फर्जी दस्तावेजों से एमबीबीएस में दाखिले का खेल, दो गिरफ्तार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से दाखिला दिलाने के नाम पर 45 लाख रुपये लेने का आरोप स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून, 22 सितंबर। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कराते थे और कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का प्रयास करते थे। इसके एवज में प्रत्येक दाखिले के लिए करीब 45 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेनटाउन में अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पोर्टल पर आवेदन किए जाने की जानकारी मिली थी। मामले में रायपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 380/26 और क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा अपराध संख्या 86/26 दर्ज किया गया। जांच के दौरान एसआईटी/पुलिस टीम ने संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया। सत्यापन में दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले में पूछताछ शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी रूपेश पंडित पुत्र गोपाल पंडित (30) निवासी ग्राम शिवपुरी, थाना केहाट, जिला पूर्णिया, बिहार और हाल निवासी द्वारिकापुरी कॉलोनी, थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ, उत्तर प्रदेश है। पूछताछ में रूपेश ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। वह मेकडो (MECODO) पाठशाला नाम से कंपनी संचालित करता था, जिसके माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कमीशन पर काम किया जाता था। जांच में सामने आया कि दूसरा आरोपी अरविंद कुमार पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी ग्राम बहादुरपुर खादर, थाना लक्सर, हरिद्वार, रूपेश का पुराना परिचित था। पुलिस के अनुसार अरविंद ने अपनी बेटी के एमबीबीएस में दाखिले के लिए रूपेश से संपर्क किया था। इसके बाद अपनी बेटी समेत दो अन्य परिचितों के बच्चों को भी एमबीबीएस में दाखिला दिलाने की बात तय हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने तीन अभ्यर्थियों के परिजनों से दाखिले के लिए 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए थे। दाखिला होने और कक्षाएं शुरू होने के बाद शेष रकम देने की बात तय हुई थी। जांच में आरोप है कि रूपेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार कराए। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर तीनों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला लेने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से दाखिला दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 45 लाख रुपये लेने की बात कही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के नेटवर्क की जांच की जा रही है।
फर्जी दस्तावेजों से एमबीबीएस में दाखिले का खेल, दो गिरफ्तार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से दाखिला दिलाने के नाम पर 45 लाख रुपये लेने का आरोप स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून, 22 सितंबर। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कराते थे और कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का प्रयास करते थे। इसके एवज में प्रत्येक दाखिले के लिए करीब 45 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेनटाउन में अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पोर्टल पर आवेदन किए जाने की जानकारी मिली थी। मामले में रायपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 380/26 और क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा अपराध संख्या 86/26 दर्ज किया गया। जांच के दौरान एसआईटी/पुलिस टीम ने संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया। सत्यापन में दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले में पूछताछ शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी रूपेश पंडित पुत्र गोपाल पंडित (30) निवासी ग्राम शिवपुरी, थाना केहाट, जिला पूर्णिया, बिहार और हाल निवासी द्वारिकापुरी कॉलोनी, थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ, उत्तर प्रदेश है। पूछताछ में रूपेश ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। वह मेकडो (MECODO) पाठशाला नाम से कंपनी संचालित करता था, जिसके माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कमीशन पर काम किया जाता था। जांच में सामने आया कि दूसरा आरोपी अरविंद कुमार पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी ग्राम बहादुरपुर खादर, थाना लक्सर, हरिद्वार, रूपेश का पुराना परिचित था। पुलिस के अनुसार अरविंद ने अपनी बेटी के एमबीबीएस में दाखिले के लिए रूपेश से संपर्क किया था। इसके बाद अपनी बेटी समेत दो अन्य परिचितों के बच्चों को भी एमबीबीएस में दाखिला दिलाने की बात तय हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने तीन अभ्यर्थियों के परिजनों से दाखिले के लिए 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए थे। दाखिला होने और कक्षाएं शुरू होने के बाद शेष रकम देने की बात तय हुई थी। जांच में आरोप है कि रूपेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार कराए। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर तीनों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला लेने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से दाखिला दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 45 लाख रुपये लेने की बात कही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के नेटवर्क की जांच की जा रही है।
