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दतिया उपचुनाव के लिए बीजेपी से टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने अपनी बात रखी है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने क्या कहा, इसका विवरण स्पष्ट नहीं है।
Lakshya News
दतिया उपचुनाव के लिए बीजेपी से टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने अपनी बात रखी है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने क्या कहा, इसका विवरण स्पष्ट नहीं है।
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- मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव को लेकर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस फैसले से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय व्यापारियों ने दतिया में बाजार बंद करा दिया है। यह विरोध प्रदर्शन नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने की घोषणा के तुरंत बाद सामने आया है।2
- दतिया उपचुनाव में डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दतिया में जिला कार्यालय के सामने एकत्रित होकर विरोध दर्ज कराया और हाइवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। विरोध का असर शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ा है, जिसके चलते दतिया के बाजार पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं।1
- दतिया उपचुनाव के लिए बीजेपी से टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने अपनी बात रखी है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने क्या कहा, इसका विवरण स्पष्ट नहीं है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद पार्टी के भीतर विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दतिया स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने टिकट काटे जाने के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा नेतृत्व के निर्णयों पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भी विरोध जताया। घटना के बाद कार्यालय के बाहर किए गए प्रदर्शन की तस्वीरें भी सामने आई हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे अब सभी की निगाहें इस असंतोष को थामने के लिए पार्टी नेतृत्व द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए बड़ौनी थाना पुलिस ने क्षेत्र में एक फ्लैग मार्च निकाला। थाना प्रभारी रमेश शाक्य के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और एसएएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से यह मार्च किया, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने आम जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। इसके साथ ही, असामाजिक तत्वों, गुंडों और बदमाशों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी भी प्रकार की उछल-कूद का प्रयास किया गया, तो उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए निगरानी और सख्त कार्रवाई का क्रम लगातार जारी रहेगा।1
- दतिया जिले की ग्राम पंचायत रामनेर में शासकीय माध्यमिक विद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय तक पहुँचने के मुख्य मार्ग पर कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसके कारण बच्चों का स्कूल आना-जाना बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।1
- दतिया जिला चिकित्सालय परिसर में एनआरसी (न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर) बिल्डिंग के पास देर रात एक सांप के निकलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने सांप का वीडियो बना लिया, जिसे शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अस्पताल की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि एनआरसी बिल्डिंग, जहां 0 से 5 वर्ष तक के गंभीर कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है, वहां सांप का मिलना अत्यंत गंभीर विषय है। बच्चों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर मची इस चिंता के बीच, लोगों ने अस्पताल प्रशासन से परिसर में नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और सर्परोधी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- दतिया में चक्का जाम के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। जाम को लगे हुए साढ़े तीन घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, जिसके कारण सैकड़ों वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं। स्थिति यह है कि जाम में फंसे लोग भूख और प्यास से बेहाल हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल ट्रैफिक के खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आंदोलनकारियों ने हाइवे पर ही अपने बिस्तर बिछा लिए हैं और वे वहीं लेटकर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ खुलकर नारेबाजी कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से पुलिस अधिकारी अब इस स्थिति में हैं कि वे जाम के स्वतः खुलने की आस लगाए बैठे हैं, और सुबह तक स्थिति में सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।2