिहारिन बाई ने रुपए न होने की बात कहकर मना किया, तो आरोपी बेटे लखन माली ने उनसे विवाद करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि लखन ने पहले अपनी माँ के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की, और फिर गुस्से में आकर पत्थर से उनके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी की पत्नी ने गंभीर रूप से घायल अपनी सास को अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर आरोपी लखन माली को पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने माँ से गुटखा के लिए पाँच रुपए माँगने और रुपए न मिलने पर गुस्से में पत्थर से हमला कर हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और मामले में आगे की जाँच कार्रवाई की जा रही है।1
- खैरागढ़ न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में आरोपी धनेश्वर उर्फ दादू मानिकपुरी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 200 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह जानकारी सोमवार, 22 जून को दोपहर 1 बजे मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी धनेश्वर उर्फ दादू मानिकपुरी को 5 जनवरी, 2026 को धरमपुरा क्षेत्र में धारदार बटनदार चाकू लेकर लोगों को डराने-धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 9.5 इंच लंबा बटनदार चाकू बरामद किया गया। इस मामले में थाना खैरागढ़ में आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। प्रकरण की विवेचना सब इंस्पेक्टर कोमल मिंज ने की थी, जबकि अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र ध्रुव ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष रखा। विवेचना के बाद न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, खैरागढ़ ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।1
- बिलासपुर में एक युवती द्वारा अपने पूर्व प्रेमी को फंसाने और बदनाम करने के लिए एक 'फिल्मी साजिश' रचने का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, युवती ने अपने पूर्व प्रेमी के नाम पर एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी। इसी फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके उसने खुद को अश्लील और धमकी भरे संदेश भेजे थे। इन संदेशों के आधार पर युवती ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, साइबर सेल द्वारा की गई तकनीकी और डिजिटल जांच के दौरान यह पूरा मामला सामने आ गया। जांच में पता चला कि फर्जी आईडी बनाकर संदेश भेजने और शिकायत दर्ज कराने के पीछे खुद वही युवती थी, जबकि उसके पूर्व प्रेमी की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना को सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और फर्जी पहचान बनाकर किसी को फंसाने की कोशिश का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। युवती ने खुद ही पूरी पटकथा लिखी, खुद ही अभिनय किया, और अंततः जांच में खुद ही पकड़ी गई।1
- मुख्यमंत्री के दौरे से पहले छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसके दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। ये प्रदर्शनकारी स्टेट स्कूल मैदान को बचाने की मांग कर रहे थे, और अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।1
- बलौदा बाजार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत धमनी मुडियाडी जंगल में इमारती लकड़ी सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस संबंध में सबूत उपलब्ध कराए जाते हैं, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।1
- मुंगेली जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' अभियान के तहत, थाना सरगांव पुलिस और साइबर सेल को नशे के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। 21 जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नगर पंचायत तिराहा सरगांव से मोहम्मद साजिद नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी रांची, झारखंड का मूल निवासी है और वर्तमान में कोरबा जिले के नुनेरा में रह रहा था। तलाशी के दौरान, उसके ग्रे रंग के पिट्ठू बैग से NRx Nitrazepam Tablets IP Nitrosun 10 ब्रांड की 6 स्ट्रिप में कुल 57 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बरामद हुईं, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख 46 हजार 540 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही, पुलिस ने आरोपी के पास से 4900 रुपये नगद भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद, आरोपी मोहम्मद साजिद के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की धारा 21बी, 22बी और 29 के तहत अपराध दर्ज किया गया, और उसे 22 जून को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी भोजराम पटेल ने इस संबंध में बताया कि जिले में अवैध नशे के कारोबारियों के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुई री-NEET परीक्षा में कड़े नियमों और तकनीकी कारणों के चलते तीन छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं। स्नेहा दुबे, रागिनी विश्वकर्मा और अक्षत श्रीवास्तव नामक इन छात्राओं का साल भर का अथक परिश्रम महज कुछ मिनटों की देरी और इन सख्त प्रावधानों की भेंट चढ़ गया। इस बेहद भावुक और परेशान कर देने वाली घटना से व्यथित छात्राओं और उनके परिजनों का परीक्षा केंद्र के बाहर रो-रोकर बुरा हाल था।1
- बलौदाबाजार के सोनाखान वन परिक्षेत्र के अंतर्गत महकम गांव में एक बीमार तेंदुआ घुस गया था। तेंदुए की स्थिति गंभीर बताई जा रही थी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उसे सफलतापूर्वक बचा लिया। रेस्क्यू के उपरांत, तेंदुए को सुरक्षित स्थान जंगल सफारी में छोड़ दिया गया है।2
- जन-जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिला पुलिस लगातार अभिनव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देश पर पलारी थाना पुलिस ने सतनाम भवन, बालसमुंद रोड, पलारी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम कराते बेल्ट ग्रेडिंग क्लास के दौरान रखा गया था, जिसमें बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को नए कानूनों और नशामुक्ति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान, कराते प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को देश में लागू नए कानूनों की सरल और व्यावहारिक भाषा में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना और समाज में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया ताकि वे अपने अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकें। इसके साथ ही, नशामुक्ति अभियान पर भी खास ध्यान दिया गया, जिसमें युवाओं और बच्चों को नशे के गंभीर परिणामों से अवगत कराया गया। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है और यह अनेक अपराधों की जड़ भी बनता है। उपस्थित सभी बच्चों और नागरिकों से जीवनभर नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की गई। इस अवसर पर, पलारी थाना प्रभारी ने जोर देते हुए कहा कि आत्मरक्षा सीखना जितना आवश्यक है, उतना ही कानून की जानकारी होना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब बच्चे अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी प्रावधानों को समझेंगे, तभी वे जागरूक, जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बन सकेंगे। थाना प्रभारी ने कराते प्रशिक्षण ले रहे बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास तथा सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में कराते क्लास के मुख्य प्रशिक्षक, बेल्ट ग्रेडिंग में शामिल बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और पलारी थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सकारात्मक और जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1