- लाखामंडल की पर्यटन योजनाएं रोकने का आरोप, भाजपा कार्यकर्ता ने गीतराम गौर को हटाने की मांग की स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बच्चना शर्मा ने लाखामंडल क्षेत्र की पर्यटन योजनाओं को कथित रूप से रोके जाने को लेकर पार्टी से जुड़े गीतराम गौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से गीतराम गौर को तत्काल पार्टी से हटाने की मांग की है। बच्चना शर्मा ने कहा कि लाखामंडल क्षेत्र में पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं हैं और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। उनके अनुसार, पिछले वर्ष भी क्षेत्र की एक पर्यटन योजना में सड़क के सुधार का कार्य प्रस्तावित था, लेकिन उसे कथित तौर पर रुकवा दिया गया। इस वर्ष भी एक पर्यटन योजना को निरस्त कराने के लिए पत्र लगाए जाने का उन्होंने आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की ओर से भी लाखामंडल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मंत्री शुभोद उनियाल की ओर से भी योजना के समर्थन में पत्र दिए जाने का दावा उन्होंने किया। इसके बावजूद योजना को निरस्त किया जाना अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।बच्चना शर्मा ने गीतराम गौर पर अपने पद का दुरुपयोग करने और सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र की कई योजनाओं को कथित तौर पर रोका या निरस्त कराया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में उनके और उनके परिवार से जुड़े मामलों में जांच कराकर उन्हें परेशान किया गया। शर्मा के अनुसार, उनके खिलाफ की गई जांच में उन्हें दोषमुक्त पाया गया था। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ की गई शिकायतें निराधार थीं। बच्चना शर्मा ने आरोप लगाया कि गीतराम गौर राजनीतिक स्तर पर भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में गीतराम गौर का पक्ष सामने नहीं आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि लाखामंडल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां विकास कार्यों को राजनीतिक विवादों के कारण बाधित नहीं किया जाना चाहिए। Byte - बच्चना शर्मा1
- मसूरी रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर उत्तर रेलवे द्वारा 31 घरों पर बेदखली के आदेश चस्पा किए जाने से भूमिधरों और स्थानीय निवासियों का विवाद गहरा गया है। उत्तर रेलवे के संपदा अधिकारी की अदालत से आदेश जारी होने के बाद रेलवे और पुलिस बल की टीम ने मौके पर पहुंचकर 31 मकानों पर बेदखली के नोटिस चस्पा किए। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह जमीन रेलवे की नहीं बल्कि नगर पालिका मसूरी (या राज्य सरकार) के अधीन है। लोग यहां 50-60 वर्षों से रह रहे हैं तथा उनके पास पुराने वैध कागजात व रजिस्ट्री मौजूद हैं। स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ संयुक्त पैमाइश (Demarcation) की बात कही जा रही है, जबकि स्थानीय लोग उचित सबूत के बिना कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रहे हैं।1
- NEET - UG 2025 - MBBS में फर्जी प्रमाण पत्रों से प्रवेश, दो अपराधी हुए गिरफ्तार, दूंन SSP व् SIT टीम की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस। NIU NEET - UG 2025 - MBBS में फर्जी प्रमाण पत्रों से प्रवेश, दो अपराधी हुए गिरफ्तार, दूंन SSP व् SIT टीम की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस। NIU1
- नंदा देवी मेले में बड़ा हादसा, झूला टूटने से दो घायल।।।।। The Aman Times | अल्मोड़ा नंदा देवी मेले में बड़ा हादसा, झूला टूटने से दो घायल अल्मोड़ा के ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव में झूला टूटने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में झूले पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। संबंधित झूले का संचालन बंद कर दिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।1
- विकासनगर में आधी रात लूट से हड़कंप, घर में घुसे 3 बदमाश विकासनगर। आधी रात एक घर में तीन बदमाशों के घुसने और लूट की घटना सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की पहचान और लूटी गई संपत्ति को लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है।1
- श्रीदेव सुमन पार्क की हालत फिर हुई दयनीय, नगरपालिका नहीं ले रहा हैंडओवर सौंदर्यकरण के बाद भी बदहाली के आंसू रो रहा सुमन पार्क, कौन लेगा सुध1
- वैध मतदाताओं के नाम काटे गए तो कांग्रेस करेगी आंदोलन: सूर्यकांत धस्माना बोले- चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल, उत्तराखंड में SIR की गड़बड़ियों को लेकर जताई नाराजगी देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों को चेतावनी दी है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम मतदान सूची से हटाया गया तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी और आवश्यकता पड़ने पर चुनाव आयोग के अधिकारियों के घेराव, प्रदर्शन तथा अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय समाचार पत्र की खोजी रिपोर्ट में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, वे विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लंबे समय से उठाए जा रहे सवालों की पुष्टि करते हैं। धस्माना ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का हवाला देते हुए भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और दावा किया कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस पहले भी SIR के दौरान कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआर पुरुषोत्तम के समक्ष शिकायतें दर्ज करा चुकी है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में पारंपरिक समर्थकों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। धस्माना ने कहा कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम काटा गया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी। किच्छा की घटना पर भी कांग्रेस का हमला सूर्यकांत धस्माना ने किच्छा में नगर निकाय चुनाव के दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच हुए विवाद को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। मंगलवार को स्ट्रांग रूम के बाहर दोनों पक्षों के बीच विवाद के दौरान विधायक बेहड़ ने आरोप लगाया था कि उन्हें थप्पड़ मारा गया। घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। धस्माना ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश को कानून-व्यवस्था के मामले में गलत दिशा में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक पर हुए हमले को पार्टी गंभीरता से ले रही है और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़कर देखा जाना चाहिए। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। वहीं भाजपा की ओर से भी घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। सूर्यकांत धस्माना सदस्य, एआईसीसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड3
- Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution. The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.1