जुलाई 2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई ढांचागत दुर्घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बाजार गर्म है और नागरिक व विपक्ष इसे भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के रूप में उठा रहे हैं। महाराष्ट्र के नांदेड़-नागपुर-तुलजापुर हाईवे पर विष्णुपुरी के पास करीब एक साल पहले बने फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल अचानक ढह गई, जिससे मलबे की चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए। वहीं, मई 2026 में लगभग ₹7,000 करोड़ की भारी लागत से उद्घाटित हुए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' पर भारी मानसूनी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुआ और सड़कों पर गड्ढे देखे गए। इसके साथ ही, जुलाई 2024 में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के नरकोटा में ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बन रहे राज्य के पहले 110 मीटर लंबे 'सिग्नेचर ब्रिज' का ढांचा भी भरभराकर गिर गया था। इन हादसों के वीडियो साझा करते हुए विपक्षी नेताओं ने इसे "कंक्रीट में लिपटा भ्रष्टाचार" और भाजपा का "विकास मॉडल फेल" होना बताया है। विपक्ष का गंभीर आरोप है कि जल्दबाजी में उद्घाटन करने और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की वजह से जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी की जा रही है। दूसरी तरफ, सरकार और केंद्रीय सड़क प्राधिकरणों ने सफाई में भारी बारिश और कुछ मामलों में भूकंप के हल्के झटकों को हादसों की वजह बताया है। संबंधित विभागों ने निर्माण कंपनियों व ठेकेदारों को तुरंत मरम्मत के आदेश देकर संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट शुरू करने की बात कही है। बीजेपी के इस भ्रष्टाचार ने वाकई भारत को अंदर से खोखला कर दिया है।
जुलाई 2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई ढांचागत दुर्घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बाजार गर्म है और नागरिक व विपक्ष इसे भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के रूप में उठा रहे हैं। महाराष्ट्र के नांदेड़-नागपुर-तुलजापुर हाईवे पर विष्णुपुरी के पास करीब एक साल पहले बने फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल अचानक ढह गई, जिससे मलबे की चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए। वहीं, मई 2026 में लगभग ₹7,000 करोड़ की भारी लागत से उद्घाटित हुए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' पर भारी मानसूनी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुआ और सड़कों पर गड्ढे देखे गए। इसके साथ ही, जुलाई 2024 में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के नरकोटा में ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बन रहे राज्य के पहले 110 मीटर लंबे 'सिग्नेचर ब्रिज' का ढांचा भी भरभराकर गिर गया था। इन हादसों के वीडियो साझा करते हुए विपक्षी नेताओं ने इसे "कंक्रीट में लिपटा भ्रष्टाचार" और भाजपा का "विकास मॉडल फेल" होना बताया है। विपक्ष का गंभीर आरोप है कि जल्दबाजी में उद्घाटन करने और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की वजह से जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी की जा रही है। दूसरी तरफ, सरकार और केंद्रीय सड़क प्राधिकरणों ने सफाई में भारी बारिश और कुछ मामलों में भूकंप के हल्के झटकों को हादसों की वजह बताया है। संबंधित विभागों ने निर्माण कंपनियों व ठेकेदारों को तुरंत मरम्मत के आदेश देकर संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट शुरू करने की बात कही है। बीजेपी के इस भ्रष्टाचार ने वाकई भारत को अंदर से खोखला कर दिया है।
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों को संबोधित किया है और उनके वक्तव्य को सुनने की बात कही गई है।1
- लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में पिछले 10 दिनों से सीवर पूरी तरह से ब्लॉक पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के संबंध में शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद अब तक प्रशासन द्वारा कोई काम नहीं किया गया है और सीवर की स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
- मैनपुरी के नुमाइश पंडाल में 11 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में कुल 203 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिनमें 189 हिंदू और 14 मुस्लिम जोड़े शामिल थे। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उपहार भेंट किए। समारोह के दौरान योजना की पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मीडिया से बातचीत में कुछ महिलाओं ने दावा किया कि उनकी वास्तविक शादी बाद में होगी और वे फिलहाल केवल योजना का लाभ उठाने के लिए इस आयोजन में शामिल हुई हैं। इसके अलावा, कार्यक्रम में एक जोड़ा अपने छोटे बच्चे के साथ मौजूद पाया गया, वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति के परिवार का एक जोड़ा भी इस योजना का लाभ लेने पहुंचा था। आयोजन की व्यवस्थाओं और ठेका प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कार्यक्रम का ठेका ऐसी फर्म को दिया गया है जिसका संबंध पहले औरैया में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में हुई कथित अनियमितताओं से रहा है और उस पर कार्रवाई भी हुई थी। इस बार भी कुछ लोगों ने लाभार्थियों को निर्धारित मानक के अनुरूप सामग्री न मिलने और भोजन व्यवस्था में कमी की शिकायतें दोहराईं। इन सभी आरोपों पर मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा है कि यदि किसी अपात्र द्वारा लाभ लेने या किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।4
- जुलाई 2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई ढांचागत दुर्घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बाजार गर्म है और नागरिक व विपक्ष इसे भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के रूप में उठा रहे हैं। महाराष्ट्र के नांदेड़-नागपुर-तुलजापुर हाईवे पर विष्णुपुरी के पास करीब एक साल पहले बने फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल अचानक ढह गई, जिससे मलबे की चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए। वहीं, मई 2026 में लगभग ₹7,000 करोड़ की भारी लागत से उद्घाटित हुए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' पर भारी मानसूनी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुआ और सड़कों पर गड्ढे देखे गए। इसके साथ ही, जुलाई 2024 में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के नरकोटा में ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बन रहे राज्य के पहले 110 मीटर लंबे 'सिग्नेचर ब्रिज' का ढांचा भी भरभराकर गिर गया था। इन हादसों के वीडियो साझा करते हुए विपक्षी नेताओं ने इसे "कंक्रीट में लिपटा भ्रष्टाचार" और भाजपा का "विकास मॉडल फेल" होना बताया है। विपक्ष का गंभीर आरोप है कि जल्दबाजी में उद्घाटन करने और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की वजह से जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी की जा रही है। दूसरी तरफ, सरकार और केंद्रीय सड़क प्राधिकरणों ने सफाई में भारी बारिश और कुछ मामलों में भूकंप के हल्के झटकों को हादसों की वजह बताया है। संबंधित विभागों ने निर्माण कंपनियों व ठेकेदारों को तुरंत मरम्मत के आदेश देकर संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट शुरू करने की बात कही है। बीजेपी के इस भ्रष्टाचार ने वाकई भारत को अंदर से खोखला कर दिया है।1